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छत्तीसगढ़

23 गायों को अज्ञात वाहन ने कुचला…18 की मौत

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बिलासपुर नेशनल-हाईवे पर बिखरे मिले शव, हाईकोर्ट का आदेश बेअसर, सालभर में 100 से ज्यादा मौतें

बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रविवार रात अज्ञात वाहन ने मस्तूरी-रायपुर नेशनल हाईवे पर बैठे 23 गायों को कुचल दिया, जिससे 18 की मौत हो गई। वहीं 5 मवेशी घायल हैं। सुबह नेशनल हाईवे पर खून से सने गायों के शव बिखरे पड़े थे। मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के मुताबिक गायों को कुचलने के बाद ड्राइवर गाड़ी लेकर भाग निकला। सुबह जब लोगों ने देखा तो गौ सेवकों सूचना दी। सड़क किनारे गड्‌ढा खोदकर मृत पड़े गायों का अंतिम संस्कार किया। गौ-सेवकों ने चकरभाठा पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बिलासपुर में 13 दिन के अंदर ये दूसरी बड़ी घटना है। इसके पहले 14 जुलाई तेज रफ्तार वाहन ने 22 गायों को कुचला दिया था, जिससे 17 की मौत हो गई थी। वहीं अगर आंकड़ों की बात करें तो बिलासपुर में सालभर में 100 से ज्यादा गायों की सड़क हादसे में जान गई है।

न्यायधानी की सड़कों पर लगातार हो रहे हादसों को लेकर 15 जुलाई को हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि सड़क पर बैठे मवेशियों को कब हटाया जाएगा, शपथ पत्र में सरकार से जवाब मांगा था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश बेअसर दिख रहा है। मवेशी अभी भी खुले में घूम रहे हैं।

हादसे से जुड़ी तस्वीरें …

मस्तूरी-रायपुर नेशनल हाईवे पर 18 गाय मरी पड़ी थी। गौ सेवकों में नाराजगी है।

मस्तूरी-रायपुर नेशनल हाईवे पर 18 गाय मरी पड़ी थी। गौ सेवकों में नाराजगी है।

मस्तूरी-रायपुर नेशनल हाईवे पर बैठे 23 गायों को कुचल दिया। गौ सेवकों ने सड़क से उठाया।

मस्तूरी-रायपुर नेशनल हाईवे पर बैठे 23 गायों को कुचल दिया। गौ सेवकों ने सड़क से उठाया।

मस्तूरी-रायपुर नेशनल हाईवे पर मृत मिले मवेशी। देर रात तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया।

मस्तूरी-रायपुर नेशनल हाईवे पर मृत मिले मवेशी। देर रात तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया।

जानिए क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, 27 जुलाई की रात हमेशा की तरह मस्तूरी-रायपुर नेशनल हाईवे पर कड़ार-सारधा चौक के पास गाय, बैल और बछड़ों का झुंड बैठा हुआ था। इस दौरान एक तेज रफ्तार वाहन ने गायों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे 18 गायों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 5 घायल हो गए।

28 जुलाई की सुबह राहगीरों ने सड़क पर बड़ी तादाद में गायों के शव देखकर गौ सेवकों को सूचना दी। इस दौरान 10-12 की संख्या में गौ सेवक मौके पर पहुंचे। गाय के शवों को सड़क से हटाया। साथ ही घायलों का इलाज कराया। मृत गायों को सड़क किनारे ही गड्ढा खोदकर अंतिम संस्कार किया।

गौ सेवकों ने गायों को हटाया, सुबह सड़क किनारे अंतिम संस्कार किया।

गौ सेवकों ने गायों को हटाया, सुबह सड़क किनारे अंतिम संस्कार किया।

पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप

हादसे के बाद गुस्साए गौ सेवकों ने मामले की शिकायत चकरभाठा थाने में की। गौ सेवकों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गौ सेवकों ने कहा कि लगातार सड़क पर गायों की मौत हो रही है। कार्रवाई नहीं होने की वजह से घटनाएं हो रही हैं। वहीं पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

नेशनल हाईवे किनारे गड्ढा खोदकर मृत गायों का गौ सेवकों ने अंतिम संस्कार किया।

नेशनल हाईवे किनारे गड्ढा खोदकर मृत गायों का गौ सेवकों ने अंतिम संस्कार किया।

बिलासपुर में अब तक सिर्फ एक मवेशी मालिक पर FIR

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि वह लगातार अफसरों की मीटिंग ले रहे हैं। सड़क पर बैठे मवेशियों को हटाने के निर्देश दिए हैं। मवेशियों को सड़क पर छोड़ने वाले गौ पालकों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं।

वहीं 13 दिन पहले जब नेशनल हाईवे पर हादसा हुआ था, तब एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर वाहन चालक के साथ ही मवेशी मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। हालांकि, इसके बाद भी सड़क पर मवेशियों के बैठने का सिलसिला नहीं थम रहा है।

बिलासपुर में नेशनल हाईवे पर मृत गायों के शव बिखरे पड़े मिले हैं।

बिलासपुर में नेशनल हाईवे पर मृत गायों के शव बिखरे पड़े मिले हैं।

एसएसपी बोले- मवेशी मालिक और चालकों पर होगी कार्रवाई

वहीं 13 दिन पहले सड़क पर गायों की मौत पर SSP रजनेश सिंह ने कहा था कि इस तरह से मवेशियों को सड़क पर छोड़ना मवेशी मालिकों की लापरवाही है। प्रशासन की तरफ से उन्हें मवेशियों को सुरक्षित रखने की हिदायत दी गई है। इसके बाद भी लोग मवेशियों को सड़क पर छोड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा था कि पुलिस लगातार पेट्रोलिंग करती है, जिस जगह पर हादसा हुआ है, वो रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर है, जो करीब 25 किलोमीटर दूर है। इस मामले में वाहन चालक की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मामले में ड्राइवर के साथ ही मवेशी मालिकों के खिलाफ भी एक्शन लेगी।

नेशनल हाईवे पर मवेशियों को लेकर हाईकोर्ट का आदेश भी बेअसर

बता दें कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को हटाने के लिए राज्य शासन को आदेश जारी कर चुका है, लेकिन सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिसकी वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं।

तखतपुर-मुंगेली, कोटा रोड, मस्तूरी, चकरभाठा के साथ ही सीपत रोड़ में शाम ढलते ही सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा रहता है। लगातार हो रहे हादसों पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है।

इस दौरान समय-समय पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन को आदेश जारी किया गया है, जिसमें उन्हें सड़कों से मवेशियों को हटाने और निगरानी करने कहा था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जिला प्रशासन मवेशियों को हटाने ध्यान नहीं दे रहा।

बिलासपुर में मवेशियों की मौतों पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया। लगातार हो रहे हादसों को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।

बिलासपुर में मवेशियों की मौतों पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया। लगातार हो रहे हादसों को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।

अब जानिए हाईकोर्ट ने क्या कहा था ?

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़कों पर मवेशियों की वजह से हो रही परेशानियों को लेकर जनहित याचिकाओं पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की बेंच में सुनवाई की थी। इस दौरान सीजे सिन्हा ने कहा था कि बरसात शुरू होते ही सड़कों पर मवेशी नजर आने लगे हैं।

कोर्ट ने कहा था कि यह शहर ही नहीं, पूरे प्रदेश की समस्या है। अब यह गंभीर हो चुकी है। इसे संयुक्त प्रयास से ही समाधान किया जा सकता है। प्रदेश की सड़कों पर मवेशियों के जमघट से होने वाली होने वाली परेशानियों को लेकर वर्ष 2019 में जनहित याचिकाएं लगाई गई थीं।

इसके बाद तब से लेकर अब तक हाई कोर्ट ने कई बार दिशा- निर्देश जारी किए हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने मार्च 2024 में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार, एनएचएआई से जवाब मांगा था।

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छत्तीसगढ़

नशे में हाईवा ड्राइवर ने 12 गोवंशों को कुचला, मौत:सड़क पर बिखरे शवों के टुकड़े, जांजगीर में भाग रहे ड्राइवर को लोगों ने पकड़ा

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में देर रात शराब के नशे में हाईवा चालक ने सड़क पर बैठे गोवंशों को कुचल दिया। इस हादसे में 12 गोवंशों की मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

आज (गुरुवार) सुबह मृत गोवंशों का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। वहीं इस मामले में पुलिस ने आरोपी ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साथ ही हाईवा भी जब्त कर लिया है। घटना मुलमुला थाना क्षेत्र की है।

शराब के नशे में हाईवा चालक ने सड़क पर बैठे गोवंशों को कुचल दिया।

शराब के नशे में हाईवा चालक ने सड़क पर बैठे गोवंशों को कुचल दिया।

हादसे में 12 गोवंशों की ही मौत हो गई। सड़क पर बिछी रही लाशें।

हादसे में 12 गोवंशों की ही मौत हो गई। सड़क पर बिछी रही लाशें।

पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को हिरासत में लेकर कार्रवाई में जुटी गई है।

पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को हिरासत में लेकर कार्रवाई में जुटी गई है।

ट्रक मुलमुला से परसदा की ओर जा रहा था।

ट्रक मुलमुला से परसदा की ओर जा रहा था।

तेज रफ्तार में था हाईवा

दरअसल, बुधवार रात करीब 8.10 बजे खाली तेज रफ्तार हाईवा (CG-12-BG-8320) परसदा की ओर जा रहा था, जिसका ड्राइवर नरोत्तम यादव (25) शराब के नशे में धुत था। रेमंड मोड़ चौक के पास उसने सड़क पर बैठे गोवंशों को रौंद दिया।

एक गोवंश हाईवा के नीचे फंसा

हादसे में 10 गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गोवंश हाईवा के नीचे फंस गया और एक अन्य गोवंश भी घायल हो गया। बाद में दोनों की मौत हो गई। घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने फौरन घटना की जानकारी पुलिस को दी।

आरोपी के खिलाफ केस दर्ज

मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ड्राइवर सोनसरी का रहने वाला है। हाईवा को भी जब्त कर लिया गया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

हाईकोर्ट का आदेश भी बेअसर

बता दें कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को हटाने के लिए राज्य शासन को आदेश जारी कर चुका है, लेकिन सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिसकी वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं।

लगातार हो रहे हादसों पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है। इस दौरान समय-समय पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन को आदेश जारी किया गया है, जिसमें उन्हें सड़कों से मवेशियों को हटाने और निगरानी करने कहा था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जिला प्रशासन मवेशियों को हटाने ध्यान नहीं दे रहा।

हाईकोर्ट ने क्या कहा था ?

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़कों पर मवेशियों की वजह से हो रही परेशानियों को लेकर जनहित याचिकाओं पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की बेंच में सुनवाई की थी। इस दौरान सीजे सिन्हा ने कहा था कि बरसात शुरू होते ही सड़कों पर मवेशी नजर आने लगे हैं।

कोर्ट ने कहा था कि यह शहर ही नहीं, पूरे प्रदेश की समस्या है। अब यह गंभीर हो चुकी है। इसे संयुक्त प्रयास से ही समाधान किया जा सकता है। प्रदेश की सड़कों पर मवेशियों के जमघट से होने वाली होने वाली परेशानियों को लेकर वर्ष 2019 में जनहित याचिकाएं लगाई गई थीं।

इसके बाद तब से लेकर अब तक हाईकोर्ट ने कई बार दिशा- निर्देश जारी किए हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

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कोरबा

नवरात्रि का आठवां दिन:हवन-पूजन के साथ चैत्र वासंती नवरात्र पर विराम

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कोरबा। चैत्र शुक्ल अष्टमी को माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में महागौरी स्वरूपा की पूजा-अर्चना की गई और आज सुबह से देर शाम तक भक्तों की लम्बी कतारें लगी हुई थीं। आज माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/पुजारी एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय(नन्हा महराज) सपत्नीक यजमान के रूप में बैठे और हवन-पूजन किया। विद्वान पंडितों एवं आचार्यों के सानिध्य में दिव्य मंत्रोच्चार के साथ सभी देवी-देवताओं का आह्वान करते हुए सभी की पूजा-अर्चना करते हुए सभी दैदिव्यमान चर-अचर और विश्व का संचालन करने वाली शक्ति की शांति के लिए हवन-पूजन कर विधि-विधान से नवरात्रि को विराम दिया गया।
घंटों तक दिव्य मंत्रों से गूंजायमान था परिसर

हवन-पूजन के समय सभी देवी-देवताओं के आह्वान के लिए आचार्य एवं विद्वान पंडितों के श्रीमुख से दिव्य मंत्रोच्चार और शंखनाद किया गया, जिससे चारों तरफ हवन-पूजन का सात्विक धुंआ फैलता रहा और वातावरण विशुद्धता का संदेश दे रहा था। वेद-पुराणों में उल्लेखित है कि हवन के धुंआ जब आकाश में फैलता है, तो देवी-देवताओं का यही भोग होता है और देवी-देवता प्रसन्न होते हैं। हवन के धुंए से पर्यावरण शुद्ध होता है और मानव सहित सभी चर-अचर प्राणियों का कल्याण होता है।
विश्व कल्याण की कामना

किसी भी आध्यात्मिक कार्यक्रमों को संपन्न करने विधि-विधान से हवन की रीति है। हवन के बाद ही सभी देवी-देवताओं का पूजन सम्पूर्ण होता है और देवी-देवता प्रसन्न होकर भक्तों को शुभ आशीर्वाद देते हैं। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में 9 दिन की नवरात्रि में राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने विश्व कल्याण की कामना के साथ हवन-पूजन सम्पन्न किया और सभी के लिए शुभता का संदेश देते हुए कहा कि हे माता रानी! विश्व का कल्याण करें और चर-अचर प्राणियों में सद्भाव का संचार हो। विश्व में शांति हो और सभी का जीवन सुलभ और सरल हो। सभी भक्तों का कल्याण हो और पाप नाशिनी माँ सर्वमंगला देवी सभी के जीवन को आलोकित करती रहें। समाज से तामसिक प्रवृत्ति का नाश हो और नारी शक्ति का सम्मान हो। सनातन धर्म की विजय हो और विश्व का कल्याण हो।
देवी स्वरूपा कन्याओं को कराया गया छप्पन भोग का भोजन

हवन-पूजन के बाद देवी स्वरूपा कन्याओं को छप्पन भोग का भोजन कराने के बाद राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने सपरिवार कन्याओं को उपहार भी दिया और देवी स्वरूपा कन्याओं का चरण पखारा एवं चरण वंदन भी किया। भारत की इस पुण्य धरा में कन्याओं को शक्ति (माँ दुर्गा) का स्वरूप माना जाता है और कन्या पूजन एवं कन्या भोज से वह पुण्य लाभ मिलता है, जितना आध्यात्मिक कार्यक्रम सम्पन्न कराने में। कन्याओं(माँ दुर्गा) का आशीर्वाद से सभी कार्य फलित होते हैं। 9 दिन की नवरात्रि इसी के साथ सम्पन्न हो गई।
कल जवारा विसर्जन के साथ सम्पन्न होगी चैत्र नवरात्रि

कल गोधूली बेला में जवारा कलश का विसर्जन किया जाएगा। कल माता का नौवां रूप माँ सिद्धिदात्रि की पूजा-अर्चना की जाएगी। गोधूली बेला संध्या 5.00 बजे राजपुरोहित नमन पाण्डेय सपत्नीक एवं सपरिवार जवारा कलश की पूजा-अर्चना करेंगे और उसके बाद महिलाएं जवारा कलश को लेकर पवित्र हसदेव घाट तक लेकर यात्रा के रूप में जाएंगे, जहां बैगाओं द्वारा पूजा-अर्चना करने के बाद जवारा कलशों को विसर्जित (शांत) करेंगे। इस दौरान ढोल-ताशों के साथ जवारा कलशों को नदी तक लेजाया जाएगा और इसी के साथ 9 दिन की नवरात्रि रूपी महायज्ञ और शक्ति की उपासना का महापर्व सम्पन्न होगा।

चैत्र शुक्ल अष्टमी को माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में महागौरी स्वरूपा की पूजा-अर्चना की गई और आज सुबह से देर शाम तक भक्तों की लम्बी कतारें लगी हुई थीं।

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कोरबा

SECL गेवरा परियोजना के प्रभावित ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 27 मार्च से संपूर्ण कार्य ठप्प करने का ऐलान

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​कोरबा/गेवरा। एसईसीएल गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम नरईबोध एवं अन्य ग्रामों के विस्थापितों ने प्रबंधन पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाते हुए, आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ग्रामीणों ने घोषणा की है कि यदि उनकी नियुक्तियों और पुनर्वास की मांगों को तुरंत पूरा नहीं किया गया तो 27 मार्च 2026 से गेवरा परियोजना और पी.एन.सी. कंपनी का समस्त कार्य पूर्णतः बाधित कर दिया जाएगा ।

​क्या है मुख्य विवाद?

​ग्रामीणों का कहना है कि एसईसीएल प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया था कि 18 मार्च 2026 को 5 ड्राइवरों और 5 जनरल मजदूरों को तत्काल जॉइनिंग दी जाएगी, साथ ही 5 अन्य व्यक्तियों को एक सप्ताह के भीतर कार्य पर रखा जाएगा। प्रबंधन के लिखित वादे के बावजूद 25 मार्च तक किसी भी ग्रामीण को जॉइनिंग नहीं दी गई है ।

आंदोलन की चेतावनी
​लगातार मिल रहे झूठे आश्वासनों से त्रस्त होकर ग्रामीणों ने अब सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है:-

​कार्य बंदी:- 27 मार्च से गेवरा परियोजना के साथ-साथ सहयोगी पी.एन.सी. कंपनी के कार्यों को भी रोका जाएगा ।
जवाबदेही:- ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि कार्य बाधित होने से होने वाले किसी भी नुकसान की समस्त जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी ।
प्रशासन को सूचना:- इस संबंध में जिलाधीश (कोरबा) पुलिस अधीक्षक एसडीएम (कटघोरा) और स्थानीय थाना प्रभारी को लिखित सूचना दे दी गई है ।

​प्रमुख मांगें:-

लिखित समझौते के अनुसार सभी 15 व्यक्तियों को तत्काल जॉइनिंग दी जाए, स्थायी रोजगार मुआवजा और पुनर्वास की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो, विस्थापितों के साथ किए गए वादों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ।

​हम वर्षों से अपनी जमीन और आजीविका खोकर न्याय का इंतजार कर रहे हैं, प्रबंधन ने लिखित वादा करके भी हमें ठगा है। अब हमारे पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है ।

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