Connect with us

देश

 भारत ने चीन को छोड़ा पीछे, एक साल में जुड़े 31 हजार से ज्यादा नए करोड़पति

Published

on

मुंबई, एजेंसी। स्विट्जरलैंड के प्रमुख बैंक UBS की Global Wealth Report 2026 के अनुसार, भारत ने 2025 में नए डॉलर करोड़पति बनाने के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल भारत में 31,033 नए अमेरिकी डॉलर करोड़पति जुड़े, जबकि चीन में यह संख्या 14,079 रही यानी भारत में नए करोड़पतियों की संख्या चीन के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा रही।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में डॉलर करोड़पतियों की संख्या में सालाना 3.4 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि चीन में यह बढ़ोतरी केवल 0.3 फीसदी रही।

हालांकि कुल करोड़पतियों की संख्या के मामले में चीन अभी भी भारत से काफी आगे है। चीन में करीब 53 लाख डॉलर करोड़पति हैं, जबकि भारत में यह संख्या लगभग 9.44 लाख है। इसके बावजूद संपत्ति बढ़ने की रफ्तार में भारत ने मजबूत प्रदर्शन किया है।

2020 के बाद भारतीयों की औसत संपत्ति में 20% बढ़ोतरी

UBS की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 के बाद भारत में औसत संपत्ति में करीब 20 फीसदी का उछाल आया है। आर्थिक विकास, शेयर बाजार में बढ़ती भागीदारी और संपत्ति के नए स्रोतों ने भारतीयों की कुल संपत्ति बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

2025 में सबसे ज्यादा नए करोड़पति बनाने वाले देश

देश    नए डॉलर करोड़पति

  • अमेरिका    4,41,078
  • ब्रिटेन     43,139
  • फ्रांस     34,604
  • स्पेन    32,707
  • जापान    31,428
  • भारत      31,033
  • चीन    14,079

भारतीयों की संपत्ति में जमीन और सोने का दबदबा

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीयों की संपत्ति का बड़ा हिस्सा अभी भी रियल एस्टेट और सोने में निवेश किया जाता है। भारतीय परिवारों की कुल संपत्ति में जमीन और सोने की हिस्सेदारी काफी ज्यादा है।

एक घरेलू वित्तीय अध्ययन के मुताबिक, औसत भारतीय परिवार अपनी संपत्ति का लगभग:

  • 77 फीसदी हिस्सा रियल एस्टेट में
  • 11 फीसदी सोने में
  • 7 फीसदी टिकाऊ वस्तुओं में
  • 5 फीसदी शेयर और म्यूचुअल फंड जैसे वित्तीय साधनों में रखता है।

वहीं, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार भारतीय परिवारों के पास करीब 25,000 टन सोना मौजूद है, जिसका इस्तेमाल निवेश, शादी-ब्याह, आपातकालीन जरूरत और महंगाई से बचाव के लिए किया जाता है।

अमेरिका और जापान में वित्तीय निवेश ज्यादा

जहां भारतीयों का झुकाव जमीन और सोने की ओर अधिक है, वहीं अमेरिका और जापान के अमीर लोग अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा वित्तीय बाजारों में लगाते हैं।

  • अमेरिका में करीब 78.9 फीसदी संपत्ति शेयर, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेशित है।
  • जापान के अमीरों की करीब 68.9 फीसदी संपत्ति वित्तीय संपत्तियों में है।
  • चीन में यह हिस्सा करीब 51.9 फीसदी है।

 
अमीर होने के बाद भी लोग खुद को अमीर नहीं मानते

UBS के मुख्य अर्थशास्त्री पॉल डोनोवन के अनुसार, कई देशों में लोग अपनी संपत्ति की तुलना दूसरों से करते हैं। इसी वजह से पर्याप्त संपत्ति होने के बावजूद कई लोग खुद को अमीर महसूस नहीं कर पाते।

रिपोर्ट बताती है कि भारत में संपत्ति निर्माण की रफ्तार तेज हुई है, लेकिन निवेश की आदतों और आय असमानता जैसे मुद्दे अभी भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

Continue Reading

देश

सस्ता होगा सोना, 20 हजार रुपए तक गिर सकते हैं दाम, एक्सपर्ट्स का अनुमान

Published

on

मुंबई, एजेंसी। साल 2026 की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अब सोने की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जनवरी में अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5,595 डॉलर प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई का लेवल छूने के बाद सोना अब 27 फीसदी तक टूट चुका है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने में 16 फीसदी तक और गिरावट आ सकती है, यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3,400 से 3,500 डॉलर प्रति औंस के दायरे तक पहुंच सकता है। इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलेगा, जहां सोने की कीमतों में करीब 20,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट संभव बताई जा रही है।

कमोडिटी बाजार के जानकारों का कहना है कि पिछले दो वर्षों में सोने की कीमतों में असाधारण तेजी आई थी। ऐसे में मौजूदा गिरावट को तकनीकी करेक्शन के तौर पर देखा जा रहा है। उनका मानना है कि लंबी अवधि में सोने का रुख अब भी सकारात्मक बना हुआ है लेकिन निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

क्यों सस्ता होगा सोना?

विशेषज्ञों के अनुसार, सोने पर दबाव बढ़ने की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भी सोने की मांग को प्रभावित किया है। डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी खरीदारी घटती है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि 4,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर सोने के लिए एक अहम सपोर्ट जोन है। हालांकि, यदि वैश्विक बाजारों में बिकवाली का दबाव और बढ़ता है तो कीमतें अस्थायी रूप से 3,500 डॉलर तक भी जा सकती हैं। इसके बावजूद लंबी अवधि के लिए सोने को लेकर विशेषज्ञ आशावादी बने हुए हैं। उनका अनुमान है कि अगले तीन वर्षों में सोना एक बार फिर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।

केंद्रीय बैंक लगातार गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे 

सोने को समर्थन देने वाले प्रमुख कारकों में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी भी शामिल है। कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं, जिससे बाजार में सोने की मांग बनी हुई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के हालिया सर्वे के अनुसार, अधिकांश केंद्रीय बैंक अगले 12 महीनों में भी अपने स्वर्ण भंडार में वृद्धि करने की योजना बना रहे हैं। पिछले चार वर्षों में केंद्रीय बैंकों ने औसतन 1,000 टन सोना खरीदा है, जो पिछले दशक के औसत से कहीं अधिक है।

निवेशकों के लिए सलाह

का कहना है कि आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक जोखिम और महंगाई की आशंकाओं के बीच सोना अब भी सुरक्षित निवेश विकल्प बना हुआ है। ऐसे में अल्पकालिक गिरावट के बावजूद लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कीमतों में आने वाली कमजोरी को चरणबद्ध खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, निवेश से पहले बाजार की स्थिति और अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करना जरूरी रहेगा।

Continue Reading

देश

RBI के लक्ष्य से पार पहुंची महंगाई, जून में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.38%

Published

on

मुंबई, एजेंसी। जून 2026 में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) बढ़कर 4.38 फीसदी पर पहुंच गई है। खाद्य पदार्थों और ईंधन की बढ़ती कीमतों, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर मानसून की आशंकाओं के चलते महंगाई पर दबाव बना रहा। 6 महीनों में यह पहली बार है जब खुदरा महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के टारगेट 4% के पार निकली है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में खुदरा महंगाई दर 3.93 फीसदी थी, जो जून में बढ़कर 4.38 फीसदी हो गई।

RBI का क्या है महंगाई लक्ष्य?

भारतीय रिजर्व बैंक का लक्ष्य खुदरा महंगाई को 4 फीसदी पर बनाए रखना है। हालांकि, केंद्रीय बैंक को इसे 2 फीसदी से 6 फीसदी के दायरे में रखने की अनुमति है। यह लक्ष्य अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निर्धारित की गई है।

Continue Reading

देश

देश का निर्यात जून में 15.5 प्रतिशत बढ़कर 40.41 अरब डॉलर पर, व्यापार घाटा 30.43 अरब डॉलर

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। देश का निर्यात जून महीने में 15.5 प्रतिशत बढ़कर 40.41 अरब डॉलर रहा। इस दौरान व्यापार घाटा बढ़कर 30.43 अरब डॉलर हो गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आयात जून माह में करीब 31 प्रतिशत बढ़कर 70.84 अरब डॉलर रहा। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में निर्यात 15.92 प्रतिशत बढ़कर 129.32 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 19.89 प्रतिशत बढ़कर 216.18 अरब डॉलर हो गया। 

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सोने का आयात बढ़कर 11.01 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल अप्रैल-जून में 7.49 अरब डॉलर था। 

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि जून में पश्चिम एशियाई देशों को भारत का निर्यात 7.29 प्रतिशत बढ़कर पांच अरब डॉलर हो गया। अग्रवाल ने कहा कि कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और कीमती धातुओं के आयात बढ़ने के कारण कुल आयात बढ़ा है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677