जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले एक युवक ने अपने पिता का एक लाख रुपए का कर्ज चुकाने के लिए अपने मौत की झूठी कहानी बनाई। युवक ने खुद को मरा हुआ दिखाने का नाटक किया, ताकि उसके नाम पर हुए 40 लाख के जीवन बीमा की राशि परिवार को मिल सके।
लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने युवक की साजिश को फेल कर दिया और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के छह दिन बाद उसे बिलासपुर के तोरवा इलाके से ढूंढ निकाला।
जानिए क्या है पूरा मामला
यह मामला थाना पामगढ़ का है। जानकारी के अनुसार, तैनाद निवासी तिलक राम श्रीवास निवासी ने थाना पामगढ़ पुलिस में अपने छोटे बेटे 21 वर्षीय कौशल श्रीवास की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। तिलक राम की दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, उसका बेटा कौशल 19 अगस्त को शाम करीब 7 बजे यह कहकर घर से बाइक से निकला कि वह घूमकर आएगा। वह अपनी मां का मोबाइल लेकर निकला था।
दो घंटे बाद करीब 9 बजे बड़े बेटे जागेश्वर श्रीवास के पास फोन आया कि उसकी बाइक और मोबाइल शिवनाथ नदी के पैसर घाट पर है। यह सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे तो वहां देखे कि पुल पर मोटरसाइकिल, जूता और मोबाइल वहां पड़े हुए हैं। लेकिन कौशल का कोई अता-पता नहीं है।
पैसर घाट पर बाइक-जूता और मोबाइल छोड़कर युवक हुआ गायब।
लापता युवक की तलाश में SDRF और नगर सैनिकों के गोताखोरों की टीम ने चार दिन तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया।
बीमा के लिए 40 लाख पाने के लिए युवक ने रची खुद के मौत की झूठी कहानी
परिजनों को हुआ अनहोनी का अंदेशा
इस पर परिजनों को अनहोनी का अंदेशा हुआ। उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। परिजनों की शिकायत पर पामगढ़ थाने में गुम इंसान का मामला दर्ज किया गया।
लापता युवक की तलाश में बिलासपुर से SDRF और नगर सैनिकों के गोताखोरों की टीम ने चार दिन तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच, साइबर पुलिस ने युवक के सोशल मीडिया के अकाउंट की मॉनिटरिंग शुरू की।
इंस्टाग्राम पर युवक ने अपने दोस्त को सुरक्षित होने की जानकारी दी।
साइबर टीम की जांच से मिला युवक का सुराग
जांच में जुटी जांजगीर की साइबर सेल टीम को सोशल मीडिया से पता चला कि कौशल जिंदा है। उसने इंस्टाग्राम पर अपने एक दोस्त को बताया था कि वह ठीक है। इसके बाद 23 अगस्त को युवक ने अपने भाई को एक अनजान नंबर से कॉल किया।
घरवालों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। तब पुलिस ने कॉल को ट्रेस किया और लोकेशन की जानकारी मिलने पर आरपीएफ और उसलापुर पुलिस को अलर्ट किया। मुखबिर की सूचना पर साइबर टीम और परिजन बिलासपुर के तोरवा इलाके पहुंचे और कौशल को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पिता के कर्ज को लेकर परेशान था युवक
पूछताछ में कबूला पूरा प्लान
युवक ने पुलिस को बताया कि उसके पिता पर एक लाख रुपए का कर्ज है और वह मानसिक रूप से बहुत परेशान था। उसके नाम पर 40 लाख रुपए का बीमा था, इसलिए उसने खुद को मरा हुआ दिखाकर बीमा राशि लेने की योजना बनाई थी।
युवक ने बताया कि घटना के बाद वह पैदल पामगढ़ गया, फिर बस से बिलासपुर पहुंचा। 20 अगस्त को ट्रेन से दिल्ली के फरीदाबाद पहुंचा और स्टेशन पर रात बिताई। फिर 22 अगस्त को वापस बिलासपुर लौटा और 23 अगस्त को पकड़ा गया। उसने यह भी बताया कि ट्रेस से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल स्टेशन पर फेंक दिया था।
विशेष वाहन जांच अभियान में 24 चालकों पर धारा 185 एम.वी. एक्ट के तहत कार्यवाही जिले के प्रमुख मार्गों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सघन जांच
कोरबा। कोरबा पुलिस ने दिनांक 18 जनवरी 2026 को जिले के प्रमुख मार्गों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। नशे की स्थिति में वाहन चलाते पाए गए 24 चालकों के विरुद्ध धारा 185 एम.वी. एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। सभी वाहन चालकों का ब्रेथ एनालाइजर एवं मेडिकल परीक्षण कराया गया। कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नशे में वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें। ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
कोरबा। पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में दिनांक 18 जनवरी 2026 को जिलेभर में स्थाई एवं गिरफ्तारी वारंटों की तामिली हेतु विशेष एवं सघन अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक थाना एवं चौकी स्तर पर पृथक-पृथक पुलिस टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर योजनाबद्ध दबिश दी गई। स्थानीय मुखबिर तंत्र, बीट सिस्टम एवं तकनीकी सूचनाओं के प्रभावी उपयोग से लंबे समय से फरार एवं न्यायालय में अनुपस्थित वारंटी आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। अभियान की सतत मॉनिटरिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और नीतीश ठाकुर द्वारा की गई तथा नगर पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारियों के पर्यवेक्षण में कुल 42 गिरफ्तारी वारंट एवं 19 स्थाई वारंट सहित कुल 61 वारंटों की तामिली की गई। सभी वारंटी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। कोरबा पुलिस यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन एवं भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ समन्वय स्थापित कर जिला पुलिस कोरबा में कार्यरत समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुलिस सैलरी पैकेज योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत पुलिस कर्मियों को सड़क दुर्घटना बीमा, आकस्मिक मृत्यु बीमा जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनके तथा उनके परिवारजनों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ आरक्षक कृष्ण कुमार खड़िया ( दिनांक 28.09.2025 ) एवं आरक्षक सुरेन्द्र लहरे (दिनांक 07.09.2025) के आकस्मिक निधन के पश्चात उनके परिजनों को पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत रू.10,00,000/- (दस लाख रुपये) की बीमा राशि प्रदान की गई। उक्त बीमा राशि का वितरण पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, भा.पु.से., भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक मृत्युंजय वर्मा एवं रामेश्वर कुमार, मुख्य प्रबंधक, आईटीआई शाखा कोरबा की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि पुलिस कर्मी समाज की सुरक्षा के लिए कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। पुलिस सैलरी पैकेज योजना उनके परिवारजनों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कोरबा जिला पुलिस भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से अपने पुलिस कर्मियों एवं उनके परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।