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छत्तीसगढ़

नशे में टेबल पर सिर रखकर सोया शिक्षक…:लेटर में लिखा-मैं शराब पीकर स्कूल नहीं आऊंगा, महासमुंद में रोज नशे में आता है टीचर

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महासमुंद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक शिक्षक शराब के नशे में स्कूल पहुंचा। कुर्सी पर बैठते ही सो गया। ग्रामीणों ने स्कूल में आकर टीचर का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। यह मामला पटेवा थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के मुताबिक, नशे में धुत टीचर का नाम थानेश्वर प्रसाद मारकंडेय है, जो ग्राम पंचायत मानपुर स्थित शासकीय मिडिल स्कूल में पदस्थ है। थानेश्वर प्रसाद अंग्रेजी और गणित सब्जेक्ट का टीचर है। शिक्षक का एक लेटर भी वायरल हुआ है, जिसमें उसने लिखा है कि ‘मैं शराब पीकर स्कूल नहीं आऊंगा’।

टेबल पर सिर रखकर शिक्षक सोते दिखे।

टेबल पर सिर रखकर शिक्षक सोते दिखे।

वीडियो बनाने की भनक लगते ही उठ गए।

वीडियो बनाने की भनक लगते ही उठ गए।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 10 सितंबर को आठवीं के एक छात्र ने शिक्षक का शराब के नशे में स्कूल में सोते हुए हालत में वीडियो बना लिया। वीडियो में शिक्षक थानेश्वर प्रसाद मारकंडेय टेबल पर सिर रखकर सोते नजर आ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक को कई बार शराब पीकर स्कूल आने से मना किया गया है। इसके बावजूद वह नशे में स्कूल पहुंचा जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें यह कहते हुए भी सुना गया है कि उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। क्योंकि उन्होंने ‘ऊपर के अधिकारियों को पटा रखा है’।

क्लास अटेंड करने आते ही नहीं- बच्चे

वहीं, वीडियो बनाने वाले बच्चे ने बताया कि शिक्षक के व्यवहार से बाकी बच्चे डरे रहते हैं। कई बार तो वो क्लास अटेंड करने आते ही नहीं हैं। प्रधान पाठक कक्ष में टेबल में सिर रखकर सोते रहते हैं। बच्चों को चिल्लाते हैं, तो कभी डांट लगाते हैं।

नशे के हालत में रहने के कारण छात्राएं उनके सामने जाने से घबराती हैं। बच्चों का यह भी कहना है कि शिक्षक के नशे में होने के चलते अंग्रेजी और गणित की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

BEO ने कही कार्रवाई की बात

इस मामले में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी लीलाधर सिन्हा ने कहा कि पिछली बार भी शिकायत मिली थी, स्पष्टीकरण जारी कर वेतन रोका गया था। मीडिया के जरिए अभी का मामला संज्ञान में आया है। शिक्षक का मेडिकल टेस्ट कराई जाएंगी और शासन के गाइडलाइन के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और पॉपकॉर्न स्टेटस से बाहर निकलने की आवश्यकता है – रमेन डेका

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पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री

9 हजार 194 विद्यार्थियों को प्रदान की गई उपाधि

 नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और पॉपकॉर्न स्टेटस से बाहर निकलने की आवश्यकता है - श्री रमेन डेका
 नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और पॉपकॉर्न स्टेटस से बाहर निकलने की आवश्यकता है - श्री रमेन डेका

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि डिजिटल एडिक्शन आज की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बनती जा रही है। यह केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और ‘पॉपकॉर्न मेंटल स्टेटस‘ से बाहर निकलने की आवश्यकता है, क्योंकि इससे सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है और केवल कृत्रिम संतुष्टि प्राप्त होती है।

 नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और पॉपकॉर्न स्टेटस से बाहर निकलने की आवश्यकता है - श्री रमेन डेका

          राज्यपाल रमेन डेका ने आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह के अध्यक्षीय उद्बोधन  में उक्त बातें कही। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह में मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेद, होम्योपैथिक, मेडिकल बायोटेक, बीपीपी, एमपीटी, नर्सिंग, बीएएसएलपी सहित अन्य संकायों में 7545 स्नातक और 1645 स्नातकोत्तर एवं 5 सुपर स्पेशयलिटी उपाधि प्रदान की गई तथा विभिन्न संकायों में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियांे को विभिन्न स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

 नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और पॉपकॉर्न स्टेटस से बाहर निकलने की आवश्यकता है - श्री रमेन डेका

          राज्यपाल ने कहा कि यदि दृढ़ संकल्प के साथ प्रयास किया जाए तो 30 दिनों के भीतर डिजिटल एडिक्शन से काफी हद तक मुक्ति पाई जा सकती है। बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखते हुए खेल-कूद और बाहरी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। आज के बच्चे सीमित दायरे में रह रहे हैं, जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो रही है।

          राज्यपाल ने नवस्नातक चिकित्सकों से कहा कि जिस प्रकार वे राज्यपाल होने के नाते प्रदेश की जनता के हित के बारे में सोचते हैं, उसी प्रकार आपका दायित्व मरीजों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति समर्पित रहना है। चिकित्सकों के सफेद कोट पर कभी कोई दाग नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप सभी ने मानवता की सेवा के उद्देश्य से इस क्षेत्र का चयन किया है। कठिन परिश्रम के बाद प्राप्त यह डिग्री आपके जीवन की दूसरी पारी की शुरुआत है। जहां भी कार्य करें, मरीज के हित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें और ऐसा कार्य करें जो देश, प्रदेश और समाज में मिसाल बने।

         श्री डेका ने कहा कि वर्तमान समय में नेबरहुड डॉक्टरों की सबसे अधिक आवश्यकता है। पहले फैमिली फिजिशियन की परंपरा थी, जो मरीज और उसके परिवार की परिस्थितियों को भलीभांति समझते थे। चिकित्सा क्षेत्र में उस आत्मीयता को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। किसी भी मरीज के लिए गोल्डन ऑवर अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में चिकित्सकों की त्वरित निर्णय क्षमता मरीज का जीवन बचा सकती है। राज्यपाल ने कहा कि आज के छात्र इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं। विज्ञान निरंतर आगे बढ़ रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चिकित्सा क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रही है। टेलीमेडिसिन जैसी तकनीकों का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

        विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों और नागरिकों से ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान के तहत पौधारोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पशु, मानव और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए।

          मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज का दिन केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं है बल्कि समाज और मानवता के प्रति नई दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लेने का अवसर है। विद्यार्थियों की सफलता उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के प्रगति और विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा को दर्शाता है।

          श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल खनिज और कृषि आधारित राज्य के रूप में ही नहीं बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करें यह हमारा लक्ष्य होना चाहिए। श्री साय ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ अधोसंरचना विस्तार, साथ ही बस्तर में नक्सल उन्मूलन के पश्चात विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्याे का भी उल्लेख किया।

         लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य करना लोगों की सेवा का बड़ा अवसर और महती जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विस्तृत जानकारी दी।

        अध्यक्ष, राष्ट्रीय विशेषज्ञ पैनल, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, नई दिल्ली एवं दीक्षांत समारोह अभिभाषक डॉ वेदप्रकाश मिश्रा ने भी अपना संबोधन दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. के. पात्रा ने स्वागत उद्बोधन एवं अकादमिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

अधिक मास में सेवा का संकल्प: सुखाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों का किया सम्मान

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सनातनी व्रत परम्पराओं के माध्यम से स्वस्थ एवं संवेदनशील समाज का निर्माण हमारा लक्ष्य: रेखा आहुजा

सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर। अधिक मास में ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के विशेष आध्यात्मिक महत्व के अवसर पर सामाजिक संस्था “सेवा एक नई पहल” द्वारा नर सेवा को नारायण सेवा मानते हुए स्थानीय जोरापारा स्थित सुवाणी शांतिधाम सुखाश्रम में सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था के सदस्यों ने आश्रम में निवासरत बुजुर्ग प्रभुजनों का सेवा-सत्कार कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम संस्था की संयोजिका रेखा आहुजा के मार्गदर्शन एवं सहयोग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर चकरभाटा से पधारी समाजसेवी इंदिरा दादी, रेनू, प्रिया, अंजू लाल, उर्वी आहुजा तथा आश्रम संचालक श्याम तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सहयोग के लिए डिवाइन ग्रुप के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में संस्था की संयोजिका रेखा आहुजा ने कहा कि अधिक मास और सनातन व्रत परम्पराएं केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, सेवा और समरसता के संस्कार विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।

उन्होंने कहा, “हमारी सेवाओं का उद्देश्य केवल भौतिक अथवा दैनिक उपयोग की वस्तुओं का वितरण नहीं है। हमारा मुख्य ध्येय सनातनी व्रत परम्पराओं को माध्यम बनाकर एक स्वस्थ, संस्कारित और संवेदनशील समाज का निर्माण करना है। हम चाहते हैं कि समाज का कोई भी व्यक्ति—चाहे वह बालक हो, वृद्ध हो, परित्यक्त हो या किसी भी परिस्थिति में जीवन यापन कर रहा हो—अपने आपको अकेला या निराश्रित महसूस न करे। उनके जीवन में उत्साह, आत्मीयता और उल्लास का संचार हो, यही हमारी संस्था की सबसे बड़ी सफलता होगी।”

कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों के साथ आत्मीय संवाद भी किया गया, जिससे आश्रम का वातावरण स्नेह, सम्मान और अपनत्व की भावना से सराबोर हो गया। उपस्थित सभी सदस्यों ने भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

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कोरबा

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर, विश्व पर्यावरण दिवस पर भाजपा का ‘एक पेड़ माँ के नाम’ महाअभियान शुरू

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विश्व पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का भव्य शुभारंभ, भाजपा ने जिले में किया वृहद वृक्षारोपण

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा 5 जून से 21 जून तक आयोजित किए जाने वाले विभिन्न जनकल्याणकारी एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों का शुभारंभ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृहद वृक्षारोपण अभियान “एक पेड़ माँ के नाम” के साथ किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जिले भर में कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अभियान के तहत आत्मानंद स्कूल, एनसीडीसी, सुभाष ब्लॉक में जिला स्तरीय भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता निभाई।

माँ के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का संगम, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ – गोपाल मोदी

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, पर्यावरण और मातृशक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक व्यापक जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में विकास, सुशासन, सेवा और जनकल्याण के नए प्रतिमान स्थापित हुए हैं, जिससे जनता का विश्वास लगातार सुदृढ़ हुआ है। जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने आगे बताया कि केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व में 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक विभिन्न जनसंपर्क एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि “12 साल विकास, विश्वास और जनकल्याण के” तथा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर आमजन से संपर्क करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्षों के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों, उपलब्धियों एवं जनहितकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाएंगे।

कार्यक्रम में महापौर संजू देवी राजपूत, जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय विश्वकर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी, पवन गर्ग, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, वरिष्ठ पार्षद नरेंद्र देवांगन, एमआईसी मेंबर हितानंद अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन, रुक्मणी नायर, जिला सह कोषाध्यक्ष नवीन अरोड़ा, जिला मंत्री अजय दुबे, जिला संवाद प्रमुख अर्जुन गुप्ता, जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा प्रिती स्वर्णकार, मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर, योगेश मिश्रा, मनीष मिश्रा, मनोज लहरे, सह संवाद प्रमुख शैलेन्द्र यादव, संजय राठौर, जिला सोशल मीडिया सह प्रभारी नीरज ठाकुर, अविनाश दुबे, डॉ. विजय राठौर, रामनारायण सराफ, कुलसिंह कंवर, राजेश लहरे व शशि चन्द्रा सहित भारी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी भाजपा कार्यकर्ताओ ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों ने अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

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