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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के 5 जिलों में पकड़ा गया अर्बन नक्सल नेटवर्क:रायपुर में दूसरी बार पकड़ाए, गोलियां-बारूद, गन-मशीन की सप्लाई, सप्लायरों में BJP नेता-कारोबारी

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रायपुर,एजेंसी। रायपुर पुलिस ने शुक्रवार को चंगोराभाठा से नक्सली दंपती जग्गू उर्फ रमेश कुरसम (28) और कमला कुरसम (27) को गिरफ्तार किया है। नक्सली दंपती पिछले 5 सालों से रायपुर में पहचान छिपाकर रह रहे थे।जानकारी के मुताबिक नक्सलियों के सीनियर लीडर की कॉल ट्रेसिंग के दौरान इस नक्सल दंपती का पता लगा।

यह दंपती कई सरकारी अफसरों के घर में भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा एक नक्सली रामा किचाम भाठागांव इलाके से गिरफ्तार हुआ है। जानकारी के मुताबिक रामा कोरबा स्थित कोयला खदान में मजदूरी करता था। नक्सली रामा का इनपुट नक्सल दंपती से ही पूछताछ मिला था।

बता दें कि राजधानी रायपुर में नक्सलियों और उनके मददगारों की गिरफ्तारी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी एक केस सामने आ चुका है। पूरे प्रदेश की बात करें तो राजनांदगांव, गरियाबंद समेत 5 जिलों के शहरी इलाकों से गिरफ्तारी हो चुकी है।

इन्हें लेवी वसूलने, नक्सलियों को गोलियां-बारूद, गन-मशीन और अन्य जरूरत की चींजे सप्लाई करने के आरोप में पकड़ा गया था। इनमें भाजपा नेता से लेकर कारोबारी तक शामिल हैं।

क्या होता है अर्बन नक्सल

अर्बन नक्सल उस वर्ग को कहा जाता है, जो शहरों में रहते हुए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से माओवादियों की मदद करता है। ये लोग विचारधारा फैलाने, युवाओं को जोड़ने, फंड और लॉजिस्टिक सपोर्ट जुटाने के साथ-साथ गिरफ्तार नक्सलियों को कानूनी मदद देने का काम करते हैं।

2004 में सीपीआई (माओवादी) के गठन के बाद नक्सल आंदोलन ने अपना नेतृत्व जंगलों से शहरों की ओर मोड़ना शुरू किया। उसी साल जारी दस्तावेज “अर्बन पर्सपेक्टिव” में साफ लिखा गया कि माओवादी संगठन शहरी क्षेत्रों में अपनी जड़ें मजबूत करना चाहता है।

नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। बस्तर के जंगलों में गश्त करते हुए जवान।

नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। बस्तर के जंगलों में गश्त करते हुए जवान।

इसमें मिडिल क्लास कर्मचारी, छात्र, मजदूर, महिलाएं और अल्पसंख्यक समाज को जोड़ने की रणनीति बताई गई थी। आज भी दिल्ली, मुंबई, छत्तीसगढ़, हैदराबाद, पुणे जैसे शहरों में नक्सल समर्थक संगठनों की सक्रियता देखी जाती है। यही शहरी नेटवर्क नक्सलवाद को संसाधन और दिशा दोनों उपलब्ध कराता है।

रायपुर से कारोबारियों ने भेजी हथियार बनाने के लिए मशीन

24 जुलाई 2015 को दंतेवाड़ा पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों की संयुक्त टीम ने धुरली-बासनपुर रोड पर झारालावा नाला के पास एक पिकअप रूकवाया। माओवादियों के शहरी नेटवर्क को कोवर्ट ऑपरेशन के तहत ध्वस्त करते हुए पुलिस ने रायपुर से लोहा व्यवसायी अरुण अग्रवाल समेत किरंदुल, बचेली और गमावांगा के 5 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से लेथ मशीन, 21 हजार कैश और 5 मोबाइल जब्त किए गए।

24 जुलाई 2015 को दंतेवाड़ा पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई की थी। (फाइल फोटो)

24 जुलाई 2015 को दंतेवाड़ा पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई की थी। (फाइल फोटो)

पुलिस के अनुसार, अरुण अग्रवाल नक्सलियों की मदद से बचेली, भांसी और कुपेर क्षेत्र में रेल हादसों में गिरने वाली माल-गाड़ियों के लोहे का ठेका लेता था। इसके बदले वह माओवादी कमांडर संजय को डेटोनेटर, बारूद, जनरेटर और वेल्डिंग मशीन जैसी सामग्री पहुंचाता था।

अरुण अग्रवाल और तारिक अनवर ने रायपुर से लेथ मशीन खरीद कर पिकअप वाहन से वासनपुर के जंगलों में नक्सलियों तक पहुंचाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने कार्रवाई कर पिकअप वाहन और नक्सली सदस्य राजू राम, खुदी राम और दीप सिंह को गिरफ्तार किया था।

18 जून 2020 को वॉकी-टॉकी सेट सप्लाई करने के आरोप में राजनांदगांव और रायपुर के कारोबारियों को गिरफ्तार किया। (फाइल फोटो)

18 जून 2020 को वॉकी-टॉकी सेट सप्लाई करने के आरोप में राजनांदगांव और रायपुर के कारोबारियों को गिरफ्तार किया। (फाइल फोटो)

कारोबारी वॉकी-टॉकी सप्लाई के आरोप में अरेस्ट

18 जून 2020 को कांकेर-राजनांदगांव पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलियों को वॉकी-टॉकी सेट सप्लाई करने के आरोप में राजनांदगांव और रायपुर के कारोबारियों को गिरफ्तार किया। इनमें राजनांदगांव के श्री बालाजी सिक्यूरिटी एजेंसी के संचालक हितेश अग्रवाल, अजय जैन और दयाशंकर मिश्रा शामिल थे।

रायपुर के कुछ कारोबारी भी इस मामले में पकड़े गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। यह कार्रवाई नक्सलियों तक अवैध उपकरण पहुंचाने की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से की गई थी।

2020 में दंतेवाड़ा पुलिस ने BJP जिला उपाध्यक्ष सामान सप्लाई के आरोप में पकड़ा था। (फाइल फोटो)

2020 में दंतेवाड़ा पुलिस ने BJP जिला उपाध्यक्ष सामान सप्लाई के आरोप में पकड़ा था। (फाइल फोटो)

BJP जिला उपाध्यक्ष सामान सप्लाई के आरोप में पकड़े गए

2020 में दंतेवाड़ा पुलिस ने पूर्व भाजपा विधायक धनीराम पुजारी के बेटे और भाजपा के जिला उपाध्यक्ष जगत पुजारी सहित ओरछा के युवक रमेश को गिरफ्तार किया था। ये दोनों 5 लाख के इनामी नक्सली अजय तेलम को नए महिन्द्रा ट्रैक्टर सप्लाई करते पकड़े गए थे। इस केस में पुलिस ने रमेश की पत्नी से भी पूछताछ की थी।

2020 में गुड़गांव के कारोबारी वरुण जैन को गिरफ्तार किया था। (फाइल फोटो)

2020 में गुड़गांव के कारोबारी वरुण जैन को गिरफ्तार किया था। (फाइल फोटो)

गुड़गांव का कारोबारी राजनांदगांव में गिरफ्तार

राजनांदगांव पुलिस ने 2020 में गुड़गांव के कारोबारी वरुण जैन को गिरफ्तार किया था। वरुण पर राजनांदगांव, कांकेर और अन्य क्षेत्रों में नक्सलियों को जूता, गोलियां, वर्दी, वायरलेस सेट, दवाई सहित अन्य सामान सप्लाई करने का आरोप था। इससे पहले इस मामले में वरुण के भाई निशांत जैन, आत्माराम नरेटी, गणेश कुंजाम, मनोज शर्मा, हरिशंकर गडेम और 13 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वरुण जैन और उसके परिवार ने नक्सल इलाकों में अवैध काम करके 18 साल में लगभग 600 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की। इस सिंडिकेट पर नक्सली दर्शन पेद्दा के संपर्क में रहने का आरोप था।

10 जनवरी 2025 को प्रकाश सोनी को हथियार और विस्फोटक सप्लाई करने के आरोप में पुलिस ने पकड़ा था। (फाइल फोटो)

10 जनवरी 2025 को प्रकाश सोनी को हथियार और विस्फोटक सप्लाई करने के आरोप में पुलिस ने पकड़ा था। (फाइल फोटो)

हथियार-विस्फोटक सप्लायर को किया गिरफ्तार

नारायणपुर पुलिस ने 10 जनवरी 2025 को प्रकाश सोनी को हथियार और विस्फोटक सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया। उसके पास से 3 मीटर कॉरडेक्स वायर, बिजली तार, स्कैनर (वॉकी-टॉकी), 20 कारतूस और 3 डेटोनेटर बरामद हुए।

पूछताछ में प्रकाश ने स्वीकार किया कि पिछले चार-पांच सालों से वह नक्सलियों के संपर्क में था और उन्हें अवैध रूप से बंदूक की गोलियां, विस्फोटक और अन्य नक्सली सामग्री सप्लाई करता था।

10 अगस्त 2024 काे गरियाबंद पुलिस ने मैनपुर इलाके से इन आरोपियों को पकड़ा था। (फाइल फोटो)

10 अगस्त 2024 काे गरियाबंद पुलिस ने मैनपुर इलाके से इन आरोपियों को पकड़ा था। (फाइल फोटो)

लेवी वसूलने मैनपुर पहुंचे, 5 नक्सली समर्थक गिरफ्तार

10 अगस्त 2024 काे गरियाबंद पुलिस ने मैनपुर इलाके दबिश देकर 5 आरोपियों को पकड़ा था। जांच में सामने आया था कि पांचों आरोपी मैनपुर इलाके से 1 करोड़ से ज्यादा लेवी वसूलकर नक्सलियों को पहुंचा चुके थे। आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि तत्कालीन आईजी दीपक झा ने की थी।

नक्सलियों के पत्र में भी शहरी नेटवर्क की पुष्टि

नक्सलियों ने अपने पत्र में भी शहरी नेटवर्क की पुष्टि की है। 23 सितंबर को नक्सलियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस पत्र में उन्होंने नक्सली रामचंद्र रेड्‌डी को रायपुर या किसी शहरी इलाके से गिरफ्तार करने और अरेस्ट करने के बाद हत्या करने का आरोप लगाया है।

वहीं दूसरी ओर रामचंद्र रेड्‌डी के बेटे ने सुप्रीम कोर्ट में पुलिस के खिलाफ याचिका लगाई थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रामचंद्र रेड्‌डी का शव सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।

नक्सलियों ने पत्र में रामचंद्र रेड्‌डी को शहरी क्षेत्र से अरेस्ट करके हत्या करने का आरोप लगाया है।

नक्सलियों ने पत्र में रामचंद्र रेड्‌डी को शहरी क्षेत्र से अरेस्ट करके हत्या करने का आरोप लगाया है।

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छत्तीसगढ़

धमतरी : सपनों को उड़ान देने जरूरत होती है साहस और संकल्प की

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“स्कूटी दीदी” एनु की उड़ान

धमतरी । सपनों को उड़ान देने के लिए पंख नहीं, साहस और संकल्प की जरूरत होती है। इसी बात को सत्य साबित किया है छत्तीगसढ के धमतरी की एक साधारण लेकिन जुझारू युवती एनु ने, जो आज “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और सीमित अवसरों के बावजूद एनु ने न केवल आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को भी सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।

          एनु का जन्म एक सामान्य ग्रामीण परिवार में हुआ, जहाँ आर्थिक स्थिति सशक्त नहीं थी। परिवार में आय के सीमित स्रोत थे, और लड़कियों की शिक्षा को लेकर अब भी संकोच और संकीर्ण सोच (prevalent ) थी। परन्तु एनु की सोच इससे बिल्कुल अलग थी। वे हमेशा कुछ नया करने और अपने पैरों पर खड़े होने की इच्छा रखती थीं। कठिनाइयों और प्रतिकूलताओं के बीच भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में परास्नातक(Post Graduation inEconomics) की उपाधि हासिल की। यह उपलब्धि ही अपने आप में उनके संघर्ष और लगन का प्रतीक थी।

         एनु का लक्ष्य केवल डिग्री लेनी ही मंज़िल नहीं थी। एनु जानती थीं कि केवल शिक्षा से रोजगार नहीं मिलेगा, जब तक उनके पास कोई कौशल न हो। इसी सोच के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया। इस प्रशिक्षण ने उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में पहला मजबूत कदम उठाने का अवसर दिया। लेकिन उनका सपना सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं था।

         एनु का अगला कदम था -मोबिलिटी यानी गतिशीलता की। वे चाहती थीं कि खुद स्कूटी चला सकें, ताकि गांव-गांव जाकर महिलाओं से मिलें, प्रशिक्षण दें और उनके जीवन को बदलने में योगदान दे सकें, लेकिन एक ग्रामीण युवती के लिए दोपहिया वाहन चलाना समाज के लिए असामान्य बात थी। इसके लिए उन्हें न केवल आत्मसंदेह से लड़ना पड़ा, बल्कि समाज की रूढ़िवादी सोच से भी लडना पडा। यही पर ‘प्रथम संस्था’ (PRATHAM Foundation) ने उन्हें स्कूटी चलाने का प्रशिक्षण दिया। पहले-पहले जब उन्होंने स्कूटी की चाबी हाथ में ली, तो लोगों ने ताने दिए – “लड़की होकर गाड़ी चलाएगी?”, “क्या ज़रूरत है इधर-उधर घूमने की?”, लेकिन एनु अडिग रहीं। उन्होंने अपने आत्मविश्वास के साथ इन बातों को अनसुना कर, प्रैक्टिस जारी रखी और जल्द ही स्कूटी चलाने में दक्ष हो गईं।

          धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास और कौशल दोनों बढ़ने लगे। अब वे गांवों में स्वतंत्र रूप से घूमने लगीं, महिलाओं से जुड़ीं, उन्हें मोटिवेट करने लगीं और अपनी यात्रा की कहानी सुनाकर उनमें भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देने लगीं। यही वह मोड़ था जब उन्होंने तय किया कि अब वह खुद एक ड्राइविंग स्कूल शुरू करेंगी, ताकि अन्य महिलाओं को भी गाड़ी चलाना सिखा सकें। यह पहल ग्रामीण परिवेश में महिलाओं की स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम था।

         सन 2023 में एनु अपने सीमित संसाधनों के साथ “महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र” की शुरुआत की। शुरू में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन जल्द ही यह संख्या बढ़ती चली गई। आज उनकी पहचान पूरे ब्लॉक और जिले में “स्कूटी दीदी” के रूप में हो गई है। उन्होंने अब तक 30 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को दोपहिया वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया है, जिनमें से कई महिलाएं अब स्वयं स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र या बैंक जैसी जगहों पर काम करने के लिए आत्मनिर्भर रूप से आने-जाने लगी हैं।

          एनु की यह पहल न केवल महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और स्वतंत्रता लाई है, बल्कि सामाजिक सोच को भी बदला है। अब गांवों में लोग अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास भेजते हैं, यह सीखने कि कैसे वे भी “अपने सपनों की सवारी” कर सकती हैं। उनकी इस उपलब्धि के लिए विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों ने उन्हें सम्मानित भी किया है। हाल ही में उन्हें जिला प्रशासन द्वारा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया। एनु का सपना है कि वे आने वाले वर्षों में 1000 महिलाओं को ड्राइविंग सिखाएं और इसके लिए वे जल्द ही चारपहिया ड्राइविंग स्कूल भी शुरू करने की योजना बना रही हैं।

         एनु का जीवन इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उनकी कहानी हर उस महिला के लिए प्रेरणा है, जो समाज की जंजीरों को तोड़कर आगे बढ़ना चाहती है। स्कूटी दीदी एनु ने दिखा दिया कि सच्ची ताकत बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि भीतर के आत्मबल और दृढ़ निश्चय में होती है।

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कोरबा

19 अप्रैल को नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा का स्थापना दिवस, प्रख्यात अभिनेत्री मंदाकिनी आएंगी

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कोरबा। 10 वर्ष पूर्व कोरबा शिक्षा जगत के लिए एक एतिहासिक दिन था, जब जिले के वनांचल क्षेत्र कोरबा-चाम्पा मार्ग खरहरकुड़ा (मड़वारानी) में एक ऐसे विद्यालय का अभ्युदय हुआ, जो ग्रामीण एवं गरीब बच्चों का भविष्य सुधारने का बीड़ा उठाया और सर्वोत्कृष्ट अंग्रेजी सीबीएसई माध्यम से शिक्षा देने लगा। आज यह विद्यालय कोरबा जिले का ही नहीं बल्कि प्रदेश का सर्वोत्कृष्ट विद्यालयों में शुमार है और वटवृक्ष की तरह अपनी छाया में हजारों ग्रामीण एवं निर्धन बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बना रहा है। नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा को कोरबा के जानेमाने समाजसेवी एवं उद्योगपति पीएमजेएफ लायन राजकुमार अग्रवाल एवं उनकी टीम ने इस विद्यालय को सींचा और क्षेत्र की शैक्षणिक उन्नति का अद्भूत मिशाल पेश किया। सर्वशिक्षा विशेषज्ञ अध्यापकों द्वारा यहां हजारों बच्चों का भविष्य गढ़ा जा रहा है। शिक्षा के साथ-साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों ने इस विद्यालय की पहचान को पुख्ता किया, जिसके कारण इस विद्यालय को 07 स्टार रैटिंग अवार्ड से सम्मानित किया गया।
19 अप्रैल 2026 को यह विद्यालय अपना 10वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है, जिसमें बालीवुड की प्रख्यात अभिनेत्री एवं राम तेरी गंगा मैली… फेम मंदाकिनी आएंगी और बच्चों के साथ 10वां स्थापना दिवस को सेलिब्रेट करेंगी। अतिथि के रूप में कोरबा के कई जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

विद्यालय के चेयरमेन पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि विद्यालय के 10वां स्थापना दिवस को 19 अप्रैल 2026 रविवार को भव्यता से मनाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें बालीवुड की प्रख्यात अभिनेत्री मंदाकिनी को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या देवी साय को भी आमंत्रित किया जा रहा है और संभवत: उनका भी सानिध्य हमारे विद्यालय को प्राप्त होगा। स्थापना दिवस को भव्यता से मनाया जाएगा, जिसमें बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति के अलावा कई मनमोहक कार्यक्रम भी कराए जाएंगे और कोरबावासी अभिनेत्री मंंदाकिनी से रूबरू होंगे।
कौशिल्या देवी साय होंगी मुख्य अतिथि!

विद्यालय के चेयरमेन पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या देवी साय को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित करने हेतु प्रयास किया जा रहा है और संभवत: हमारे विद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में वे अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी।

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छत्तीसगढ़

बलौदाबाजार : समृद्ध और सुलभ ग्रामीण भारत के लिए मज़बूत आधारभूत संरचना है पुल -मंत्री टंक राम वर्मा

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राजस्व मंत्री वर्मा ने 7.82 करोड़ की लागत से बनने वाले नवापारा-सकरी-सतभांवा मार्ग का किया भूमिपूजन

समृद्ध और सुलभ ग्रामीण भारत के लिए मज़बूत आधारभूत संरचना है पुल -मंत्री श्री टंक राम वर्मा

बलौदाबाजार। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि समृद्ध और सुलभ ग्रामीण भारत के लिए मज़बूत आधारभूत संरचना आवश्यक है। पुल केवल दो छोरों को नहीं जोड़ते, बल्कि जीवन, अवसर और विकास की संभावनाओं को जोड़ते हैं। गाँवों को बाज़ार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोज़गार से जोड़ने के लिए यह संरचनाएं रीढ़ की हड्डी जैसी होती हैं। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के  विकासखंड सिमगा के ग्राम सकरी में नवापारा-सकरी-सतभांवा मार्ग निर्माण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। पुल-पुलियों सहित इस मार्ग का निर्माण 7 करोड़ 82 लाख 58 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा।

      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है और इस बार जिले में कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। प्रदेश में बेहतर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे गांवों का शहरों से संपर्क और मजबूत होगा।

     मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि किसानों के हित में सरकार लगातार कार्य कर रही है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद कृषक उन्नति योजना के तहत शेष राशि का एकमुश्त भुगतान भी होली से पहले किसानों को कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटी पूरी हो चुकी हैं। विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष डॉ. दौलतराम पाल, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मोहन वर्मा, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

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