कोरबा/कोरिया। छत्तीसगढ़ में दो अलग-अलग सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। पहली घटना कोरबा जिले की है जहां अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मारी और 100 मीटर तक घसीटा। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मामला कटघोरा थाना क्षेत्र का है।
दूसरी घटना, कोरिया जिले की है जहां नेशनल हाईवे 43 अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग में तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक के पीछे जा घुसी। 8 अक्टूबर की रात हुए हादसे में बाइक सवार दोनों युवकों की मौके पर मौत हो गई। मामला चरचा थाना क्षेत्र का है।
ये तस्वीर कोरबा की है, अज्ञात वाहन के घसीटने से बाइक के परखच्चे उड़ गए।
युवक की मौत के बाद लाश को स्थानीय लोगों ने गमछे से ढक दिया।
केस 1
युवक को 100 मीटर तक घसीटा
पहली घटना कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, ओमप्रकाश गुप्ता (35) और एक अन्य युवक किसी काम से बाहर निकले थे। बुधवार रात वह जटगा अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान लखनपुर के पेट्रोल पंप के सामने अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर ने मार दिया और 100 मीटर तक घसीटते ले गया। जिससे बाइक के परखच्चे उड़ गए।
हादसे के बाद ड्राइवर भागा
हादसे में बाइक चला रहे ओमप्रकाश की मौत हो गई। जबकि दूसरे युवक को मामूली चोटें आई हैं। टक्कर मारने के बाद ड्रावर वाहन लेकर फरार हो गया। घटनास्थल पर राहगीरों की भीड़ इकट्ठा हो गई। उन्होंने फौरन मामले की जानकारी कटघोरा पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पहचान की और उनके परिजनों को सूचित किया।
हादसे के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, इस दौरान स्थानीय लोग मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रोड पर भारी वाहनों का दबाव अधिक है और तेज रफ्तार के कारण कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने ऐसे चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा प्रशासन से सड़कों की मरम्मत और गति नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
इधर, पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि वाहन और ड्राइवर की पहचान की जा सके। थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी ने बताया कि पंचनामा कर शव को पीएम के भेजा गया है। आगे की कार्रवाई जा रही है।
ये तस्वीर कोरिया की है, खड़े ट्रक से टकराने के बाद बाइक सवार 2 युवकों की जान चली गई।
दूसरी घटना कोरिया की
दूसरी घटना कोरिया जिले के चरचा थाना क्षेत्र की है। दरअसल, बिशुनपुर का रहने वाला बाइक सवार वीरेंद्र राजवाड़े (22) अपने रिश्तेदार नरेश राजवाड़े (21) के साथ बाइक से बैकुंठपुर की ओर से वापस बिशुनपुर जा रहे थे। रात करीब 12.30 बजे नेशनल हाईवे 43 पर बाइक तेज रफ्तार में सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई।
सिर में गंभीर चोट बनी मौत की वजह
इस हादसे में दोनों बाइक सवार के सिर पर गंभीर चोटें आईं और बेहोश हो गए। घटना की सूचना पर चरचा थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों युवकों को एम्बुलेंस की मदद से पास के अस्पताल पहुंचाया। जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
युवकों के सिर में गंभीर चोट आने से ब्लडिंग हुई।
घर से 500 मीटर दूर हादसा
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला है। माना जा रहा है कि तेज रफ्तार में सामने से आ रहे किसी वाहन की लाइट के कारण युवक सड़क किनारे खड़े ट्रक को नहीं देख सके और तेज रफ्तार में ट्रक के साइड से जा टकराए।
हादसे में मृत युवक बीरेंद्र राजवाड़े का घर घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर ही है। वे घर पहुंच पाते, इससे पहले ही हादसा हो गया। पुलिस मामले में मर्ग कायम करे आगे जांच पड़ताल कर रही है।
एम्बुलेंस से दोनों को अस्पताल ले गया गया। इससे पहले दोनों की मौत हो चुकी थी।
विकसित भारत-जी राम जी के तहत रू1.32 करोड़ से अधिक के कार्य स्वीकृत
जल संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार, 180 से अधिक ग्राम पंचायतों में हो रहा निर्माण
मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जल सरंक्षण एवं संवर्धन सम्बंधी संरचनाओं को प्राथमिकता
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026। जिले में गिरते भूजल स्तर को बढ़ाने तथा वर्षा जल के संरक्षण और पुनर्भरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के तहत 234 बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट का निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 32 लाख 97 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन संरचनाओं के निर्माण से जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं, वहीं भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देकर जल संकट की चुनौती से निपटने में भी मदद मिलेगी।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा जल स्रोतों के संरक्षण के लिए विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने में मिलेगी मदद
बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट ऐसी संरचना है, जिसके माध्यम से वर्षा जल को रेत एवं अन्य फिल्टर सामग्री की सहायता से छानकर जमीन के भीतर पहुंचाया जाता है। इससे भूजल पुनर्भरण में मदद मिलती है तथा बोरवेल और आसपास के जलस्रोतों के जलस्तर को बनाए रखने में सहायता मिल सकती है। ग्राम पंचायतों, शासकीय भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक भवनों में ऐसी संरचनाएं जल संरक्षण की दृष्टि से उपयोगी हैं।
पांचों विकासखंडों में हो रहा निर्माण
जिले की 180 से अधिक ग्राम पंचायतों में मांग एवं आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक बोरवेल रिचार्ज सैंड फिल्टर पिट का निर्माण कराया जा रहा है। विकासखंडवार स्थिति के अनुसार करतला में 64, कटघोरा में 30, कोरबा में 66, पाली में 13 तथा पोड़ी उपरोड़ा में 61 रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं।
इन संरचनाओं से विशेषकर उन ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल पुनर्भरण को प्रोत्साहन मिलेगा, जहां जलस्तर में गिरावट की समस्या है। वर्षा जल का बेहतर उपयोग होने से जल उपलब्धता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।
विकसित भारत- जी राम जी से जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन के इन प्रयासों के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ जल सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वर्तमान आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ भविष्य के लिए भी जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।
कोरबा। प्रेस क्लब के सदस्य एवं दैनिक तरूण छत्तीसगढ़ के संपादक सुभाष अग्रवाल के अनुज भ्राता (छोटे भाई) शहर के प्रतिष्ठित नागरिक एवं होटल रिलैक्स इन के संचालक सतीश अग्रवाल पिता स्वर्गीय ओमप्रकाश अग्रवाल का आज सोमवार दिनांक 26/10/2026 की देर शाम 7.30 बजे निधन हो गया। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार कल मंगलवार दिनांक 27/10/2026 को सुबह 11 बजे स्थानीय मोती सागर पारा मुक्तिधाम में संपन्न होगा। इससे पूर्व अग्रोहा मार्ग स्थित उनके निवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। उनके निधन पर कोरबा प्रेस क्लब परिवार ने शोक व्यक्त किया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में परम शांति प्रदान करे एवं शोकाकुल परिवार को यह असह्य दुःख सहन करने की शक्ति दे।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा वन मंडल के करतला रेंज में 9 हाथियों का झुंड घूम रहा है। झुंड में नन्हे हाथी के जन्म की खुशी में रविवार को 7 गांवों के ग्रामीणों ने उसकी छठी मनाई और उसका नाम ‘काशी’ रखा।
कार्यक्रम काशीपानी जंगल के कारीपानी मंदिर के नीचे गौठान टिकरापारा में आयोजित किया गया। इसमें रामभाठा, लबेद, पाहराभांठा, काशीपानी, छातापाठ, जामपानी और छुईडुंगा गांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने हाथी के बच्चे के स्वस्थ जीवन की कामना की।
बेबी एलिफेंट का नाम ‘काशी’ रखा गया है।
छठी कार्यक्रम काशीपानी जंगल के कारीपानी मंदिर के नीचे गौठान टिकरापारा में आयोजित किया गया।
रविवार को 7 गांवों के ग्रामीणों ने उसकी छठी मनाई।
जिले में 48 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 9 हाथियों का झुंड फिलहाल काशीपानी के जंगल में घूम रहा है। इसके अलावा कुदमुरा रेंज में 32 हाथी और चचिया क्षेत्र में 7 हाथी मौजूद हैं। हाल के दिनों में हाथियों ने 17 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
20 साल से जंगल में आ रहे हाथी
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 साल से हाथी इस जंगल में आते हैं। वे लंबे समय तक यहां रुकने के बाद वापस चले जाते हैं। यह हाथियों का पुराना कॉरिडोर है।
SDO मणिकांत वर्मा ने ग्रामीणों से हाथियों से छेड़छाड़ नहीं करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फसल नुकसान के मामलों में नियमानुसार मुआवजा दिया जाता है। जनहानि रोकने के लिए सतर्क रहना जरूरी है।
साल 2000 में पहली बार आए थे हाथी
जिले में साल 2000 में पहली बार कुदमुरा रेंज के आमटिकरा गांव में हाथी आए थे। इसके बाद धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़ती गई। कई बार जिले में हाथियों की संख्या 150 तक पहुंच चुकी है।
धिनारा गांव से शुरू हुई छठी मनाने की परंपरा
बेबी एलिफेंट की छठी मनाने की परंपरा धिनारा गांव से शुरू हुई थी। ग्रामीण अब हाथियों को लेकर जागरूक हो रहे हैं। पहले जहां हाथियों को भगवान मानकर पूजा की जाती थी, वहीं अब ग्रामीण सुरक्षित दूरी बनाए रखने पर जोर देते हैं।