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छत्तीसगढ़

SIR में छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ने की मांग:कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र, कहा-विस्थापन और बेरोजगारी से कई वोटर लिस्ट से बाहर

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सर्वे में छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विस्थापन, बेरोजगारी और पलायन के साथ ही जानकारी और दस्तावेजों की कमी के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाता सर्वे से बाहर रह गए हैं। ऐसे मतदाताओं को दोबारा मौका दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने लिखा है कि भारत निर्वाचन आयोग के SIR कार्यक्रम के तहत तैयार ड्राफ्ट मतदाता सूची में कई पात्र नागरिकों के नाम दर्ज नहीं हो पाए हैं। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों, आदिवासी अंचलों, श्रमिक वर्ग, प्रवासी नागरिकों, युवाओं और नए मतदाता पंजीकरण योग्य लोगों को इस प्रक्रिया में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस का कहना है कि दस्तावेजों की कमी, तकनीकी समस्या और जानकारी के अभाव के चलते कई ऐसे नागरिक, जो संविधान के तहत मताधिकार के पात्र हैं, वोटर लिस्ट से वंचित रह गए हैं। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक बताया है।

कांग्रेस ने पत्र में क्या कहा

पलायन और विस्थापन बने बड़ी वजह

पत्र में कांग्रेस ने कहा है कि

  • खरीफ फसल कटते ही बड़ी संख्या में लोग रोज़गार के लिए दूसरे राज्यों में चले जाते हैं।
  • बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में सलवा जुडूम के दौरान विस्थापित आदिवासी परिवार अन्य राज्यों में रह रहे हैं।
  • बिंद्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के छुरा विकासखंड सहित कई ग्राम पंचायतों के गांवों से लोग रोजगार की तलाश में ओडिशा और अन्य राज्यों में पलायन कर चुके हैं।

कांग्रेस ने मांग की है कि इन क्षेत्रों में ग्राम पंचायत, वार्ड और बूथ स्तर पर विशेष शिविर लगाकर पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की सुविधा दी जाए।

छत्तीसगढ़ की वोटर लिस्ट से 27 लाख से ज्यादा नाम कटे

छत्तीसगढ़ में SIR कार्यक्रम के तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। कुल 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 मतदाताओं से एनरोलमेंट फॉर्म जमा किए गए थे। सर्वे के बाद 27 लाख 34 हजार 817 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।

नाम हटने के प्रमुख कारण

  • 6,42,234 मतदाता – मृत्यु
  • 19,13,540 मतदाता – शिफ्टेड या अनुपस्थित
  • 1,79,043 मतदाता – एक से अधिक स्थानों पर दर्ज

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट कहां देखें

  • ऑनलाइन: निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर
  • ऑफलाइन: संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क कर

जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं हैं, उन्हें निर्वाचन आयोग की ओर से नोटिस देकर दोबारा नाम जुड़वाने का मौका दिया जाएगा।

दावा-आपत्तियों की तारीखें

अंतिम वोटर लिस्ट जारी: 21 फरवरी 2026

दावा और आपत्ति: 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026

सुनवाई और वेरिफिकेशन: 23 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026

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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

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220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

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कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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कोरबा

सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत

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सुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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