Connect with us

छत्तीसगढ़

दंतेवाड़ा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर की कला, संस्कृति और परंपराओं को समर्पित बस्तर पंडुम 2026 के लोगो एवं थीम गीत का विमोचन

Published

on

बस्तर पंडुम हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं, कला और विरासत का जीवंत मंच – मुख्यमंत्री साय

बस्तर पंडुम 2026 बनेगा विश्व–स्तरीय सांस्कृतिक आयोजन

दंतेवाड़ा। बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, लोकपरंपराओं और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य एवं आकर्षक रूप में किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में बस्तर पंडुम का लोगो एवं थीम गीत का विमोचन किया। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि बस्तर पंडुम बस्तर की  सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का  सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि आज माँ दंतेश्वरी के इस पावन प्रांगण से बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभ हो रहा है। यहाँ बस्तर पंडुम 2026 का लोगो और थीम गीत का विमोचन किया गया है। बस्तर पंडुम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा है। यह हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं, कला और विरासत का जीवंत मंच है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारी आदिवासी परंपराओं में है। हम नृत्य, गीत, शिल्प, व्यंजन, वन-औषधि और देवगुडि़यों के माध्यम से इन परंपराओं और संस्कृति को जीते हैं। पिछले वर्ष हमने बस्तर पंडुम की शुरुआत की थी। समापन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी हम सबके बीच आए थे। इस वर्ष हम राष्ट्रपति , केंद्रीय गृहमंत्री, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री तथा भारत में नियुक्त विभिन्न देशों के राजदूतों को भी आमंत्रित कर रहे हैं। पिछली बार बस्तर पंडुम को लेकर बस्तरवासियों का जो उत्साह और जोश देखने को मिला, वह अभूतपूर्व था। इस बार हम इसे और अधिक भव्य बना रहे हैं, ताकि यहाँ की धरोहर राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष बस्तर पंडुम की प्रतिस्पर्धाओं में विधाओं की संख्या सात से बढ़ाकर बारह कर दी गई है। इनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, पूजा-पद्धति के साथ ही शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन-पेय, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि को भी शामिल किया गया है। इस बार बस्तर पंडुम प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर की संस्कृति को सहेजते हुए नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाए। बस्तर अब केवल संस्कृति का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि शांति, समृद्धि और पर्यटन के माध्यम से विकास का भी प्रतीक बनेगा।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बस्तर को नई ऊँचाइयों पर ले जा रही है। यह उत्सव बताता है कि बस्तर अब संघर्ष से नहीं, बल्कि सृजन और उत्सव से पहचाना जाएगा।
उन्होंने बस्तरवासियों एवं सभी कलाकार भाई-बहनों से आग्रह किया कि वे अपनी कला के माध्यम से बस्तर का गौरव बढ़ाएँ और अधिक से अधिक संख्या में बस्तर पंडुम के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लें। 

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘पंडुम’ का अर्थ पर्व होता है। बस्तर में खुशियों को बढ़ाने के लिए समय-समय पर विभिन्न पर्व (पंडुम) मनाए जाते हैं। किसी भी पर्व की शुरुआत माता के आशीर्वाद से करने की परंपरा रही है। इसी तारतम्य में बस्तर पंडुम की शुरुआत माँ दंतेश्वरी के मंदिर परिसर से की जा रही है। बस्तर समृद्ध संस्कृति से परिपूर्ण है। यहाँ निवास करने वाली जनजातियों की कला, शिल्प, नृत्य, संगीत और खानपान को समाहित कर बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि  बस्तर में शांति स्थापना के प्रयास सफल हो रहे हैं। मार्च 2026 तक लाल आतंक समाप्त होकर रहेगा।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की कला, संस्कृति और परंपरा गर्व का विषय है। इस समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास बस्तर पंडुम के माध्यम से किया जा रहा है। पौराणिक काल में भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान दंडकारण्य क्षेत्र में समय व्यतीत किया था। ऐसे पावन क्षेत्र में सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने की पहल सरकार ने की है। 

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध बस्तर क्षेत्र की विभिन्न विधाओं को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए सरकार लगातार दूसरे वर्ष बस्तर पंडुम का आयोजन कर रही है। इस वर्ष बारह विधाओं में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर प्रांगण में ही संभाग के वरिष्ठ मांझी, चालकी, गायता, पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजनों तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकारों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम को बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं दंतेवाड़ा विधायक चैतराम आटमी ने भी संबोधित किया। इस दौरान बस्तर के पारंपरिक नेतृत्वकर्ता मांझियों और समाज प्रमुखों ने भी बस्तर पंडुम के आयोजन के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग में 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 29 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 2 से 6 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएँ होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं।इस बार के बस्तर पंडुम में विशेष रूप से भारत में विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारी, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया है।

प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों एवं समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खानपान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुडि़यों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों की 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग के रूप में नामित किया गया है।

इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, बस्तर आईजी सुंदरराज पी., संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक गौरव राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

ओवरस्पीडिंग व नशे में वाहन चलाने वालों पर अभियान चलाकर करें कार्रवाई – कलेक्टर

Published

on

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु चिन्हित स्थलों पर प्राथमिकता से सुधार कार्य करने के दिए निर्देश

स्कूल कॉलेज में व्यापक स्तर पर यातायात जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के दिए निर्देश

ग्रामीण क्षेत्रो में हेलमेट रैली, नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियों से यातायात जागरूकता बढ़ाने किया निर्देशित

दुर्घटना नियंत्रण व सुरक्षित यातायात के लिए कलेक्टर ने ली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

कोरबा। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तथा यातायात नियमों के बेहतर पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री  दुदावत ने पूर्व बैठक में लिए गए निर्णयों एवं दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के सभी पहलुओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना नियंत्रण के लिए विभागीय समन्वय, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में चिन्हित ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु किए जाने वाले सुधारात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर आवागमन को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए झाड़ियों की नियमित सफाई, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, क्षतिग्रस्त एवं निम्न स्तर के रोड शोल्डर की मरम्मत, रेडियमयुक्त चेतावनी एवं संकेतक बोर्ड लगाने, स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप निर्माण तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोयला एवं फ्लाई ऐश परिवहन मार्गों पर धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी छिड़काव करने तथा आवश्यक सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को भी कहा। साथ ही कटघोरा अंबिकापुर मार्ग में गुरसिया से घाट के मध्य स्थित तीव्र मोड़ों (शार्प टर्न) एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर सड़क सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक स्थानों पर  रंबल स्ट्रिप, रोड शोल्डर एवं क्रैश बैरियर स्थापित कर यातायात को सुरक्षित एवं सुगम बनाने की कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने निर्देशित किया।

कलेक्टर ने बैठक में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ओवरस्पीड वाहन संचालन, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट के वाहन संचालित करने, नो-पार्किंग क्षेत्रों में वाहन खड़े करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतते हुए नियमित जांच एवं निगरानी की जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों एवं कॉलेजों में व्यापक स्तर पर यातायात जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाला प्रवेशोत्सव के साथ सड़क सुरक्षा जागरूकता गतिविधियों के आयोजन हेतु वार्षिक कैलेंडर तैयार कर समयबद्ध कार्यक्रम निर्धारित करने को कहा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों, महाविद्यालयों, एनसीसी एवं स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राओं की सहभागिता से हेलमेट रैली, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा अन्य जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।
  कलेक्टर ने रूमगरा से बजरंग चौक मार्ग में सड़क निर्माण में अपेक्षित प्रगति नही होने पर कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को नोटिश जारी करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात जागरूकता अभियान की धीमी प्रगति पर सभी जनपद सीईओ को नोटिश जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय,  एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण कुमार किरण, प्रभारी एसपी लखन पटले,  जिला परिवहन अधिकारी अतुल कुमार असैय्या सहित  पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एसईसीएल, बालको सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Continue Reading

कोरबा

बच्चों को गणवेश व पाठ्य पुस्तक वितरण के साथ मनाया जाएगा शाला प्रवेश उत्सवरू- कलेक्टर दुदावत

Published

on

कलेक्टर दुदावत ने समय-सीमा बैठक में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर दिए महत्वपूर्ण निर्देश

सीएम हेल्पलाइन पोर्टल को गंभीरता से लेने व प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु किया निर्देशित

स्वनिधि महोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार व अधिक लाभार्थियों को जोड़ने के निर्देश

पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन एवं जलभराव रोकने नालियों की सफाई व ड्रेनेज व्यवस्था सुदृढ़ करने किया निर्देशित

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागीय कार्यों तथा टीएल के लंबित प्रकरणों की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की। उन्होंने प्रगति की स्थिति का मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण कुमार किरण, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर द्वय देवेंद्र पटेल  व ओंकार यादव, एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ नगरीय निकाय सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर ने डिजिटल सिग्नेचर कार्य के लिए पटवारियों की स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नक्शा बटांकन, डिजिटल किसान किताब, मसाहती गाँव के सर्वे कार्य तथा एफआरए नामांतरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में तेजी लाकर प्रगति सुनिश्चित करने निर्देशित किया। कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण कार्य में प्रगति लाने के निर्देश देते हुए अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना से शीघ्र जोड़ने के लिए कहा। उन्होंने जिले में आयोजित कृषक चौपाल के माध्यम से किसानों के मध्य जागरूकता बढ़ाने तथा आवेदन एवं स्वीकृति प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की कार्यप्रणाली की  विस्तृत जानकारी देते हुए सभी कार्यालय प्रमुखों को अपनी प्रोफाइल अनिवार्य रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल को पूर्ण गंभीरता से लिया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि पोर्टल से प्राप्त होने वाले आवेदनों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण किया जाए। उन्होंने सभी जनपद सीईओ एवं सीएमओ नगरीय निकाय को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बैनर, पोस्टर एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजन को पोर्टल की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका प्रभावी उपयोग कर सकें।
कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी नगरीय निकायों के सीएमओ को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 30 जून तक आयोजित होने वाले स्वनिधि महोत्सव एवं लोक कल्याण उत्सव का प्रभावी एवं व्यापक स्तर पर आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का अधिकतम लाभ हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, विशेष शिविरों का आयोजन तथा अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडरों के आवेदन प्राप्त कर त्वरित स्वीकृति की कार्रवाई की जाए। इस दौरान स्ट्रीट वेंडरों का सम्मान, उनके परिवार के मेधावी छात्रों का अभिनंदन तथा उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर कार्यक्रम को संचालित करने निर्देशित किया। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट वेंडरों की पहचान कर उन्हें भी योजना से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बरसात के मौसम से पूर्व शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने, पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन करने तथा जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए ड्रेनेज की सफाई एवं क्लीनिंग कार्य समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
उन्होंने पीएम जनमन अंतर्गत आवास निर्माण कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम आवास  ग्रामीण की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि आवास निर्माण के कार्य में शीघ्रता से प्रगति लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने शाला प्रवेश उत्सव के सम्बंध में जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेते हुए शाला प्रवेश उत्सव की पूर्ण तैयारी समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गणवेश, पाठ्य पुस्तक भंडारण की जानकारी लेते हुए उन्होंने शाला प्रवेश उत्सव के साथ ही बच्चों को गणवेश व पाठ्य पुस्तक वितरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही बाउंड्रीवाल युक्त विद्यालयों में शाला प्रवेश उत्सव के साथ ही पौधरोपण कराने की बात कही। इस हेतु व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने निर्देशित किया।
कलेक्टर श्री दुदावत ने समय-सीमा की बैठक में पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन, मानवाधिकार, कलेक्टर जनदर्शन सहित अन्य लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्र निराकरण तथा संबंधित आवेदकों को सूचना देने के निर्देश दिए। उन्होंने सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Continue Reading

कोरबा

डोंगानाला में सुशासन तिहार के तहत  सौगात, 159 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण

Published

on

कोटमी-पसान-जटगा-कटघोरा मार्ग (8581.90 लाख) का भूमिपूजन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का बढ़ेगा विस्तार

सीएसईबी चौक से कोसाबाड़ी तक गौरव पथ (3654.80 लाख) का भूमिपूजन, शहरी यातायात होगा सुगम

कटघोरा में 100 बिस्तर सिविल अस्पताल (1807.58 लाख) निर्माण का भूमिपूजन, स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार

जवाली नलजल योजना (210.83 लाख) का लोकार्पण, ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा शुद्ध पेयजल

कोरबा। क्षेत्र का विकास ही जनकल्याण का आधार है और इससे आमजन को सीधा लाभ मिलेगा”इसी संकल्प के साथ विकासखण्ड पाली के ग्राम डोंगानाला में सुशासन तिहार के अंतर्गत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर  क्षेत्रवासियों को विकास की बड़ी सौगात देते हुए कुल 159 करोड़ 63 लाख 14 हजार रुपये की लागत के 18 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया। इनमें 153 करोड़ 66 लाख 61 हजार रुपये के 8 कार्यों का भूमिपूजन तथा 5 करोड़ 96 लाख 53 हजार रुपये के 10 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मंत्री श्री साव ने इन विकास कार्यों के लिए जिलेवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इनसे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी और आमजन को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

लोकार्पण कार्यों के अंतर्गत ग्राम नूनेरा में जिला खनिज न्यास मद से 11.84 लाख रुपये की लागत से निर्मित 50 बिस्तरीय कन्या छात्रावास में आई टाइप गार्ड रूम, बोरिंग एवं पंप स्थापना तथा शौचालय कक्ष का निर्माण, जमा मद से मुड़ापार ईडीयू में 66.95 लाख रुपये की लागत से शासकीय हाई स्कूल भवन, नूनेरा में 16.24 लाख रुपये की लागत से 50 बिस्तरीय कन्या छात्रावास में अधीक्षक आवास किचन सह भंडार कक्ष सह अहाता, 20.70 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष, लाफा, अजगरबहार एवं फरसवानी पंचायत में प्रत्येक में 48.41 लाख रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के आवासीय भवन, 210.83 लाख रुपये की जवाली नल जल प्रदाय योजना, 45.98 लाख रुपये की जटांगपुर नलजल प्रदाय योजना तथा 78.76 लाख रुपये की मदनपुर नलजल प्रदाय योजना का लोकार्पण किया गया।

वहीं शिलान्यास कार्यों में सीएसआर मद से बंचर से जटांगपुर सड़क निर्माण (1.30 किलोमीटर, 109.12 लाख रुपये), राज्य मार्गों पर जंक्शन सुधार एवं कैश बैरियर कार्य (441.10 लाख रुपये), सलिहाभाठा से पुरेनाखार पहुंच मार्ग (64.96 लाख रुपये), उप संचालक कृषि भवन (147.60 लाख रुपये), कोरबा रिंगरोड से मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग (559.55 लाख रुपये), कोटमी-पसान-जटगा कटघोरा मार्ग 50.60 किलोमीटर निर्माण (8581.90 लाख रुपये), सीएसईबी चौक से जैन चौक-आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ (3654.80 लाख रुपये) तथा कटघोरा में 100 बिस्तर सिविल अस्पताल निर्माण (1807.58 लाख रुपये) शामिल हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677