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सोमनाथ पर गजनवी के आक्रमण के 1000 साल

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पीएम मोदी ने लिखा- यह विध्वंस नहीं, हमारे स्वाभिमान की गाथा, मिटाने वाले खत्म हो जाते हैं

नई दिल्ली/अहमदाबाद,एजेंसी। पीएम मोदी ने गुजरात के प्रभास पाटन में बने पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर पर एक लेख लिखा है। यह ब्लॉग पोस्ट सोमनाथ पर 1026 में हुए पहले आक्रमण के हजार साल पूरे होने पर है। पीएम ने इसे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व नाम दिया है।

गौरतलब है कि विदेशी आक्रमणकारी गजनी के महमूद गजनवी ने जनवरी 1026 में सोमनाथ पर आक्रमण कर उसे ध्वस्त कर दिया था।

पीएम मोदी का लेख….

सोमनाथ… ये शब्द सुनते ही हमारे मन और हृदय में गर्व और आस्था की भावना भर जाती है। भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात में, प्रभास पाटन नाम की जगह पर स्थित सोमनाथ, भारत की आत्मा का शाश्वत प्रस्तुतिकरण है।

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख है। ज्योतिर्लिंगों का वर्णन इस पंक्ति से शुरू होता है…सौराष्ट्रे सोमनाथं च…यानी ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहले सोमनाथ का उल्लेख आता है।

शास्त्रों में ये भी कहा गया है-

सोमलिङ्गं नरो दृष्ट्वा सर्वपापैः प्रमुच्यते। लभते फलं मनोवाञ्छितं मृतः स्वर्गं समाश्रयेत्॥

अर्थात्, सोमनाथ शिवलिंग के दर्शन से व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्त हो जाता है। मन में जो भी पुण्य कामनाएं होती हैं, वो पूरी होती हैं और मृत्यु के बाद आत्मा स्वर्ग को प्राप्त होती है।

दुर्भाग्यवश, यही सोमनाथ मंदिर, जो करोड़ों लोगों की श्रद्धा और प्रार्थनाओं का केंद्र था, विदेशी आक्रमणकारियों का निशाना बना, जिनका उद्देश्य विध्वंस था। जनवरी 1026 में गजनी के महमूद ने इस मंदिर पर बड़ा आक्रमण कर उसे ध्वस्त कर दिया था।

यह आक्रमण आस्था और सभ्यता के एक महान प्रतीक को नष्ट करने के उद्देश्य से किया गया एक हिंसक और बर्बर प्रयास था। फिर भी एक हजार साल बाद आज भी यह मंदिर पूरे गौरव के साथ खड़ा है।

साल 1026 के बाद समय-समय पर इस मंदिर को पुन:निर्मित करने के प्रयास जारी रहे। मंदिर का वर्तमान स्वरूप 1951 में आकार ले सका।

संयोग से 2026 का यही वर्ष सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का भी वर्ष है। 11 मई 1951 को इस मंदिर का पुनर्निर्माण सम्पन्न हुआ था।

पीएम ने लिखा- समुद्री व्यापारी सोमनाथ के वैभव की कथाएं दूर-दूर ले गए

सोमनाथ मंदिर का आध्यात्मिक महत्व बहुत ज्यादा था। ये एक ऐसे समाज की प्रेरणा था जिसकी आर्थिक क्षमता भी बहुत सशक्त थी। हमारे समुद्री व्यापारी और नाविक इसके वैभव की कथाएं दूर-दूर तक ले जाते थे। सोमनाथ पर हमले और फिर गुलामी के लंबे कालखंड के बावजूद आज मैं पूरे विश्वास के साथ और गर्व से ये कहना चाहता हूं कि सोमनाथ की गाथा विध्वंस की कहानी नहीं है।

ये पिछले 1000 साल से चली आ रही भारत माता की करोड़ों संतानों के स्वाभिमान की गाथा है, ये हम भारत के लोगों की अटूट आस्था की गाथा है। हर बार जब मंदिर पर आक्रमण हुआ, तब हमारे पास ऐसे महान पुरुष और महिलाएं भी थीं जिन्होंने उसकी रक्षा के लिए खड़े होकर सर्वोच्च बलिदान दिया। और हर बार, पीढ़ी दर पीढ़ी, हमारी महान सभ्यता के लोगों ने खुद को संभाला, मंदिर को फिर से खड़ा किया और उसे पुनः जीवंत किया।

महमूद गजनवी लूटकर चला गया, लेकिन सोमनाथ के प्रति हमारी भावना को हमसे छीन नहीं सका। आज 2026 में भी सोमनाथ मंदिर दुनिया को संदेश दे रहा है कि मिटाने की मानसिकता रखने वाले खत्म हो जाते हैं, जबकि सोमनाथ मंदिर आज हमारे विश्वास का मजबूत आधार बनकर खड़ा है।

देवी अहिल्याबाई होलकर जैसी महान विभूति ने ये सुनिश्चित करने का पुण्य प्रयास किया कि श्रद्धालु सोमनाथ में पूजा कर सकें। 1890 के दशक में स्वामी विवेकानंद भी सोमनाथ आए थे। 1897 में चेन्नई में दिए गए एक व्याख्यान के दौरान उन्होंने कहा, “दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिर और गुजरात के सोमनाथ जैसे मंदिर आपको ज्ञान के अनगिनत पाठ सिखाएंगे।’

इन मंदिरों पर सैकड़ों आक्रमणों के निशान हैं, और सैकड़ों बार इनका पुनर्जागरण हुआ है। ये बार-बार नष्ट किए गए और हर बार अपने ही खंडहरों से फिर खड़े हुए। यही राष्ट्रीय मन है, यही राष्ट्रीय जीवन धारा है। इसको छोड़ देने का मतलब है, मृत्यु। इससे अलग हो जाने पर विनाश ही होगा।

आजादी के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का पवित्र दायित्व सरदार वल्लभभाई पटेल के सक्षम हाथों में आया। 1947 में दिवाली के समय उनकी सोमनाथ यात्रा हुई। उस यात्रा के अनुभव ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया, उसी समय उन्होंने घोषणा की कि यहीं सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण होगा। अंततः 11 मई 1951 को सोमनाथ में भव्य मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।

पीएम मोदी बोले- नेहरू नहीं चाहते थे राष्ट्रपति सोमनाथ जाएं

उस अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद उपस्थित थे। महान सरदार साहब इस ऐतिहासिक दिन को देखने के लिए जीवित नहीं थे, लेकिन उनका सपना राष्ट्र के सामने साकार होकर भव्य रूप में उपस्थित था। तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू इस घटना से अधिक उत्साहित नहीं थे। वो नहीं चाहते थे कि माननीय राष्ट्रपति और मंत्री इस समारोह का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि इस घटना से भारत की छवि खराब होगी। लेकिन राजेंद्र बाबू अडिग रहे, और फिर जो हुआ, उसने एक नया इतिहास रच दिया।

सोमनाथ मंदिर का कोई भी उल्लेख के.एम. मुंशी जी के योगदानों को याद किए बिना अधूरा है। उन्होंने उस समय सरदार पटेल का प्रभावी रूप से समर्थन किया था। सोमनाथ पर उनका कार्य, विशेष रूप से उनकी पुस्तक ‘सोमनाथ, द श्राइन इटरनल’, अवश्य पढ़ी जानी चाहिए।

जैसा कि मुंशी जी की पुस्तक के शीर्षक से स्पष्ट होता है, हम एक ऐसी सभ्यता हैं जो आत्मा और विचारों की अमरता में अटूट विश्वास रखती है। हम विश्वास करते हैं- नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः। सोमनाथ का भौतिक ढांचा नष्ट हो गया, लेकिन उसकी चेतना अमर रही।

अलग-अलग समय में सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनवी, अलाउद्दीन खिलजी, जफर खान, महमूद बेगड़ा और औरंगजेब ने हमला किया था। कुल आक्रमणों की संख्या 17 थी।

अलग-अलग समय में सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनवी, अलाउद्दीन खिलजी, जफर खान, महमूद बेगड़ा और औरंगजेब ने हमला किया था। कुल आक्रमणों की संख्या 17 थी।

सदियों पहले जैन परंपरा के आदरणीय मुनि कलिकाल सर्वज्ञ हेमचंद्राचार्य यहां आए थे और कहा जाता है कि प्रार्थना के बाद उन्होंने कहा- “भवबीजाङ्कुरजनना रागाद्याः क्षयमुपगता यस्य।’ अर्थात्, उस परम तत्व को नमन जिसमें सांसारिक बंधनों के बीज नष्ट हो चुके हैं। जिसमें राग और सभी विकार शांत हो गए हैं।

अगर हजार साल पहले खंडित हुआ सोमनाथ मंदिर पूरे वैभव के साथ फिर से खड़ा हो सकता है, तो हम हजार साल पहले का समृद्ध भारत भी बना सकते हैं।

आइए, इसी प्रेरणा के साथ हम आगे बढ़ते हैं। एक विकसित भारत के निर्माण के लिए। एक ऐसा भारत, जिसका सभ्यतागत ज्ञान हमें विश्व कल्याण के लिए प्रयास करते रहने की प्रेरणा देता है।

जय सोमनाथ…

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महाराष्ट्र नगर निगम रिजल्ट:29 में 23 निगमों में बीजेपी+ आगे, मुंबई-नागपुर-पुणे में बढ़त

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लातूर में कांग्रेस ने 70 में से 43 सीटें जीतीं

मुंबई,एजेंसी। महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव में भाजपा गठबंधन एकतरफा जीत की ओर है। रुझानों में 29 नगर निगमों में से 23 में भाजपा गठबंधन को बढ़त है।

मुंबई के बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में भाजपा+शिवसेना (शिंदे) अलायंस कुल 227 सीटों में से 118 सीटों पर आगे चल रहा है।

इसके अलावा नागपुर, पुणे, ठाणे, नवी मुंबई, पिंपरी चिंचवाड और नासिक में भी भाजपा गठबंधन को बढ़त है। लातूर में कांग्रेस ने जीत हासिल की है। 70 में से 43 सीटें जीतीं।

चंद्रपुर में भी कांग्रेस लीड कर रही है। परभणी नगर निगम में शिवसेना (उद्धव) को बढ़त है। वसई विरार में बहुजन विकास अगाड़ी (VBA) और मालेगांव में शिवसेना (शिंदे) आगे चल रही है।

शुक्रवार को नगर निगम चुनाव की सुबह 10 से काउंटिंग जारी है। राज्य में निगम चुनाव के लिए 15 जनवरी को वोटिंग हुई थी।

893 वार्डों में कुल 15,931 उम्मीदवार मैदान में हैं। नगर निगम की कुल 2869 सीटें हैं। इनमें से 68 उम्मीदवार निर्विरोध जीत हासिल कर चुके हैं।

मुंबई में पहली बार बीजेपी का मेयर बन सकता है: चार साल से चुनाव न होने से पद खाली है; 30 साल से शिवसेना का कब्जा था

महाराष्ट्र की 5 प्रमुख नगर निगम के चुनाव का रुझान

मुंबई: कुल सीटें- 227, बहुमत: 114

BJP+उद्धव शिवसेना+कांग्रेसNCP (अजित)
118701200

पुणे: कुल सीटें- 165, बहुमत: 83

BJP+NCP+कांग्रेस+ UBTशिवसेनाअन्य
9020100200

ठाणे: कुल सीटें- 131, बहुमत:66

BJP+NCP (अजित)उद्धव शिवसेना+कांग्रेसअन्य
4908020209

नागपुर: कुल सीटें- 151, बहुमत: 76

BJP+कांग्रेसउद्धव शिवसेना+NCP (अजित)NCP (शरद)अन्य
1133001010006

नासिक: कुल सीटें- 122, बहुमत: 62

BJPMVA+MNSशिवसेना‌- शिंदे+ NCPअन्य
50124105

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BJP को 20 जनवरी को नया अध्यक्ष मिलेगा:चुनाव नोटिफिकेशन जारी

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कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का चुना जाना लगभग तय

नई दिल्ली,एजेंसी। भाजपा को 20 जनवरी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाएगा। पार्टी ने इसके लिए शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी किया। इसके मुताबिक 19 जनवरी को नामांकन भरा जाएगा। 20 जनवरी को नए पार्टी अध्यक्ष का ऐलान होगा।

अभी नितिन नबीन पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। पार्टी उन्हें ही निर्विरोध अध्यक्ष चुन सकती है।

न्यूज एजेंसी ANI ने 13 जनवरी को सूत्रों के हवाले से खबर दी थी कि नितिन नबीन 19 जनवरी को नामांकन भरेंगे। नितिन नबीन को 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया गया था।

भाजपा ने साल 2020 में जेपी नड्डा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था। 2024 में उनका कार्यकाल खत्म हुआ था। तब से वे एक्सटेंशन पर थे। नड्डा अभी केंद्र में स्वास्थ्य मंत्रालय संभाल रहे हैं।

BJP के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर ने शेड्यूल जारी किया

बीजेपी के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर के लक्ष्मण ने चुनाव का शेड्यूल जारी किया। इसके मुताबिक, पार्टी प्रमुख के चुनाव के लिए नॉमिनेशन 19 जनवरी को दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच भरे जाएंगे और उम्मीदवार उसी दिन शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच अपना नॉमिनेशन वापस ले सकते हैं।

लक्ष्मण ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो 20 जनवरी को वोटिंग होगी और उसी दिन नए चुने गए राष्ट्रीय अध्यक्ष की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में ही होगी।

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खेल

IND-NZ T-20; ऑनलाइन टिकटों की बुकिंग शुरू:₹800 से ₹25,000 तक कीमत, ₹50 में मिलेगा समोसा, रायपुर में 23 जनवरी को मैच

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रायपुर,एजेंसी। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 23 जनवरी को भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 मैच खेला जाएगा। इसके लिए आज गुरुवार शाम 7 बजे से टिकट विंडो ओपन हो गई है। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने Ticketgenie को ऑफिशियल टिकटिंग पार्टनर नियुक्त किया गया है।

वेबसाइट ticketgenie.in पर या मोबाइल ऐप जाकर टिकट बुक की जा सकती है। टिकट के दाम 800 रुपए से शुरू है। वहीं सबसे महंगी टिकट 25 हजार की है। एक यूजर अधिकतम 4 टिकट ही खरीद सकेगा। 16 से 22 जनवरी तक फिजिकल टिकट लिए जा सकेंगे।

स्टेडियम के अंदर दर्शकों के लिए खाने-पीने की चीजों के रेट भी तय किए गए हैं। 100 ग्राम समोसा 50 रुपए, सिंगल पीस सैंडविच 60, बर्गर 80 में मिलेगा। पॉपकॉर्न कोन 60 रुपए, पॉपकॉर्न टब 100 और पिज्जा 250 में मिलेगा, जबकि आइसक्रीम और वेफर्स MRP पर ही उपलब्ध कराए जाएंगे।

मैदान के अंदर फूड बेचने वाले लोगों को अपने कर्मचारियों की टी-शर्ट पर खाने की कीमत लिखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा स्टेडियम परिसर में भी फूड मेन्यू और उनके दाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे।

पिछले बार मैच के बीच एंट्री को लेकर विवाद उपजा था।

पिछले बार मैच के बीच एंट्री को लेकर विवाद उपजा था।

13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगाई गई

CSCS ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचना पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर चल रही भ्रामक और अपुष्ट जानकारियों से दूर रहें। वहीं मैच को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है। इस बार छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ किसी भी तरह की सुरक्षा में चूक से बचने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।

संघ ने साफ किया है कि फर्स्ट इनिंग खत्म होने के बाद किसी भी दर्शक को स्टेडियम में एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 350 से ज्यादा प्राइवेट बाउंसर्स भी तैनात किए जाएंगे। इस दौरान क्रिकेट संघ के 45 अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौजूद रहेंगे। 13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगा दी गई है।

800 रुपए से 25 हजार रुपए तक की टिकट

आयोजकों की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इस मैच के जनरल टिकट के दाम पिछले वनडे मुकाबले के लगभग समान रखे गए हैं। टिकट 800 रुपए से शुरू होकर 25 हजार रुपए तक उपलब्ध होंगे।

एक ही फेज में शुरू होगी टिकट बिक्री

आयोजकों के मुताबिक, टिकट एक ही फेज में ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। दर्शक टिकटों की खरीद Ticketgenie की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए कर सकेंगे। वहीं, एक यूजर अधिकतम 4 टिकट ही खरीद सकेगा। इससे ज्यादा टिकट एक अकाउंट से बुक नहीं किए जा सकेंगे।

खाने-पीने की चीजों पर भी सख्ती

इस बार खाने-पीने के प्रोडक्ट्स को लेकर भी सख्त नियम लागू होंगे। पिछली बार भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका मैच के दौरान स्टेडियम में खाने-पीने की चीजें महंगे दामों पर बिकने की शिकायतें सामने आई थीं, जहां 100 रुपए का एक चिप्स का पैकेट बेचा गया था।

पिछली बार खाने-पीने के प्रोडक्ट्स महंगे दाम में बिके थे। इसे देखते हुए संघ ने फूड प्रोडक्ट्स की रेट लिस्ट भी जारी कर दी है। वहीं, स्टेडियम के अंदर टी-शर्ट्स और अन्य मर्चेंडाइज की बिक्री भी की जाएगी, जिनके रेट बड़े साइन बोर्ड पर प्रदर्शित किए गए हैं।

पिछले मैच में खाने-पीने के आइटम महंगे दामों पर बेचे गए थे। इसे रोकने के लिए भी CSCS ने इस बार रेट तय किए हैं।

पिछले मैच में खाने-पीने के आइटम महंगे दामों पर बेचे गए थे। इसे रोकने के लिए भी CSCS ने इस बार रेट तय किए हैं।

टीम इंडिया और न्यूजीलैंड का स्क्वॉड

टीम इंडिया का स्क्वॉड: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (उपकप्तान), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, वॉशिंगटन सुंदर, ईशान किशन (विकेटकीपर) होंगे।

न्यूजीलैंड का स्क्वॉड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, जैक फॉल्क्स, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, बेवन जैकब्स, डेरिल मिचेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम रॉबिन्सन, ईश सोढ़ी।

एंट्री गेट्स पर तिहरी निगरानी

स्टेडियम के सभी एंट्री गेट्स पर पुलिस, प्राइवेट गार्ड्स और क्रिकेट संघ के कर्मचारियों की संयुक्त ड्यूटी लगाई जाएगी। जिससे किसी तरह का विवाद या अव्यवस्था न हो। पिछले ODI में 2 दर्शक रेलिंग जंप करते हुए मैदान के बीच खिलाड़ियों तक पहुंच गए थे।

इस बार बाउंसर्स को बाउंड्री पर तैनात किया जाएगा, ताकि दर्शक दीर्घा से कोई जंप कर खिलाड़ियों तक न पहुंच पाएं।

पिछले मैच में खिलाड़ियों के बीच पहुंचे थे दर्शक

मैच के दौरान एक युवक अचानक ग्राउंड के बीच में घुस गया। सुरक्षा टीम ने उसे तुरंत उठाकर स्टेडियम से बाहर कर दिया था।

मैच के दौरान एक युवक अचानक ग्राउंड के बीच में घुस गया। सुरक्षा टीम ने उसे तुरंत उठाकर स्टेडियम से बाहर कर दिया था।

CSCS ने बनाई 45 लोगों की टीम

छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के अध्यक्ष विजय शाह ने बताया कि पिछली बार सुरक्षा को लेकर कुछ चूक हुई थी। BCCI ने भी इस पर संज्ञान लिया था। पूरी तरह से आश्वस्त किया गया है कि इस बार ऐसा कुछ नहीं होगा। CSCS ने 45 लोगों की टीम गठित की है। वे पुलिस प्रशासन के साथ स्टेडियम में मौजूद रहेंगे।

अवैध एंट्री रोकने कड़े इंतजाम

पिछले मैच में बिना टिकट दर्शकों की भीड़ स्टेडियम में कूदकर घुस गई थी, जिससे कई स्टैंड ओवरफ्लो हो गए थे। इस घटना से सबक लेते हुए इस बार 13 गेटों पर लोहे की रेलिंग लगाई जा रही है।

मैच और टीमों का शेड्यूल

भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला 21 जनवरी को नागपुर में खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें 22 जनवरी को रायपुर पहुंचेंगी। जानकारी के मुताबिक, टीमें सुबह और दोपहर में रायपुर आएंगी और शाम को स्टेडियम में प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लेंगी।

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