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छत्तीसगढ़

8 जनवरी को रायपुर आएंगे कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट

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मनरेगा आंदोलन की करेंगे समीक्षा, नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से भी होगी मुलाकात

रायपुर,एजेंसी। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट 8 जनवरी को एक दिन के दौरे पर रायपुर आने वाले हैं। पार्टी के मुताबिक, इस दौरान वे प्रदेशभर में मनरेगा को लेकर चल रहे आंदोलन की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही हाल ही में नियुक्त किए गए जिलाध्यक्षों से भी मुलाकात करेंगे।

बताया जा रहा है कि, सचिन पायलट इस दौरे के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों पर भी फोकस करेंगे। नवनियुक्त जिलाध्यक्षों की भूमिका, जिम्मेदारियों और आगामी रणनीति को लेकर चर्चा होने की संभावना है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि, जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने को लेकर भी रूपरेखा तय की जा सकती है। कांग्रेस के लिए यह दौरा अहम माना जा रहा है, क्योंकि मनरेगा को लेकर पार्टी ने प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ रखा है।

जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग देंगे राहुल गांधी।

जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग देंगे राहुल गांधी।

26 नवंबर को हुआ था पिछला दौरा

इससे पहले, कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट 26 नवंबर को दो दिन के दौरे पर छत्तीसगढ़ आए थे। उस दौरान उन्होंने प्रदेशभर में चल रहे SIR अभियान की समीक्षा की थी और संविधान बचाओ दिवस से जुड़े प्रमुख कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। पायलट 26 नवंबर को रायपुर पहुंचे थे और वहां से सीधे धमतरी के लिए रवाना हुए थे।

धमतरी में उन्होंने संविधान बचाओ दिवस के कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद SIR अभियान को लेकर समीक्षा बैठक की थी। धमतरी के कार्यक्रमों के बाद वे कांकेर पहुंचे, जहां पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक समीक्षा बैठक हुई थी। कांकेर से सचिन पायलट देर शाम जगदलपुर पहुंचे थे।

अगले दिन यानी 27 नवंबर को उन्होंने वहां SIR अभियान की विस्तृत समीक्षा की और मीडिया से भी बातचीत की थी। इसके बाद वे शाम को दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत करने और पार्टी की तैयारियों का आकलन करने के लिहाज से सचिन पायलट का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना गया था। अब 8 जनवरी का दौरा भी कांग्रेस की आगामी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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कोरबा

भाजपा कोसाबाड़ी मण्डल की मासिक कार्यसमिति बैठक सम्पन्न

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कोरबा। राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सर्व विकास की विचारधारा से राष्ट्र निर्माण को समर्पित भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार कोसाबाड़ी मण्डल के तत्वाधान में मासिक कार्यसमिति बैठक का आयोजन दिनाँक 02/06/26 को रामजानकी मंदिर, बुधवारी क्रमांक 02 में राष्ट्र प्रथम, अनुशासन और सेवा के भाव से इस विश्व युद्ध की विपदाकल में विश्व कल्याण एवं विपक्षी दलों के विकृत मानसिकता को सद्बुद्धि प्रदान करने हेतु प्रभु श्री राम के परम भक्त श्री हनुमान जी के समक्ष हनुमान चालीसा का सामुदायिक पाठ किया गया।

कार्यक्रम में रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ राजीव सिंह के मुख्य आतिथ्य, विशिष्ट अतिथि जिलाउपाध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह एवं जिला महामंत्री व मंडल प्रभारी संजय शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा हुई तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई गई।

कोसाबाड़ी मण्डल अध्यक्ष डॉ राजेश राठौर के अध्यक्षता में समस्त शक्तिकेन्द्रों एवं बूथ स्तर पर बूथ समिति का गठन, कार्यकर्ताओं की गतिविधियों तथा अन्य संगठनात्मक विषयों की जानकारी दी गई।

इस कार्यक्रम में दीप नारायण सोनी, अर्जुन गुप्ता जिला संवाद प्रमुख, संजीव शर्मा, शैलेंद्र सिंह, नीरज ठाकुर, श्रीमती तृप्ति सरकार, मण्डल महामंत्री मिलाप राम बरेठ, पुनि राम साहू, कोषाध्यक्ष अनिल वस्त्रकार, शिव चंदेल, गोप लाल राठिया, श्रीमती सरस्वती पटेल, तेरस दास दीवान, श्रीमती मीरा सोनी, वार्ड पार्षद पंकज देवांगन, ललेश दुबे, गिरधारी रजक, श्रीमती स्वाति कश्यप, श्रीमती चंचला राठौर, श्रीमति प्रीति चौहान, कपूर चंद पटेल, दिनू, श्रीमती गोमती गेदरे, श्रीमती सरिता कर्ष, दर्शन रजक, नारायण महंत, महेंद्र यादव, दीपेश श्रीवास, राम लाल पटेल, अयोध्या प्रसाद सोनी, मनोज शर्मा, करन राजपाल, धरम पाल सोलंकी, राजकुमार शर्मा, अमित पटेल, बद्री वस्त्रकार, विवेक राजवाड़े, हेमंत चंद्रा, भरत सोनी, रामकुमार पटवा, रमेश साहू, वीरेंद्र नायक, मनोज कंवर, बलदेव दीवान, श्रीमती फूलमती भगत, धन साय साहु, श्रीमती अंबिका यादव, शुभम यादव, शिव देवांगन, प्रवीण, श्रीमती तुलसी सूर्यवंशी, श्रीमती संतोषी लदेर, मंडल मोर्चा अध्यक्षगण भजन कंवर, करन राजपाल, कृपाल कंवर, श्याम साहू, गुलजार सिंह, सौरभ दुबे, गुरुदयाल, ठ्ठस्र साहू, अशोक अगरिया, चंदन मजूमदार , मुन्ना साहु, श्रीमती कविता सोनी, लीला राम पटेल, श्याम यादव, मनोज कंवर, संत लाल, तीरथ चौहान, श्रीमती केया सेन, राकेश यादव, श्रीमती सपना झा, श्रीमती कृष्णा राठौर, श्रीमती अनुराधा पांडेय के साथ बड़ी संख्या में बूथ अध्यक्ष एवं कर्मठ कार्यकर्ताओं के साथ टिफीन बैठक संपन्न कर भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को बूथ स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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कोरबा

पेड़ की डाल नहीं, पूरा विशाल धौरा वृक्ष गिरा था, वन विभाग के दावे पर उठे सवाल

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कोरबा/पाली। पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चोरका डांड में शनिवार शाम आंधी-तूफान और बारिश के दौरान हुई दर्दनाक घटना में तीन युवकों की मौत के मामले में अब कई सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया था कि तीनों युवक बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे रुके हुए थे, तभी पेड़ की भारी डाल टूटकर उन पर गिर गई। लेकिन मीडिया टीम के मौके पर पहुंचने पर सामने आए तथ्यों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

घटनास्थल पर देखा गया कि कोई डाल नहीं टूटी थी, बल्कि एक विशाल धौरा का पेड़ जड़ सहित गिरा हुआ था। वहीं ग्रामीणों, मृतक दिनेशु तिर्की के परिजनों तथा निर्माण कार्य में लगी महिलाओं ने बताया कि घटनास्थल पर वन समिति के माध्यम से सूअर पालन के लिए कोठा निर्माण का कार्य चल रहा था। उनके अनुसार दिनेशु तिर्की और कमलेश बड़ा निर्माण कार्य में लगे हुए थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक तेज आंधी-तूफान शुरू हुआ। इसी दौरान धौरा वृक्ष से आवाज आई और कुछ ही क्षणों में वह घूमकर निर्माण स्थल पर गिर पड़ा। पेड़ के नीचे काम कर रहे युवक उसकी चपेट में आ गए। घटना में एक महिला को भी सिर और हाथ में हल्की चोटें आईं, जिसने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। इसके बाद लोगों ने किसी तरह दबे हुए लोगों को बाहर निकाला और घायल युवकों को वाहन की व्यवस्था कर पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां जांच उपरांत दो युवकों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल युवक को रेफर किया गया, जिसकी रास्ते में मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार जंगल क्षेत्र होने के कारण तत्काल वाहन उपलब्ध नहीं हो पाया और अस्पताल पहुंचने में करीब ढाई घंटे का विलंब हुआ।

इधर जब इस संबंध में वन विभाग से जानकारी ली गई तो विभागीय अधिकारियों ने निर्माण कार्य में युवकों को लगाए जाने से इनकार किया। यहीं से कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि निर्माण कार्य में युवक शामिल नहीं थे तो वे घटनास्थल पर क्या कर रहे थे? ग्रामीण, परिजन और वहां मौजूद महिलाएं निर्माण कार्य में लगे होने की बात क्यों कह रही हैं? यदि वन समिति के अंतर्गत निर्माण कार्य चल रहा था तो वहां कार्यरत लोगों की निगरानी कौन कर रहा था? निर्माण स्थल पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे? क्या कार्य शुरू करने से पहले संभावित जोखिमों का आकलन किया गया था? यदि नाबालिग मौके पर मौजूद थे तो उनकी उपस्थिति किन परिस्थितियों में थी? क्या निर्माण कार्य के लिए मजदूरों का कोई पंजीयन या उपस्थिति रजिस्टर रखा गया था? दुर्घटना के समय वहां कितने लोग काम कर रहे थे और उन्हें किसके निर्देश पर लगाया गया था? आखिर घटना के संबंध में सामने आ रहे अलग-अलग दावों में सच्चाई क्या है?

मृतकों में 14 वर्षीय शिवराम टेकाम और 17 वर्षीय दिनेश तिर्की भी शामिल हैं। ऐसे में नाबालिगों से कार्य कराए जाने की आशंका को लेकर मामला और गंभीर हो जाता है। अब आवश्यकता इस बात की है कि पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना के समय वहां वास्तव में क्या कार्य चल रहा था और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।फिलहाल यह मामला केवल प्राकृतिक दुर्घटना तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनके जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

चोरकाडांड निवासी हीरा सिंह ने बताया कि वन विभाग द्वारा पशुपालन के लिए भवन निर्माण कराया जा रहा था, जिसमें युवक कार्य कर रहे थे। उनके अनुसार मौसम सामान्य था और केवल हल्की हवा चल रही थी। इसी दौरान अचानक एक विशाल धौरा पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई।

मृतक दिनेशु तिर्की की मां हीरामणि ने बताया कि उनका बेटा पिछले तीन दिनों से वहां काम पर जा रहा था। घटना की जानकारी गांव के एक युवक ने आकर दी, जिसके बाद वह तत्काल घटनास्थल पहुंचीं। ग्रामीणों की मदद से वाहन की व्यवस्था कर घायल युवकों को पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत की खबर मिली।

काम करने वाली राधाबाई बाइसेम्हर ने बताया कि वह एक अन्य महिला के साथ दो दिनों से निर्माण कार्य में लगी थीं। हादसे के समय वह बालू उठा रही थीं, जबकि दूसरी महिला बालू छान रही थी। तभी कटने जैसी तेज आवाज सुनाई दी। जान बचाने के लिए भागते समय विशाल धौरा वृक्ष गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। राधाबाई ने बताया कि तीनों युवक पिछले दो दिनों से पानी ढुलाई और मसाला बनाने का काम कर रहे थे।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल की चर्चा कोलकाता तक,व्यवसायी राजीव कुमार सिंह ने डॉ. रमन सिंह से की मुलाकात

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पूर्व मुख्यमंत्री के सुशासन और विकास कार्यों को बताया राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा के विस्तार की महत्वपूर्ण प्रेरणा

सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर। कोलकाता के व्यवसायी राजीव कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान प्रदेश के तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तथा उनके पुत्र एवं पूर्व सांसद अभिषेक सिंह से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ में हुए विकास कार्यों और सुशासन के मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में स्थापित विकास की सकारात्मक छवि ने देश के विभिन्न हिस्सों में भाजपा के प्रति विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुलाकात के दौरान राजीव कुमार सिंह ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने पारदर्शी प्रशासन, नियोजित आधारभूत संरचना, जनकल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय अनुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। उनके अनुसार, इन उपलब्धियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के सामने सुशासन का एक व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत किया, जिसने अन्य राज्यों में भी सकारात्मक राजनीतिक संदेश पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति के लिए मजबूत प्रशासन, निवेश-अनुकूल वातावरण, कानून-व्यवस्था तथा विकासोन्मुख नीतियां आवश्यक होती हैं। छत्तीसगढ़ में इन पहलुओं पर किए गए कार्यों ने राज्य को एक अलग पहचान दिलाई, जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी होती रही है।

राजीव कुमार सिंह ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में उद्योग एवं व्यापार जगत उन राज्यों की ओर विशेष उम्मीद से देख रहा है, जहां प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुशासन, आर्थिक विकास और सामाजिक समरसता पर आधारित नीतियां देश के विभिन्न राज्यों में विकास की नई संभावनाओं को जन्म देंगी।

मुलाकात के दौरान डॉ. रमन सिंह और अभिषेक सिंह ने भी विकास, जनकल्याण और सुशासन के विषयों पर विचार साझा किए। इस अवसर पर प्रदेश के विकास मॉडल, निवेश की संभावनाओं तथा राष्ट्रीय स्तर पर उभरते आर्थिक अवसरों पर भी चर्चा हुई।

राजीव कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ के विकास अनुभवों को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि राज्य ने सीमित संसाधनों के बावजूद जिस प्रकार विकास और प्रशासनिक स्थिरता का उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी अध्ययन का विषय है।

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