छत्तीसगढ़
ठंड से ठिठुरन…5 जिलों में 10 जनवरी तक स्कूल बंद
मैनपाट में 1.6° पारा, ओस की बूंदें जमकर बर्फ बनीं, 17 जिलों में शीतलहर चलेगी
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। अधिकांश जिलों में रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। प्रदेश में मैनपाट सबसे ठंडा बना हुआ है, यहां न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री पहुंच गया है। यहां ओंस की बूंदें जमने लगी हैं।
अंबिकापुर में रात का पारा 3.8°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। मैदानी इलाकों में रायपुर सबसे ठंडा रहा, जहां रात का पारा 7°C तक गिर गया। दुर्ग में 7 डिग्री और पेंड्रा रोड में 7.2 डिग्री रहा।
इस बीच मौसम विभाग ने 17 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट और 15 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। दोनों अलर्ट के साथ हेल्थ एडवाइजरी भी जारी की गई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में अधिकतम तापमान 29.6°C दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 3.8°C रहा।
ठंड के कारण सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। 2 पालियों के स्कूल भी 9.30 बजे से लगेंगे।

सरगुजा में सुबह घना कोहरा छाया रहा। दिन में लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े।

सरगुजा में सुबह और शाम के वक्त अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

मैनपाट में पौधों में ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गई थी।

सरगुजा संभाग में भी खुले मैदान में घास पर लगी ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गईं।

मैनपाट में सुबह ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गई।

सरगुजा के पाट से लेकर मैदानी इलाकों में भी जमकर पाले पड़े।

पेंड्रा के कई इलाकों में कोहरा छाए रहने से विजिबिलिटी भी कम हो गई है।
4 जिलों में प्राइमरी स्कूल बंद
सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड को देखते हुए चार जिलों में प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। सरगुजा और बलरामपुर जिलों के बाद मंगलवार देर शाम कोरिया और सूरजपुर जिलों में भी प्राइमरी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद करने का आदेश जारी हो गया है। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद रहेंगे। हालांकि मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा।
ठंड के कारण दो पालियों में संचालित होने वाली कक्षाओं का समय बदल दिया गया है। अब दो पालियों में चलने वाले स्कूल सुबह 8.30 बजे के बजाय 9.30 बजे से 12.30 बजे तक संचालित होंगे। वहीं दूसरी पाली की कक्षाएं दोपहर 12.30 बजे से शाम 4.00 बजे तक लगेंगी। यह आदेश सभी शासकीय, अर्धशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा।
अंबिकापुर में ठंड से दूसरी मौत
अंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ में नए साल की रात एक बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई थी। उनका शव पैरावट में अकड़ा हुआ मिला। कम कपड़ों में खुले में सो जाने के कारण वह हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए।
अंबिकापुर में यह ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले, 11 दिसंबर की रात अंबिकापुर बस स्टैंड में खुले में सोए एक व्यक्ति की भी ठंड से मौत हो गई थी।
बच्चों पर पड़ रहा ठंड का असर
कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है।
नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है।
NICU और SNCU तक पहुंच रहे मामले
डॉक्टरों के अनुसार, पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने पर बच्चों को एनआईसीयू (NICU) और एसएनसीयू (SNCU) में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। नवजात का शरीर अचानक ठंडा पड़ जाना या तापमान सामान्य से कम हो जाना हाइपोथर्मिया का प्रमुख लक्षण है।

सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। 2 दिन पहले अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर घना कोहरा था।
OPD में मरीजों की भीड़
ठंड के चलते अस्पतालों की ओपीडी में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अंबेडकर अस्पताल में मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में 600 से ज्यादा मरीज सामने आए हैं। रोजाना 2000 से अधिक मरीजों का इलाज ओपीडी में किया जा रहा है।

GPM जिले में मध्यप्रदेश बॉर्डर से सटे धर्मपानी की पहाड़ी का नजारा।

पेंड्रा में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।
क्या है हाइपोथर्मिया?
हाइपोथर्मिया एक लाइफ थ्रेटनिंग इमरजेंसी स्थिति है। इसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसके अहम अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।
पीडियाट्रिशियन डॉ. आकाश लालवानी के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर हवा या पानी के संपर्क में आकर तेजी से अपनी गर्मी खो देता है। शरीर की लगभग 90 फीसदी गर्मी त्वचा और सांस के जरिए बाहर निकलती है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है।
अगर कोई व्यक्ति ठंडे पानी में है, तो उसका शरीर हवा की तुलना में 25 गुना तेजी से अपनी गर्मी खोता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।
रायपुर में नगर निगम ने कई जगहों पर अलाव का इंतजाम किया
रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर में अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक लोकेशन पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को ठंड से तुरंत राहत मिल सके।
रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देशों के बाद सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों से रात में फील्ड में रहने और अलाव के इंतजाम की निगरानी करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें।
मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ा
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। पिछले कुछ दिनों से रायपुर में दिन का तापमान लगातार प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा है।
वहीं सूरज ढलते ही तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में ऑफिस जाने वाले, स्कूली बच्चों काे गर्म कपड़े साथ रखने चाहिए। ताकि अचानक तापमान गिरने का असर तबीयत पर न पड़े।
डॉक्टर बोले- सतर्क रहना जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि जिस तरह से तापमान बदल रहा है, बीमार होने का खतरा ज्यादा। खासकर ऐसे मौसम में मच्छर ज्यादा पनपते हैं, मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बीमारी से बचने सतर्क रहना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह है कि…
- शाम के बाद घर और आसपास मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कॉइल/लिक्विड का उपयोग करें।
- स्लीपिंग नेट (Insecticide Treated Net – ITN) या लॉन्ग लास्टिंग मच्छरदानी (LLIN) का उपयोग रात में जरूर करें।
- घर के दरवाजे-खिड़कियों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सके
पानी जमा न होने दें
- कूलर, गमले, पुराने टायर, बाल्टी, बर्तन आदि में पानी जमा न रहने दें।
- सप्ताह में कम से कम एक बार इन्हें साफ और सूखा करें।
- नाली व ड्रेनेज सिस्टम खुला और साफ रखें।
शरीर को ढककर रखें
- खासकर शाम के समय पूरी बांह के कपड़े और फुल पैंट पहनें।
- बच्चों को भी हल्के लेकिन ढकने वाले कपड़े पहनाएं।
समय पर जांच और इलाज कराएं
- यदि बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द या शरीर दर्द जैसे लक्षण हों, तो तुरंत ब्लड टेस्ट कराएं।
- मलेरिया फैलने का आधार
- तापमान 33-39°C (दिन में)
- तापमान 14-19°C (रात में)
ऐसा तापमान मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल होता है। छत्तीसगढ़ में तापमान अभी इसी तरह का हो रखा है। यानी छत्तीसगढ़ में मलेरिया फैलने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। अगले आठ दिनों में मलेरिया संक्रमण का खतरा बढ़ा हुआ माना जा रहा है, खासकर ग्रामीण/जंगल क्षेत्रों में।
2 तरह के मलेरिया का खतरा
- प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (गंभीर प्रकार का मलेरिया)
- प्लास्मोडियम विवैक्स (सामान्य लेकिन बार-बार लौटने वाला मलेरिया) छत्तीसगढ़ में 11 नवंबर तक प्लास्मोडियम विवैक्स के बढ़ने का ही खतरा ज्यादा है। ऐसे में अपने आस-पास के इलाके में पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी का उपयोग करें। फुल स्लीव के कपड़े पहनें। बुखार और सिरदर्द हो तो तुरंत जांच कराएं।
इन राज्यों में भी जोखिम
- पूर्वोत्तर के ज्यादातर राज्य (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम आदि)
- गुजरात, बिहार, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक
- उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, और छत्तीसगढ़ के कुछ जिले
कोरबा
24 जून को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में होगी विशेष ग्राम सभा
आवास प्लस 2.0 की सूची का होगा सार्वजनिक वाचन एवं अनुमोदन
ग्राम सभा की मंजूरी के बाद फाइनल सूची आवास सॉफ्टवेयर में होगी अपलोड
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम एवं रोजगार संबंधी प्रावधानों की दी जाएगी जानकारी
कोरबा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से तैयार हितग्राहियों की सूची का सत्यापन एवं अनुमोदन किया जाएगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पात्र एवं प्रतीक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन भी किया जाएगा।
ग्राम सभा में आवास प्लस 2.0 के तहत तैयार की गई सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची ग्रामीणों के समक्ष पढ़कर सुनाई जाएगी। यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम दर्ज है, तो ग्रामीण मौके पर ही अपनी दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे। ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित सूची को अंतिम रूप देकर आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।

बैठक में पंचायतों के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत कर अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा तथा पूर्व में पारित प्रस्तावों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की जाएगी। ग्राम पंचायतों की परिसंपत्तियों के रखरखाव, नए विकास कार्यों की प्राथमिकताओं तथा स्थानीय आवश्यकताओं पर भी चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
ग्राम सभा में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के उद्देश्यों एवं विभिन्न प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी। इसके अंतर्गत ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार गारंटी अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने, मजदूरी भुगतान की व्यवस्था, बेरोजगारी भत्ते के प्रावधानों तथा आजीविका संवर्धन से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
ग्राम सभा में स्थानीय विकास योजनाओं के निर्माण, श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था तथा ग्राम स्तर पर जनभागीदारी को सुदृढ़ बनाने के विषय में भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
जिला प्रशासन एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी ग्रामीणों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने अधिकारों एवं गांव के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है।
कोरबा
कोरबा में शराब दुकान शिफ्टिंग पर विवाद:आबकारी इंस्पेक्टर के व्यवहार से भड़के स्थानीय लोग, हंगामा बढ़ने पर बिना निरीक्षण लौटी टीम
कोरबा। कोरबा जिले के दीपका नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-1 में प्रस्तावित शराब दुकान के स्थल निरीक्षण के दौरान गुरुवार को विवाद हो गया। तहसील कार्यालय के पास दुकान खोलने के प्रस्ताव पर स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद अधिकारी बिना निरीक्षण पूरा किए लौट गए।
यह विवाद आबकारी विभाग द्वारा तहसील कार्यालय के समीप शराब दुकान संचालित करने के प्रस्ताव को लेकर था। स्थल की स्थिति का जायजा लेने के लिए कटघोरा एसडीएम तन्मय खन्ना, नगर पालिका सीएमओ नेतराम रत्नेश, नपा अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत और आबकारी इंस्पेक्टर सुकांत पांडे सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।

निरीक्षण की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल अपने समर्थकों और स्थानीय निवासियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रस्तावित स्थल पर शराब दुकान खोलने का कड़ा विरोध किया।
पार्षद ने तर्क दिया कि आवासीय क्षेत्र और तहसील कार्यालय के पास दुकान खुलने से कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल बिगड़ सकता है, जिससे स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और महिलाओं को परेशानी होगी।

पार्षद और एसडीएम के बीच तीखी बहस
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्षद कमलेश जायसवाल और एसडीएम तन्मय खन्ना के बीच तीखी बहस हुई। एसडीएम ने पार्षद को कार्यालय आकर चर्चा करने का सुझाव दिया, जिस पर पार्षद ने जवाब दिया कि वे कार्यालय में भी आपत्ति दर्ज कराएंगे, लेकिन वार्ड में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलने देंगे।
इसी दौरान आबकारी इंस्पेक्टर सुकांत पांडे और पार्षद के बीच भी विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने ऊंची आवाज में चिल्लाते हुए और उंगली उठाकर बात की, जिससे स्थानीय लोग और भड़क गए। लोगों ने जनप्रतिनिधि से इस तरह के व्यवहार को अनुचित बताया।

हंगामा बढ़ने पर बिना निरीक्षण लौटी टीम
हंगामा और नारेबाजी बढ़ने पर, एसडीएम सहित पूरी टीम बिना निरीक्षण पूरा किए ही वापस लौट गई। बाद में, एसडीएम तन्मय खन्ना ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण केवल प्रस्तावित स्थल की स्थिति जानने के लिए था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जमीन वन विभाग की पाई जाती है, तो वहां शराब दुकान नहीं खोली जा सकती।
छत्तीसगढ़
महादेव ऐप के सौरभ से भूपेश की कथित चैट वायरल:पूर्व सीएम ने बताया फर्जी, बोले- छवि खराब करने की कोशिश, 2 यूट्यूबर्स पर FIR
दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के कथित मैसेज का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 2 यूट्यूबर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वायरल कंटेंट को फर्जी बताते हुए नाराजगी जताई है। साथ ही भूपेश कहा कि फर्जी जानकारी वायरल करने वालों के खिलाफ मेरी लीगल टीम कानूनी कार्रवाई करेगी।

दरअसल, वायरल चैट में सीएम भूपेश बघेल के नाम से एक मैसेज दिख रहा है। इसमें कथित तौर पर सौरभ चंद्राकर को कहा गया है कि नंबर भेजो अपना, बात करना चाहते हैं। इन यूट्यूबर्स ने इसे लेकर खबरें चलाई थी।
वहीं आरोपी बनाए गए यूट्यूबर पुष्पराज सिंह का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कहता है मैं किसी पर आरोप लगाने नहीं आ रहा हूं। सबूत के साथ आएंगे धांधली कहां से होती है, कैसे होती है और क्यों होती है? सबूत पहले सामने रखेंगे। इसके बाद वह आत्महत्या की बात भी कह रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भिलाई-3 थाने में मामले की शिकायत की।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 2 यूट्यूबर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

आरोपी बनाए गए पुष्पराज सिंह का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो 3 दिन पहले पोस्ट किया गया है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया है कि महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट और भूपेश बघेल के नाम से जुड़े एक कथित यूजरनेम के बीच मैसेज में बातचीत हुई है।

वायरल चैट के स्क्रीनशॉट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि सुबह से फोटोशॉप की गई फर्जी तस्वीरों के आधार पर खबरें चलाई जा रही हैं।
भूपेश बघेल ने दावा किया कि वायरल चैट पूरी तरह फर्जी है और इसमें दिखाए गए यूजरनेम के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कथित फर्जी चैट के स्क्रीनशॉट भी साझा किए और कहा कि यह लोगों को गुमराह करने की कोशिश है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की फर्जी खबरें फैलाने वालों और इसके पीछे जुड़े लोगों की जानकारी उनके पास पहुंच चुकी है। साथ ही उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है।

बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे थे।
भिलाई-3 थाने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता, किया प्रदर्शन
इधर, इस कथित मैसेज का स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की छवि खराब करने की एक सुनियोजित कोशिश है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
यूट्यूबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह पर FIR
छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर यूट्यूबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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Uncategorized9 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
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