नई दिल्ली,एजेंसी। भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं है। उन्होंने ट्रेड डील को लेकर कहा कि कल यानी मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इसे लेकर फोन पर बात होने वाली है।
अमेरिकी राजदूत ने राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती को असली बताया। उन्होंने कहा कि सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन अंत में हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं। गोर ने उम्मीद जताई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अगले एक से दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं।
अपने पहले संबोधन की शुरुआत गोर ने ‘नमस्ते’ के साथ की और कहा कि भारत में अमेरिकी राजदूत होना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने भारत को एक असाधारण राष्ट्र बताया और यहां काम करने को सम्मान की बात कहा। गोर ने कहा-
यह दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का संगम है।
गोर बोले- भारत बड़ा देश, ट्रेड डील आसान नहीं
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि कई लोग उनसे ट्रेड डील पर अपडेट पूछ रहे थे। उन्होंने साफ किया कि दोनों पक्ष लगातार संपर्क में हैं और बातचीत आगे बढ़ रही है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है, इसलिए यह प्रक्रिया आसान नहीं है, लेकिन दोनों देश इसे पूरा करने के लिए कोशिश कर रहे हैं।
गोर ने कहा कि ट्रेड भारत-अमेरिका रिश्तों का अहम हिस्सा है, लेकिन सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। दोनों देश सुरक्षा, काउंटर-टेररिज्म, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी मिलकर काम कर रहे हैं।
गोर को भारत का राजदूत चुनने में ट्रम्प ने 7 महीने लिए
जनवरी 2025 में राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रम्प ने कई देशों के लिए राजदूत की नियुक्ति की थी लेकिन भारत के लिए गोर को राजदूत पद पर चुनने के लिए उन्होंने 7 महीने लगा दिए।
ट्रम्प ने अगस्त 2025 में गोर को भारत का राजदूत चुना था। वे ट्रम्प के खास माने जाते हैं उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के कट्टर समर्थक हैं। गोर ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रम्प के लिए फंड जुटाने में भी बड़ी भूमिका निभाई थी।
ट्रम्प के चुनाव प्रचार अभियान के दौरान सर्जियो गोर। तस्वीर अक्टूबर 2024 की है।
जूनियर ट्रम्प के दोस्त हैं गोर
गोर, ट्रम्प के बेटे ट्रम्प जूनियर के दोस्त हैं। दोनों ने मिलकर ‘विनिंग टीम पब्लिशिंग’ नाम की कंपनी शुरू की थी, जो ट्रम्प की किताबें प्रकाशित करती है। इस कंपनी की किताबें महंगी मानी जाती है। सबसे सस्ती किताब की कीमत भी करीब 6500 रुपए है।
इसी कंपनी के जरिए ट्रम्प ने अब तक तीन किताबें छपवाई हैं, जिनमें एक किताब में उनकी वह मशहूर तस्वीर है जब पेनसिल्वेनिया में रैली के दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ था और खून से लथपथ हालत में उन्होंने मुट्ठी बांधकर ताकत दिखाने वाला पोज दिया था।
ट्रम्प ने राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद ग्रीनलैंड पर कब्जा करने वाला बयान दिया था। इसके बाद जनवरी में उनके बेटे जूनियर ट्रम्प (बीच में) ग्रीनलैंड के दौरे पर गए थे। तब ये यात्रा काफी चर्चा में रही थी। इसमें उनके साथ सर्जियो गोर (बाएं) भी थे।
गोर को ट्रम्प की टीम बनाने में जिम्मा मिला था
गोर व्हाइट हाउस में नियुक्तियों की जांच-परख में भी शामिल रहे हैं। उन्हें ट्रम्प की टीम में पर्दे के पीछे सबसे ताकतवर शख्सियतों में से एक माना जाता है।
दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रम्प ने गोर को प्रेसिडेंसियल पर्सनल ऑफिस का डायरेक्टर बनाया था। यह पद बहुत ताकतवर माना जाता है, क्योंकि इसके जरिए यह तय होता है कि सरकार में कौन-कौन लोग अहम पदों पर आएंगे।
इस बार ट्रम्प ने सबसे ज्यादा ध्यान खुद में निष्ठा रखने वाले शख्स को चुनने पर दिया। दरअसल, पिछले टर्म में ट्रम्प की टीम में कई ऐसे लोग आ गए थे जो उनके हिसाब से वफादार नहीं थे और बाद में यही उनकी सबसे बड़ी गलती मानी गई।
ट्रम्प ने इस बार यह गलती नहीं की। उन्होंने अपनी टीम के लिए जरूरी पदों को चुनने के लिए सर्जियो गोर को चुना जो उनके ‘दाएं हाथ’ कहे जाते हैं।
ट्रम्प के जनवरी 2025 में हुए शपथ ग्रहण समारोह में सर्जियो गोर अंबानी के बगल में खड़े दिखे थे।
गोर ने मस्क के करीबी शख्स को मिलने वाली जिम्मेदारी छीनी
मार्च 2025 में व्हाइट हाउस की एक कैबिनेट मीटिंग के दौरान मस्क और गोर के बीच बहस हो गई थी। मस्क ने कहा था कि गोर जिस तरह से लोगों को व्हाइट हाउस में नौकरी पर ला रहे हैं, वह ठीक नहीं है।
यह बात सुनकर गोर नाराज हो गए और उन्होंने गुस्से में कहा कि वे मस्क से बदला लेंगे। इसके बाद मस्क ने साफ कह दिया कि वे गोर के साथ व्हाइट हाउस में काम नहीं करेंगे।
इसके बाद 30 मई को मस्क ने अपने बनाए डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) से इस्तीफा दे दिया। इसके दो दिन बाद गोर सीधे ट्रम्प के पास गए और उन्हें बताया कि मस्क के करीबी कारोबारी जैरेड इसाकमैन ने डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं और संगठनों को पैसे दिए हैं।
गोर ने ट्रम्प से कहा कि इसाकमैन भरोसेमंद नहीं हैं, इसलिए उन्हें NASA का प्रमुख नहीं बनाया जाना चाहिए। गोर की बात सुनकर ट्रम्प ने उसी दिन मस्क से इस मुद्दे पर बात की और अगले ही दिन इसाकमैन का नाम वापस ले लिया।
मस्क की नाराजगी और बढ़ गई। उन्हें लगा कि गोर ने उनके खिलाफ खेल खेला है और ट्रम्प ने भी उनकी राय को नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद मस्क ने एक्स पर लिखा कि वे एक सांप हैं।
ट्रम्प ने पहले जेरेड इसाकमैन को नासा के हेड के लिए नॉमिनेट किया था, लेकिन बाद में नामांकन वापस ले लिया। इसाकमैन को मस्क का समर्थन हासिल था।
पैदा होने की जगह को लेकर झूठ कहा
सर्जियो गोर पहली बार अमेरिकी राजनीति और मीडिया में 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान चर्चा में आए थे। ट्रम्प ने उन्हें कैंपेन एडवाइजर बनाया था। बाद में वे ट्रम्प के पर्सनल चीफ बने। तब गोर की जिम्मेदारी थी कि अगर ट्रम्प जीतते हैं तो नए प्रशासन में किसे-किसे नियुक्त किया जाए। यानी उनका काम था हजारों पदों के लिए नाम चुनना और यह जांचना कि उनकी ट्रम्प में कितनी निष्ठा है। जैसे ही गोर को यह जिम्मेदारी मिली अमेरिकी और यूरोपीय मीडिया ने उनकी ‘जन्मकुंडली’ खंगालनी शुरू की। तब पता चला कि उनका असली नाम सर्जियो गोरोखोव्सकी है। उनका जन्म 1986 में ताशकंद, उज्बेकिस्तान में हुआ था, यह तब सोवियत संघ का हिस्सा था। हैरानी की बात ये थी कि गोर हमेशा दावा करते आए हैं कि वे माल्टा (यूरोपीय देश) में जन्मे हैं। जब इस मामले ने तूल पकड़ा तो माल्टा सरकार खुद एक्शन में आई और कहा कि उनके पास गोर के जन्म का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसके बाद गोर की जन्म से जुड़े ताशकंद वाले रिकॉर्ड सामने आ गए। तब गोर ने पहली बार माना कि वे माल्टा में पैदा नहीं हुए थे।
उनके वकील रॉबर्ट गार्सन ने मीडिया को बताया कि सर्जियो गोर का जन्म ताशकंद में हुआ था, लेकिन वे कुछ ही समय बाद माल्टा आ गए थे। उनकी पढ़ाई वहीं से हुई है इसलिए अपनी पहचान माल्टा से बताते हैं।
भंडारा, एजेंसी। महाराष्ट्र के भंडारा जिले में शुक्रवार को ट्रक और बोलेरो की टक्कर में 3 बच्चों समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हैं। पुलिस के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 4 बजे नागपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर पिंपलगांव सड़क के पास हुआ।
सभी लोग छत्तीसगढ़ के रायपुर से नेशनल हाईवे-53 के रास्ते नागपुर जा रहे थे। ट्रक में फंसे पिकअप को निकालने के लिए दो जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव का काम शुरू किया।
घटना से जुड़ी तस्वीरें…
हादसे के बाद आसपास के लोगों ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा।
हादसे के बाद बोलेरो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसमें कितने लोग सवार थे, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मौके पर पुलिस ने क्रेन और जेसीबी की मदद से ट्रक में फंसी बोलेरो को बाहर निकाला।
घायलों को पुलिस और स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
10 सितंबर: वैन-ट्रक की टक्कर में 6 की मौत
इससे पहले गुरुवार को नांदेड जिले में नांदेड-भोकर रोड पर वैन और ट्रक की टक्कर हो गई थी। हादसे में 6 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
पुलिस के मुताबिक हादसा शाम करीब 7 बजे सीताखंडी घाट के पास हुआ। टाटा मैजिक वैन नांदेड से भोकर की ओर जा रही थी, तभी सामने से आ रहे ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और वैन में फंसे घायलों को बाहर निकाला। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल में 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ से बड़े पैमाने पर तबाही हुई। टूटे घर, सड़कें, पुल और दूसरी सुविधाएं दोबारा बनाने के लिए 7,233 करोड़ नेपाली रुपए यानी करीब रू.45 हजार करोड़ की जरूरत का अनुमान है। यह नेपाल की GDP का करीब 11% है।
बाढ़ और भूस्खलन से 16 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 1,377 लोगों की मौत और करीब 5,130 लोगों के लापता होने की खबर है। करीब 65% रिकवरी खर्च यानी रू.29 हजार करोड़ सड़क, पुल, बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाओं पर खर्च होंगे। बाढ़ में 7,570 घर, 48 सरकारी इमारतें, 18 स्कूल और 7 स्वास्थ्य केंद्र भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें…
बाढ़ और भूस्खलन से हुई मौतों के बाद नुवाकोट जिले के बिदुर में सामूहिक दफन की तैयारी करते सुरक्षाकर्मी।
बाढ़ और भूस्खलन के 16 दिन बाद भी तबाही के निशान साफ नजर आ रहे हैं। नुवाकोट के देवीघाट में मलबे के बीच से गुजरते स्थानीय लोग।
बाढ़ और भूस्खलन से जमा हुए मलबे को हटाने का काम जारी है। नुवाकोट के धुंगे बाजार इलाके में बाढ़ से बर्बाद हुए इलाकों से मलबा हटाती क्रेन।
बाढ़ के बाद प्रभावित लोगों की मदद जारी है। नुवाकोट में अस्थायी राहत केंद्र के बाहर मुफ्त दवा वितरण केंद्र पर बाढ़ पीड़ित मरीज से बात करतीं सशस्त्र पुलिस बल की डॉक्टर सबिता केसी।
545 लापता लोगों की तलाश में खोजी कुत्ते उतारे
अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में 545 लापता लोगों की तलाश के लिए प्रशिक्षित खोजी कुत्ते उतारे गए हैं। टीमें सुरंगों, हेडवर्क्स और मलबे में तलाश कर रही हैं।
बाढ़ के समय प्रोजेक्ट में 1,433 लोग काम कर रहे थे। इनमें 878 बचा लिए गए, जबकि 545 लापता हैं। इनमें 9 दक्षिण कोरियाई, 34 चीनी और 50 भारतीय शामिल हैं।
नेपाली सेना, ड्रोन टीम, दक्षिण कोरियाई विशेषज्ञ और शेरपा रेस्क्यू टीम भी अभियान में जुटी हैं।
भारत ने भेजी 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री
नेपाल के राहत और बचाव अभियान में भारत लगातार मदद कर रहा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 26 अगस्त से अब तक आठ विशेष उड़ानों के जरिए नेपाल को 130 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेजी गई है।
भारत ने 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें सुरंग और मलबे में फंसे लोगों को निकालने वाली टीमें, मेडिकल विशेषज्ञ और फोरेंसिक कर्मी शामिल हैं।
भारत ने टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाओं के साथ मलबा हटाने और सुरंगों में बचाव के लिए गैस डिटेक्टर, ब्रीदिंग उपकरण, मड रेस्क्यू सूट, जनरेटर, लाइटिंग टावर और पानी निकालने वाले पंप भी भेजे हैं।
पुनर्निर्माण की लागत का 75% सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर पर
पुनर्निर्माण की अनुमानित लागत में करीब 75% यानी रू.2.96 लाख करोड़ बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने में खर्च होंगे। बाढ़ में 7,570 निजी घर, 48 सार्वजनिक इमारतें, 18 स्कूल और 7 स्वास्थ्य संस्थान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
इससे साफ है कि नेपाल के सामने चुनौती केवल लोगों को तत्काल राहत देने की नहीं है। उसे अगले कई वर्षों तक सड़क, पुल, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और घरों को दोबारा बनाने के लिए भारी खर्च करना होगा।
हिसार, एजेंसी। केंद्र और हरियाणा सरकार ने भारत-पाकिस्तान धार्मिक यात्राओं के नियम बदल दिए हैं। यह फैसला ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आए पाक जासूसी नेटवर्क और हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा केस के बाद लिया गया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) और वहां के प्राइवेट टूर ऑपरेटर धार्मिक यात्रा के नाम पर भारतीय नागरिकों को स्पॉन्सर करते हैं, ताकि उनसे जासूसी करा सकें। इसे देखते हुए भारत सरकार ने पाकिस्तान से चलने वाले सभी प्रकार के प्राइवेट स्पॉन्सर्ड टूर पर पाबंदी लगा दी है। वीजा की शर्तें भी बदल दी गई हैं।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के टूरिज्म इंचार्ज हरकीरत सिंह ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया कि ज्योति मल्होत्रा जैसे जासूसी केस मिलने के बाद से प्राइवेट स्पॉन्सर टूर बंद कर दिए गए हैं। पहले पाकिस्तान जाने वाले लोग वहां की एजेंसी से संपर्क कर टूर प्रोग्राम अरेंज करते थे। फिर यहां से वहां जाकर धार्मिक टूर करते थे।
करीब 10 महीने पहले कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही से जत्था रवाना हुआ था।
पाकिस्तान धार्मिक यात्रा कैसे होती है, कोटा कितना है
भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक यात्राएं दोनों माध्यमों (इंडिविजुअल और जत्थे) से होती हैं। अधिकांश श्रद्धालु भारत-पाकिस्तान ‘रिलीजियस श्राइन्स प्रोटोकॉल 1974’ के तहत जत्थों (ग्रुप) में यात्रा करते हैं। इसमें विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय की ओर से वीजा व सुरक्षा क्लीयरेंस दी जाती है।
2019 में बने करतारपुर साहिब कॉरिडोर के जरिए भारतीय नागरिक/OCI कार्डधारक बिना वीजा के केवल पासपोर्ट के आधार पर सुबह जाकर शाम को वापस आ सकते हैं। इसके अलावा कटासराज मंदिर (शिवरात्रि) के लिए भी विशेष ग्रुप/इंडिविजुअल वीजा पर लोग जाते हैं।
SGPC और HSGMC सालाना जत्थे का स्वीकृत कोटा
1974 के द्विपक्षीय समझौते के तहत सिख श्रद्धालुओं के मुख्य जत्थे साल में 4 प्रमुख अवसरों पर पाकिस्तान जाते हैं। इस समझौते के तहत चारों मौकों पर मिलाकर हर साल कुल 8,000 सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान जाने की अनुमति (वीजा कोटा) है।
बैसाखी/खालसा साजना दिवस (अप्रैल): अधिकतम 3,000 श्रद्धालु
श्री गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस (मई-जून): अधिकतम 1,000 श्रद्धालु
महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि (जून): अधिकतम 1,000 श्रद्धालु
श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व (नवंबर- ननकाना साहिब): अधिकतम 3,000 श्रद्धालु
पाकिस्तान हाई कमीशन की 28 मार्च 2024 को दिल्ली में हुई इफ्तार पार्टी में पाकिस्तानी अधिकारी दानिश और उसकी पत्नी के साथ ज्योति। (फाइल)
कैसे होती थी स्पॉन्सरशिप और अब क्या बदला…
पुलिस वेरिफिकेशन ज्यादा सख्त
सभी आवेदन SGPC और HSGPC के पास एकत्र होंगे। इसके बाद लोकल पुलिस, सीआईडी (CID) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां आवेदकों के बैकग्राउंड की जांच करेंगी। क्लीयरेंस मिलने के बाद ही वीजा के लिए फाइल गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी।
पहले का नियम (प्राइवेट स्पॉन्सरशिप)
पाकिस्तान के प्राइवेट टूर ऑपरेटर (जैसे लाहौर और इस्लामाबाद की ट्रैवल एजेंसियां) भारतीय नागरिकों, इन्फ्लुएंसर्स और श्रद्धालुओं को सीधे स्पॉन्सरशिप लेटर भेजती थीं। इससे दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग से वीजा आसानी से मिल जाता था। पंजाब और हरियाणा पुलिस की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, इसी आड़ में पाक एजेंसियां यात्रियों को ठहरने, घूमने और सुविधाएं देने का लालच देकर उनसे संपर्क करती थीं। फिर भारत से जुड़ी रणनीतिक व संवेदनशील जानकारियां जुटाने का काम करती थीं।
नया नियम (केवल मान्यता प्राप्त )
सरकार ने प्राइवेट नेटवर्क को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब पाकिस्तान यात्रा के लिए केवल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGMC) जैसे पंजीकृत और संवैधानिक धार्मिक निकायों को ही तय सीमा में जत्थे (ग्रुप) ले जाने की अनुमति दी जाएगी। निजी तौर पर वीजा के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।
गुरुपर्व पर हरियाणा से जाएगा 2000 श्रद्धालुओं का जत्था
इसी बीच श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व (गुरुपर्व) के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए हरियाणा सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। 22 नवंबर से 1 दिसंबर तक होने वाले धार्मिक समारोहों में शामिल होने के लिए सिख संगत से आवेदन मांगे गए हैं। श्रद्धालु 12 सितंबर तक आवेदन जमा कर सकते हैं।
हिसार की यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा वाघा बॉर्डर से पाकिस्तान जाते हुए।
ज्योति मल्होत्रा का केस क्या था…
सैन्य शिविरों के वीडियो पाक एजेंटों तक पहुंचाने का आरोप
हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को 16 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच में दावा किया गया कि उसने कश्मीर डैम और राजस्थान बॉर्डर के सैन्य शिविरों के वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए और उनसे लगातार संपर्क में रही। 90 दिन की जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।
पाक एजेंटों से संपर्क और मीटिंग का दावा
हिसार पुलिस के अनुसार ज्योति ने ट्रैवल एडवाइजरी के विरुद्ध पाकिस्तान की यात्रा की, पाक एजेंटों से नंबर शेयर किए और मीटिंग की। उसके मोबाइल से पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी एहसान-उर-रहीम दानिश अली और ISI से जुड़े बताए गए शाकिर, हसन अली व नासिर ढिल्लों से संपर्क का पता चला।
पाकिस्तान-चीन यात्राओं से भी जांच में आई
ज्योति 2024 में पहले पाकिस्तान और फिर करीब 25 दिन बाद चीन गई थी। पाकिस्तान में उसने पंजाब की CM मरियम नवाज का इंटरव्यू भी किया था। इन यात्राओं और पाकिस्तानी संपर्कों के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजर उस पर गई।
जासूसी केस में टूरिज्म इंचार्ज भी जांच के दायरे में आए थे
हिसार जेल में बंद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने पाकिस्तान वीजा के सिलसिले में हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के टूरिज्म इंचार्ज हरकीरत सिंह से संपर्क साधा था। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों ने हरकीरत से पूछताछ की थी। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।