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अमेरिकी राजदूत बोले- भारत से जरूरी कोई देश नहीं:कल ट्रेड डील पर बात होगी

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अगले साल भारत आ सकते हैं ट्रम्प

नई दिल्ली,एजेंसी। भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं है। उन्होंने ट्रेड डील को लेकर कहा कि कल यानी मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इसे लेकर फोन पर बात होने वाली है।

अमेरिकी राजदूत ने राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती को असली बताया। उन्होंने कहा कि सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन अंत में हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं। गोर ने उम्मीद जताई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अगले एक से दो साल में भारत का दौरा कर सकते हैं।

अपने पहले संबोधन की शुरुआत गोर ने ‘नमस्ते’ के साथ की और कहा कि भारत में अमेरिकी राजदूत होना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने भारत को एक असाधारण राष्ट्र बताया और यहां काम करने को सम्मान की बात कहा। गोर ने कहा-

यह दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का संगम है।

गोर बोले- भारत बड़ा देश, ट्रेड डील आसान नहीं

अमेरिकी राजदूत ने कहा कि कई लोग उनसे ट्रेड डील पर अपडेट पूछ रहे थे। उन्होंने साफ किया कि दोनों पक्ष लगातार संपर्क में हैं और बातचीत आगे बढ़ रही है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है, इसलिए यह प्रक्रिया आसान नहीं है, लेकिन दोनों देश इसे पूरा करने के लिए कोशिश कर रहे हैं।

गोर ने कहा कि ट्रेड भारत-अमेरिका रिश्तों का अहम हिस्सा है, लेकिन सहयोग केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। दोनों देश सुरक्षा, काउंटर-टेररिज्म, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी मिलकर काम कर रहे हैं।

गोर को भारत का राजदूत चुनने में ट्रम्प ने 7 महीने लिए

जनवरी 2025 में राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रम्प ने कई देशों के लिए राजदूत की नियुक्ति की थी लेकिन भारत के लिए गोर को राजदूत पद पर चुनने के लिए उन्होंने 7 महीने लगा दिए।

ट्रम्प ने अगस्त 2025 में गोर को भारत का राजदूत चुना था। वे ट्रम्प के खास माने जाते हैं उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के कट्टर समर्थक हैं। गोर ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रम्प के लिए फंड जुटाने में भी बड़ी भूमिका निभाई थी।

ट्रम्प के चुनाव प्रचार अभियान के दौरान सर्जियो गोर। तस्वीर अक्टूबर 2024 की है।

ट्रम्प के चुनाव प्रचार अभियान के दौरान सर्जियो गोर। तस्वीर अक्टूबर 2024 की है।

जूनियर ट्रम्प के दोस्त हैं गोर

गोर, ट्रम्प के बेटे ट्रम्प जूनियर के दोस्त हैं। दोनों ने मिलकर ‘विनिंग टीम पब्लिशिंग’ नाम की कंपनी शुरू की थी, जो ट्रम्प की किताबें प्रकाशित करती है। इस कंपनी की किताबें महंगी मानी जाती है। सबसे सस्ती किताब की कीमत भी करीब 6500 रुपए है।

इसी कंपनी के जरिए ट्रम्प ने अब तक तीन किताबें छपवाई हैं, जिनमें एक किताब में उनकी वह मशहूर तस्वीर है जब पेनसिल्वेनिया में रैली के दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ था और खून से लथपथ हालत में उन्होंने मुट्ठी बांधकर ताकत दिखाने वाला पोज दिया था।

ट्रम्प ने राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद ग्रीनलैंड पर कब्जा करने वाला बयान दिया था। इसके बाद जनवरी में उनके बेटे जूनियर ट्रम्प (बीच में) ग्रीनलैंड के दौरे पर गए थे। तब ये यात्रा काफी चर्चा में रही थी। इसमें उनके साथ सर्जियो गोर (बाएं) भी थे।

ट्रम्प ने राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद ग्रीनलैंड पर कब्जा करने वाला बयान दिया था। इसके बाद जनवरी में उनके बेटे जूनियर ट्रम्प (बीच में) ग्रीनलैंड के दौरे पर गए थे। तब ये यात्रा काफी चर्चा में रही थी। इसमें उनके साथ सर्जियो गोर (बाएं) भी थे।

गोर को ट्रम्प की टीम बनाने में जिम्मा मिला था

गोर व्हाइट हाउस में नियुक्तियों की जांच-परख में भी शामिल रहे हैं। उन्हें ट्रम्प की टीम में पर्दे के पीछे सबसे ताकतवर शख्सियतों में से एक माना जाता है।

दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रम्प ने गोर को प्रेसिडेंसियल पर्सनल ऑफिस का डायरेक्टर बनाया था। यह पद बहुत ताकतवर माना जाता है, क्योंकि इसके जरिए यह तय होता है कि सरकार में कौन-कौन लोग अहम पदों पर आएंगे।

इस बार ट्रम्प ने सबसे ज्यादा ध्यान खुद में निष्ठा रखने वाले शख्स को चुनने पर दिया। दरअसल, पिछले टर्म में ट्रम्प की टीम में कई ऐसे लोग आ गए थे जो उनके हिसाब से वफादार नहीं थे और बाद में यही उनकी सबसे बड़ी गलती मानी गई।

ट्रम्प ने इस बार यह गलती नहीं की। उन्होंने अपनी टीम के लिए जरूरी पदों को चुनने के लिए सर्जियो गोर को चुना जो उनके ‘दाएं हाथ’ कहे जाते हैं।

ट्रम्प के जनवरी 2025 में हुए शपथ ग्रहण समारोह में सर्जियो गोर अंबानी के बगल में खड़े दिखे थे।

ट्रम्प के जनवरी 2025 में हुए शपथ ग्रहण समारोह में सर्जियो गोर अंबानी के बगल में खड़े दिखे थे।

गोर ने मस्क के करीबी शख्स को मिलने वाली जिम्मेदारी छीनी

मार्च 2025 में व्हाइट हाउस की एक कैबिनेट मीटिंग के दौरान मस्क और गोर के बीच बहस हो गई थी। मस्क ने कहा था कि गोर जिस तरह से लोगों को व्हाइट हाउस में नौकरी पर ला रहे हैं, वह ठीक नहीं है।

यह बात सुनकर गोर नाराज हो गए और उन्होंने गुस्से में कहा कि वे मस्क से बदला लेंगे। इसके बाद मस्क ने साफ कह दिया कि वे गोर के साथ व्हाइट हाउस में काम नहीं करेंगे।

इसके बाद 30 मई को मस्क ने अपने बनाए डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) से इस्तीफा दे दिया। इसके दो दिन बाद गोर सीधे ट्रम्प के पास गए और उन्हें बताया कि मस्क के करीबी कारोबारी जैरेड इसाकमैन ने डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं और संगठनों को पैसे दिए हैं।

गोर ने ट्रम्प से कहा कि इसाकमैन भरोसेमंद नहीं हैं, इसलिए उन्हें NASA का प्रमुख नहीं बनाया जाना चाहिए। गोर की बात सुनकर ट्रम्प ने उसी दिन मस्क से इस मुद्दे पर बात की और अगले ही दिन इसाकमैन का नाम वापस ले लिया।

मस्क की नाराजगी और बढ़ गई। उन्हें लगा कि गोर ने उनके खिलाफ खेल खेला है और ट्रम्प ने भी उनकी राय को नजरअंदाज कर दिया। इसके बाद मस्क ने एक्स पर लिखा कि वे एक सांप हैं।

ट्रम्प ने पहले जेरेड इसाकमैन को नासा के हेड के लिए नॉमिनेट किया था, लेकिन बाद में नामांकन वापस ले लिया। इसाकमैन को मस्क का समर्थन हासिल था।

ट्रम्प ने पहले जेरेड इसाकमैन को नासा के हेड के लिए नॉमिनेट किया था, लेकिन बाद में नामांकन वापस ले लिया। इसाकमैन को मस्क का समर्थन हासिल था।

पैदा होने की जगह को लेकर झूठ कहा

सर्जियो गोर पहली बार अमेरिकी राजनीति और मीडिया में 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान चर्चा में आए थे। ट्रम्प ने उन्हें कैंपेन एडवाइजर बनाया था। बाद में वे ट्रम्प के पर्सनल चीफ बने। तब गोर की जिम्मेदारी थी कि अगर ट्रम्प जीतते हैं तो नए प्रशासन में किसे-किसे नियुक्त किया जाए। यानी उनका काम था हजारों पदों के लिए नाम चुनना और यह जांचना कि उनकी ट्रम्प में कितनी निष्ठा है। जैसे ही गोर को यह जिम्मेदारी मिली अमेरिकी और यूरोपीय मीडिया ने उनकी ‘जन्मकुंडली’ खंगालनी शुरू की। तब पता चला कि उनका असली नाम सर्जियो गोरोखोव्सकी है। उनका जन्म 1986 में ताशकंद, उज्बेकिस्तान में हुआ था, यह तब सोवियत संघ का हिस्सा था। हैरानी की बात ये थी कि गोर हमेशा दावा करते आए हैं कि वे माल्टा (यूरोपीय देश) में जन्मे हैं। जब इस मामले ने तूल पकड़ा तो माल्टा सरकार खुद एक्शन में आई और कहा कि उनके पास गोर के जन्म का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसके बाद गोर की जन्म से जुड़े ताशकंद वाले रिकॉर्ड सामने आ गए। तब गोर ने पहली बार माना कि वे माल्टा में पैदा नहीं हुए थे।

उनके वकील रॉबर्ट गार्सन ने मीडिया को बताया कि सर्जियो गोर का जन्म ताशकंद में हुआ था, लेकिन वे कुछ ही समय बाद माल्टा आ गए थे। उनकी पढ़ाई वहीं से हुई है इसलिए अपनी पहचान माल्टा से बताते हैं।

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दिल्ली में 6 मंजिला होटल में आग, 21 की मौत:इनमें बांग्लादेश-अफ्रीकी देशों के 17 नागरिक, बिना फायर NOC चल रहा था होटल

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नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली के मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 17 विदेशी नागरिक हैं। जो बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों के हैं।

दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय लोगों के मुताबिक, मालवीय नगर में मौजूद इस होटल के रेस्टोरेंट में सुबह 8.50 बजे आग लगी। आग ऊपरी मंजिलों पर बने कमरों और बेसमेंट तक पहुंच गई।

चीफ फायर ऑफिसर अभिलाष मलिक ने कहा,

फायर टीम ने यहां से 37 लोगों को बाहर निकाला। बिल्डिंग की फायर NOC नहीं थी। होटल में 25 कमरे हैं।

वहीं, हादसे के वीडियो में कुछ लोग जान बचाने के लिए जलती हुई इमारत की तीसरी-चौथी मंजिल से कूदते नजर आ रहे हैं। इन्हें बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने जमीन पर गद्दे भी बिछाए थे।

बेसमेंट से भी 6 से ज्यादा लोगों को निकाला गया। 40 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। कई लोगों की हालत गंभीर है। आग लगने की वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है। पिछले 6 महीनों में दिल्ली में आग की अलग-अलग घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है।

मालवीय नगर में बिल्डिंग में बुधवार सुबह 8.50 बजे आग लगी।

मालवीय नगर में बिल्डिंग में बुधवार सुबह 8.50 बजे आग लगी।

आग लगने के बाद जान बचाने के लिए बिल्डिंग की छत पर मौजूद एक व्यक्ति।

आग लगने के बाद जान बचाने के लिए बिल्डिंग की छत पर मौजूद एक व्यक्ति।

होटल के फ्रंट साइड में करीब 15- 20 फीट ऊंचाई से जान बचाने के लिए कूदते लोग।

होटल के फ्रंट साइड में करीब 15- 20 फीट ऊंचाई से जान बचाने के लिए कूदते लोग।

होटल की तीसरी मंजिल से नीचे कूदा एक व्यक्ति। उसे स्थानीय लोगों ने बचाया।

होटल की तीसरी मंजिल से नीचे कूदा एक व्यक्ति। उसे स्थानीय लोगों ने बचाया।

बिल्डिंग में आग लगने के बाद कई लोग जान बचाने के लिए तीसरी-चौथी मंजिल से नीचे कूदे।

बिल्डिंग में आग लगने के बाद कई लोग जान बचाने के लिए तीसरी-चौथी मंजिल से नीचे कूदे।

होटल की खिड़की पर मौजूद धुएं से घिरी विदेशी महिला। हादसे में मरने वालों में अधिकतर विदेशी नागरिक हैं।

होटल की खिड़की पर मौजूद धुएं से घिरी विदेशी महिला। हादसे में मरने वालों में अधिकतर विदेशी नागरिक हैं।

आग से घिरी बिल्डिंग से जान बचाने के लिए एक महिला दूसरी मंजिल से नीचे कूदी। लोगों ने उसे रेस्क्यू किया।

आग से घिरी बिल्डिंग से जान बचाने के लिए एक महिला दूसरी मंजिल से नीचे कूदी। लोगों ने उसे रेस्क्यू किया।

आग बिल्डिंग की पास वाली गली के हिस्से में लगी, इसके बाद पूरी बिल्डिंग में फैल गई।

आग बिल्डिंग की पास वाली गली के हिस्से में लगी, इसके बाद पूरी बिल्डिंग में फैल गई।

फायर ब्रिगेड ने बिल्डिंग में लगी आग बुझाई, इसके बाद होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

फायर ब्रिगेड ने बिल्डिंग में लगी आग बुझाई, इसके बाद होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

स्थानीय लोगों ने भी होटल से कई लोगों का रेस्क्यू किया। उन्हें अस्पताल तक पहुंचाया।

स्थानीय लोगों ने भी होटल से कई लोगों का रेस्क्यू किया। उन्हें अस्पताल तक पहुंचाया।

होटल से रेस्क्यू की गई विदेशी महिला को कंधे पर उठाकर ले जाता एक व्यक्ति।

होटल से रेस्क्यू की गई विदेशी महिला को कंधे पर उठाकर ले जाता एक व्यक्ति।

फायर ब्रिगेड ने होटल की आग बुझाई, इसके बाद रेस्टोरेंट के बेसमेंट से 6 लोगों का रेस्क्यू किया है।

फायर ब्रिगेड ने होटल की आग बुझाई, इसके बाद रेस्टोरेंट के बेसमेंट से 6 लोगों का रेस्क्यू किया है।

रेस्क्यू किए गए लोगों को एंबुलेंस से पास के मैक्स, AIIMS और सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया।

रेस्क्यू किए गए लोगों को एंबुलेंस से पास के मैक्स, AIIMS और सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया।

रेस्टोरेंट के बेसमेंट से रेस्क्यू किए गए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रेस्टोरेंट के बेसमेंट से रेस्क्यू किए गए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रेस्टोरेंट के बाहर मौजूद फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम।

रेस्टोरेंट के बाहर मौजूद फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम।

रेस्क्यू के दौरान दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी घायल हुए हैं। उन्हें भी इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

रेस्क्यू के दौरान दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी घायल हुए हैं। उन्हें भी इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

रेस्टोरेंट के ऊपर होटल था, आग 6 मंजिल तक पहुंची

आग 6 मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने बी-एन-बी रेस्टोरेंट में लगी। कुछ देर बाद होटल में ऊपर की तरफ फैल गई। यह होटल दिल्ली के प्रेस एन्क्लेव रोड पर है। यहीं पर मैक्स हॉस्पिटल और AIIMS भी है। बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों में इलाज कराने आने वालों के परिजन भी इस होटल में रुका करते थे।

मैक्स अस्पताल बोला- 18 लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी, AIIMS में 13 लोग भर्ती

मैक्स अस्पताल के अधिकारी के मुताबिक कुल 39 लोगों को यहां लाया गया था। इनमें से 18 की पहले ही मौत हो चुकी थी। 5 लोगों को हल्की चोटें थीं। उन्हें डिस्चार्ज किया गया है। 15 लोग आईसीयू में एडमिट हैं, इनमें से 8 वेंटिलेटर पर हैं। जिनकी हालत गंभीर है। एक व्यक्ति बहुत ज्यादा झुलस गया था, उसे सफदरजंग अस्पताल रैफर किया गया है।

वहीं, AIIMS में 13 लोगों का इलाज जारी है। इनमें 3 लोग वह हैं, जिन्होंने होटल के कमरों से जान बचाने के लिए छलांग लगाई थी। एक व्यक्ति पैर टूट गए हैं।

होटल में 6 रूम की परमिशन थी, लेकिन 25 कमरे थे

  • फ्लरिस स्टे गेस्टहाउस को बेड एंड ब्रेकफास्ट कॉन्सेप्ट के तहत लाइसेंस जारी किया गया था। इसके तहत 6 रूम की परमिशन थी, लेकिन 25 कमरे बने थे।
  • आग लगने के बाद होटल के रेस्टोरेंट के बेसमेंट में भी काफी लोग फंसे थे। इसमें अंदर जाने और बाहर निकलने का रास्ता एक ही था, जो बहुत संकरा था
  • होटल के पास फायर NoC नहीं थी। आने-जाने का भी एक ही रास्ता था।
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अमेरिका में गूंजी भारत की आजादी गाथा, न्यूयॉर्क सीनेट में 15 अगस्त को लेकर ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित

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न्यूयॉर्क, एजेंसी। न्यूयॉर्क की सीनेट ने राज्य की गवर्नर कैथी होचुल से 15 अगस्त 2026 को राज्य में ‘भारत स्वतंत्रता दिवस’ घोषित करने का आग्रह करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें सांसदों ने महात्मा गांधी की विरासत को याद किया और अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान की सराहना की। सीनेटर जेरेमी कूनी द्वारा प्रायोजित इस प्रस्ताव में कहा गया है कि न्यूयॉर्क राज्य की विधायिका की परंपरा रही है कि वह उन महत्वपूर्ण दिनों को मान्यता देती है, जो राज्य के नागरिकों की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े होते हैं। प्रस्ताव में कहा गया कि ”भारत की स्वतंत्रता दुनिया भर के लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह नागरिक, राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों के साथ-साथ आत्मनिर्णय के लिए चले 90 वर्षों के संघर्ष के अंत का प्रतीक है।”

प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कई राज्य सीनेटरों ने भारत की प्राचीन सभ्यता, लोकतांत्रिक परंपराओं, महात्मा गांधी के शांति संदेश और न्यूयॉर्क सहित पूरे अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बढ़ते योगदान की प्रशंसा की। कूनी ने कहा कि दुनिया भर में भारतीय अपने-अपने समुदायों पर स्थायी प्रभाव छोड़ रहे हैं और यह अवसर साझा इतिहास, संस्कृति और विरासत का जश्न मनाने तथा उस पर विचार करने का है। सीनेटर जॉन लियू ने कहा कि भारत का अस्तित्व हजारों वर्षों से है। उन्होंने कहा, ”भारत एक सभ्यता रहा है, एक राष्ट्र रहा है और वास्तव में हमारे देश से भी लंबे समय से लोकतंत्र का एक आदर्श मॉडल रहा है।”

सीनेटर टोबी ऐन स्टाविस्की ने दोनों देशों के बीच मित्रता की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि दोनों देशों में समानताएं, मतभेदों से कहीं अधिक हैं। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सीनेट के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि ”यह भारत और अमेरिका के बीच मित्रता, लोकतंत्र और साझा मूल्यों के मजबूत संबंधों को दर्शाता है।” दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ”भारत की विरासत से लेकर न्यूयॉर्क के दिल तक : लोकतंत्र और समुदाय के रिश्तों का उत्सव।” भारतीय दूतावास ने प्रस्ताव आधिकारिक रूप से पेश करने के लिए जेरेमी कूनी का धन्यवाद किया और भारत की समृद्ध विरासत तथा न्यूयॉर्क में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के अमूल्य योगदान को सम्मान देने के लिए सभी विधायकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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दिल्ली मालवीय नगर होटल अग्निकांड की गूंज विदेशों तक, ग्लोबल मीडिया ने उठाए गंभीर सवाल, छिड़ गई नई बहस

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नई दिल्ली, एजेंसी। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोरी हैं। ब्रिटेन, जर्मनी, स्पेन, कतर और बांग्लादेश सहित कई देशों के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने इस त्रासदी को प्रमुखता से कवर करते हुए भारत में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और भवन नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। हादसे में मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की होने के कारण यह घटना वैश्विक मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।

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अल जज़ीरा की रिपोर्ट
 कतर के समाचार चैनल अल जज़ीरा ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि भारत में आग लगने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि मालवीय नगर स्थित भवन के निचले हिस्से में रेस्तरां और ऊपर होटल संचालित हो रहा था। अल जज़ीरा ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि आग लगने के बाद पूरा भवन धुएं से भर गया और लोग अंदर फंस गए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई इमारतों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी के कारण ऐसी घटनाओं में भारी जनहानि होती है।

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BBC ने  लिखा
ब्रिटेन के BBC ने अपनी रिपोर्ट में  इलाज के लिए भारत आए विदेशी नागरिक भी बने हादसे का शिकार हैडलाइन दी और बताया कि मृतकों में कई विदेशी नागरिक शामिल हैं, जो भारत में चिकित्सा उपचार के लिए आए थे। BBC के अनुसार, यह भवन एक गेस्ट हाउस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जहां आसपास के निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीज और उनके परिजन ठहरते थे। रिपोर्ट में दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि यह जांच की जा रही है कि भवन को गेस्ट हाउस के रूप में संचालित करने की वैध अनुमति थी या नहीं। BBC ने यह भी लिखा कि भारत में कई अग्निकांडों की जांच में खराब विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और भवनों के गलत उपयोग जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।

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स्पेन का एल पाइस
स्पेन के प्रमुख अखबार एल पाइस ने  सूचना मिलने में देरी और घनी आबादी को चुनौती बताया और लिखा कि दक्षिण दिल्ली के फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग की सूचना दमकल विभाग को देर से मिली। रिपोर्ट में कहा गया कि शुरुआती आशंका के अनुसार आग भवन के निचले हिस्से में चल रहे रेस्तरां से शुरू हुई हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एल पाइस ने दिल्ली की घनी आबादी, संकरी गलियों और पुराने भवनों में सुरक्षा मानकों की कमी को ऐसी घटनाओं के गंभीर होने का प्रमुख कारण बताया।

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जर्मनी का DW
जर्मन मीडिया संस्थान DW News ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भवन के बेसमेंट में रेस्तरां और ऊपर होटल संचालित हो रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक जांच में रेस्तरां से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आग के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है।DW ने यह भी उल्लेख किया कि मृतकों में कुछ विदेशी नागरिक शामिल हैं, जो इलाज के लिए भारत आए थे।

ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन
ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन ने घटना के मानवीय पहलू को प्रमुखता से दिखाया। रिपोर्ट में कहा गया कि आग और धुएं के तेजी से फैलने के कारण ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों से छलांग लगानी पड़ी। द सन ने स्थानीय लोगों की सराहना करते हुए लिखा कि उन्होंने सड़क पर गद्दे बिछाकर कई लोगों की जान बचाने में मदद की। रिपोर्ट में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का भी जिक्र किया गया, जिनमें इमारत से उठती लपटें और धुआं दिखाई दे रहा था।

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बांग्लादेश का डेली स्टार 
बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र डेली स्टार ने लिखा कि आग लगने के बाद कई घंटों तक बचाव अभियान चलाया गया और 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि मृतकों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जो इलाज या अन्य कार्यों के सिलसिले में दिल्ली आए हुए थे।विश्व मीडिया की अधिकांश रिपोर्टों में एक समान चिंता उभरकर सामने आई है ग्नि सुरक्षा मानकों का पालन, भवनों का उपयोग और आपातकालीन निकासी व्यवस्था।दिल्ली पुलिस ने होटल मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि भवन में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

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