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कोरबा

भाजपा सरकार की अव्यवस्था, रकबा काटने के कारण किसान आत्महत्या को मजबूर : उत्तम

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उतरदा केन्द्र में ही 54 किसानों का रकबा काट दिया गया, प्रशासन सुध ले, नहीं तो इस तरह की घटना और घट सकती है-मरावी
कोरबा।
प्रदेश में धान खरीदी की अव्यवस्था पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कोरबा जिले के हरदीबाजार तहसील अंतर्गत आने वाले झांझ गांव के बैसाखू राम मरकाम के घर जाकर उनकी तबियत का हॉल जाना। उन्होंने कहा कि किसानों का रकबा सुधार के लिए तहसील ऑफिस का कई बार चक्कर काटा और 03 एकड़ में मात्र 50 डिसमिल का ही धान बेच पाया। कर्जा लेकर खेती करने वाला पीड़ित किसान चिंतित हो उठा और आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर हो गया और उसने जहर पी लिया।
उत्तम जायसवाल ने प्रदेश सरकार की धान खरीदी नीति पर सरकार को घेरा और कहा कि किसानों का जानबूझकर रकबा काटा जा रहा है। चुनाव से पूर्व भाजपा ने घोषणा पत्र में कहा था कि किसानों का एक-एक दाना खरीदेंगे, लेकिन सरकार में आते ही 21 क्विंटल खरीदी सिर्फ दिखावे का रह गई है। भाजपा सरकार में हमारे अन्नदाता आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। एग्ग्रीस्टेक पंजीयन जैसी समस्याओं पर आम आदमी पार्टी ने धान खरीद शुरू होने से पहले से ही लगातार सरकार को चेताया था, लेकिन इस डबल इंजन की सरकार के ना मंत्री ना अफसर किसी के भी कानों में जूँ तक नहीं रेंगा। ये अपने अहंकार में अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हैं और ना सुधारने को तैयार हैं, भले ही किसानों को इनकी गलती का खामियाजा अपनी जान देकर चुकाना पड़े। इससे पहले भी किसानों ने प्रशासनिक कारणों के चलते आत्महत्या की है लेकिन ये पहला मामला है जब किसी किसान ने धान खरीद की अव्यवस्था को लेकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। अब तक प्रदेश में 3 किसानों ने आत्महत्या करने का प्रयास किया है। ये सीधा सीधा इनकी धान खरीद पर लाई नई पॉलिसी की नाकामी और अपने धान खरीदी के 21 क्विंटल के वादे से बचने के लिए बीमा कंपनियों जैसे प्रलोभन देने के बाद नीचे नियम और शर्ते लागू जैसे रास्ते अपना रही है। उत्तम जायसवाल ने सीधा आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार का एक ही उद्देश्य है कि कैसे भी करके चाहे रकबा काटके, चाहे एग्रीस्टेक में पंजीयन के बहाने से रकबा काट कर किसान की धान खरीदी कम करना है। जब ताकत नहीं थी तो एक एक दाना लेंगे ये वादा क्यों किया? अब जब वादा निभाने का समय आया है तो दुनिया भरके अड़ंगे लगाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है।
अभिषेक मिश्रा प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि केंद्र में भी इन्होंने ऐसे ही स्वामीनाथन की सिफारिशे लागू करने का वादा करके किसानों को ठगा। अब छत्तीसगढ़ राज्य में भी वही काम कर रहें हैं। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ये मांग करती है किसानों का कोई रकबा ना काटा जाए और एग्रीस्टेक पंजीयन की अनिवार्यता को भी खत्म किया जाए व सरकार की गलती की वजह जिन किसानों का रकबा कटा है, उनको जितना रकबा कटा है, उस हिसाब से उनकी फसल का जितना मूल्य होता है, उतना मुआवजा दिया जाए व अस्पताल में भर्ती किसानों को अच्छे प्राईवेट अस्पताल में पूरा इलाज कराया जाए, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाए, अन्यथा आम आदमी पार्टी प्रदेश के किसानों के साथ हो रहे अन्याय पर किसानों के साथ मिलकर 31 जनवरी को सड़क पर प्रदर्शन करेगी।
इस अवसर पर लोकसभा सचिव चांपा जांजगीर राजेश पुरी गोस्वामी, जिला महासचिव विनय गुप्ता, प्रदेश संगठन मंत्री जगलाल राठिया, लोकसभा महासचिव शत्रुघन साहू, लोकसभा उपाध्यक्ष भूषण कुर्रे, कोरबा जिलाध्यक्ष रिचर्ड डेविड लोगन, यूथ विंग जिलाध्यक्ष आजाद बक्श, विजय नायक, लहना सिंह, लता सिंह, धरम दास गुप्ता, सोमराज, कमलेश सिंह राज, सत्येन्द्र यादव आदि उपस्थित थे। ग्राम झांझ निवासी पूर्व सरपंच सेवकराम मरावी भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
उतरदा केन्द्र के 54 किसान परेशान: प्रशासन शीघ्र ध्यान दे, नहीं तो किसी और किसान की ऐसी हालत होगी
झांझ निवासी बैसाखू राम मरकाम की घटना ने जिले के किसानों को झकझोर कर रख दिया है। झांझ निवासी पूर्व सरपंच सेवक राम मरावी ने सीधे अधिकारियों पर आरोप लगाया कि पीड़ित किसान तहसील का चक्कर लगाते-लगाते थक गया और 03 एकड़ का रकबा काटकर अधिकारियों ने सिर्फ 50 डिसमिल का धान बेचने का टोकन दिया। श्री मरावी ने कहा कि उतरदा में ही 54 किसान तहसील का चक्कर लगा-लगा कर थक गए हैं, लेकिन उनका रकबा आज तक नहीं सुधरा, इस पर प्रशासन सुध ले, नहीं तो एक और घटना घट सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन अपना पल्ला झाड़ने के लिए कहीं बैसाखू को भी शराबी न बना दे। मैं आपको बताना चाहता हूं कि बैसाखू 03 एकड़ खेत का मालिक है और सात्विक जीवन जीता है और बजरंगबली का भक्त है। प्रशासन उसके ईलाज की सुध ले और उसके रकबे में सुधार करे, क्योंकि बैसाखू ने किसान ऋण के साथ ट्रैक्टर भी खरीदा है। प्रशासन उसका रकबा नहीं सुधारता है तो वह ऋण चुकाने में असमर्थ होगा।

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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

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220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

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कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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कोरबा

सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत

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सुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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