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नीतीश CM पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं:बेटे निशांत के नाम की भी चर्चा, JDU की लिस्ट कुछ देर बाद जारी होगी

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पटना,एजेंसी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं। बुधवार शाम इसे लेकर सीएम आवास पर अहम बैठक हुई। इसमें संजय झा और विजय चौधरी मौजूद रहे। बताया जा रहा कि पार्टी के बड़े नेता नहीं चाहते हैं कि नीतीश दिल्ली जाएं।

इसी दौरान जदयू ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर लिखा- नीतीश कुमार जी बिहार के सर्वस्वीकार्य नेता हैं। उनकी लोकप्रियता आज हर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। लोगों का यह स्नेह और अपार समर्थन ही उनकी वास्तविक पहचान है।

वहीं, उनके बेटे निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा हो रही है। पार्टी ने अभी तक इन चर्चाओं का खंडन नहीं किया है। बताया जा रहा है कि जेडीयू आज शाम 6 बजे तक अपने दोनों राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम घोषित कर सकती है।

भास्कर के सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है। उन्होंने नामांकन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं।

निशांत कुमार और अपने नाम को लेकर नीतीश कुमार अभी विचार कर रहे हैं। इसी बीच दिल्ली से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी आज पटना पहुंच गए हैं।

सियासी हालातों को देखते हुए ये 3 सिचुएशन बन रही है

  • पहली-: नीतीश राज्यसभा जा सकते हैं। उनके बेटे को डिप्टी CM बनाया जा सकता है। CM की कुर्सी पर बीजेपी अपना दावा ठोक सकती है।
  • दूसरी- निशांत को राज्यसभा भेजकर पॉलिटिकल एंट्री करवाई जा सकती है।
  • तीसरी: रामनाथ ठाकुर के बाद दूसरे नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है, इसलिए इस तरह के नाम सामने आ रहे हैं।
अपने पिता नीतीश कुमार को प्रसाद खिलाते हुए निशांत कुमार।

अपने पिता नीतीश कुमार को प्रसाद खिलाते हुए निशांत कुमार।

चिराग बोले- नीतीश कहीं नहीं जा रहे

बिहार में मुख्यमंत्री बदले जाने को लेकर चिराग पासवान ने कहा, ‘ऐसी कोई चर्चा नहीं है। ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं होने वाली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभवी नेतृत्व में हमारी सरकार बिहार में चल रही है।

उन्होंने कहा- 200 से अधिक सीटों के साथ हम लोग बिहार में सरकार चला रहे हैं। हम लोग बिहार में मुख्यमंत्री बदलने जा रहे हैं ऐसी कोई चर्चा नहीं है। हमारे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के डबल इंजन वाली सरकार ऐसी ही बिहार में चलती रहेगी।’

अगर निशांत राज्यसभा जाते हैं तो इसके 2 बड़े मायने

1. नीतीश रिटायर होने वाले हैं

नीतीश कुमार 76वें साल में प्रवेश कर गए हैं। उनके साथ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें है। ऐसे में समय-समय पर पार्टी के अंदर और बाहर उनके उत्तराधिकारी की मांग होती रहती है। JDU कार्यालय के बाहर भी कई मौकों पर नीतीश के बाद निशांत का नारा लिखा पोस्टर लग चुका है।

  • नीतीश कुमार परिवारवाद के खिलाफ रहे हैं। उनकी पूरी राजनीति इसी के इर्दगिर्द रही है। 2025 विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने परिवारवाद को लेकर लालू-राबड़ी परिवार हर तंज कसा था। ऐसे में अगर निशांत कुमार राज्यसभा में आते हैं तो ज्यादा संभावना है कि नीतीश कुमार रिटायर होने वाले हैं।
  • सूत्र बताते हैं कि नीतीश कुमार बेटे के राजनीति में आने के खिलाफ हैं। लेकिन बदले हालात में अगर वह मान जाते हैं तो इसका मतलब है कि वह खुद कुछ समय बाद राजनीति से हट जाएंगे। वे अपनी पूरी राजनीतिक पूंजी अंतिम समय में खत्म करना नहीं चाहेंगे।
  • एक्सपर्ट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया सीमांचल दौरे को बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट के तौर पर देख रहे हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो नीतीश कुमार बंगाल चुनाव के बाद पद छोड़ते हैं तो बिहार में भाजपा अपना CM बना सकती है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत का अध्यात्म में मन लगता है। वह राजनीति से अब तक दूरी बनाकर रखे हुए हैं। फोटो 20 नवंबर के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद की है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत का अध्यात्म में मन लगता है। वह राजनीति से अब तक दूरी बनाकर रखे हुए हैं। फोटो 20 नवंबर के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद की है।

2. JDU का भविष्य तय

निशांत कुमार के राज्यसभा जाते ही JDU का भविष्य तय हो जाएगा। मतलब कि पार्टी नीतीश के बाद भी चलती रहेगी, खत्म नहीं होगी। फिलहाल पार्टी में कोई बड़ा नेता नहीं है।

  • फिलहाल नीतीश के आसपास 4 बड़े नेता ललन सिंह, संजय झा, विजय चौधरी और अशोक चौधरी हैं। चारों नेता नीतीश कुमार के आधार वोट बैंक कुर्मी-कोईरी और EBC के समीकरण पर फिट नहीं हैं।
  • RCP सिंह थे, लेकिन अभी वह पार्टी से बाहर हैं। फिलहाल नीतीश कुमार के कुर्मी समाज से मनीष वर्मा करीबी हैं, लेकिन उनके नाम पर सहमति नहीं है। यही कारण है कि पार्टी के अंदर से JDU के नए नेतृत्व को लेकर निशांत की डिमांड उठती रहती है।
  • पार्टी के एक बड़े गुट की डिमांड है कि निशांत कुमार को राजनीति में आना चाहिए। उनको नीतीश कुमार की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहिए।
  • बताया जाता है कि निशांत के आते ही नीतीश के बाद कौन के सवाल का जवाब मिल जाएगा। और निशांत की पैरोकारी कर रहा गुट पावर सेंटर बना रहेगा।
  • बताया जाता है कि अगर निशांत की जगह दूसरा नेता उत्तराधिकारी बना तो एक गुट की ताकत घट सकती है। निशांत मिलनसार हैं और वह खुद इतने परिपक्व नहीं हैं कि किसी को नाराज करके पार्टी चला सके।

2 पॉइंट में नीतीश ने निशांत को कैसे JDU की मजबूरी बनाया

1. सेकेंड लाइन नेताओं को किया किनारे

2003 में बनी JDU बीते 23 साल से नीतीश की छांव में ही चल रही है। नीतीश कुमार ही चेहरा हैं। दूसरे नंबर पर जरूर कुछ नेता पहुंचे, लेकिन वे लंबे समय तक टिक नहीं पाए या टिकने नहीं दिया गया।

  • इनमें सबसे बड़ा नाम RCP सिंह यानी रामचंद्र प्रसाद सिंह का है। UP कैडर के IAS अफसर रहे RCP 2010 में नौकरी छोड़कर JDU में आए। उन्हें नीतीश कुमार का आंख-कान-नाक कहा जाता था। 2020 में JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। हालांकि, 2 साल बाद ही दोनों के रिश्ते में दरार पड़ गई और RCP ने JDU छोड़ दिया। वे भाजपा में शामिल हुए और फिर जनसुराज का हिस्सा बन गए।
  • 2015 में नीतीश के साथ मिलकर महागठबंधन की सरकार बनवाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रशांत किशोर भी नीतीश के काफी करीब रहे। अक्सर वे नीतीश के साथ दिखते थे। तब चर्चा थी कि नीतीश के बाद प्रशांत किशोर ही JDU का चेहरा हैं। हालांकि, बाद में वह भी अलग हो गए।
  • कोईरी समुदाय से आने वाले उपेंद्र कुशवाहा भी नीतीश के करीबी रह चुके हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने अलग होकर खुद की पार्टी बना ली। कोईरी समुदाय नीतीश का कोर वोटर माना जाता है।
  • पिछले साल पूर्व IAS अफसर मनीष वर्मा का नाम भी नीतीश के उत्तराधिकारी के तौर पर उभरा। नालंदा के रहने वाले मनीष वर्मा उसी कुर्मी समाज से आते हैं, जिससे नीतीश आते हैं।
  • मनीष वर्मा ने जैसे अपना कार्यक्रम राज्यभर में शुरू किया। बीच में रोक दिया गया। फिलहाल वह नीतीश कुमार के साथ दिखते तो हैं, लेकिन पार्टी के अहम निर्णयों से दूर है।

2. प्रशांत के नाम से भाजपा निशांत पर मानी

पिछले 30 सालों की बिहार की राजनीति को देखें तो यहां हमेशा तीसरी धुरी रही है। तीसरी धुरी का नेतृत्व नीतीश कुमार करते हैं।

  • 16% से ज्यादा वोट बैंक हमेशा नीतीश कुमार के साथ रहा है। उनके वोटरों पर उनके पाला बदलने का कोई फर्क नहीं पड़ता। फिलहाल बिहार में JDU के 85 विधायक और 12 सांसद हैं।
  • भाजपा को पता है कि नीतीश कुमार के बाद JDU बिखरी तो सत्ता का समीकरण बिगड़ सकता है। उनका वोट बैंक भाजपा में ही शिफ्ट होगा, इसकी गारंटी नहीं है।
  • चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर भी बिहार में फिर से एक्टिव होने वाले हैं। उन्होंने अपने पहले चुनाव में 3.3% वोट हासिल किया है।
  • एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर नीतीश कुमार के बाद JDU बिखरती है तो ज्यादा फायदा प्रशांत किशोर को हो सकता है। ऐसे में भाजपा की मजबूरी है कि JDU बची रहे। वह कतई नहीं चाहेगी कि बिहार में JDU के अलावा तीसरा प्लेयर कोई और बने।

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अपराधी एपस्टीन और मंत्री हरदीप पुरी की फोटो वायरल:मंत्री ने कहा था- कभी अकेले नहीं मिला; कांग्रेस का सवाल- फिर तस्वारें कहां से आईं

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नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। ये तस्वीरे इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि पुरी लगातार कहते रहे हैं वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले, अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई।

तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जब पुरी ने कहा था कि वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले, तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं?

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा- पुरी कहते थे कि वे एपस्टीन से तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले थे, दोनों तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां थे।

दैनिक भास्कर ने ऑनलाइन तस्वीर को रिवर्स सर्च किया, तो अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की साइट पर यह फोटो मिला।

इन तस्वीरों को जस्टिस डिपार्टमेंट की तरफ जारी जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में रखा गया था। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं। मंगलवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई।

इन तस्वीरों में दोनों लगभग एक ही स्थिति में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीरों के कोण में मामूली अंतर है।

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की वेबसाइट का लिंक- https://www.justice.gov/epstein/files/DataSet%209/EFTA01191294.pdf

राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया था

इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी की ओर से एपस्टीन फाइलों को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया था।

पुरी ने बताया था कि वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे। उन्होंने इन मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका एपस्टीन के खिलाफ लगे आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं था।

पुरी ने फरवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि वह इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन (IPI) से जुड़े एक डेलिगेशन के रूप में गए थे। उसी दौरान एपस्टीन से मिले। वे सार्वजनिक जीवन में कई तरह के लोगों से मिलते हैं, जिनमें से कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी हो सकता है। पुरी के मुताबिक IPI में उनके बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे।

पुरी ने कहा-

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पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं?QuoteImage

नवंबर 2025 में पहली बार सामने आया नाम

  • निगरानी समिति की ईमेल में जिक्र: हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन के संपर्क का मामला पहली बार नवंबर 2025 में सार्वजनिक चर्चा में आया था। उस समय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की निगरानी समिति की ओर से जारी एक ईमेल में एपस्टीन और पुरी के बीच की बातचीत का जिक्र हुआ था।
  • ईमेल कब के हैं: इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) ने 30 जनवरी को एपस्टीन से जुड़े लाखों पन्नों के दस्तावेज जारी किए थे। इनमें जून 2014 से जून 2017 के बीच के ईमेल शामिल हैं।
  • तीन मुलाकातों का जिक्र: ईमेल के मुताबिक पुरी 4 फरवरी 2015, 6 जनवरी 2016 और 19 मई 2017 को न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर गए थे।
  • एपस्टीन यौन अपराधी साबित हो चुका था: 2008 में एपस्टीन यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। यानी पुरी की बताई गई मुलाकातें उस समय हुईं, जब एपस्टीन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद था।
  • ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र: एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के ‘एक्जॉटिक आइलैंड’ यानी अनोखे द्वीप का जिक्र किया और उसे ‘हैव फन’ कहा, जिसका मतलब है ‘मौज करो’। पुरी ने बाद में कहा कि ‘हैव फन’ उनके बोलने का आम तरीका है।

हरदीप सिंह पुरी और एपस्टीन से जुड़ा ईमेल

यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।

यह ईमेल हरदीप सिंह पुरी ने 24 दिसंबर 2014 को जेफ्री एपस्टीन को भेजा था।

इसमें लिखा है- प्रिय जेफ, त्योहारों की शुभकामनाएं। जब आप अपने द्वीप से वापस आएं, तो मुझे जरूर बताइएगा।मैं आपसे बातचीत करने के लिए मिलना चाहूंगा। साथ ही, भारत में रुचि जगाने के लिए आपको कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।

करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन

जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।

उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।

उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।

उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।

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कोरबा

भक्ति का अनूठा समागम: मां सर्वमंगला मंदिर में 501 कन्याओं का महापूजन और कन्या भोज

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कोरबा। सनातन संस्कृति और अगाध आस्था का केंद्र माँ श्री सर्वमंगला का पावन धाम महाअष्टमी-नवमी के पावन अवसर पर भक्ति के अनुपम रस में सराबोर हो उठा। शारदीय नवरात्रि के पूर्णाहूति के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और महाहवन के पश्चात 501 कन्याओं के महापूजन एवं भव्य कन्या भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय माता दीÓ के जयकारों से गुंजायमान रहा।
इस पावन प्रसंग की मुख्य झलकियां

साक्षात देवी स्वरूप में पूजी गईं कन्याएं

सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए आयोजन में पधारीं सभी 501 बालिकाओं को साक्षात माता रानी का दिव्य स्वरूप माना गया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन ने अत्यंत श्रद्धा भाव से सभी कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया और विधि-विधान से आरती उतारकर महाप्रसाद ग्रहण कराया।
सनातन संस्कारों का जीवंत दर्शन

विहिप के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनों ने इस अवसर पर कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति और कन्याओं को पूजनीय माना गया है। नवरात्रि के समापन पर यह आयोजन न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है, बल्कि भावी पीढ़ी में संस्कारों का बीजारोपण भी करता है।
कन्याभोज से शक्ति उपासना का मिलता है फल-नमन पाण्डेय

विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल एवं माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर प्रबंधन के संयुक्तावधान में आयोजित 501 कन्याओं का महापूजन एवं कन्याभोज सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने कहा कि कन्या का पूजन एवं कन्याभोज से आदिशक्ति की उपासना का फल मिलता है। आज 501 कन्याओं का पूजन और कन्याभोज से परिसर और भी पावन हो गया। यह मातारानी की ही कृपा है कि परिसर में यह दिव्य आयोजन हुआ।

श्रद्धालुओं और सेवादारों का अनुकरणीय समर्पण

इस महाआयोजन को गरिमामयी ढंग से संपन्न कराने में नन्हा महाराज, मयंक पांडेय, राणा मुखर्जी, कान्हा अग्रवाल, राजू, साईं शर्मा, सूरज कलवानी सहित बजरंग दल के समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। सभी कार्यकर्ताओं ने पंक्तिबद्ध बैठीं नन्हीं देवियों की सेवा की और उनसे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।

आयोजकों के अनुसार, मां सर्वमंगला के आशीर्वाद से हर वर्ष इस आयोजन का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है, जिसमें संपूर्ण कोरबा अंचल के श्रद्धालुओं का अपार सहयोग मिल रहा है।
उपहार पा कर खुश हुईं मासूम देवियां

501 कन्याओं का श्रृंगार, पगपखारने, पूजन-आरती करने के बाद अमरजीत, राणा मुखर्जी, नमन पाण्डेय, मयंक पाण्डेय सहित कार्यकर्ताओं ने नन्ही मातारानियों को भोग परोसा और उसके बाद सभी उपस्थित कन्याओं को मंदिर प्रबंधन की ओर से पाण्डेय परिवार की मुखिया श्रीमती गीता देवी पाण्डेय ने सभी कन्याओं को 101 रूपए, अमरजीत-राणा मुखर्जी की ओर से 101 रूपए एवं नन्हा महराज ने सपत्नीक 101 रूपए उपहार में दे कर मातारानियों का पांव छू कर आशीर्वाद लिया। विहिप और बजरंग दल ने उपहार के रूप में सभी कन्याओं को कापी-पेंसिल, पानी बॉटल सहित अन्य लेखन सामाग्री सप्रेमभेंट कर आशीर्वाद लिया। देवी स्वरूपा कन्याओं की संख्या अधिक होने के कारण पालियों में कन्याभोज कराया गया।

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कोरबा

जवारा कलश विसर्जन के साथ माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रि सम्पन्न

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जब एक साथ 181 नारीशक्ति के सिर पर जवारा कलश रखकर जवारा कलश यात्रा नदी की ओर प्रस्थान किया तब दिखा अद्भूत नजारा
देश-दुनिया में पहुंचे शुभता का संदेश: सभी का शुभ हो, कल्याण हो और सुख-शांति का वास हो
प्रबंधक एवं राजपुरोहित नन्हा महराज की अगुवाई में स्थापित जवारा कलशों की पूजा-अर्चना के बाद किया गया हसदेव घाट में विसर्जन
पाण्डेय परिवार ने की जवारा कलश में शामिल नारी शक्ति की पूजा, मांगा कोरबा के लिए शुभ आशीर्वाद

कोरबा। आज क्वांर शुक्ल नवमी विक्रम संवत् 2083 सोमवार 19 अक्टूबर की गोधूली बेला आते ही माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) माँ श्री सर्वमंगला के श्रीचरणों में नतमस्तक हुए और 09 दिन तक सेवा में जो भी कमी हो, अज्ञानी समझकर माफ करना और कोरबा की समृद्धि, खुशहाली एवं सुख-शांति बनाए रखना, का आशीर्वाद लिया और जवारा कलश विसर्जन के लिए माँ से अनुमति मांगी और पूजा-अर्चना के बाद जवारा कलश स्थापना कक्ष पहुंचकर स्थापित 181 जवारा कलशों की पूजा-अर्चना की और उसके बाद नारी शक्तियों के सिर पर जवारा कलश रखा गया और सभी नारी शक्ति पाण्डेय परिवार के निज निवास के सामने पहुंचीं, जहां पाण्डेय परिवार की मुखिया एवं नमन पाण्डेय की माताश्री श्रीमती गीता देवी पाण्डेय के सानिध्य में नारी शक्ति की पूजा की और बैगाओं को शांत किया।
चुनरी की सुरक्षा दीवार के बीच मांदर की थाप, कर्मा नृत्य संग आतिशबाजी के बीच नारी शक्ति का समूह गंगा जैसी पवित्र हसदेव नदी की ओर प्रस्थान किया। जब एक साथ 181 नारी शक्ति सर पर जवारा कलश रखकर कतारबद्ध नदी की ओर प्रस्थान किया तो अंधेरे में ज्योति कलशों का प्रकाशपूंज शुभता का संदेश दे रहे थे- असतो मा सद्गमय… तमसो मा ज्योतिर्गमय…।
दिव्य मंत्रोच्चार के साथ नदी में कलश विसर्जित

हसदेव घाट पहुंचने पर पुन: सभी जवारा ज्योति कलशों की पूजा-अर्चना नमन पाण्डेय ने की और बैगाओं ने विधि विधान पूरा किया और नारी शक्ति के सर से एक-एक कलश उतारा गया और नदी में विसर्जित कर आशीर्वाद मांगा-हे माँ! सभी का कल्याण करना, विश्व में शांति का वास हो, ऐसा आशीर्वाद देना, घर-घर समृद्धि बनकर वास करना और समाज में सत्व का प्रकाश फैलाना।
काली माँ को देखकर जब बैगा चिल्लाने लगा

माँ श्री सर्वमंगला देवी मंदिर में जवारा कलश विसर्जन के दौरान कई रोमांचकारी दृश्य भी देखने को मिला। खप्पर रखे बैगा को देवी माँ चढ़ी थी और जवारा कलश विसर्जन यात्रा जब परिसर में स्थित काली मंदिर पहुंची तो बैगा काली माँ को देखकर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और माँ के शरण में पहुंच गया। यहां के पुजारी ने बैगा को शांत किया और फिर विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। जसगीत के बीच विसर्जन यात्रा आगे बढ़ी। सड़क पर आतिशबाजी की गई और आकाश सतरंगी छटाओं से निखर गया। कलश यात्रा विसर्जन के दौरान कोई हनुमान के रूप में माँ का स्वागत कर रहे थे तो कोई शेर-भालू बीच में आकर दर्शकों के मन में उल्लास भर रहे थे। कई नारी शक्ति को देवी माँ चढ़ी थीं और वे माँ की भक्ति में ऐसे डूब गए थे जैसे वे आदिशक्ति की उपासना में आत्मसात हो गए हों।
जवारा कलश विसर्जन यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल

जवारा कलश विसर्जन यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में माँ सिद्धिदात्रि की पूजा करने पहुंचे हजारों श्रद्धालु भी ज्योति कलशों का प्रकाशपूंजों को निहार रहे थे और अद्भूत आनंद का एहसास कर रहे थे।
शुभता का संदेश- सार्वभौम में शांति का वास हो, सभी का कल्याण हो-नमन पाण्डेय

क्वांर शुक्ल में आयोजित 09 दिन तक शारदीय नवरात्रि के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने के बाद मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने माँ के दरबार में मत्था टेका और कहा- हे माता रानी! हम सभी पर आपका उपकार सदा बना रहे, कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़, देश-दुनिया में सभी जीवों का कल्याण करना, सभी का जीवन सरल और सुलभ हो। विश्व में शांति की स्थापना हो और सभी का कल्याण हो।

नमन पाण्डेय ने नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि सम्पन्न होने पर सभी भक्तों की अनुशासनप्रियता के लिए आभार जताया। 12 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों सहित जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन एवं शांति व्यवस्था के लिए 24 घंटें उपलब्ध रहने वाले पुलिस जवानों का भी आभार जताया और कहा कि पुलिस सुरक्षा के बीच 09 दिवसीय शारदीय नवरात्रि सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को सम्पन्न कराने वाले विद्वान आचार्यों, पंडितों का भी आभार जताया। व्यवस्था में लगे सेवकों, मंदिर के सेवादारों एवं प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से सेवा करने वाले सभी भक्तों का भी आभार जताया और कहा कि सभी के सहयोग से शारदीय नवरात्रि सम्पन्न हुई। माँ! सभी का कल्याण करे।

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