कोरबा
शिक्षा ने बदली जिंदगी : पहाड़ी कोरवा युवती बनी प्रेरणाश्रोत
कोरबा। विकासखण्ड कोरबा के वनांचल क्षेत्र, ग्राम पंचायत गढ़उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम कदमझेरिया की निवासी राजकुमारी, पहाड़ी कोरवा (विशेष पिछड़ी जनजाति) समुदाय की वह युवती है जिसने कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़कर अपनी शिक्षा, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर एक नई पहचान बनाई है।

बचपन में परिवार के साथ दूसरों के घरों में मजदूरी करना, जंगलों से वनोपज इकट्ठा कर गुजर-बसर करना, यही उनकी दिनचर्या थी। आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि एक वक्त का भोजन भी बड़ी मुश्किल से नसीब होता था। घास-फूस से बने कच्चे मकान में रहने वाली राजकुमारी का जीवन संघर्षों से भरा था।

घरवालों ने 5वीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे गांव भेजने से साफ इंकार कर दिया। लेकिन राजकुमारी ने हार नहीं मानी। संकल्प लिया कि शिक्षा ही जीवन बदल सकती है। जिद कर वह सतरेंगा के आदिवासी कन्या आश्रम में भर्ती हुई और अपनी पढ़ाई जारी रखी। 8वीं तक की पढ़ाई आश्रम में पूर्ण करने के बाद राजकुमारी ने घर पर रहते हुए 10वीं और 12वीं की परीक्षा स्वाध्यायी विधि से उत्तीर्ण की। इस दौरान समाज के ताने भी कम नहीं थे- “लड़कियों को ज्यादा पढ़ाई नहीं करनी चाहिए”, “ज्यादा पढ़ने से इंसान पागल हो जाता है” जैसी बातें उनके हौसले तोड़ने की कोशिश करती रहीं। लेकिन राजकुमारी का लक्ष्य स्पष्ट था। मुख्यधारा में शामिल होकर अपने समुदाय के लिए बदलाव का मार्ग प्रशस्त करना। शिक्षित और योग्य होने के कारण उन्हें आदिवासी विकास विभाग द्वारा कंप्यूटर कोर्स कराया गया। उनकी मेहनत रंग लाई और जिला प्रशासन कोरबा के विशेष भर्ती अभियान के तहत 1 जनवरी 2022 को उन्हें तहसील कार्यालय पोंड़ी-उपरोड़ा में सहायक ग्रेड-03 के पद पर नियुक्ति मिली।
आज राजकुमारी अपनी सरकारी नौकरी से आर्थिक रूप से सक्षम हो चुकी हैं। उन्होंने अपने जीवन स्तर को पूरी तरह बदल दिया है-कार, मोटरसाइकिल, स्कूटी, टीवी, फ्रिज, कूलर, मोबाइल जैसी सुविधाएँ अब उनके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा हैं। वे अपने परिवार के साथ शासकीय कॉलोनी पोंड़ी-उपरोड़ा में सम्मानजनक और खुशहाल जीवन जी रही हैं। ससुराल ग्राम कोनकोना (पोंड़ी-उपरोड़ा) में उनका पक्का मकान भी निर्माणाधीन है। यह उनकी उपलब्धि और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। जहाँ एक ओर पहाड़ी कोरवा समुदाय शिक्षा के अभाव में अभी भी जंगलों और पहाड़ों के सहारे जीवन काट रहा है, वहीं राजकुमारी उनकी सोच और भविष्य दोनों को बदलने वाली प्रेरक शक्ति बन चुकी हैं। आज राजकुमारी को देखकर समुदाय की कई अन्य युवतियाँ और युवा शिक्षा के प्रति जागरूक हो रहे हैं और शासकीय शिक्षण संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं।
राजकुमारी केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि पूरे पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए आशा, परिवर्तन और सशक्तिकरण की प्रतीक बन चुकी हैं।

कोरबा
सड़क दुर्घटना रोकने बालको प्रबंधन और ट्रांसपोर्ट्स की पुलिस ने ली बैठक
कोरबा। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने पुलिस प्रशासन ने सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान के तहत जरूरी कवायद शुरू कर दी है।

इसके तहत बुधवार को एएसपी लखन पटले ने बालको थाना में बालको प्रबंधन और ट्रांसपोर्टरों की संयुक्त बैठक ली। इस दौरान उनके साथ सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी और थाना प्रभारी युवराज तिवारी भी मौजूद रहे। एएसपी पटले ने बैठक में सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क पर भारी वाहनों के कारण होने वाली रात्रि दुर्घटनाओं को रोकने अब सुरक्षा मानकों में कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सभी ट्रांसपोर्टरों को निर्देशित किया कि सभी भारी वाहनों के पीछे रेडियम पट्टी (रिफ्लेक्टिव टेप) लगाना अनिवार्य है, ताकि रात के अंधेरे में वाहन दूर से दिखाई दे सकें। आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर वाहनों की चेकिंग की जाएगी। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों और मालिकों पर भारी जुर्माना ठोका जाएगा।
कोरबा
कोरबा के SECL कुसमुंडा खदान में चलती डम्फर में आग:शॉर्ट सर्किट से लगी, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान
कोरबा। कोरबा में एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के गोदावरी फेंस में बुधवार देर रात एक चलती 100 टन क्षमता वाली डम्फर में आग लग गई। कोयला परिवहन कर रही इस डम्फर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। पीछे चल रही दूसरी गाड़ी के ड्राइवर की सतर्कता से डम्फर ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई।

यह घटना बुधवार रात करीब 11:30 बजे कुसमुंडा खदान के गोदावरी फेंस एरिया में हुई। एसईसीएल की 100 टन डम्फर कोयला लेकर जा रही थी, तभी अचानक उसके इंजन से धुआं उठने लगा।

डम्फर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी।
कुछ ही सेकण्ड्स में आग की लपटें दिखी
पीछे चल रहे दूसरे डम्फर के ड्राइवर ने आग देखकर हॉर्न बजाकर आगे वाले ड्राइवर को सतर्क किया। कुछ ही सेकंड में आग की लपटें निकलने लगीं।
दमकल आते तक गाड़ी का एक हिस्सा जल कर खाक
बताए जाने पर डम्फर ड्राइवर ने तुरंत गाड़ी को साइड में खड़ा किया और कूदकर बाहर निकल आया। इसके तुरंत बाद पूरी डम्फर आग की चपेट में आ गई। खदान में काम कर रहे कर्मचारियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
दमकल के पहुंचने तक डम्फर का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।

दूसरी गाड़ी के ड्राइवर की सतर्कता से डम्फर ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई।

दमकल के पहुंचने तक डम्फर का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
खदान में पहले भी हुई है इसी घटनाएं
कुसमुंडा खदान में डम्फर में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार शॉर्ट सर्किट और तकनीकी खराबी के कारण एसईसीएल के भारी वाहनों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खदान कर्मियों का आरोप है कि वाहनों का नियमित रखरखाव न होने और पुराने डम्फरों के इस्तेमाल से ऐसे हादसे हो रहे हैं।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की बात कही है । मामले की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जा रही है।
कोरबा
शराब के लिए पैसे न देने पर बेटे ने ईंट से हमला कर पिता को मौत के घाट उतारा
कोरबा। कोरबा उरगा थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते अपने पिता की हत्या करने वाले नाबालिग (17) के विरुद्ध पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। आरोपी नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के सामने प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने घटना में उपयोग ईंट भी बरामद कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, उरगा थाना क्षेत्र के एक गांव में 46 वर्षीय व्यक्ति का अपने नाबालिग बेटे से घरेलू बातों और पैसों को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर नाबालिग ने अपने पिता के सिर और चेहरे पर ईंट से हमला कर दिया। इस हमले में पिता को गंभीर चोटें आईं।

पुलिस ने घटना में उपयोग ईंट भी बरामद कर लिया है, जिस से नाबालिग ने अपने पिता को मार डाला।
इलाज के दौरान घायल पिता की मौत हो गई
घटना के बाद परिजनों ने घायल को तुरंत जिला हॉस्पिटल कोरबा पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया। बिलासपुर में इलाज के दौरान 7 अप्रैल को घायल पिता की मौत हो गई। मर्ग डायरी प्राप्त होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
पुलिस की कार्रवाई
मौत की पुष्टि होते ही, थाना उरगा में 28 अप्रैल को अपराध क्रमांक 257/2026, धारा 103 बीएनएस के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बेटा शराब पीने का आदी था
बताया जा रहा है कि नाबालिग बेटा शराब पीने का आदी था। घटना वाले दिन उसने शराब के लिए पैसे मांगे थे और पैसे न मिलने पर उसने पिता पर हमला कर दिया था। मृतक की उम्र लगभग 46 साल बताई जा रही है, जबकि नाबालिग की उम्र करीब 17 साल है।

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