कोरबा
हनुमंत कथा के चौथे दिन ढपढप में उमड़ी आस्था की विराट भीड़, कृषि मंत्री रामविचार नेताम और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे ने किया कथा श्रवण
भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, मंडल अध्यक्ष, पार्षदगण और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति से और भव्य हुआ आयोजन, सुंदरकांड-हनुमान चालीसा और दिव्य दरबार ने बांधा समां

कोरबा। ग्राम ढपढप में आयोजित भव्य हनुमंत कथा के चौथे दिन आस्था, श्रद्धा और भक्ति का ऐसा विराट दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। चौथे दिन कथा स्थल पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, वहीं इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे ने भी पहुंचकर श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण किया। दोनों वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक ऐतिहासिक, प्रभावशाली और चर्चित बना दिया।
कथा स्थल पर उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, भाजपा संगठन के मंडल अध्यक्ष, पार्षदगण, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, तथा आयोजन समिति के सभी सदस्य और सेवाभावी स्वयंसेवक भी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान सभी ने श्रद्धा, अनुशासन और समर्पण के साथ कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
चौथे दिन कथा स्थल बना आस्था का महासागर

चौथे दिन ढपढप का कथा स्थल किसी आस्था के महाकुंभ से कम नहीं दिखाई दिया। जहां तक नजर जाती, वहां तक श्रद्धालुओं की भीड़ ही दिखाई दे रही थी। महिलाएं, पुरुष, युवा, बुजुर्ग और बच्चे—सभी भक्ति भाव से कथा श्रवण करते नजर आए। कथा पंडाल के भीतर और बाहर केवल जय श्रीराम, जय बजरंगबली और हनुमान जी महाराज की जय के उद्घोष गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति, विश्वास, उम्मीद और भावनात्मक जुड़ाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। चौथे दिन का आयोजन यह संदेश देता नजर आया कि यह कथा अब केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनआस्था और आध्यात्मिक चेतना का विराट केंद्र बन चुकी है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम और सरोज पांडे की उपस्थिति बनी विशेष आकर्षण

चौथे दिन का सबसे विशेष और चर्चित पहलू रहा छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे का कथा स्थल पर पहुंचना। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने श्रद्धा भाव से हनुमंत कथा का श्रवण किया और आयोजन की भव्यता, अनुशासन तथा भक्तिमय वातावरण की सराहना की।

उनकी उपस्थिति से कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने इसे धर्म, संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।

गोपाल मोदी, मंडल अध्यक्ष, पार्षद और कार्यकर्ताओं की मजबूत भागीदारी
इस भव्य आयोजन में भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी भी श्रद्धा भाव के साथ उपस्थित रहे। उनके साथ भाजपा संगठन के सभी मंडल अध्यक्ष, पार्षदगण, तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी कथा श्रवण करते नजर आए।
कार्यकर्ताओं की केवल उपस्थिति ही नहीं, बल्कि गंभीर सहभागिता, सेवाभाव और अनुशासित व्यवस्था भी आयोजन की बड़ी विशेषता रही। इस कार्यक्रम के सभी कार्यकर्ता पूरे समर्पण के साथ आयोजन को सफल बनाने में जुटे रहे।
दिव्य दरबार में भावावेश और आस्था का अद्भुत संगम

चौथे दिन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा दिव्य दरबार, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दरबार के दौरान कई श्रद्धालु भावावेश में झूमते, रोते, कांपते, सिर झुकाते और प्रभु नाम का स्मरण करते दिखाई दिए।
कई लोगों की आंखों से आंसू बहते नजर आए, तो कई श्रद्धालु हाथ जोड़कर विनती करते और प्रभु भक्ति में पूरी तरह डूबे हुए दिखाई दिए।
कथा स्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, यह दृश्य अत्यंत भावुक, रहस्यमय और आध्यात्मिक अनुभूति से भरा हुआ था। कई श्रद्धालुओं ने इसे हनुमान कृपा और दिव्य प्रभाव का अनुभव बताया।
पूरे परिसर में ऐसा वातावरण बन गया, जिसे देखकर हजारों लोग स्वयं भी भाव-विभोर हो उठे।
हनुमान चालीसा की गूंज से बदल गया पूरा माहौल
कार्यक्रम के अंतिम चरण में जब हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ शुरू हुआ, तब पूरा कथा स्थल एक स्वर में भक्ति की ध्वनि से गूंज उठा।
हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ “जय हनुमान ज्ञान गुण सागर…” का पाठ किया और पूरा वातावरण गंभीर, शांत, भक्तिमय और ऊर्जावान हो गया।
लोगों ने अनुभव किया कि हनुमान चालीसा की गूंज ने कथा स्थल पर उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के मन को भीतर तक छू लिया।
कई श्रद्धालु शांत होकर सिर झुकाकर बैठ गए, तो कई प्रभु स्मरण में पूरी तरह डूब गए।
सुंदरकांड पाठ ने रचा भक्ति का शिखर

दिव्य दरबार और हनुमान चालीसा के बाद हुए सुंदरकांड पाठ ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक चरम पर पहुंचा दिया।
श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ सुंदरकांड पाठ में शामिल हुए।
सुंदरकांड के दौरान पूरा कथा स्थल रामभक्ति और हनुमान भक्ति की धारा में बहता नजर आया।
ढपढप बना सनातन चेतना और आस्था का केंद्र
लगातार बढ़ती भीड़, प्रदेश के बड़े नेताओं की उपस्थिति, और दिव्य वातावरण ने यह सिद्ध कर दिया है कि ढपढप की हनुमंत कथा अब पूरे क्षेत्र की आस्था और सनातन चेतना का केंद्र बन चुकी है।
यह आयोजन न केवल धर्म और भक्ति का संदेश दे रहा है, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और जनसमर्पण की भी मिसाल बन रहा है।
संक्षेप में कहें तो — ढपढप की पावन धरा पर चौथे दिन हनुमंत कथा ने ऐसा इतिहास रचा, जहां एक ओर लाखों श्रद्धालु भक्ति में डूबे, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के बड़े नेताओं ने पहुंचकर आस्था को नमन किया।

कोरबा
महंगाई के विरोध में कांग्रेस ने दर्री में निकाली शवयात्रा
कोरबा। लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर 21 मई को दर्री क्षेत्र जमनीपाली में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेसजनों द्वारा केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।

पूर्व मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस (एलपीजी) तथा अन्य दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्रियों के दामों में जिस तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, उससे आम जनता का जीवन अत्यंत कठिन हो गया है। महंगाई ने मध्यमवर्गीय एवं गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है और लोगों के लिए गृहस्थी चलाना दुश्वार हो गया है।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन व्यवस्था एवं आवश्यक वस्तुओं पर पड़ता है, जिसके कारण हर वस्तु महंगी होती जा रही है। रसोई गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों ने गृहिणियों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। वहीं खाद्य तेल, दाल, सब्जियां एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से आम नागरिक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

जयसिंह अग्रवाल ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को राहत देने के बजाय सरकार केवल बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि आम आदमी महंगाई से त्रस्त है। उन्होंने मांग की है कि पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की कीमतों में तत्काल कमी की जाए तथा आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। जमनीपाली पेट्रोल पंप के पास पिछले दो दिनों से डीजल के अभाव में दर्जनों ट्रक सड़क किनारे कतार से खड़े हैं ।

विरोध प्रदर्शन रैली में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक तौर पर मंहगाई का अर्थी सजाकर शवयात्रा निकाला और मातमपुर्शी करते हुए ‘राम नाम सत्य है, मंहगाई जबरजस्त है’, महंगाई की मार, अब नहीं सहेंगे यार । जनता त्रस्तः भाजपा मस्त, जैसे नारे भी लगाये ।
इस आयोजन में प्रमुख रूप से जयसिंह अग्रवाल के साथ प्रदेश सचिव विकास सिंह, कोरबा जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर) मुकेश कुमार राठौर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष (ग्रामीण) मनोज चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष नत्थूलाल यादव, पूर्व सभापति धुरपाल सिंह कँवर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, बालको नगर ब्लाक अद्ध्यक्ष ए.डी.जोशी, राजेंद्र तिवारी, पालुराम साहू, बसंत चंद्रा, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष सुधीर जैन, पार्षद नारायण लाल कुर्रे, रवि सिंह चंदेल, मंडल अध्यक्ष रोपा तिर्की, इकबाल कुरैशी, पूर्व पार्षद सुरती कुलदीप, अविनाश बंजारे, वरिष्ठ कांग्रेसी राजेंद्र सिंह ठाकुर, रेखा त्रिपाठी, रतन यादव, संजय अग्रवाल, हरवेन्द्र सिंह, अनिल द्विवेदी, राम इकबाल, बिसाहु दास, देवीदयाल तिवारी, भरत साहु, राजकुमार श्रीवास, जाकिर खान, डॉ.डी आर नेताम, सीमा कुर्रे, छत्रपाल कुर्रे, संतोष ठाकुर, रमेश दास महंत, सिकंदर मेमन, शशि साहु, हीरा साहु, संतोष यादव, संगीता श्रीवास, पार्षद अयोध्या मस्तुल कंवर, परमानंद सिंह, प्रवीण कुमार, मधुसुदन दास सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसजनों ने महंगाई के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही जनता को राहत नहीं दी, तो कांग्रेस पार्टी जनहित में आगे भी व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी।
कोरबा
सिंघाली क्षेत्र में बिजली तार चोरी से ग्रामीण अंधेरे में, राजेश यादव ने तत्काल बिजली व्यवस्था बहाल करने की उठाई मांग
ढेलवाडीह/कटघोरा। कटघोरा सब स्टेशन ढेलवाडीह से संचालित देवरी फीडर अंतर्गत ढेलवा डीह जंगल से जवाली-सिंघाली पुल तक लगभग 7 से 8 किलोमीटर क्षेत्र में अज्ञात चोरों द्वारा करीब 25 से 30 बिजली पोलों के तार काटकर चोरी कर लिए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से जवाली, सिंघाली और देवरी क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार 14 मई को सिंघाली में सुशासन दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, लेकिन इसके अगले ही समय बिजली प्रवाहित खंभों से तार चोरी कर चोरों ने पुलिस और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने प्रशासन एवं बिजली विभाग से तत्काल क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बाधित होने से आमजन को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने भी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली चोरी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए रात्रि गश्त बढ़ाने, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने तथा बिजली लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग प्रशासन से की है।
कोरबा
तेज धूप और थकान में भी हरा सोना से मिलती है राहत
गाँव-गाँव इन दिनों तेंदूपत्ता संग्रहण का चल रहा सिलसिला
कोरबा। तेज़ दोपहरी की धूप हो या गाँव के तालाबों में कम होता पानी, गर्मी का मौसम अपने साथ कई चुनौतियाँ लेकर आता है। लेकिन कोरबा जिले के दूरस्थ गाँव लेमरू के परिवारों के लिए यही मौसम खुशियों की सौगात भी लेकर आया है। कारण है—तेंदूपत्ता के बढ़े हुए दाम, जिसने इस क्षेत्र के सैकड़ों संग्राहक परिवारों की उम्मीदों को नई उड़ान दी है।

गाँव की गलियों में दोपहर का सन्नाटा भले ही छाया रहता हो, पर जंगल की ओर जाने वाली पगडंडियों पर सुबह से शाम तक रौनक देखने को मिलती है। महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्ग तेंदूपत्ता संग्रहण में जुटे हुए हैं। जंगलों से पत्ते तोड़कर लाना, उन्हें गठरी में भरकर घर तक लाना और फिर घर की परछी में बैठकर 50-50 पत्तों के बंडल बनाना—इन सब कामों के बीच उनके चेहरों पर एक समान चमक दिखाई देती है। सभी के मन में यही खुशी है कि दाम बढ़ने से आमदनी भी बढ़ेगी और जितना अधिक संग्रहण होगा, उतनी ही आमदनी मिलेगी।
लेमरू गाँव के संतोष यादव और उनकी पत्नी दिव्या यादव हर सुबह सूरज निकलने से पहले लाम पहाड़ के जंगल की ओर निकल जाते हैं। दिव्या बताती हैं कि सुबह से दोपहर तक पत्ते तोड़ते हैं, फिर दोपहर के बाद खाना खाकर घर में बैठकर बंडल बनाना शुरू करते हैं। इस बार वे पिछले साल से कहीं अधिक पत्ता तोड़ रहे हैं, क्योंकि कीमत भी बढ़ी है और मेहनत का सीधा लाभ मिलने वाला है। संतोष परसा पेड़ की छाल से रस्सी बनाकर तेंदूपत्तों की गड्डी तैयार करते हैं।
दिव्या, जिन्हें महतारी वंदन योजना से प्रति माह 1000 रुपये की सहायता मिलती है, बताती हैं कि यह राशि उनके परिवार के लिए बेहद उपयोगी है। तेंदूपत्ता संग्रहण और योजना से मिली सहायता मिलकर अब उनके परिवार के लिए बेहतर भविष्य की राह खोल रहे हैं। वे खुशी से बताती हैं कि अब प्रति मानक बोरा की कीमत 5500 रुपये कर दी गई है, जिससे वे अपने घर के निर्माण का सपना पूरा करना चाहती हैं।
गाँव की ही सोना बाई और सुमित्रा बाई भी सुबह-सुबह जंगल जाती हैं। वे कहती हैं कि जितना ज्यादा पत्ता तोड़ेंगे, उतनी ही आय होगी। पहले कीमत 2500 रुपये थी, फिर 4000 हुई और अब 5500 रुपये होने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। तेंदूपत्ता संग्राहक कार्ड के माध्यम से बीमा और बच्चों को छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ भी मिल रही हैं, जो वन क्षेत्र के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन चुकी हैं।
तेंदूपत्ता के बढ़े दामों ने संग्राहकों के चेहरों पर नई रोशनी ला दी है। संग्राहकों ने कीमत वृद्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया है। उन्हें भरोसा है कि बढ़ी हुई कीमतें उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल देंगी और उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत बनाएँगी।
गर्म हवाओं और सूखे खेतों के बीच भी लेमरू के इन परिवारों के चेहरों पर चिंता नहीं, बल्कि उम्मीद की हरियाली है। तेंदूपत्ता सिर्फ उनका रोज़गार नहीं है, बल्कि जीवन बदलने की एक मजबूत ताकत है। यह कहानी तेंदूपत्ते की नहीं, बल्कि उन परिवारों की है जिन्होंने मेहनत, आत्मविश्वास और बढ़ी हुई कीमतों के सहारे अपने जीवन में नई खुशियों की हरियाली उगाई है।
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