कोरबा
Crop Diversification Fuels Rural Growth in Chhattisgarh’s Agrarian Belts
Balconagar. Chhattisgarh, known as one of India’s most agriculture‑intensive states, relies heavily on small and marginal farmers whose livelihoods are closely tied to monsoon patterns and soil conditions. In regions like Korba, where agriculture forms the backbone of rural income, fluctuations in rainfall and rising input costs have pushed farmers to reconsider traditional cropping choices. Over the past few years, this has led to a gradual but visible shift in cropping patterns, one that is improving farm incomes while reducing pressure on local water resources.

In this evolving landscape, farmers who once depended largely on water-intensive paddy are increasingly adopting groundnut cultivation. Bharat Aluminium Company Limited (BALCO), through its sustainable livelihood initiative ‘Mor Jal Mor Maati’, is supporting more than 9,000 farmers across 40 villages in adopting climate-resilient agricultural practices. The programme provides regular awareness and training in water management, modern agronomy, livestock rearing, non-timber forest produce value-addition and support for Farmer Producer Organizations (FPOs). Within this broader framework, groundnut has emerged as a viable alternative crop, offering both economic and ecological benefits.
Until recently, groundnut cultivation in the region was limited and largely confined to household use. Traditional methods, high input costs, and limited market access restricted its commercial potential. BALCO’s intervention has helped address these constraints by providing improved seeds, appropriate fertilizers, and on-ground technical guidance. Farmers are being trained in practices such as line sowing, seed treatment, and balanced nutrient application, leading to efficient crop management and better yields.
The transformation on the ground has been striking. From fewer than 50 farmers earlier, nearly 1,000 farmers today are engaged in groundnut cultivation, achieving average yields of 8-10 quintals per acre. This shift has generated an additional income of ₹45,000–₹55,000 per acre. In FY 2026 alone, over 470 families benefited directly, while nearly 200 more farmers adopted the crop after witnessing its success in neighbouring fields.
For farmers, the transition is both economic and practical. Sunita Rathia, a farmer from Bhatgaon, says, “I had been cultivating paddy for years. It required higher water and input costs, with limited returns. After joining BALCO’s Mor Jal Mor Maati programme, I adopted groundnut cultivation. The crop offers stable market value. With the increase in my income, I now plan to expand groundnut cultivation.”
Similarly, Kanhaiya Lal, a farmer from Bundeli village, reflects on his experience, “This year, I achieved a yield of about 8 quintals per acre, which is my best so far. The training under the Mor Jal Mor Maati has made a significant difference. The improved output has strengthened my household income and encouraged me to explore micro-irrigation and other advanced farming practices.”
Beyond income gains, crop diversification is contributing to improved soil health and better performance of subsequent crops, while also reducing dependence on water-intensive cultivation. This shift is helping farmers build resilience against climate variability, a growing concern for agricultural districts across central India.
As agriculture adapts to changing resource conditions and market demands, such interventions present a replicable model of community-driven development. By combining technical support, capacity building, and market linkage, BALCO’s initiative is catalysing grassroots transformation, turning groundnut cultivation from a marginal activity into a dependable source of income and enabling a broader shift towards resilient and diversified rural livelihoods.
कोरबा
बरमपुर में बसे विस्थापित परिवार के बेदखली आदेश पर रोक लगाने की मांग की किसान सभा ने
दर्री तहसीलदार को ज्ञापन सौंप कर बसावट की मांग की प्रभावितों ने
कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र अंतर्गत बरमपुर के आजाद नगर में 46 वर्षों से अधिक समय से जरहाजेल से विस्थापित परिवार जिनकी जमीन एसईसीएल द्वारा अधिग्रहण के बाद बसाया गया था, उन्हें सड़क चौड़ीकरण के नाम से पुनः बेदखल करने का आदेश जारी किया गया है, जिससे वहां निवासरत विस्थापित परिवार मानसिक रूप से प्रताड़ित और भयभीत है।

किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा के नेतृत्व में बेदखली आदेश से प्रभावित जरहाजेल के विस्थापितों ने दर्री तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए बेदखली से पहले बसावट की व्यवस्था की मांग की है।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि जरहाजेल से विस्थापित परिवार को बरमपुर के आजाद नगर के पास बसाया गया था, अब उन्हें सड़क चौड़ीकरण के नाम से पुनः दुबारा 46 वर्षो के बाद बेदखल करने का आदेश से एसईसीएल और जिला प्रशासन का अमानवीय चेहरा सामने आया है, जिसका किसान सभा विरोध करती है।
किसान सभा ने बेदखली आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए किसी को भी हटाने से पूर्व उन्हें बसावट की सुविधा एवं बने हुए मकानों का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस संबंध मे जिला प्रशासन को भी पत्र लिखकर आवश्यक पहल करने की मांग की है।
जरहाजेल के विस्थापित किसान इंद्रप्रकाश कैवर्त और घासीराम कैवर्त ने बताया कि जरहाजेल गांव का अधिग्रहण एसईसीएल द्वारा किया गया आज भी जरहाजेल के विस्थापित किसान रोजगार और बसावट से वंचित हैं और एक बार 1980 में हमें अपने पूर्वजों के जमीन से देश के विकाश के नाम पर विस्थापित किया गया और 46 साल के बाद बिना बसावट की व्यवस्था किए बगैर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है जिसका हम विरोध करते है।
किसान सभा ने कहा कि जबरन बेदखल करने की कोशिश की गई तो किसान सभा सड़को पर उतर कर विरोध भी करेगी।
ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से रेशम लाल यादव, दामोदर श्याम, घासीराम, इंद्रप्रकाश, शिवप्रसाद, अनूप कुमार, राजू कैवर्त, सुशील कुमार, गौतम यादव के साथ बड़ी संख्या में प्रभावित किसान उपस्थित थे
कोरबा
कोरबा : महापौर रहते 15 साल पहले जोगियाडेरा में जिस सड़क को लखन ने बनवाई, अब वे ही उसे संवार रहे
’स्लम बाहुल्य वार्ड स्थित जोगियाडेरा पीपरापारा बस्ती में होगें 90 लाख रू. से सड़क डामरीकरण कार्य’
’उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कार्य हेतु किया भूमिपूजन, तत्काल कार्य प्रारंभ कर पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुये नियत समय में कार्य पूरा करने के दिये निर्देश’


कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के स्लम बाहुल्य वार्ड क्र. 18 स्थित जोगियाडेरा व पीपरापारा बस्ती में 90 लाख रूपये की लागत से डामरीकरण का कार्य आज प्रारंभ किया गया, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने उक्त कार्य का भूमिपूजन किया तथा तत्काल कार्य प्रारंभ कर कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान के देने के साथ ही समयसीमा में कार्य को पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इस मौके पर वार्ड पार्षद नरेन्द्र देवांगन, पार्षद चन्द्रलोक सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

जोगियाडेरा वह बस्ती है, जो पहले भी उपेक्षित था और अब भी उपेक्षित रहा, लेकिन लखन लाल देवांगन ने इस उपेक्षित स्लम बस्ती की सुध ली। 15 साल पहले जब वे महापौर थे तो उन्होंने उपेक्षित जोगियाडेरा में विकास की रोशनी बिखेरी और 15 साल बाद मंत्री के रूप में संवार रहे हैं।
नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा निगम क्षेत्र में किये जा रहे लगातार विकास कार्याे की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में निगम के वार्ड क्र. 18 स्थित जोगियाडेरा व पीपरापारा बस्ती में 90 लाख रूपये की लागत से सड़क डामरीकरण कार्य होने जा रहा है, जिसका भूमिपूजन आज प्रदेश के उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के द्वारा किया गया, उन्होने कार्य हेतु विधिवत पूजा अर्चना की, भूमिपूजन पट्टिका का अनावरण किया तथा कार्य प्रारंभ किये जाने के निर्देश अधिकारियों व निर्माण एजेंसियों को दिये। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि कार्य के दौरान गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें तथा नियत समय पर कार्य पूरा करायें।
’मेरे महापौर कार्यकाल में बनी थी सड़क, आज हो रहा उसका जीर्णाेद्धार’
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि जोगियाडेरा पीपरापारा बस्ती की यह सड़क मेरे महापौर कार्यकाल में बनाई गई थी, मुझे खुशी है कि आज 20-22 वर्ष बाद इस सड़क का जीर्णाेद्धार व डामरीकरण का कार्य मेरे द्वारा प्रारंभ कराया जा रहा है, मैं इसके लिये बस्तीवासियों को बधाई देता हॅूं तथा उन्हें विश्वास दिलाता हूॅं कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान अनिवार्य रूप से किया जायेगा। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन अपने उद्बोधन में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य का तेजी से विकास हो रहा है, हमारी सरकार खोखले वायदें नहीं करती तथा हमारे द्वारा जो भी वायदें किये जाते हैं, वह अवश्य पूरे होते हैं, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हमारे छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे कार्य हैं। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने अल्प समय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सभी गारंटियों केा पूरा कर अपनी वचनबद्धता प्रदर्शित की है। उन्होने कहा कि डॉ.रमन सिंह 15 वर्षाे तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे, प्रदेश में विकास की गंगा बहाई तथा विकास पुरूष के रूप में छबि अर्जित की, अब पुनः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा प्रदेश में विकास की गंगा बहाई जा रही है, राज्य के नागरिकों के दुख-दर्द दूर किये जा रहे हैं, उनकी समस्याओं का त्वरित निदान हो रहा है।
हमने बनाया है-हम ही संवारेंगे
वार्ड पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने इस मौके पर कहा कि हमारी सरकार का मानना है कि हमने छत्तीसगढ़ को बनाया है और हम इसे संवारेंगे, और यह नारा केवल कागज तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में राज्य को संवारने, संजाने के प्रमाण प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन जब कोरबा नगर निगम के महापौर थे, तब मेरे वार्ड की इन सड़कों का निर्माण किया गया था, अत्यंत शुभ दिन है कि आज इतने बर्षाे बाद उन्हीं के हाथों इस सड़क का जीर्णाेद्धार व सड़क डामरीकरण का कार्य कराया जा रहा है, उन्होने कहा कि पूर्व में ऐसा भी समय था जब इसी वार्ड में 04 लाख रूपये का कार्य कराने के लिये एक वार्ड पार्षद के रूप में 08 माह तक संघर्ष करना पड़ा था, किन्तु आज सभी वार्डाे में करोड़ो के विकास कार्य बड़ी सहजता के साथ संपादित हो रहे हैं।
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान वार्ड पार्षद नरेन्द्र देवांगन व पार्षद चन्द्रलोक सिंह के साथ ही नारायण सिंह ठाकुर, प्यारेलाल साहू, एच.के.डेनियल, शिव चौहान, दीनू यादव, आशीष द्विवेदी, कृष्णा द्विवेदी, जोन कमिश्नर अखिलेश शुक्ला, देवेन्द्र स्वर्णकार, चंदन मजूमदार, अनिल यादव, अजय महंत, समीर महंत, रामकुमारी मानसर, रामप्रसाद सिदार, बीना डेनियल, संतोष पटेल, सुनीता राव, पुष्पा श्रीवास, प्यारेलाल साहू, पावर दास महंत, बली यादव, ईश्वरी महंत, मूलचंद पटेल, चिंतामणी साहू, जोहन पटेल आदि के साथ काफी संख्या में बस्तीवासी उपस्थित थे।
कोरबा
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती पर कोसाबाड़ी मंडल का भव्य आयोजन, श्रद्धा और सेवा भाव के साथ किया गया स्मरण
प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भाजपा कार्यकर्ताओं ने लिया लोकसेवा और राष्ट्र निर्माण का संकल्प, स्वच्छता अभियान से दिया सामाजिक संदेश
कोरबा। भारतीय जनता पार्टी कोसाबाड़ी मंडल द्वारा लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर अहिल्याबाई होलकर कन्वेंशन हॉल परिसर में गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक जनों ने लोकमाता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान के साथ हुआ। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कन्वेंशन हॉल परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इसके पश्चात लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कर उनके लोककल्याणकारी जीवन, सुशासन, न्यायप्रियता और जनसेवा के अद्वितीय योगदान का स्मरण किया गया।

कार्यक्रम में पूर्व महापौर जोगेश लांबा एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री मंजू सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं। आयोजन की अध्यक्षता कोसाबाड़ी मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर ने की। अपने उद्बोधन में वक्ताओं ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी महान शासिका थीं, जिन्होंने शासन को जनकल्याण का माध्यम बनाया और धर्म, संस्कृति, शिक्षा तथा समाज सेवा के क्षेत्र में अमिट योगदान दिया। उनका जीवन आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ है।

वक्ताओं ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने देशभर में मंदिरों, धर्मशालाओं, घाटों और जनहित के अनेक कार्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनका त्याग, सेवा और समर्पण आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए अनुकरणीय है।
इस अवसर पर मंडल पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं में अनिल वस्त्रकार, सरस्वती पटेल, तेरस दास दीवान, गोपलाल राठिया, सरिता कौशिक, पवन सिन्हा, मदन गोपाल साहू, मोंटी पटेल, आशीष सूर्यवंशी, अमित पटेल, नारायण ठाकुर, बद्री वस्त्रकार, रितेश साहू, चंचला राठौर, सौरभ दुबे, भजन सिंह कंवर, बलदेव दीवान, मिलन दास, वीरेंद्र नायक, करन राजपाल, विवेक राजवाड़े, बसंत बैरागी, केया सेन, मधु मिश्रा, प्रकाश महंत एवं फिंगू यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों पर चलने, समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने तथा राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का वातावरण देखने को मिला।
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर कोसाबाड़ी मंडल का यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और समाज निर्माण के मूल्यों को आत्मसात करने का प्रेरक अभियान बनकर उभरा।
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