छत्तीसगढ़
रायपुर : सुशासन तिहार : संवेदनशील शासन, त्वरित समाधान और जन-विश्वास का नया अध्याय
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार अब केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि जन-सरोकारों से जुड़ा एक सशक्त जन-आंदोलन बन चुका है। इस अभियान ने शासन और नागरिकों के बीच विश्वास की एक नई और अटूट कड़ी स्थापित की है। सुदूर वनांचलों से लेकर नगरीय निकायों तक, सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुँचकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रही है।

जनता के द्वार पहुंची सरकार
सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने आम आदमी को दफ्तरों के चक्कर काटने की विवशता से मुक्ति दिलाई है। प्रशासन स्वयं गांव-गांव पहुँचकर शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के आवेदन सीधे स्वीकार कर रहा है। इन समाधान शिविरों में बड़ी संख्या में मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है, जो साय सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने की प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।
त्वरित निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन
शिविरों के दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता का अनूठा स्वरूप देखने को मिल रहा है। पेयजल संकट के समाधान हेतु तत्काल नए हैंडपंपों की स्वीकृति हो या अतिरिक्त राशन दुकान, सड़क, बिजली और आवास से जुड़े मामले, निर्णय मौके पर ही लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की स्पष्ट मंशा है कि जन-समस्याओं का समाधान समय-सीमा के भीतर हो। इसी के अनुरूप जिला प्रशासनों को जवाबदेह बनाते हुए अधिकारियों को पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने हेतु निर्देशित किया गया है।
अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिल रहा सीधा लाभ
राज्य सरकार की योजनाओं का केंद्र बिंदु समाज का वंचित वर्ग है। प्रधानमंत्री आवास योजना से हजारों परिवारों को पक्की छत मिल रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। किसानों को सम्मान निधि, आधुनिक उपकरण और सिंचाई सुविधाओं का लाभ निरंतर मिल रहा है। शिविरों में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, किसान किताब और जॉब कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों का तत्काल वितरण सरकार की क्रियान्वयन शक्ति को दर्शाता है।
प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा संदेश दिया है कि जन-समस्याओं के प्रति लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीधे जनता से संवाद कर समस्याओं का फीडबैक लेना प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित के प्रति उनकी गंभीरता को रेखांकित करता है, जिससे नागरिकों में शासन के प्रति गहरा भरोसा जगा है।
जनभागीदारी से सुदृढ़ होता लोकतंत्र
इस अभियान ने शासन व्यवस्था को अधिक सहभागी और जन-केंद्रित बनाया है। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने सुशासन तिहार को लोकतंत्र के वास्तविक उत्सव में बदल दिया है। यह पहल केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का माध्यम बन रही है।
नए छत्तीसगढ़ की आधारशिला
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा छत्तीसगढ़ की सर्वाेच्च प्राथमिकता बन गई है। सुशासन तिहार इसी विजन का मूर्त रूप है। आज जब गांवों में समय पर समस्याओं का समाधान और योजनाओं का पारदर्शी लाभ मिल रहा है, तो यह विश्वास और भी प्रबल हो रहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से सुशासन और जनकल्याण के एक स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे संकल्पों की सिद्धि का एक महापर्व है। हमारी सरकार का मूल मंत्र है- ‘‘जनता की सेवा ही सर्वाेच्च प्राथमिकता‘‘ । विगत कुछ समय से आयोजित हो रहे समाधान शिविरों में जिस तरह आप सभी की सक्रिय भागीदारी दिख रही है, वह इस बात का प्रमाण है कि अब शासन और जनता के बीच की दूरियां मिट चुकी हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि अब आपको अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं आपके द्वार खड़ा हो।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़-BJP बैठक की इनसाइड स्टोरी:शिवप्रकाश बोले- जीत के उत्साह में डूबिए मत, नेताओं से कहा- मीडिया में नहीं फील्ड पर एक्टिव रहे
रायपुर, एजेंसी। रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में 2 दिनों तक चली बीजेपी की मैराथन बैठकों में मंच पर जितनी औपचारिक बातें हुईं, उससे कहीं ज्यादा चर्चा बंद कमरों में हुई।
12 मई को प्रदेश पदाधिकारियों और कोर कमेटी की बैठक हुई, जबकि अगले दिन प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई। नई प्रदेश कार्यकारिणी की यह पहली बैठक थी, इसलिए संगठन के अंदर इसे सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं बल्कि नई दिशा तय करने वाली मीटिंग माना जा रहा था।

बैठक के दौरान सबसे ज्यादा जिस बयान की चर्चा रही, वह बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश का था। उन्होंने नेताओं और पदाधिकारियों को साफ कहा कि पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों में मिले ‘विजय के उत्साह में डूब मत जाइए, अब संगठन को और ज्यादा मेहनत करनी है।’

संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कार्यकर्ताओं से साफ कहा- विजय के उत्साह में डूब मत जाइए, मेहनत करिए।
बंगाल जीत के बाद छत्तीसगढ़ मॉडल पर फोकस
बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल चुनाव की जीत का जिक्र कई बार हुआ। नेताओं ने इसे संगठनात्मक मॉडल की सफलता बताया। चर्चा यह रही कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में बूथ स्तर तक नेटवर्क मजबूत किया गया, उसी मॉडल को अब छत्तीसगढ़ में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में लागू किया जाएगा।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों से आए पदाधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि सिर्फ सोशल मीडिया और बयानबाजी से संगठन मजबूत नहीं होगा। बूथ स्तर पर नियमित संपर्क, कार्यकर्ता बैठक और फील्ड एक्टिविटी बढ़ानी होगी।
‘बंगाल की जीत, पार्टी विचारधारा की जीत’
संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने पश्चिम बंगाल की जीत को सिर्फ चुनावी सफलता नहीं बल्कि वैचारिक जीत बताया। कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की कर्मभूमि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पार्टी की विचारधारा की जीत है।
साथ ही उन्होंने असम समेत दूसरे राज्यों में मिली सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी विकसित भारत और समरस समाज के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है।

बीजेपी में दो दिनों तक लगातार बड़ी बैठकें चली।
नई कार्यकारिणी को पहला संदेश ‘संगठन चुनावी मोड में रहे’
बैठक में बार-बार एक ही बात दोहराई गई कि संगठन अब लगातार चुनावी मोड में रहेगा। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी अब पंचायत और निकाय चुनावों पर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। यही वजह है कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में एक नया संगठनात्मक कैलेंडर तय किया गया।
इसके तहत हर महीने 4 स्तरों पर बैठकें होंगी। पहले हफ्ते में मंडल पदाधिकारी और कार्यसमिति की बैठक, दूसरे सप्ताह में जिले की बैठक, तीसरे सप्ताह में शक्ति केंद्र बैठक और चौथे सप्ताह में बूथ समिति की बैठक आयोजित की जाएगी और इसी दिन पीएम मोदी की मन की बात कार्यकर्ता एक साथ बैठकर करेंगे।।
पार्टी का मानना है कि लगातार समीक्षा और जमीनी फीडबैक के जरिए संगठन को एक्टिव रखा जा सकता है। बैठक में मौजूद नेताओं के मुताबिक, इस बार सिर्फ भाषण नहीं हुए, बल्कि हर स्तर के पदाधिकारियों को ‘माइक्रो मॉनिटरिंग’ का संदेश दिया गया।
बूथ स्तर तक रिपोर्टिंग, कार्यक्रमों की समीक्षा और राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी सीधे ऊपर तक पहुंचाने की व्यवस्था पर चर्चा हुई।
प्रदेश प्रभारी के बिना हुई बैठक
नई प्रदेश कार्यकारिणी, पदाधिकारी और कोर कमेटी की बैठक में पहली बार ऐसा हुआ जब प्रदेश प्रभारी मौजूद नहीं रहे। छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रभारी नितिन नबीन इस समय राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
20 जनवरी को उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद से यह चर्चा लगातार चल रही है कि छत्तीसगढ़ को जल्द नया प्रभारी मिल सकता है।
बैठक के दौरान भी कई नेताओं के बीच यही चर्चा रही कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद छत्तीसगढ़ संगठन में भी नए समीकरण दिखाई दे सकते हैं। पार्टी के अंदरखाने यह माना जा रहा है कि जून तक नए प्रभारी को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

बैठक में नेताओं के लिए टारगेट तय किए गए।
कोर कमेटी में बदलाव ने बढ़ाई हलचल
2 दिनों की बैठकों में सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा कोर कमेटी में हुए बदलाव को लेकर रही। बीजेपी की कोर कमेटी से कई बड़े और पुराने चेहरों को बाहर कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, पूर्व मंत्री पुत्रूलाल मोहले, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, मंत्री रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, रेणुका सिंह, बृजमोहन और गौरीशंकर अग्रवाल जैसे नेताओं को कमेटी से बाहर किया गया है।
वहीं नई सूची में वित्त मंत्री ओपी चौधरी, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, अमर अग्रवाल, लता उसेंडी और शिवरतन शर्मा को जगह दी गई है।
हालांकि पार्टी इसे सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया बता रही है, लेकिन गलियारों में यही चर्चा रही कि बीजेपी अब धीरे-धीरे नई पीढ़ी और एक्टिव फील्ड नेताओं को ज्यादा जिम्मेदारी देने की रणनीति पर काम कर रही है।
बड़ी गाड़ियों के कारवां पर भी चर्चा
बैठक के दौरान एक और दिलचस्प चर्चा नेताओं के काफिलों को लेकर रही। पेट्रोल-डीजल बचाने और कारकेड कम करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार अपील करते रहे हैं। कई राज्यों में मंत्री और नेता अपने काफिले कम भी कर रहे हैं।
लेकिन बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बड़ी संख्या में वाहन पहुंचे। कई पदाधिकारी दो-दो और तीन-तीन गाड़ियों के साथ पहुंचे। पार्किंग से लेकर मुख्य गेट तक गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं।
हालांकि कुछ बीजेपी प्रवक्ता ई-रिक्शा से भी पहुंचे, जिसकी चर्चा पार्टी दफ्तर में होती रही। लेकिन कई नेताओं के बीच यह सवाल भी उठा कि जब डिजिटल दौर में अधिकांश बैठकें वर्चुअल हो सकती हैं, तब इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के साथ बैठक आयोजित करना क्या जरूरी था?
सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर जोर
बैठक के दौरान सरकार और संगठन के बीच तालमेल का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार की योजनाओं और फैसलों को बूथ स्तर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संगठन की होगी।
अंदरखाने क्या है सबसे बड़ा संदेश?
बैठकों के बाद बीजेपी के अंदर सबसे बड़ा संदेश यही माना जा रहा है कि पार्टी अब सिर्फ सत्ता चलाने के बजाय संगठन को लगातार एक्टिव रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
शिवप्रकाश का ‘विजय के उत्साह में मत डूबिए’ वाला संदेश भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बीजेपी नेतृत्व यह संकेत देना चाहता है कि बंगाल और दूसरे राज्यों की जीत के बाद भी संगठन को ढील नहीं दी जाएगी।
नई कार्यकारिणी की पहली बैठक में जिस तरह बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक हर महीने बैठकें तय की गईं, कोर कमेटी में बदलाव हुआ और पंचायत-निकाय चुनावों पर फोकस बढ़ाया गया, उससे साफ है कि बीजेपी ने अगले राजनीतिक चरण की तैयारी अभी से शुरू कर दी है।
कोरबा
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय एवं रोटरी क्लब कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में 18 मई को ‘खुशियों का पासवर्ड’ का शुभारम्भ
कोरबा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय एवं रोटरी क्लब कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम ‘खुशियों का पासवर्ड’ का शुभारम्भ दिनांक 18-05-2026 को संध्या 6:00 बजे को मंत्री छत्तीसगढ़ शासन लखन लाल देवांगन, कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रेम चन्द पटेल एवं महापौर कोरबा श्रीमती संजू देवी राजपूत द्वारा इंदिरा गाँधी स्टेडियम टी.पी. नगर कोरबा परिसर में स्थित राजीव गाँधी इंडोर ऑडिटोरियम में होने जा रहा है। जिसके मुख्य वक्ता सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर, कॉर्पोरेट ट्रेनर, हिप्नोथेरेपिस्ट एवं लाइफ कोच डॉ. सचिन परब मुंबई होंगे । आपने देश-विदेश में मानवता के कल्याण के लिए एवं निराश, हताश तथा तनाव ग्रस्त लोगे के जीवन में अपने उदबोधन से नव उर्जा का संचार कर खुशियों से से आप्लावित कर दिया | त्रिदिवसीय कार्यक्रम के पूर्व उपरोक्त स्थान व समय पर ही कॉर्पोरेट जगत, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, रेड क्रॉस सोसाइटी आई.डी.ए एसोसिएशन, मीडिया प्रभाग 25 क्रास सोसायटरी व अन्य गणमान्य लोगो के लिए ‘हील योर माइंड हील योर लाइफ’ का कार्यक्रम दिनांक 17-05-2026 को एस.इ.सी.एल. बिलासपुर सिपत व डब्लू.सी.एल. नागपुर के उर्जावान सी.एम.डी हरीश दुहान के मुख्य आतिथ्य में सम्पादित होगा | दिनांक 19-05-26 के कार्यक्रम हेतु मुख्य अतिथि के रूप में कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत तथा पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद होंगे तथा दिनांक 20-05-26 के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत से भी निवेदन किया गया है तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में आशुतोष पाण्डेय आयुक्त नगर पालिक निगम कोरबा एवं श्रीमती प्रेमलता यादव डी.ऍफ़. ओ कोरबा ।

अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय आबू पर्वत राजस्थान से ‘नशा मुक्त भारत अभियान रथ’ का शुभागमन होने जा रहा है जिसका विधिवत उदघाटन दिनांक 18-05-2026 को सम्पन्न होगा | इस रथ का मुख्य आकर्षण ऑडियो-विडियो एवं चित्र प्रदर्शनी के साथ साथ कुंभकर्ण के मॉडल द्वारा अज्ञानता की निद्रा में सुषुप्त जनमानस को इस ईश्वरीय सन्देश के द्वारा जागरुक करना है। इसके साथ ही इस अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में शिक्षा जागरूकता और आध्यात्मिक सशक्तिकरण के माध्यम से नशे के दुरोपयोग को रोकना, जमीनी स्तर पर गतिविधियों और सोशल मीडिया के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाना, युवा सशक्तिकरण, विद्यालयों एवं विश्व विद्यालयों में नशा मुक्त परिसर बनाना, नशा मुक्त समाज के लिए सहयोग, आध्यत्मिक मार्गदर्शन और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से स्वस्थ जीवन को बढावा देना, रैली, सेमिनार और कार्यशालाओ का आयोजन तथा योग और ध्यान के माध्यम से स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ाना आदि है उक्त रथ कोरबा के शहरी और ग्रामीण अंचल के प्रमुख स्थानों पर जा कर कार्यक्रम आयोजित करने हेतु प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त बी. के. डॉ. सचिन परब द्वारा एन.टी.पी.सी टाउनशिप स्थित अम्बेडकर ऑडिटोरियम में त्रिदिवसीय शिविर “खुशियों का पासवर्ड” दिनांक 18 मई से 20 मई तक प्रातः 9 बजे से 10:30 बजे तक आयोजित है तथा अन्य कार्यक्रमों में जिला जेल कोरबा के बंदियों के लिए दिनांक 18-05-26 को दोपहर 12 से 01 बजे, गेवरा के सी.आई.एस. ऍफ़. केंद्र में सायं 4 से 5 बजे, दिनांक 19-05-26 को कोरवा ब्रांच ऑफ़ CIRC ऑफ़ ICAI के लिए टी.पी. नगर स्थित होटल गणेश इन् में दोपहर 12 से 1 बजे तथा सायं को एस.ई.सी.एल. क्लब कोरबा में समय सायं 4 से 5 बजे तक अपना कार्यक्रम देंगे इस अवसर पर संस्था की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी रुक्मणी के द्वारा कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए समस्त कोरबा वासियों को आहवान किया गया है।
कोरबा
NEET परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों के समर्थन में आगे आया Physics Wallah Vidyapeeth Pathshala Korba, 15 मई से शुरू होंगी RE-NEET 2026 के लिए Free Classes एवं Test Series
कोरबा । देशभर में NEET परीक्षा रद्द होने की खबर ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को गहरे भावनात्मक संकट में डाल दिया है। वर्षों की मेहनत, त्याग और सपनों के बीच अचानक आई इस खबर ने कई छात्रों का आत्मविश्वास हिला दिया है। खासकर कोरबा और आसपास के वे छात्र, जो डॉक्टर बनने के सपने को लेकर दिल्ली, कोटा, रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में रहकर तैयारी कर रहे थे, उनके लिए यह समय बेहद कठिन साबित हो रहा है।
इसी परिस्थिति को देखते हुए Physics Wallah के अंतर्गत संचालित Physics Wallah Vidyapeeth Pathshala Korba ने छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ा और संवेदनशील कदम उठाने की घोषणा की है। संस्थान ने RE-NEET 2026 के लिए 15 मई से बिल्कुल Free Classes एवं Free Test Series Initiative शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि किसी भी छात्र की तैयारी आर्थिक या मानसिक दबाव की वजह से प्रभावित न हो।

संस्थान की ओर से जारी बयान में कहा गया- “हम समझ सकते हैं कि इस समय कई छात्र टूट चुके हैं। लेकिन उनका सपना अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्हें सिर्फ एक और मजबूत शुरुआत की जरूरत है, और इस लड़ाई में PW Korba हर छात्र के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।”
इस पहल के अंतर्गत छात्रों को कोरबा में ही गुणवत्तापूर्ण NEET तैयारी, नियमित टेस्ट सीरीज़, डाउट सपोर्ट,
अनुशासित स्टडी एनवायरनमेंट और अनुभवी फैकल्टी का मार्गदर्शन दिया जाएगा। संस्थान का उद्देश्य सिर्फ मुफ्त क्लासेस उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के बीच यह विश्वास मजबूत करना है कि अब बेहतर
परिणाम पाने के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन जरूरी नहीं है।
PW Korba ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार शानदार परिणाम देकर अपनी मजबूत शैक्षणिक पहचान बनाई है। इस वर्ष कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में संस्थान के विद्यार्थियों ने 98%+ तक अंक हासिल किए। कई छात्रों ने Maths, Science और SST जैसे विषयों में 100 में 100 अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
वहीं JEE परीक्षा में भी विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं। पिछले वर्ष NEET परीक्षा में भी PW Korba के छात्रों ने बेहतरीन परिणाम देकर यह साबित किया कि कोरबा के छात्र अब किसी बड़े शहर के छात्रों से कम नहीं हैं।
संस्थान का कहना है कि उसका उद्देश्य सिर्फ शिक्षा देना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में ऐसा भरोसा तैयार करना है जहाँ हर अभिभावक गर्व से कह सके-
“अब हमारे बच्चों का भविष्य बनाने के लिए कोरबा ही काफी है।”
PW Korba ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी छात्र केवल आर्थिक कारणों की वजह से अपने सपनों से समझौता न करे, यही इस पहल की सबसे बड़ी सोच है। संस्थान छात्रों के आत्मविश्वास को दोबारा मजबूत करने और उन्हें फिर से पूरी ताकत के साथ तैयारी में लौटाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अंत में संस्थान ने छात्रों के लिए संदेश देते हुए कहा- “मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती, और जो बच्चे गिरकर दोबारा उठना जानते हैं, वही इतिहास बनाते हैं। यह समय हार मानने का नहीं, बल्कि फिर से पूरी ताकत के साथ उठ खड़े होने का है। PW Korba हर कदम पर छात्रों के साथ है।” अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें: 7880189142
-
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized8 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
