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कोरबा

महिला का शव कब्र से निकाला:मां बोली- दहेज के लिए ससुराल वालों ने मारा, 2 दिन पहले पति-पत्नी ने खूब डांस किया था

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कब्र से लाश खोदकर निकाली गई है। 5 दिन पहले एक शादीशुदा महिला की मौत हो गई थी, जिसका अंतिम संस्कार कर लाश दफना दिया गया था। बाद में मायके वालों को शक हुआ। उन्होंने पति और ससुराल वालों पर मारपीट कर हत्या का आरोप लगाया।

प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद दफनाने के चौथे दिन शुक्रवार को लाश बाहर निकाली गई। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद रही। पोस्टमॉर्टम के बाद लाश फिर दफनाया जाएगा। मामला उरगा थाना क्षेत्र स्थित भलपहरी गांव का है, आरोप है कि शव में चोट के निशान भी थे। हालांकि इन सभी आरोपों को ससुराल वालों ने झूठा बताया है।

दफनाने के चौथे दिन कब्र से शव निकाला गया।

दफनाने के चौथे दिन कब्र से शव निकाला गया।

पुलिस, तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में कब्र की खुदाई करते लोग।

पुलिस, तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में कब्र की खुदाई करते लोग।

मौत से 2 दिन पहले शादी में डांस करती पीली लाड़ी में विनीता।

मौत से 2 दिन पहले शादी में डांस करती पीली लाड़ी में विनीता।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, गिधौरी की रहने वाली विनीता पाटले की शादी भलपहरी गांव के मुकेश पाटले से हुई थी। दोनों की शादी को करीब 8 साल हो गए थे, उनके 2 बच्चे भी है। मुकेश मजदूरी करता है।

पति के मुताबिक, 18 मई को विनीता की अचानक तबियत बिगड़ गई। पेट दर्द की शिकायत पर उसे जिला अस्पताल ले गए। फिर निजी अस्पताल में इलाज कराया।

वहां डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पति ने बताया कि, पीलिया और खून की कमी हो गई थी, जिसके चलते पत्नी की जान चली गई। 19 मई को ससुराल पक्ष और मायके पक्ष ने मिलकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।

परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

4 दिन बाद मायके वालों को इस घटना पर शक हुआ। उन्होंने पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मौत को संदिग्ध बताया, जिसके बाद थाने पहुंचकर पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की और शिकायत दर्ज कराई।

शुरुआत में मृतिका के ससुर ने शव निकालने का विरोध किया, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद कब्र से लाश निकालने की प्रक्रिया पूरी की गई।

शुरुआत में मृतिका के ससुर ने शव निकालने का विरोध किया, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद प्रक्रिया पूरी हुई।

शुरुआत में मृतिका के ससुर ने शव निकालने का विरोध किया, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद प्रक्रिया पूरी हुई।

दहेज प्रताड़ना और मारपीट भी की

मायके पक्ष का आरोप है कि, मुकेश और उसके माता-पिता विनीता को लंबे समय से दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। मुकेश आए दिन मारपीट और गाली-गलौज करता था।

कई बार उसे घर से निकाल देता था। विनीता अक्सर मायके पहुंचती थी, लेकिन बच्चों के भविष्य की खातिर परिवार हर बार समझौता कर उसे वापस ससुराल भेज दिया जाता था।

फांसी लगाकर मारने की हुई थी कोशिश

मृतिका की बड़ी मां कौशिल्या ने बताया कि, कुछ समय पहले मुकेश ने विनीता को फांसी लगाकर मारने की कोशिश भी की थी। हाल ही में मुकेश कुछ रिश्तेदारों को गांव के पंच-सरपंच बताकर गिधौरी पहुंचा और समझाइश के नाम पर विनीता को वापस ले गया।

नहलाते समय शरीर पर मिले चोट के निशान

परिजनों का दावा है कि, मौत के बाद जब शव को नहलाया गया तो शरीर पर कई चोट के निशान मिले। नाक और मुंह से खून निकलने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद बिना पोस्टमॉर्टम आनन-फानन में शव दफना दिया गया।

वो कुछ दिन पहले तक वह पूरी तरह स्वस्थ थी और शादी कार्यक्रम में डांस भी कर रही थी। फिर अचानक एक-दो दिन में मौत कैसे हो गई।

शादी कार्यक्रम में डांस करती पीली साड़ी में विनीता।

शादी कार्यक्रम में डांस करती पीली साड़ी में विनीता।

पीएम रिपोर्ट आने पर खुलेगा मौत का राज

इस मामले में उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि, लाश की पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच कराई गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पूरा मामला अब पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर निर्भर करता है, जो यह तय करेगी कि विनीता की मौत बीमारी से हुई या मारपीट और प्रताड़ना के कारण हुई है।

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कोरबा

पूर्व पीएम राजीव ने गांव की पंचायत को निर्णय लेने का अधिकार दिया: अग्रवाल

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कोरबा। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस कमेटी के कार्यक्रम में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि राजीव गांधी के नेतृत्व में देश ने आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक व तकनीकी समेत हर क्षेत्र में उपलब्धियां पाई। वे पंचायती राज के प्रबल पक्षधर थे। इससे पंचायत की लोकतंत्र की नींव मजबूत करना चाहते थे। उनके प्रयास से ही गांव की पंचायत को निर्णय लेने का अधिकार दिया।

निगम के पूर्व सभापति श्यामसुंदर सोनी ने कहा राजीव गांधी में दूरदर्शिता थी। आत्मविश्वास व उत्कृष्टता का जुनून था। उन्होंने 21वीं सदी के भारत को विकसित देशों की पंक्ति में देखने का सपना देखा। उन्होंने देश में कंप्यूटर और दूरसंचार के आधुनिक साधन उपलब्ध कराए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा राजीव गांधी ने महिलाओं की भागीदारी पर विशेष ध्यान देने की बात कही थी। प्रदेश कांग्रेस सचिव बीएन सिंह ने कहा राजीव गांधी ने ग्राम विकास के लिए योजनाएं लागू की। समाज के सभी वर्गों के उत्थान पर काम किया। संचार माध्यम के विस्तार से आम वर्ग को लाभ मिल रहा है। आज हर हाथ में मोबाइल है। निगम के नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने कहा राजीव गांधी ने मतदान की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष तय की। कार्यक्रम में गजानंद प्रसाद साहू, नारायण कुर्रे, विकास सिंह, रेखा त्रिपाठी, मनमोहन राठौर, संतोष राठौर, रवि सिंह चंदेल, अशोक लोध, गिरधारी बरेठ, सुरेश पटेल, अमन पटेल, मनोज पटेल, राजेश यादव, हरविंदर सिंह, संजू पैकरा आदि उपस्थित रहे।

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कोरबा

नवजात शिशु के अवैध दत्तक ग्रहण पर चाइल्ड हेल्प लाइन 1098, महिला बाल विकास विभाग ने कराया FIR दर्ज

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कोरबा। जिला मेडिकल कॉलेज में जन्मे नवजात शिशु का शिशु के पालक द्वारा अवैध रूप से लेन देन कर शिशु को अन्य पालक को दिये जाने का मामला संज्ञान में आने पर कलेक्टर सह अध्यक्ष जिला बालक कल्याण एवं संरक्षण समिति जिला कोरबा कुणाल दुदावत द्वारा दिए गए निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा बसंत मिंज के मार्गदर्शन में जिला चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा जिला समन्वयक श्रीमती सरिता सिन्हा द्वारा उक्त प्रकरण पर संलिप्त संबंधितों के विरुद्ध FIR दर्ज कराया गया है।

अवगत हो कि देश में बालक कल्याण समिति द्वारा दत्तक ग्रहण हेतु लीगल फ्री किए गए अथवा बालक कल्याण समिति द्वारा आदेशित किए गए बच्चों का ही दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया की जा सकती है। किसी भी प्रकार से बच्चों का खरीदी बिक्री अथवा अवैध रूप से लेनदेन कर दत्तक में दिया जाना गैर कानूनी है। देश में बच्चों के दत्तक ग्रहण हेतु केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण (CARA) https://cara.wcd.gov.in/ के माध्यम से आवेदन कर महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से ही दत्तक ग्रहण में लिए जाने का प्रावधान है। प्रावधान का पालन नहीं किए जाने की दशा में दत्तक ग्रहण विनियम तथा ट्रैफिकिंग अंतर्गत निहित प्रावधानों के अनुरूप कानूनी कार्यवाही व दंड का प्रवधान है। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पूरे देश में बच्चों के अवैध दत्तक ग्रहण को रोकने हेतु सभी संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश भी प्रसारित किये है। ताकि बच्चों के अवैध दत्तक ग्रहण को रोक जा सके।

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कोरबा

फिल्ड में उतरी खनिज विभाग की टीम:रेत तस्करी एवं अवैध खनन पर शिकंजा, 03 जेसीबी, 16 ट्रैक्टर जब्त

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अवैध तस्करों के नामों का आखिर खुलासा क्यों नहीं करता खनिज विभाग!

कोरबा। कई दिन बाद कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर उप संचालक खनिज प्रमोद नायक के मार्गदर्शन में खनिज विभाग की टीम फिल्ड में उतरी और रेत तस्करी सहित अन्य अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वाले लोगों पर शिकंजा कस दिया। विभाग की टीम ने 03 जेसीबी और 16 ट्रैक्टरों को जब्त किया है। खनिज विभाग की इस बड़ी कार्यवाही से अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वाले तस्करों में हड़कम्प मच गया है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार तथा उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में गौण खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध विशेष जांच अभियान संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण एवं जांच की गई।

जांच के दौरान खनिज रेत, गिट्टी और मिट्टी के अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त पाए जाने पर कुल 3 जेसीबी मशीनें और 16 ट्रैक्टर जप्त किए गए। डौका गुड़ा से 1 ट्रैक्टर, विजयपुर से 2 ट्रैक्टर, सुतर्रा से 1 ट्रैक्टर, आमाखोखरा से ईंट से भरा 1 ट्रैक्टर जप्त किया गया। ग्राम बिंझरा से मिट्टी का अवैध उत्खनन कर रहे 2 जेसीबी मशीनों को भी पकड़ा गया। पौड़ी से रेत का अवैध परिवहन करते हुए 4 ट्रैक्टर और डुमरकछार से मिट्टी के अवैध उत्खनन में संलिप्त 2 ट्रैक्टर तथा 1 जेसीबी को भी कार्रवाई के दौरान जप्त किया गया।
सभी जप्त वाहनों को नियमानुसार आगे की प्रक्रिया के लिए जिले के विभिन्न पुलिस थानों एवं खनिज जांच चौकियों में सुरक्षा अभिरक्षा में रखा गया है। यह पूरी कार्रवाई उड़नदस्ता दल प्रभारी, खनि निरीक्षक श्री मदन साहू एवं श्री सुभाष ठाकुर द्वारा की गई।

खनिज विभाग का यह अभियान जिले में अवैध खनन गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करने और राजस्व की क्षति को रोकने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है। विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों तथा प्रचलित वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जिले में अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर कड़ी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जिले में खनिज संसाधनों का संरक्षण और उनका सुव्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

आखिर अवैध काम करने वाले लोगों के नामों का खुलासा क्यों नहीं करता विभाग
खनिज विभाग कभी-कभी बड़ी कार्यवाही करता है, जिससे अवैध कारोबारियों के खिलाफ हड़कम्प मच जाता है, लेकिन बाद में वे विभाग से जुर्माना पटा कर अपने वाहनों को छुड़ा लेते हैं और समाज में अवैध कारोबार करने वाले लोग सफेदपोश बने रहते हैं। आखिर ऐसे सफेदपोश नेताओं, कारोबारियों के नामों का खुलासा विभाग क्यों नहीं करता!

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