छत्तीसगढ़
मंत्री सांसदों की डांट-फटकार से कर्मचारी नाराज:प्रदेश में आंदोलन की चेतावनी; पटवारी को जूता मारूंगा से लेकर अधिकारी के अभिनंदन तक 6 मामले
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार में मंत्री-सांसदों की डांट फटकार का कर्मचारियों ने विरोध किया है। पिछले 10 दिनों में अधिकारियों कर्मचारियों को फटकार लगाने, उन्हें सस्पेंड की धमकी देने समेत कई ऐसे केस सामने आए, जिसके बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने इस व्यवहार पर आपत्ति जताई है।

फेडरेशन के महासचिव चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि ऐसी घटनाएं नहीं रुकीं तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। बता दें कि फेडरेशन में 5 लाख कर्मचारी-अधिकारी जुड़े हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी भी अपनी मानवता और पारिवारिक पृष्ठभूमि है। इस तरह से मिसबिहेव कर उन्हें अपमानित किया जा रहा।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है।

बृजमोहन अग्रवाल पहले भी सुशासन तिहार में अधिकारियों पर नाराजगी जता चुके हैं।
केस 1 – सांसद ने अधिकारियों को फटकारा
रायपुर के आरंग के नगर पंचायत समोदा में सुशासन तिहार कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जहां सांसद बृजमोहन अग्रवाल शिकायत मिलने पर भड़क गए। उन्होंने नायब तहसीलदार गजानंद सिदार को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि, आपका अभिनंदन करें कि क्या करें बताओ।
इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फटकार लगाते हुए बृजमोहन ने कहा कि सबसे ज्यादा शिकायत आपकी है। कितना पैसा लेते हो, जो लोगों को बोलते हो…क्या बोलते हो लोगों से?
इसकी सबसे ज्यादा शिकायत है। कितना पैसा दिए हो सांसद जी को…कितना पैसा दिए हो? यह बातकर सुनकर वहां शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीण ताली बजाने लगे।

महिला की बात सुनकर मंत्री नाराज हो गए और मौके पर मौजूद अधिकारियों से जवाब तलब किया।
केस 2 – राजस्व मंत्री ने पटवारी को सस्पेंड का आदेश दिया
रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर लगाया गया था। इस दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मंच से ही बिलाड़ी के पटवारी को एक घंटे के भीतर निलंबित करने के आदेश दे दिए।
ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि एक छोटे किसान को कई दिनों तक दफ्तरों के चक्कर लगवाए गए। उसकी जमीन को रिकॉर्ड में ‘निरंक’ दिखा दिया गया। शिकायत सुनते ही मंत्री ने नाराजगी जताई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

गरियाबंद में भाजपा विधायक रोहित साहू ने मंच से कहा कि रिश्वत लेने वाले पटवारी को जूता से मारूंगा।
केस 3 – विधायक ने पटवारी को जूता से मारूंगा कहा
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में छुरा ब्लॉक के ग्राम पाटसिवनी में 5 मई को सुशासन तिहार के तहत जनसभा हुई। इस सभा में एक शिकायत पर राजिम से भाजपा विधायक रोहित साहू ने मंच से कहा कि रिश्वत लेने वाले पटवारी को जूता से मारूंगा। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। वहीं विधायक के पटवारी के लिए अपशब्द कहने पर पटवारी संघ ने सुशासन तिहार का बहिष्कार कर दिया है।
इधर अमलीपदर तहसील मुख्यालय में आयोजित सुशासन शिविर में खाली कुर्सियां देखकर पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी भड़क गए। भाजपा नेता मांझी ने अधिकारियों पर फोन न उठाने और शिविर की तैयारियों में लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि कलेक्टर साहब, आप फोन तो उठा लिया करें। इस दौरान कलेक्टर भगवान सिंह उईके मंच पर ही मौजूद थे।

सामुदायिक भवन की राशि जारी करने को लेकर भाजपा नेता और सीईओ के बीच हुई थी बहस।
केस 4 – भाजपा नेता और CEO के बीच बहस
दुर्ग जिले के ‘सुशासन तिहार’ का वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में जनपद पंचायत CEO रूपेश कुमार पांडेय ‘सुशासन तिहार’ के दौरान बीजेपी ग्रामीण महामंत्री पुराण देशमुख से बहस करते नजर आए थे। वीडियो में रूपेश कुमार पांडेय को यह कहते हुए सुना गया था कि, ‘जो करना है कर लो।’
यह पूरा विवाद विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में हुआ था। मामले के तूल पकड़ने के बाद राज्य सरकार ने रूपेश कुमार पांडेय को सस्पेंड कर दिया है।

रायपुर के मंदिर हसौद में सुशासन तिहार शिविर में नगर पालिका अध्यक्ष की अधिकारियों के साथ बहस हो गई।
केस 5 – कांग्रेस नपा अध्यक्ष और ADM की बहस
रायपुर जिले के मंदिर हसौद में सुशासन तिहार शिविर में कांग्रेस के नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी और ADM के बीच बहस हो गई। नगर पालिका अध्यक्ष ने एडीएम उमाशंकर बंदे से कहा, शिविर में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। आपको इसका जवाब देना पड़ेगा।
इस पर अधिकारी ने कहा, प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा गया है। साथ ही उन्होंने नपा अध्यक्ष को मंच से नीचे जाने कहा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में नगर पालिका अध्यक्ष सुशासन तिहार में अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर करते नजर आ रहे हैं।
नपा अध्यक्ष ने कहा कि शिविर में उन्होंने जनता की समस्याओं से जुड़े सवाल उठाए थे, लेकिन उन्हें मंच से हटाने की कोशिश की गई।

केस 6 बृजमोहन बोले- रेंजर को सस्पेंड करो
रायपुर के गोबरा नवापारा में आयोजित सुशासन ‘तिहार शिविर’ में शिकायत मिलने पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रेंजर को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेंजर यहां क्यों नहीं है, शोकॉज नोटिस जारी करो और उसे सस्पेंड करो।
मामला कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल निर्माण में वन विभाग की आपत्ति और रेंजर की गैरमौजूदगी से जुड़ा था। शिविर के दौरान जब यह मामला सामने आया तो सांसद ने नाराजगी जताई थी।
सार्वजनिक फटकार पर कर्मचारी फेडरेशन नाराज
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के महासचिव चंद्रशेखर तिवारी ने कहा है कि अगर किसी कर्मचारी से कामकाज में चूक होती है तो उसके लिए विभागीय जांच और कार्रवाई की व्यवस्था पहले से मौजूद है, लेकिन सार्वजनिक मंच से अपमानित करना न तो प्रशासनिक परंपराओं के अनुरूप है और न ही इससे व्यवस्था मजबूत होती है।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि, सोशल मीडिया और रील्स के दौर में कुछ लोग लोकप्रियता हासिल करने के लिए कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं।
‘सम्मान बना रहना जरूरी’
कर्मचारी संगठनों ने कहा कि जनप्रतिनिधि और कर्मचारी दोनों ही लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग हैं। जनप्रतिनिधि जनता द्वारा चुने जाते हैं, जबकि कर्मचारी शासन-प्रशासन की योजनाओं और सेवाओं को धरातल पर लागू करते हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच सम्मानजनक संवाद और समन्वय बनाए रखना आवश्यक है।
फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि वह जवाबदेही तय करने का विरोध नहीं कर रहा, लेकिन सार्वजनिक अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मंचों से कर्मचारियों को फटकारने और अपमानित करने की घटनाएं जारी रहीं तो प्रदेशभर के कर्मचारी आंदोलन और सड़क पर उतरने जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।
बढ़ सकता है टकराव
फेडरेशन की चेतावनी के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ कर्मचारी सम्मानजनक व्यवहार की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि सुशासन शिविर में नेताओं और अधिकारियों के बीच बहस की खबरें आई है।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में दो दिन में 9 करोड़ का गांजा पकड़ाया:लग्जरी कारों-बसों से हो रही तस्करी, रायगढ़, मनेंद्रगढ़ और सूरजपुर में कार्रवाई
रायगढ़/मनेंद्रगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में पिछले 2 दिनों में कुल 8 करोड़ 65 लाख रुपए का गांजा पकड़ा गया है। अलग-अलग जिलों में लग्जरी कारों और बसों के जरिए से इसकी तस्करी हो रही थी।
शुक्रवार को 2 अलग-अलग कार्रवाई में कारों से गांजा मिला। रायगढ़ जिले में करीब 300 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत 1 करोड़ 50 लाख रुपए है।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ा गया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं। एक दिन पहले सूरजपुर जिले में पुलिस ने बस से 4.15 करोड़ के गांजे की गठरियां पकड़ी थीं। जिनका वजन 8 क्विंटल 30 किलो था।

रायगढ़ में 2 लग्जरी कारों से करीब 300 किलो गांजा बरामद हुआ।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ाया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं।

सूरजपुर में बस में मिली थी गांजे की गठरियां।
केस 1- रायगढ़ में लग्जरी कारों में मिला गांजा
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार (5 जून) सुबह पुलिस को सूचना मिली कि, ओडिशा के सोनपुर इलाके से गांजे की बड़ी खेप 2 सफेद कारों में भरकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर ले जाई जा रही है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अलग-अलग रास्तों पर नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान कटकलिया मार्ग पर एक इनोवा क्रिस्टा और एक मारुति सुजुकी XL-6 को रोककर जांच की।
जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि इनोवा क्रिस्टा में दो नंबर प्लेट लगी हुई थीं। गाड़ी में ओडिशा नंबर प्लेट OD-10-H-0050 के नीचे छत्तीसगढ़ नंबर CG-13-BY-6540 की दूसरी नंबर प्लेट लगी थी। इससे पुलिस को शक हुआ, जिसके बाद वाहन में सवार युवकों से पूछताछ शुरू की गई।
कार में मिला 300 किलो गांजा
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के दोनों कारों की तलाशी ली। जांच के दौरान दोनों वाहनों से करीब 300 किलो गांजा मिला। जब्त गांजा की कीमत बाजार में लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपए है।
1 करोड़ 86 लाख की संपत्ति जब्त
पुलिस तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा की यह खेप मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में अपने साथियों तक पहुंचाने जा रहे थे।
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 300 किलो गांजा, दो कारें और पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 86 लाख रुपए बताई जा रही है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच और आगे की कार्रवाई जारी है।

रायगढ़ पुलिस ने कार सवार 3 तस्करों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों को किया गिरफ्तार
धर्मेंद्र मौर्य (27) निवासी अनूपपुर (मध्यप्रदेश)
निखिल कश्यप (23) निवासी रामानुजगंज
रिंकु कश्यप (28) निवासी सरगुजा
केस 2 – मनेंद्रगढ़ में 3 करोड़ का गांजा पकड़ाया
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 2 कारों से करीब 6 क्विंटल गांजा जब्त किया है। जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ बताई जा रही है। पुलिस को देखते ही तस्कर गाड़ी छोड़कर भाग गए।
पुलिस गाड़ी नंबरों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गांजा किस स्थान से लाया जा रहा था और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

सूरजपुर में बस में गांजा भरकर तस्करी हो रही थी।
केस 3 – सूरजपुर में बस से पकड़ाया 4 करोड़ का गांजा
सूरजपुर जिले में गुरुवार को पुलिस ने बस से 4.15 करोड़ का गांजा जब्त किया था। 8 क्विंटल 30 किलो गांजा कपड़ों की गठरियों में छिपाकर रखा गया था। बस के जरिए झाड़ू बेचने की आड़ में गांजा कटनी भेजा जा रहा था। बस में महिला और पुरुष सवार थे।
पुलिस ने ड्राइवर समेत 6 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। महिलाओं के साथ 4 दुधमुंहे बच्चे भी थे। मामले में 18 से 19 अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। मामला जयनगर थाना क्षेत्र का है।
ड्राइवर ने कहा कि किसी बाबू ने बस अंबिकापुर के कालीघाट से बुक की थी। सामान मध्य प्रदेश के कटनी जिले के पिपरिया कला ले जाया जा रहा था। कालीघाट से करीब 20-22 लोग बस में बैठे थे।
कोरबा
हर पौधा बनेगा एक स्मृति, हर वृक्ष रचेगा हरित विरासत की नई कहानीः सीईओ राजेश कुमार सिंह
बालकोनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालको टाउनशिप में ‘स्मृति उद्यान’ का शुभारंभ किया। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इसके उपरांत 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अमलतास के पौधे रोपे। इस अवसर पर बालको के वरिष्ठ अधिकारी, यूनियन के पदाधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

‘स्मृति उद्यान’ केवल एक पौधारोपण पहल नहीं है, बल्कि एक ऐसा भावनात्मक मंच है, जहां प्रत्येक पौधा उन प्रियजनों को समर्पित किया गया जिन्होंने जीवन को प्रेम, मार्गदर्शन और प्रेरणा से समृद्ध किया। वृक्ष केवल प्रकृति का उपहार नहीं हैं, बल्कि जीवन, आशा और निरंतरता के प्रतीक भी हैं। आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में छाया, स्वच्छ वायु और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बनेगा।

बालको के सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा, “स्मृति उद्यान हमारे प्रियजनों की यादों को प्रकृति के माध्यम से सहेजने का एक अनूठा प्रयास है। यहाँ लगाया गया प्रत्येक पौधा अपने साथ एक व्यक्तिगत कहानी, एक भावना और एक स्मृति लेकर बढ़ेगा। आज रोपे गए अमलतास के पौधे स्मरण और प्रकृति के बीच एक स्थायी संबंध का प्रतीक हैं। यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित एवं सस्टेनेबल भविष्य के निर्माण की दिशा में हमारा दीर्घकालिक निवेश है।”
स्मृति उद्यान विश्व पर्यावरण दिवस से प्रारंभ हुआ एक दीर्घकालिक अभियान है, जो आने वाले वर्षों तक लोगों की भावनाओं और प्रकृति को जोड़ता रहेगा। भविष्य में भी कर्मचारी, उनके परिवारजन एवं समुदाय के सदस्य अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ, किसी उपलब्धि का उत्सव अथवा किसी प्रियजन की स्मृति पर यहाँ आकर पौधारोपण कर सकेंगे। आने वाले वर्षों में यह उद्यान कई कहानियों, स्मृतियों और वृक्षों का जीवंत संग्रह बन जाएगा।
स्मृति उद्यान में औषधीय गुणों से भरपूर अमलतास के पौधे लगाए गए हैं, जो आने वाले वर्षों में अपने आकर्षक सुनहरे पीले पुष्पों से टाउनशिप की सुंदरता को और बढ़ाएंगे। यह न केवल प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाता है, बल्कि मधुमक्खियों एवं तितलियों जैसे परागणकर्ताओं को आकर्षित कर जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह वृक्ष पर्यावरणीय स्थिरता एवं जलवायु अनुकूलन के लिए भी उपयोगी माना जाता है।
कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र तथा उनके घरों एवं आसपास लगाए गए पौधों की देखभाल को प्रोत्साहित करने के लिए जैविक खाद भी वितरित की गई।
स्मृति उद्यान के अलावा बीते तीन महीनों में बालको द्वारा टाउनशिप के विभिन्न हरित क्षेत्रों में लगभग 4,000 पौधों का रोपण किया गया है, जिनमें 2,000 बोगनवेलिया एवं 2,000 पेंसिलवेनिया के पौधे शामिल हैं। इस पहल ने टाउनशिप की हरियाली और सौंदर्य को और समृद्ध किया है। टाउनशिप में पहले से ही फॉरेस्ट वॉकवे, नेहरू गार्डन तथा अन्य प्रमुख हरित स्थल मौजूद हैं। बालको का यह सतत प्रयास पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता को एक साथ जोड़ते हुए एक हरित एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण की दिशा’ में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के उद्योगों पर पर्यावरण विभाग सख्त:94 को नोटिस जारी, 3.03 करोड़ का वसूला जुर्माना; रायपुर की हवा में 4% सुधार
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है। पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले इंडस्ट्रीज के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं, जबकि 82 इंडस्ट्रीज के उत्पादन बंद करने और उनके बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा 3.03 करोड़ रुपए का जुर्माना भी वसूला गया है। वहीं, राजधानी की हवा में लगभग 4 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया है।

पाल्यूशन फैलाने वाले उद्योगों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने कार्रवाई की है।
इन जिलों में नियमित निगरानी
पर्यावरण संरक्षण मंडल के मुताबिक रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों के उद्योगों की लगातार जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिन उद्योगों में हवा और पानी को प्रदूषित करने से जुड़े नियमों का उल्लंघन मिला, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
यह कार्रवाई वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 और जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1974 के तहत की गई।

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं।
इंडस्ट्रीज पर करोड़ों का जुर्माना
जांच में 96 इंडस्ट्रीज पर कुल 2 करोड़ 40 लाख 65 हजार रुपए से ज्यादा का पर्यावरण जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 136 उद्योगों और संस्थानों पर, जो बिना ढंके कच्चा माल, उत्पाद और कचरा ले जा रहे थे, उन पर 51 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया।
फ्लाई ऐश के गलत तरीके से परिवहन और डंपिंग के मामले में 2 उद्योगों पर 12 लाख रुपए की अतिरिक्त पेनल्टी भी लगाई गई। इस तरह कुल जुर्माना 3 करोड़ 3 लाख रुपए से अधिक पहुंच गया है।

प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है।
सिंगल-यूज प्लास्टिक पर भी कार्रवाई
पर्यावरण मंडल ने प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक के निर्माण और इस्तेमाल के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान एक उद्योग का उत्पादन बंद कराया गया और उस पर 87 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
दूसरे उद्योग पर 6 लाख 25 हजार रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई। इसके अलावा दो अन्य इकाइयों का भी उत्पादन बंद करने की कार्रवाई की गई है।
रायपुर की हवा हुई बेहतर
पर्यावरण विभाग की सख्ती का असर रायपुर की हवा पर भी दिखा है। साल 2024 में रायपुर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 65.38 था, जो 2025 में घटकर 62.86 हो गया। यानी शहर की हवा में करीब 4 प्रतिशत सुधार हुआ है। यह स्तर संतोषजनक श्रेणी में आता है।
पर्यावरण संरक्षण मंडल ने साफ किया है कि पर्यावरण नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आगे भी नियम तोड़ने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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