Connect with us

देश

ऐप से ATM कंट्रोल करने का दावा, एक्सपर्ट्स ने बताया सच

Published

on

मुंबई, एजेंसी। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि मोबाइल ऐप की मदद से ATM मशीन को भी बंद और चालू किया जा सकता है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि BAT-BMS जैसे इंटरफेस वाली ऐप के जरिए ATM को नियंत्रित करते हुए दिखाया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा संभव नहीं है और वीडियो भ्रामक या एडिटेड हो सकता है।

वीडियो में दो लोग मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते दिखाई देते हैं और उसी दौरान ATM मशीन बंद होकर दोबारा चालू होती नजर आती है। हालांकि, वीडियो में मौजूद लोगों की पहचान स्पष्ट नहीं है और ऐसा भी नहीं दिखता कि वे बैंक या ATM के अधिकृत तकनीकी कर्मचारी हों। यही वजह है कि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

BAT-BMS ऐप से जुड़ा इंटरफेस बना चर्चा का विषय

वीडियो में दिख रहा ऐप का इंटरफेस काफी हद तक BAT-BMS ऐप जैसा नजर आता है। इसी तरह के ऐप का नाम हाल ही में उस समय चर्चा में आया था, जब कुछ मामलों में ई-रिक्शा को दूर से बंद करने के आरोप लगे थे। इसके बाद सरकार ने ऐसे ऐप्स पर कार्रवाई करते हुए उन्हें ऐप स्टोर्स से हटाने के निर्देश दिए थे।

ATM को ऐप से कंट्रोल करना कितना संभव?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ATM मशीनें अत्यधिक सुरक्षित नेटवर्क पर संचालित होती हैं। इनमें VPN, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में किसी सामान्य मोबाइल ऐप या ब्लूटूथ के जरिए ATM को बंद या चालू करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं माना जाता।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि वीडियो में ATM का रीबूट होना महज संयोग हो सकता है, जिसे ऐप के साथ जोड़कर ऐसा दिखाया गया हो कि मशीन को दूर से नियंत्रित किया जा रहा है।

बैंकों की ओर से नहीं आया कोई आधिकारिक बयान

फिलहाल इस वायरल वीडियो पर किसी बैंक या ATM सेवा प्रदाता की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए वीडियो में किए जा रहे दावे की पुष्टि नहीं हुई है।

Continue Reading

देश

राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में बड़ा खुलासा: लाखों कैश, अमेरिकी डॉलर और सोना बरामद, आरोपी ने ऐसे बांटी थी रकम

Published

on

अयोध्या, एजेंसी। राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले के आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर स्वीकार किया है कि उसने गबन की रकम में से लगभग 19 लाख रुपए अपने मित्रों और परिजनों पर खर्च किए। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, शुक्ला ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने अपने एक भाई के विवाह समारोह पर लगभग 6 लाख रुपए खर्च किए, जबकि दूसरे भाई को 5 लाख रुपए दिए। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि उसने लगभग 3.5 लाख रुपए की एक कार खरीदी थी, जिसे बरामद कर लिया गया है।

अविनाश के भाइयों से पुलिस की पूछताछ
सूत्रों ने दावा किया कि अविनाश ने अपने एक मित्र के खाते में लगभग 2.5 लाख रुपए भी हस्तांतरित किए और उसे एक महंगा मोबाइल फोन भी उपहार में दिया। पुलिस के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि उसने कई अन्य लोगों को भी छोटी-छोटी रकम वितरित की थी। पुलिस ने अविनाश के 2 भाइयों से पूछताछ की है और जांच से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं।

लाखों कैश के साथ अमेरिकी डॉलर और सोना बरामद
अधिकारियों के अनुसार, उसके भाई अभिषेक शुक्ला के नाम वर्ष 2024 में खरीदी गई भूमि की जांच की जा रही है। इसके साथ ही उन बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है, जिनमें कथित तौर पर धनराशि हस्तांतरित की गई थी। विभिन्न लोगों को हस्तांतरित की गई राशि की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, अविनाश शुक्ला के कब्जे से 20.39 लाख रुपए नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने के आभूषण, चांदी के आभूषण, अन्य कीमती सामान तथा एक कार भी बरामद की गई है।

Continue Reading

देश

मोदी-सुबियांतो ने बड़े रक्षा समझौते पर लगाई मुहर, इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल देगा भारत

Published

on

जकार्ता, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच मंगलवार को हुई वार्ता में इंडोनेशियाई सैन्य बलों को ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ बनाने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा, दवाओं और समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी 2018 की भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत व्यापार तथा सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण के तहत सोमवार को जकार्ता पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।

ऐसा समझा जाता है कि दोनों देशों के रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में इंडोनेशिया ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इस हथियार की सफलता के बाद हवा से हवा में प्रहार करने वाली ‘अस्त्र’ मिसाइलों का भारत से आयात करने का फैसला किया है। महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए, भारत ने इंडोनेशिया में इस्पात, निकल और दुलर्भ स्थायी चुंबकों के निर्माण में निवेश करने का फैसला किया। भारत और इंडोनेशिया ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सबांग बंदरगाह का संयुक्त रूप से विकास करने पर भी सहमति जताई। यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित है और भारत की ग्रेट निकोबार बंदरगाह परियोजना से लगभग 100 मील की दूरी पर है।

वार्ता के बाद अपने मीडिया बयान में मोदी ने कहा, ”2018 में बनी हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी आज एक नयी उड़ान ले रही है। हम विकास, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा.. हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहे हैं।” उन्होंने कहा, ”मुझे विश्वास है, आज से भारत-इंडोनेशिया साझेदारी का एक सुनहरा अध्याय शुरू होगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ता विश्वास द्विपक्षीय रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा, ”आज हमने रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनाई।” मोदी ने इंडोनेशिया में भारतीय प्रबंधन संस्थान-बेंगलुरु का एक परिसर स्थापित करने के निर्णय की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, ”हमें बहुत खुशी है कि भारत का UPI इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली के साथ जुड़ने जा रहा है।

इससे व्यापार सुगमता और यात्रा सुगमता, दोनों को ही बल मिलेगा।” दोनों पक्षों ने समुद्री अर्थव्यवस्था, समुद्री व्यापार और बंदरगाह विकास के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित विभिन्न वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा की। मोदी ने कहा, ”वैश्विक उथल-पुथल के इस दौर में भारत का मानना है कि संवाद और कूटनीति की भूमिका, पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।” उन्होंने कहा, ”फलस्तीन के विषय पर, हम द्वि-राष्ट्र समाधान और दीर्घकालिक शांति का समर्थन करते हैं।”  

Continue Reading

देश

100 रुपये के असली नोट कैसे पहचानें? RBI के बताए इन 7 संकेतों से मिनटों में करें जांच

Published

on

मुंबई, एजेंसी। बाजार में खरीदारी करते समय कई बार ऐसे नोट मिल जाते हैं, जिन्हें देखकर यह समझना मुश्किल हो जाता है कि वे असली हैं या नकली। ऐसे में थोड़ी-सी सावधानी आपको आर्थिक नुकसान और धोखाधड़ी से बचा सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 100 रुपये के नोट की पहचान के लिए कई सुरक्षा फीचर्स बताए हैं, जिनकी मदद से कोई भी व्यक्ति आसानी से नोट की जांच कर सकता है। अगर आपके पास 100 रुपये का नोट है और उसकी असलियत को लेकर संदेह है, तो नीचे दिए गए सात प्रमुख संकेतों पर ध्यान दें।  

1. रोशनी में दिखेगा 100
100 रुपये के नोट में एक स्पेशल सी-थ्रू रजिस्टर दिया गया है। जब नोट को रोशनी के सामने रखा जाता है, तो इस हिस्से में साफ तौर पर ‘100’ दिखाई देता है। यह असली नोट की महत्वपूर्ण पहचान है।

2. देवनागरी में भी लिखा होता है मूल्य
असली 100 रुपये के नोट पर अंग्रेजी के साथ-साथ देवनागरी लिपि में भी ‘१००’ अंकित रहता है। यह सुरक्षा फीचर नकली नोटों में कई बार सही तरीके से नहीं बनाया जाता।

3. Ashoka Pillar का National Emblem
नोट पर अशोक स्तंभ का राष्ट्रीय प्रतीक भी प्रमुख सुरक्षा फीचर है। यह स्पष्ट और बारीक प्रिंटिंग के साथ बना होता है, जिसे ध्यान से देखकर आसानी से पहचाना जा सकता है।

4. गवर्नर के हस्ताक्षर और RBI का चिन्ह
नोट के दाहिनी ओर गारंटी संबंधी वचन, RBI गवर्नर के हस्ताक्षर और भारतीय रिजर्व बैंक का आधिकारिक प्रतीक स्पष्ट रूप से छपा होता है। इन सभी की प्रिंटिंग साफ और संतुलित दिखाई देती है।

5. नीचे दाईं ओर सीरियल नंबर
नोट के निचले Righ Side में सीरियल नंबर दिया जाता है। यह स्पष्ट, समान दूरी और सही Font में छपा होता है। किसी भी तरह की गड़बड़ी संदेह का कारण हो सकती है। 

6. ऊपर बाईं ओर भी होता है नंबर
100 रुपये के नोट के ऊपरी बाएं हिस्से में भी सीरियल नंबर मौजूद रहता है। दोनों स्थानों पर छपे नंबरों का डिजाइन और प्रिंटिंग गुणवत्ता एक जैसी होती है।

7. बीच में महात्मा गांधी की Clear Photo
नोट के सामने वाले हिस्से के बीच में महात्मा गांधी का साफ और High quality वाला चित्र होता है। यदि तस्वीर धुंधली या असामान्य लगे तो नोट की जांच जरूर करें।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677