Connect with us

कोरबा

करोड़ों की नल-जल योजना के बाद भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे दीपका के ग्रामीण, दो महीने से पेयजल आपूर्ति ठप्प, आक्रोशित वार्डवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Published

on

कोरबा/दीपका। दीपका नगर पालिका प्रशासन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न वार्डों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। लगभग 6 वर्ष पूर्व क्षेत्र के 3 से 4 वार्डों के निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से नल-जल योजना के तहत वाटर फिल्टर प्लांट और पानी टंकी का भव्य निर्माण कराया गया था, इसके साथ ही लाखों रुपये खर्च कर मोहल्लों में पाइपलाइन का जाल भी बिछाया गया था, ताकि हर घर तक निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके परंतु धरातल पर सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है ।

योजना के क्रियान्वयन के लगभग 6 साल बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में पानी की भीषण समस्या जस की तस बरकरार है। स्थानीय रहवासियों के अनुसार पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध और सुचारू पीने का पानी घरों तक नहीं पहुँच पा रहा है। इस घोर अव्यवस्था के कारण त्रस्त ग्रामीणों और विशेषकर महिलाओं को दैनिक उपयोग तथा पीने के पानी की व्यवस्था के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जिससे जनमानस में भारी आक्रोश व्याप्त है ।

विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 01 शहीद वीर नारायण सिंह वार्ड के गोबरघोरा रोहिदास मोहल्ला में स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो चुकी है। यहाँ पिछले 02 महीनों से पेयजल की आपूर्ति पूरी तरह से ठप्प पड़ी हुई है और नल से एक बूंद पानी भी नहीं आ रहा है ।

वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल ने प्रशासन पर साधा निशाना

दीपका नगर प्रशासन को इस गंभीर पेयजल संकट से कई बार मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। गोबरघोरा रोहिदास मोहल्ला के लोग आज भी पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दीपका नगर प्रशासन के क्षेत्र में अब ऐसी दुर्दशा हो गई है कि यहाँ की जनता को समस्याओं को ही विकास मानकर समझौता करना पड़ रहा है ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल एवं रोहिदास मोहल्ले के पीड़ित नागरिकों ने संयुक्त रूप से मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) नगर पालिका परिषद दीपका को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। 12 जुलाई 2026 को सौंपे गए इस आधिकारिक ज्ञापन पर प्रशासन द्वारा अब तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे नागरिकों का धैर्य अब जवाब दे रहा है ।

आंदोलन और कार्यालय घेराव की चेतावनी

वार्ड पार्षद और मोहल्लावासियों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि पेयजल जैसी इस अति-आवश्यक मूलभूत समस्या का निराकरण शीघ्र-अतिशीघ्र नहीं किया गया, तो समस्त आक्रोशित वार्डवासियों द्वारा नगर पालिका कार्यालय का जंगी घेराव किया जाएगा, इस दौरान होने वाले किसी भी प्रकार के जन-आक्रोश या कानून व्यवस्था की स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी सीधे तौर पर दीपका नगर पालिका प्रशासन की होगी ।

Continue Reading

कोरबा

कोरबा में 9 लाख की लकड़ी बरामद:इमारती लकड़ी चोरी-परिवहन मामले में आरोपी गिरफ्तार, क्रेन भी जब्त, राजस्व भूमि से काटे गए थे 7 पेड़

Published

on

कोरबा। कोरबा पुलिस ने इमारती लकड़ी की अवैध कटाई और परिवहन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 20.169 घन मीटर इमारती लकड़ी और उसे ले जाने में इस्तेमाल की गई एक क्रेन जब्त की है। जब्त लकड़ी की कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी ने शिकायत में बताया था कि सीएसईबी रामपुर स्थित जूनियर क्लब के पास राजस्व भूमि से बिना अनुमति के 7 पेड़ काटकर उनकी लकड़ी अवैध रूप से ले जाई गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर एएसपी लखन पटले और सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।

कोरबा से रायपुर-अभनपुर तक पहुंची थी लकड़ी

तकनीकी साक्ष्यों और दस्तावेजों की जांच में पता चला कि अवैध लकड़ी को कोरबा से रायपुर-अभनपुर तक ले जाया गया था। इसके बाद प्रदेश स्तर की संयुक्त जांच टीम ने कार्रवाई कर 20.169 घन मीटर लकड़ी और परिवहन में इस्तेमाल की गई क्रेन जब्त कर ली।

एक आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया

पुलिस ने इस मामले में सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ सिविल लाइन थाना में अपराध क्रमांक 673/2026 के तहत बीएनएस की धारा 303(2), 316(5) और 317(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

अन्य आरोपियों और नेटवर्क की भी जांच

पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है। लकड़ी के असली स्रोत, परिवहन में शामिल अन्य लोगों और किसी संगठित गिरोह की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

अवैध कटाई की जानकारी तुरंत दें

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूरे मामले की जांच वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं शासकीय या वन भूमि से अवैध कटाई, लकड़ी का परिवहन या भंडारण होता दिखाई दे, तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस या नजदीकी थाने को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

Continue Reading

कोरबा

कुएं में गिरा नंदी बैल, आधे घंटे में रेस्क्यू:RCRS टीम और गौ सेवकों ने मिलकर बाहर निकाला, इलाज के बाद सुरक्षित छोड़ा गया

Published

on

कोरबा। कोरबा के मानिकपुर क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 4 बजे एक नंदी बैल अचानक गहरे कुएं में गिर गया। कुएं से आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पानी और कीचड़ में फंसा बैल बाहर निकलने के लिए लगातार संघर्ष करता रहा।

सूचना मिलने पर रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी (RCRS) की टीम मौके पर पहुंची और करीब 7 घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

रस्सियों और रेस्क्यू उपकरणों से निकाला

RCRS की टीम में मानस, उमेश और राज शामिल थे। उनके साथ स्थानीय गौ सेवक भी रेस्क्यू अभियान में जुट गए। कुआं गहरा और संकरा होने के कारण रेस्क्यू में काफी कठिनाई आई। टीम ने स्थिति का जायजा लेने के बाद रस्सी, बेल्ट और अन्य उपकरणों की मदद से बैल के शरीर को सुरक्षित बांधा।

लोगों ने मिलकर बचाई जान

कुएं के किनारे मौजूद ग्रामीणों और गौ सेवकों ने रस्सी खींचकर रेस्क्यू टीम का सहयोग किया। लंबी मशक्कत के बाद नंदी बैल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू सफल होने पर मौके पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर टीम का उत्साह बढ़ाया।

इलाज के बाद सुरक्षित छोड़ा

रेस्क्यू के बाद पशु चिकित्सक ने नंदी बैल का शुरुआती इलाज किया। राहत की बात रही कि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। उपचार के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर चारा-पानी की व्यवस्था की गई।

लोगों से की अपील

RCRS ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में यदि कोई मवेशी या वन्यजीव कुएं, गड्ढे या अन्य स्थान पर फंस जाए तो स्वयं उसे निकालने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत RCRS, वन विभाग या संबंधित रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि सुरक्षित तरीके से बचाव किया जा सके।

Continue Reading

कोरबा

अन्नदाताओं के लिए समय पर खाद-बीज की उपलब्धता बनी बड़ी राहत

Published

on

नैनो उर्वरकों के बेहतर परिणामों से उत्साहित किसान महेंद्र सिंह राजपूत

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई दे रहा है। किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से कृषकों में विश्वास और संतोष का वातावरण बना है। कोरबा जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खाद एवं बीज की सरल, सहज और सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आगामी खरीफ सीजन की तैयारियां समय पर कर पा रहे हैं।
इसी क्रम में कोरबा जिले के ग्राम छुरीकला निवासी कृषक महेंद्र सिंह राजपूत भी शासन की किसान हितैषी व्यवस्थाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। कृषि उनके परिवार की परंपरागत आजीविका का प्रमुख साधन है। लगभग 15 एकड़ कृषि भूमि के स्वामी श्री राजपूत वर्षों से धान की खेती करते आ रहे हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के तहत वे सहकारी समिति छुरीकला पहुंचे, जहां उन्हें आवश्यक खाद एवं बीज आसानी से उपलब्ध हो गया।
महेंद्र सिंह राजपूत बताते हैं कि खेती का मौसम शुरू होते ही किसान कृषि कार्यों की तैयारियों में जुट जाते हैं। ऐसे समय में खाद और बीज की समय पर उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सहकारी समिति में खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा किसानों को व्यवस्थित रूप से सामग्री वितरित की जा रही है। इससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इन उर्वरकों के उपयोग से फसल की वृद्धि बेहतर हुई है तथा उत्पादन में भी सुधार देखने को मिला है। साथ ही रासायनिक उर्वरकों की तुलना में नैनो उर्वरकों के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
श्री राजपूत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि आदानों का सुचारू वितरण तथा किसानों के हित में संचालित योजनाओं से खेती करना पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाजनक हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से किसानों को खेती-किसानी में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास मिला है। किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे ये प्रयास न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677