कोरबा
डीएमएफ से 18 आदिवासी छात्रावासों में बनेंगे पहुंच मार्ग, विद्यार्थियों को आवागमन में होगी आसानी
सुतर्रा के तिलवारीपारा में होगा वृहद पुल निर्माण का कार्य
कनकी में हायर सेकेण्डरी स्कूल की मिली स्वीकृति
21 कार्यों के लिए डीएमएफ मद से कलेक्टर ने दी 05 करोड़ 37 लाख 88 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में खनिज न्यास संस्थान मद से लगातार विकास कार्यों को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा 21 नए कार्यों के लिए डीएमएफ मद से 05 करोड़ 37 लाख 88 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों में सुतर्रा के तिलवारीपारा में वृहद पुल निर्माण का कार्य, कनकी में हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन और दूरस्थ ग्राम पंचायत सिरमिना हाईस्कूल में अहाता निर्माण सहित 18 आदिवासी छात्रावास भी शामिल हैं। जहां छात्रावास तक पहुंचने सीसीरोड निर्माण हेतु 01 करोड़ 27 लाख 75 हजार राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। छात्रावासों तक पक्का मार्ग नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। सी.सी. रोड बनने से छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को आवागमन में आसानी होगी।
कलेक्टर द्वारा जिले के आदिवासी कन्या आश्रम कोरबा में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 4,44,000, प्री.मै. आदिवासी कन्या छात्रावास भैंसमा में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 9,76,000, पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास कोरबा में सी.सी. रोड निर्माण कार्य 9,76,000, प्री.मै. आदिवासी कन्या छात्रावास कुदमुरा में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 4,44,000.00, आदवासी बालक आश्रम बिरतराई में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 5,32,000, प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास फततेगंज में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 4,44,000, प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास जर्वे में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 9,76,000, प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास बिरदा में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 6,21,000, पो.मै. आदिवासी कन्या छात्रावास कटघोरा में सी.सी. रोड निर्माण कार्य 5,32,000, प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास जवाली में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 5,32,000, आदिवासी बालक आश्रम मुरली में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 9,76,000, आदिवासी कन्या आश्रम रंजना में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 9,76,000, प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास तिवरता में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 5,32,000.00, आदिवासी बालक आश्रम चोढ़ा में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 5,32,000, आदिवासी बालक आश्रम चैतमा में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 7,98,000, प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पाली में सी.सी. रोड निर्माण कार्य 5,32,000, आदिवासी कन्या आश्रम तिलकेजा में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 9,76,000, प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास बिझंरा में सी.सी. रोड निर्माण कार्य हेतु राशि 9,76,000 शामिल हैं।
इसी तरह कलेक्टर द्वारा सुतर्रा से तिलवारीपारा व्हाया डोंगरी बसंतपुर मार्ग के आरडी 2300 मीटर में वृहद पुल निर्माण कार्य के लिए 01 करोड़ 96 लाख 37 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस कार्य के लिए कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण परियोजना क्रियान्वयन कोरबा को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है। ग्राम पंचायत सिरमिना हाईस्कूल मैदान में आहाता निर्माण कार्य के लिए 13 लाख 75 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस कार्य के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार विकासखण्ड करतला अंतर्गत कनकी में हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन निर्माण कार्य हेतु 02 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस कार्य के लिए ईई आरईएस पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग कोरबा को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है।
कोरबा
कोरबा में जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा:डीबीएल कंपनी के गेट पर धरना-प्रदर्शन, मरम्मत के आश्वासन के बाद खत्म आंदोलन
कोरबा। कोरबा में कुदमुरा-स्यांग और बरपाली-दादरपारा मार्ग की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार को डीबीएल कंपनी के गेट पर प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज, कोरबा के जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो के नेतृत्व में यह धरना और गेट जाम आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से सफल रहा।

इस आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सुबह से ही जिल्गा और दादरपारा के पास स्थित डीबीएल के प्लांट/यार्ड के मुख्य गेट पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए थे। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर सड़क मरम्मत और धूल-कीचड़ से निजात दिलाने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में कुदमुरा से स्यांग रोड और बरपाली से दादरपारा मार्ग की तत्काल मरम्मत शामिल थी। इसके अलावा, धूल और कीचड़ की समस्या से राहत, भारी वाहनों का नियंत्रित संचालन और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
ग्रामीणों का कहना था कि डीबीएल कंपनी के भारी वाहनों के लगातार आवागमन से ये दोनों मार्ग पूरी तरह जर्जर हो गए हैं, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को रोजाना परेशानी हो रही है।

मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद, आंदोलन को सफल मानते हुए शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।
जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा चुका था
आंदोलन के दौरान, जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो ने ग्रामीणों की समस्याओं को कंपनी प्रबंधन के सामने गंभीरता से रखा। आंदोलन से पहले जिला प्रशासन को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा जा चुका था। इसके बाद कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।
चर्चा के दौरान, कंपनी प्रबंधन ने ग्रामीणों की समस्याओं को स्वीकार किया और सड़क मरम्मत तथा आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र शुरू करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, आमजन को हो रही परेशानियों को कम करने के लिए नियमित पानी छिड़काव, सड़क समतलीकरण और सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपाय करने पर भी सहमति बनी।
मांगे पूरी होने पर आंदोलन खत्म किया
ग्रामीणों ने बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह से जनहित और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर किया गया था। कंपनी प्रबंधन द्वारा सकारात्मक पहल और मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद, आंदोलन को सफल मानते हुए शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।
छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो ने आंदोलन में शामिल सभी ग्रामवासियों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
कोरबा
केमिकल से पकाए फलों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई:कोरबा में 10 किलो आम और 4 दर्जन केले फेंके, नमूने लैब भेजे गए
कोरबा। कोरबा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को फल दुकानों पर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान सड़े-गले और रसायन से पकाए गए फल मिलने पर 10 किलो आम और 4 दर्जन केले मौके पर ही नष्ट कर दिए गए। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा दीपक अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

विभाग की टीम ने राजा फ्रूट सेंटर, राजेश फ्रूट सेंटर, शारदा फ्रूट सेंटर और सर्वमंगला फ्रूट सेंटर सहित कुल 11 संस्थानों की जांच की। कई दुकानों में फलों को पकाने के लिए प्रतिबंधित कार्बाइड के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने फलों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

फलों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यह विशेष अभियान 27 मई से 29 मई 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण फलों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
गर्मी के मौसम में आम, केला और तरबूज जैसे फलों की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाकर कुछ व्यापारी फलों को रसायन से पकाकर बेचते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

रसायन से पके फल बेचने वालों को सख्त चेतावनी
कार्रवाई के दौरान दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि वे केवल प्राकृतिक तरीके से पके फल ही बेचें। उन्हें फलों पर रंग या वैक्स का इस्तेमाल न करने और कोल्ड स्टोरेज व दुकानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले विक्रेताओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं।
विभाग ने आम जनता से अपील की है कि फल खरीदते समय सावधानी बरतें। अस्वाभाविक रूप से चमकदार, एक जैसे रंग वाले या संदिग्ध फल न खरीदें। किसी भी दुकान पर गड़बड़ी दिखने पर टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, सैंपलिंग असिस्टेंट और नगर निगम का अमला शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि अभियान अगले दो दिनों तक शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की मंडियों और थोक बाजारों में भी जारी रहेगा।
जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी दुकानदारों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा
सुशासन तिहार 2026-गांव-गांव पहुंच रही राहत और विश्वास की नई किरण
कृषक नंद किशोर राजवाड़े को मिली डिजिटल किसान किताब, शासन की पहल से मिली बड़ी सुविधा
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार 2026 आमजनों की समस्याओं एवं मांगों के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इस पहल के जरिए लोगों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिल रहा है, साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी सहज रूप से प्राप्त हो रही है। सुशासन तिहार न केवल शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत कर रहा है, बल्कि लोगों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियाँ भी ला रहा है।

इसी क्रम में कोरबा जिले के ग्राम कनकी निवासी कृषक नंद किशोर राजवाड़े की समस्या का भी त्वरित समाधान किया गया। लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े श्री राजवाड़े के पास लगभग ढाई से तीन एकड़ कृषि भूमि है, जहां वे मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं। खेती के साथ-साथ शासकीय योजनाओं एवं कृषि संबंधी प्रक्रियाओं में बढ़ती डिजिटल व्यवस्था के कारण उन्हें डिजिटल किसान किताब की आवश्यकता महसूस हो रही थी। डिजिटल किसान किताब नहीं होने से उन्हें कई जरूरी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था तथा वे विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे थे।
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। शिविर में पहुंचकर उन्होंने अपनी समस्या जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष रखी और डिजिटल किसान किताब नहीं होने से हो रही परेशानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों द्वारा उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई गई और उन्हें त्वरित रूप से डिजिटल किसान किताब उपलब्ध कराई गई।
डिजिटल किसान किताब प्राप्त होने पर श्री राजवाड़े ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें कृषि संबंधी दस्तावेजों एवं योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रहा है। गांव में ही शिविर लगने से आमजन को सीधे लाभ मिल रहा है और समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन कोरबा के प्रति आभार व्यक्त किया।
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