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छत्तीसगढ़

कांग्रेस ने 7000 रुपए बोरा तेंदूपत्ता खरीदने की मांग:विधायक विक्रम मंडावी ने कहा- नीति नहीं बदली तो ठप होगा संग्रहण, भुगतान व्यवस्था बड़ी समस्या

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बीजापुर,एजेंसी। बीजापुर से कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने 5500 से बढ़ाकर 7000 पर करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि, अगर तेंदूपत्ता नीति में तत्काल सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में संग्रहण पूरी तरह ठप हो सकता है। एक तरफ ‘नक्सल मुक्त बस्तर’ का दावा कर रही है, दूसरी तरफ आदिवासी संग्राहकों की बुनियादी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

मंडावी ने कहा कि, तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत भुगतान की वर्तमान व्यवस्था है। बैंक खातों के माध्यम से भुगतान करने की नीति जमीनी स्तर पर कारगर साबित नहीं हो रही है। बीजापुर जिले के कई दूरस्थ और अंदरूनी इलाकों में आज भी बैंकिंग सुविधाएं या तो उपलब्ध नहीं हैं या बेहद सीमित हैं।

ऐसे में संग्राहकों को भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनका रुझान इस काम से लगातार घट रहा है। उन्होंने मांग की कि पहले की तरह कैश भुगतान की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि संग्राहकों को तत्काल आर्थिक सहायता मिल सके और उनका भरोसा बना रहे।

फाइल फोटो

फाइल फोटो

दर बढ़ाने की मांग, रू.5500 से रू.7000 प्रति बोरा

विधायक ने तेंदूपत्ता की मौजूदा दर को भी अपर्याप्त बताया। वर्तमान में रू.5500 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी हो रही है, जबकि उन्होंने इसे बढ़ाकर ₹7000 प्रति बोरा करने की मांग की है। मंडावी का कहना है कि महंगाई और बढ़ती लागत को देखते हुए मौजूदा दर संग्राहकों के हित में नहीं है।

उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण भी लोग इस कार्य से दूरी बना रहे हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पिछले दो वर्षों में तेंदूपत्ता संग्रहण में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो न सिर्फ संग्राहकों की आजीविका प्रभावित होगी, बल्कि राज्य के राजस्व और वन आधारित अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।

क्या है छत्तीसगढ़ की वर्तमान तेंदूपत्ता नीति

खरीदी व्यवस्था: छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के माध्यम से सहकारी मॉडल पर वन विभाग द्वारा खरीदी की जाती है।

संग्रहण दर में वृद्धि: सरकार ने प्रति मानक बोरा रू.1500 की बढ़ोतरी करते हुए दर को रू.5500 किया है।

चरणपादुका योजना: वन विभाग द्वारा महिला संग्राहकों को जूते (चरणपादुका) दिए जा रहे हैं।

बीमा और सामाजिक सुरक्षा: ‘राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना’ के तहत 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। फड़ मुंशी को भी बीमा दायरे में शामिल किया गया है।

शिक्षा प्रोत्साहन: संग्राहक परिवारों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए रू.15,000 से रू.25,000 तक की छात्रवृत्ति दी जा रही है।

उत्पादन में योगदान: देश के कुल तेंदूपत्ता उत्पादन में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी लगभग 20% है।

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कोरबा

संस्कृत विषय बचाओ अभियान: घोषणा को अमल में लाने संस्कृत शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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कोरबा। प्रदेश अध्यक्ष दौलत राम साहू के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी नोयन कुमार बुडेक, मनोज कुमार वर्मा, डॉ नारायण प्रसाद, गंगाराम साहू, हेमंत कुमार हिरवानी, दुर्गेश कुमार साहू, कुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मंडावी, सुनील महार, ईश्वरी यदु कामिनी पिल्लई, रेणुका लदेर, शारदा साहू, सुरेखा सेन, सोमप्रभा साहू सहित प्रदेश के पांच शिक्षा संभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भारतीय संविधान में आठवीं अनुसूची की भाषा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप संस्कृत विषय के संवर्धन एवं संरक्षण हेतु उल्लेख किया गया है को ध्यान में रखते हुए गजेंद्र यादव शिक्षा मंत्री द्वारा 30 अप्रैल को विधानसभा से घोषणा किया गया कि संस्कृत भाषा को अनिवार्य कर रहे हैं, जिनका लघु चलचित्र सोशल मीडिया पर बहुत प्रसारित हैं।

इसे देख सुनकर प्रदेश भर के संस्कृत शिक्षकों में शासन की सौहार्द्रपूर्ण निर्णय से हर्ष की लहर है। संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा, सभ्यता और संस्कार परक एक राष्ट्रभाषा है, जिनमें सनातन संस्कृति पूर्ण रूप से समाहित है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 मई एवं 26 मई 2026 को नवा रायपुर स्थित एम -14 आवास में शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर घोषणा के धरातल पर क्रियान्वयन के लिए शीघ्र अति शीघ्र शासकीय आदेश जारी करवाने हेतु मांग पत्र सौपा, जिससे शिक्षक आश्वस्त हो जावे तथा मंत्री द्वारा संस्कृत विषय को अनिवार्य करने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिए यह शिक्षकों के लिए बहुत बड़ा पुरस्कार है, किन्तु आज पर्यन्त कोई कार्यवाही नहीं हुई है। पदाधिकारियों ने आगे बताया कि इस पावन कार्य के लिए निरंतर प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कलेक्टर, विधायकगण, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय , राज्यपाल रमेन डेका , संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, सचिव सहायक संचालक छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम्, प्रदेश संयोजक व अध्यक्ष अधिकारी कर्मचारी फेड़रेशन कमल वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, डॉ अतुल कोठारी राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली, आयुक्त राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा सहित 50 से भी अधिक आवेदन बारंबार संस्कृत विषय को पूर्व की भांति अनिवार्य करने तथा नवीन व्यावसायिक शिक्षा को सातवें विषय के रूप में रखने के लिए मांग पत्र ज्ञापन सौपा गया था। 25 अगस्त 2025 को शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में एससीईआरटी रायपुर को कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा दसवीं का संस्कृत विषय को अनिवार्य करने निर्देशित भी किया गया था। इसी क्रम में 07 सितंबर 2025 को सरयू पारिण भवन मठपुरेना में आयोजित विराट संस्कृत विद्वत सम्मेलन में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भी मांग पत्र सौपा गया था। वहां पर अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि संस्कृत संकल्प का विषय है विकल्प का नहीं। संस्कृत भाषा के साथ अन्याय नहीं होगा। एक तरफ पूरा विश्व संस्कृत भाषा के महत्व को अपना रहा है। अपने देश के विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा को अनिवार्य शिक्षा कर रहे हैं तथा अनुच्छेद 351 आठवीं अनुसूची की भाषाओं के सम्मान के लिए बनाया गया है।

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कोरबा

सुशासन  तिहार में जनमन सहित अन्य प्रचार समाग्री का किया गया वितरण

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कोरबा। सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा राज्य शासन की जन कल्याणकारी और महत्वकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित तथा जिले के विकास कार्यों, उपलब्धियों  एवं नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी के साथ ही जिले के सभी पांच ब्लाक में आयोजित महत्वपूर्ण शिविर स्थल-ग्राम पिपरिया, जल्के, बसीबार, बैरा, चोढ़ा, चुईया, गिधौरी, केराकछार, सिरमिना, लमना, नगोई, मोरगा, निरधी, जटगा, छिंदपुर आदि स्थानों में शिविर के माध्यम से जनमन सहित अन्य पत्रिका का वितरण भी किया गया।

ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिविर का अवलोकन किया। शिविर के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन मे हुए सकारात्मक बदलाव सहित जिले के अनेक विकास कार्यों, उपलब्धियों, नवाचार के संबंध में प्रचार सामग्री सुशासन के नवीन आयाम, तब और अब, विकसित भारत के बढ़ते कदम, बिल्डिंग टूमारो छ.ग.टूडे, अटल निर्माण वर्ष 2 साल (रिपोर्ट कार्ड) आदि का वितरण किया गया।

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कोरबा

31 मई को मनाया जाएगा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

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कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के नेतृत्व में कोरबा जिले में 31 मई 2026 को राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिले में तंबाकू सेवन एवं धुम्रपान  से हाने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे जनसामान्य में धुम्रपान और तम्बाकू सेवन करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण, जनजागरूकता अभियान, स्वास्थ्य परामर्श एवं तंबाकू मुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने संबंधी गतिविधयां आयोजित की जाएंगी। स्कूलों, महाविद्यालयों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेष जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं एवं आम नागरिकों को तंबाकू सेवन से दूर रहने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि तंबाकू सेवन न केवल व्यक्तिगत स्वाथ्य के लिए हानिकारक है , बल्कि यह हमारे परिवारों और पर्यावरण को भी नुकसान पहॅंुचाता है वर्तमान समय में कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बिमारियॉं एवं अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण तंबाकू सेवन  है।
उन्होंने आमजन से अपील किया है कि वे स्वयं तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके दुष्प्रभावो के प्रति जागरूक करें साथ ही विश्व तंबाकू निषेघ कार्यक्रम में सहभागिता कर तंबाकू मुक्त समाज निर्माण में सहयोग प्रदान करें।

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