Connect with us

कोरबा

जिले में स्वास्थ्य गत आपात स्थिति में जीवनरक्षक सुविधाओं का हुआ विस्तारः 5 नए  संजीवनी एक्सप्रेस के जुड़ने से आमजन को मिलेगा लाभ

Published

on

विधायक कटघोरा, महापौर व कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, आमजनो को दी बधाई

संजीवनी एक्सप्रेस से ग्रामीण क्षेत्रों में मिलेगी त्वरित और सशक्त चिकित्सा सहायताः- कलेक्टर

कोरबा। स्वास्थ्यगत आपात स्थिति में अब कोरबा जिले के नागरिकों तक तेज, सुलभ और जीवन रक्षक चिकित्सा सहायता की पहुँच बढ़ेगी। विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, महापौर नगर निगम श्रीमती संजू देवी राजपूत, कलेक्टर कुणाल दुदावत, द्वारा आज कलेक्ट्रेट परिसर से 5 नए संजीवनी एक्सप्रेस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उन्होंने  जिलेवासियों को इस महत्वपूर्ण सुविधा के लिए बधाई दी और कहा कि यह पहल आमजन के स्वास्थ्य सुरक्षा को और सुदृढ़  करेगी। विधायक श्री पटेल व महापौर श्रीमती राजपूत ने  जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा की नए संजीवनी एक्सप्रेस वाहन के आ जाने से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि संजीवनी एक्सप्रेस के माध्यम से अब कोरबा जिला आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में एक नई दिशा की ओर बढ़ रहा है, जहां समय पर उपचार और बेहतर सुविधाएं हर नागरिक तक पहुंच सकेंगी। उन्होंने कहा कि इन वाहनों के जुड़ने से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। आपातकालीन परिस्थितियों में अब त्वरित चिकित्सा सहायता की पहुंच बढ़ेगी, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा और जान बचाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जिले को 13 संजीवनी एक्सप्रेस आबंटित की गई हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेंगी। इनमें 3 वाहन जिला अस्पताल, 09 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,  एवं 01 वाहन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए आबंटित है। जिसके अंतर्गत आज 5 नए संजीवनी वाहनों को आमजनों को सेवा प्रदान करने के लिए  विधायक कटघोरा श्री पटेल द्वारा रवाना किया गया। साथ ही शेष वाहन भी जल्द ही जिले में पहुंचकर सेवाएं देना शुरू करेंगी। संजीवनी एक्सप्रेस में उपलब्ध सुविधाएं इसे एक चलती-फिरती जीवनरक्षक इकाई बनाती हैं। इनमें वेंटिलेटर, मॉनीटर, ऑक्सीजन सपोर्ट सहित आवश्यक इमरजेंसी उपकरण उपलब्ध हैं। विशेषकर जिले को मिले नए संजीवनी वाहनों में  2 वाहन एडवांस लाइफ सपोर्ट  से युक्त है। जो की गंभीर मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगी। इनमें से एक को जिला अस्पताल कोरबा और दूसरी कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात की जाएगी। अन्य 108 संजीवनी एक्सप्रेस वाहनों को जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र  में आवश्यकता अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे दूरस्थ अंचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर  सीईओ जिला पंचायत एवं सीएमएचओ सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

Continue Reading

कोरबा

वेदांता पावर प्लांट में हादसा: कल उद्योगमंत्री करेंगे दौरा

Published

on

कोरबा। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन गुरूवार 16 अप्रैल को सक्ती एवं रायगढ़ जिले के प्रवास पर रहेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार केबिनेट मंत्री श्री देवांगन सवेरे 11.00 बजे नवा रायपुर स्थित निवास से प्रस्थान कर दोपहर 2.00 बजे रायगढ़ पहुंचेंगे। जहां वे सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई के निजी पॉवर प्लांट में हुई औद्योगिक दुर्घटना में घायल हुए श्रमिकों से मुलाकात करेंगे और ईलाज से संबंधित जानकारी जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं चिकित्सकों की टीम से लेंगे। 

उद्योग मंत्री श्री देवांगन शाम 4.00 बजे रायगढ़ से रवाना होकर शाम 5.00 बजे जिला मुख्यालय सक्ती पहुंचेंगे। इस दौरान वे रेस्ट हाउस में वेदांता पॉवर लिमिटेड सिंघीतराई से संबंधित घटना के संबंध में कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेंगे। तत्पश्चात वे शाम 5.30 बजे कोरबा जिले के लिए रवाना होंगे। 

Continue Reading

कोरबा

बालको में ‘अलाइसा’ रोबोट तैनात, कर्मचारियों को मिलेगा रियल-टाइम सुरक्षा ट्रेनिंग

Published

on

बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ‘अलाइसा’ (एल्यूमिनियम एआई सपोर्ट एजेंट) नामक एक अत्याधुनिक एआई-संचालित ह्यूमनॉइड असिस्टेंट को संयंत्र में तैनात किया है। यह अपनी तरह का पहला सिस्टम है, जिसे एल्यूमिनियम निर्माण में शॉप फ्लोर की क्षमता, संचालन दक्षता और औद्योगिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

बालको के स्मेल्टर कॉम्प्लेक्स में कार्यरत ‘अलाइसा’ शॉप फ्लोर टीम के लिए ऑन-ग्राउंड प्रशिक्षण, ज्ञान और निर्णय-सहायता के एक इंटरफेस के रूप में कार्य करता है। यह सिस्टम कन्वर्सेशनल एआई को प्लांट-विशिष्ट ऑपरेशनल इंटेलिजेंस के साथ जोड़ते हुए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी), मानक रखरखाव प्रथाओं (एसएमपी) और महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल पर रियल-टाइम, संदर्भित मार्गदर्शन सीधे कार्यस्थल पर उपलब्ध कराता है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि हमारी कंपनी में तकनीक और मानव क्षमता के संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ‘अलाइसा’ की तैनाती हमारी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शॉप फ्लोर पर सीखने, निर्णय लेने और सुरक्षा के मानकों को नई दिशा दे रहा है। यह पहल न केवल कर्मचारियों को रियल-टाइम मार्गदर्शन प्रदान करती है, बल्कि उन्हें अधिक सक्षम, जागरूक और आत्मनिर्भर भी बनाती है। हम एक सुरक्षित, स्मार्ट और भविष्य-तैयार कार्यस्थल के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

शुरुआती चरण में ‘अलाइसा’ ने 100 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया है। यह लर्निंग मॉड्यूल, रियल-टाइम प्रश्न समाधान और मूल्यांकन-आधारित सिस्टम प्रदान करता है, जिससे सुपरवाइजर कर्मचारियों की समझ और कौशल प्रगति की प्रभावी निगरानी कर सकते हैं। डेटा-आधारित सतत सीखने को शॉप फ्लोर में समाहित कर, यह सिस्टम प्रक्रियाओं के मानकीकरण, सुरक्षा नियमों के अनुपालन को सुदृढ़ करने और उच्च-तीव्रता वाले औद्योगिक वातावरण में कार्यबल की तैयारी को बेहतर बना रहा है।

प्रारंभिक फीडबैक से यह भी स्पष्ट हुआ है कि कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी तक बेहतर पहुंच मिली है, संचालन संबंधी समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है और रियल-टाइम निर्णय लेने में उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

बालको में कार्यरत परास्नातक प्रशिक्षु उदय चौहान ने कहा कि पॉटलाइन पर कार्य शुरू करने से पहले मैंने ‘अलाइसा’ के माध्यम से एसओपी-आधारित सुरक्षा प्रशिक्षण लिया। यह एक उत्कृष्ट अनुभव रहा। एक रोबोट होने के बावजूद, प्रशिक्षण उतना ही प्रभावी था जितना किसी मानव ट्रेनर द्वारा दिया जाता है।

यह पहल भारत के मेटल सेक्टर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और बालको को कोर मैन्युफैक्चरिंग में ह्यूमनॉइड एआई अपनाने वाली अग्रणी कंपनियों में शामिल करती है। कंपनी भारत में पहली और वैश्विक स्तर पर चुनिंदा कंपनियों में से एक है, जिसने डिजिटल स्मेल्टर तकनीक लागू की है। इसके माध्यम से संभावित समस्याओं का पूर्वानुमान लगाना और समय पर निर्णय लेना संभव हो पाया है।

‘अलाइसा’ कंपनी की व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा का हिस्सा है, जो सप्लाई चेन, पॉटलाइन ऑपरेशंस, कास्ट हाउस, रोल्ड प्रोडक्ट्स और कार्बन यूनिट तक विस्तारित है। ये सभी पहल उन्नत एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और इंटेलिजेंट सिस्टम्स के माध्यम से संचालन दक्षता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार और सुरक्षा प्रदर्शन को सुदृढ़ करने पर केंद्रित हैं।

Continue Reading

कोरबा

इधर सक्ती हादसे में 20 श्रमिकों की जान चली गई उधर उद्योग मंत्री केक काटकर मनाते रहे जन्मदिन

Published

on

कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने बताया असंवेदनशीलता
कोरबा। जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने कहा है कि सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को बॉयलर फटने से 20 श्रमिकों की मौत के बाद प्रदेश में शोक का माहौल है, लेकिन दूसरी तरफ 14 अप्रैल को घटना के समय उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन का कोरबा में जन्मदिन कार्यक्रम में शामिल होना बेहद दुखद है। उन्होंने इसे लेकर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे असंवेदनशीलता करार दिया।
मंत्री का जन्मदिन 12 अप्रैल को था, लेकिन कोरबा के साहित्य भवन में 14 अप्रैल की शाम को आयोजित एक लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान उनका बिलेटेड जन्मदिन समारोह रखा गया था। इसी दौरान दोपहर को सक्ती में भीषण हादसे की खबर सामने आई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिकों की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मंत्री ने बयान जारी कर जांच की बात कही और दुख भी जताया, लेकिन निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। राठौर ने कहा है कि इधर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय घटना को लेकर शोक संदेश दे रहे थे और इधर मंत्री लखन लाल केक काट रहे थे।जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर ने इसे लेकर कड़ी नाराजगी जताई है और इसे मानवता के खिलाफ बताते हुए उद्योग मंत्री की असंवेदनशीलता करार दिया।
राठौर ने कहा कि जब प्रदेश में इतनी बड़ी औद्योगिक दुर्घटना हुई और कई परिवारों के घर उजड़ गए, घायलों व उनके परिवार के सदस्यों में चीख पुकार मची रही। तब जिम्मेदार पद पर बैठे जनप्रतिनिधि का जन्मदिन मनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तरह के समय में संवेदनशीलता दिखाना आवश्यक होता है, लेकिन यहां उल्टा दृश्य देखने को मिला।
कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले में सरकार स्पष्ट करे कि हादसे के समय संबंधित विभाग और जिम्मेदार लोग क्या कर रहे थे। साथ ही संयंत्र में सुरक्षा मानकों की स्थिति और हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677