छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा : सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े की अध्यक्षता में दिशा समिति की बैठक सम्पन्न
विकास कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचाना सुनिश्चित करें – सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े
सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
किसानों को खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता एवं फसल बीमा योजना की जानकारी देने के निर्देश
जांजगीर-चांपा। लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में केंद्र प्रवर्तित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में, गुणवत्ता के साथ एवं पूर्ण पारदर्शिता से पूरे किए जाएं तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचे।
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, कृषि, सिंचाई, महिला एवं बाल विकास तथा अन्य विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों से योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि कार्यों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।
सांसद श्रीमती जांगड़े ने कहा कि केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मैदानी निरीक्षण करने तथा विकास कार्यों की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। सांसद ने मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राही इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने मत्स्य पालन को आजीविका का प्रभावी माध्यम बताते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।
बैठक में सांसद श्रीमती जांगड़े ने सड़क निर्माण एवं रखरखाव की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की सभी क्षतिग्रस्त एवं गड्ढायुक्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए, इसलिए आवश्यक मरम्मत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न की जाए। सांसद ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए तथा आवास निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण न हो यह सुनिश्चित करें।
सांसद ने कृषि विभाग अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में किसानों के लिए खाद एवं बीज की किसी भी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा सतत निरीक्षण कर वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि कृषकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न हो। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को योजना की जानकारी देकर अधिक से अधिक पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सिंचाई व्यवस्था सुचारु रहे और किसानों को सिंचाई के लिए किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
सांसद श्रीमती जांगड़े ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित एवं प्रभावी संचालन करने कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं गर्भवती तथा शिशुवती माताओं को निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित रूप से पोषण आहार वितरित किया जाए तथा केंद्रों में उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की सतत निगरानी की जाए। सांसद ने बाल संरक्षण योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं महतारी वंदन योजना की प्रगति की समीक्षा की। सांसद ने निर्देश दिए कि निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा सभी केंद्रों में बच्चों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सांसद ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं बच्चों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में चिरायु योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, सिकल सेल उन्मूलन अभियान, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान तथा राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करे।
सांसद ने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने, सभी विद्यालयों में आवश्यकतानुसार शौचालय निर्माण एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में जर्जर एवं असुरक्षित भवनों में विद्यालय संचालित न किए जाएं। सांसद ने मध्यान्ह भोजन योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण में भोजन तैयार किया जाए तथा भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी विद्यालय परिसरों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाकर हरित एवं स्वच्छ वातावरण विकसित करने के निर्देश भी दिए।
सांसद श्रीमती जांगड़े ने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा कर अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों के व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आरसेटी की गतिविधियों के माध्यम से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों एवं जनसमस्याओं को भी रखा, जिन पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने सड़क सुरक्षा की भी समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका परिषद जांजगीर-नैला अध्यक्ष श्रीमती रेखा देवा गढ़ेवाल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, वनमंडलाधिकारी हिमांशु डोंगरे, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार पोयाम, अपर कलेक्टर श्रीमती स्निग्धा तिवारी, गुलजार सिंह, संदीप यादव, विवेका गोपाल, सहित नगर पालिका, नगर पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत अध्यक्षगण, सरपंचगण, जनप्रतिनिधिगण, सदस्यगण एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़
सिंहदेव बोले- मंदिरों से हटाया जाए RSS का कब्जा:कहा-सुप्रीम कोर्ट एक्शन ले, जमीन घोटाले से लेकर अब तक जांच की मांग की
सरगुजा, एजेंसी। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में करोड़ों रुपये के चंदे में कथित गड़बड़ी देश की आस्थावान जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की कि राम मंदिर सहित प्रमुख मंदिरों की प्रबंधन समितियों से आरएसएस से जुड़े लोगों को तत्काल हटाया जाए।
सिंहदेव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले का स्वतः संज्ञान ले, क्योंकि प्रबंधन समिति का गठन अदालत के आदेश से हुआ था। उन्होंने जमीन खरीद से लेकर चंदे में कथित अनियमितताओं तक की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की।
कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए टीएस सिंहदेव ने कहा कि पिछले तीन-चार दशकों से राम मंदिर को लेकर एक विशेष राजनीतिक अभियान चलाया गया। उस समय संसद में भाजपा की केवल दो सीटें थीं।
बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अदालत के फैसले में राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की अनुमति देते हुए एक स्वतंत्र प्रबंधन समिति गठित करने का निर्देश दिया गया, ताकि मंदिर निर्माण और उसके प्रबंधन का कार्य निष्पक्ष रूप से किया जा सके।
पूर्व डिप्टी सीएम बोले- संत, पुजारियों को बाहर कर RSS ने कब्जा किया
टीएस सिंहदेव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए एक स्वतंत्र प्रबंधन समिति बनाई गई। उनका आरोप है कि पहले रामलला की सेवा और देखरेख करने वाले संतों और पुजारियों को समिति में कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई, जबकि प्रबंधन में आरएसएस से जुड़े लोगों को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि आरएसएस कोई संवैधानिक संस्था नहीं, बल्कि व्यक्तियों का एक समूह है।
सिंहदेव ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से चंदा जुटाया गया, लेकिन चंदे की कुल राशि को लेकर भाजपा और आरएसएस से जवाब मांगे जाने पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर परिसर के विस्तार और जमीन खरीद में कथित करोड़ों रुपए के घोटाले का मुद्दा उठाया था, जिसे राजनीतिक बताकर खारिज कर दिया गया। राम मंदिर निर्माण के नाम पर जुटाए गए चंदे में गड़बड़ी हुई।
आस्था के साथ खिलवाड़ का आरोप
टीएस सिंहदेव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, चंपत राय और ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि देश के शंकराचार्यों ने मंदिर का शिखर और निर्माण कार्य पूरा नहीं होने का हवाला देते हुए उस समय प्राण प्रतिष्ठा नहीं करने की बात कही थी, लेकिन चुनावी लाभ के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सिंहदेव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में गड़बड़ी कर लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया। उन्होंने दावा किया कि 40 दिनों में 70 बार वित्तीय अनियमितताएं हुईं और लाखों रुपये की हेराफेरी सामने आई।
उनके अनुसार, प्रबंधन समिति से जुड़े चंपत राय सहित कुछ पदाधिकारियों ने जवाबदेही स्वीकार करते हुए इस्तीफा दिया, लेकिन उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
राम मंदिर ट्रस्ट की जांच और प्रबंधन में बदलाव की मांग
टीएस सिंहदेव ने कहा कि राम मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। उनका आरोप है कि राम मंदिर सहित कई प्रमुख मंदिरों की प्रबंधन समितियों में आरएसएस से जुड़े लोगों का प्रभाव है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन से जुड़े व्यक्ति को ऐसे धार्मिक न्यासों की प्रबंधन समिति का सदस्य नहीं होना चाहिए।
सिंहदेव ने कहा कि यदि उनकी व्यक्तिगत छवि भी अच्छी मानी जाती है, तब भी उन्हें ऐसी समिति में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, प्रबंधन समिति में चारों शंकराचार्यों के प्रतिनिधियों और बेदाग छवि वाले प्रतिष्ठित लोगों को स्थान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर व्यापक जन आंदोलन होना चाहिए और किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति को धार्मिक न्यासों की प्रबंधन समिति में जगह नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस पूरी तरह राजनीतिक संगठन की तरह कार्य कर रही है।
सिंहदेव ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे और कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराए। उन्होंने कहा कि चूंकि प्रबंधन समिति सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी थी, इसलिए जांच की जिम्मेदारी भी सुप्रीम कोर्ट को उठानी चाहिए।
छत्तीसगढ़
सट्टे की कमाई से खरीदी 1,175 करोड़ की अमेरिकी कंपनी:विकास गर्ग ने दुबई-मॉरीशस के रास्ते घुमाया ब्लैक-मनी, 10 दिन की रिमांड पर
रायपुर, एजेंसी। महादेव सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रायपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को EBIX के चेयरमैन विकास गर्ग को 24 जुलाई तक 10 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया। ED का आरोप है कि सट्टे से कमाए गए पैसों को पहले शेल (फर्जी) कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए खपाया गया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इसके लिए Foreign Portfolio Investment (FPI) और Foreign Direct Investment (FDI) जैसे निवेश माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। बाद में इसी रकम का निवेश लिस्टेड कंपनियों में किया गया और करीब 1,175 करोड़ रुपए में अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc. की हिस्सेदारी खरीदी गई। ED का दावा है कि अवैध धन को दुबई, मॉरीशस और अमेरिका के रास्ते घुमाकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया
ईडी की रायपुर जोनल ऑफिस की टीम ने मंगलवार को विकास गर्ग को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसके बाद दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रायपुर लाया गया। बुधवार को विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश करने के बाद अदालत ने 24 जुलाई तक ईडी रिमांड मंजूर कर दी।
पहले सट्टे और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच, फिर सामने आया नया नेटवर्क
प्रवर्तन निदेशालय के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि, शुरुआती जांच महादेव ऐप के जरिए सट्टे से हुई कमाई और उसकी मनी लॉन्ड्रिंग तक सीमित थी। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि इस रकम को अलग-अलग जगह निवेश किया गया।
इसी दौरान स्काई एक्सचेंज नाम के नेटवर्क की जानकारी मिली, जिसके जरिए महादेव ऐप का पैसा कई निवेश माध्यमों में लगाया जा रहा था। पान्डेय ने बताया कि जांच में सामने आया कि विकास गर्ग ने हरीशंकर टिबरेवाल से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से महादेव ऐप से कमाए गए पैसे को भारतीय अर्थव्यवस्था में शामिल किया।

कंपनी के वेबसाइट ने निकाली गई इमेज ।
दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन में बनाई कंपनियां
ED एडवोकेट सौरभ पान्डेय ने बताया कि अवैध धन को FDI, पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट, सिक्योर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट और बॉन्ड्स के जरिए खपाया गया। इसके लिए विकास गर्ग ने दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन में कई कंपनियां रजिस्टर्ड कराईं और उन्हीं के माध्यम से निवेश किया।
हरीशंकर टिंबरेवाल का करीबी बताया
ईडी के अनुसार, विकास गर्ग को स्काई एक्सचेंज के कथित संचालक हरीशंकर टिंबरेवाल का करीबी सहयोगी बताया गया है। ईडी की पूछताछ के दौरान विकास गर्ग ने स्वीकार किया कि टिंबरेवाल के नियंत्रण वाली विदेशी कंपनियों ने करीब 765.77 करोड़ रुपए गर्ग से जुड़ी कंपनियों में ट्रांसफर किए थे।
यह पैसा कई विदेशी कंपनियों के जरिए घुमाकर भारत लाया गया और बाद में वैध कारोबारी निवेश के रूप में दिखाया गया।

विकास गर्ग 10 दिन की ईडी रिमांड पर ।
EBIX खरीदने में लगाया गया सट्टे का पैसा
ईडी का आरोप है कि, इस पूरी मनी लॉन्ड्रिंग का सबसे बड़ा इस्तेमाल अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc. को खरीदने में किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग की कंपनी Eraaya Lifespaces Ltd. ने अमेरिका की दिवालिया अदालत (Bankruptcy Court) की प्रक्रिया के जरिए अगस्त 2024 में करीब 1,175 करोड़ रुपए में EBIX Inc. की 97.5% हिस्सेदारी खरीदी।
EBIX खरीदने के लिए पैसा कहां से आया?
ईडी के मुताबिक विकास गर्ग ने पूछताछ में बताया कि EBIX खरीदने के लिए कई स्रोतों से रकम जुटाई गई। 300 करोड़ रुपए Vikas Lifecare Ltd. से करीब 250 करोड़ रुपए Qualified Institutional Placement से करीब 665 करोड़ रुपए Foreign Currency Convertible Bonds (FCCBs) के जरिए विदेशी निवेशकों से जुटाए।
ईडी का आरोप है कि FCCBs के जरिए जुटाए गए पूरे 665 करोड़ रुपए वास्तव में हरीशंकर टिंबरेवाल ने विदेशी कंपनियों के जरिए भेजे थे। एजेंसी का कहना है कि इसी रकम का बड़ा हिस्सा बाद में EBIX खरीदने में इस्तेमाल किया गया।
बैंक रिकॉर्ड में क्या मिला?
ED जांच में बैंक रिकॉर्ड से पता चला कि अगस्त 2024 में Eraaya Lifespaces के QIP एस्क्रो खाते में 248.50 करोड़ रुपए विदेशी निवेशकों से आए। बाद में यह रकम कंपनी के मुख्य खाते में ट्रांसफर कर EBIX अधिग्रहण में इस्तेमाल की गई।
इसके अलावा जून और जुलाई 2024 के दौरान Vikas Lifecare Ltd. से 292.41 करोड़ रुपए EBIX को भेजे गए। कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड में इन्हें लोन, एडवांस और निवेश के रूप में दर्ज किया गया।
940.77 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच
10 जुलाई को ED ने प्रेस नोट जारी कर संपत्ति अचैटमेंट की जानकारी दी है। ईडी ने डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और पीएमएलए की धारा-50 के तहत दर्ज बयानों के आधार पर 765.77 करोड़ रुपए को अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) माना है।
EBIX में Eraaya Lifespaces की 893.03 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी 47.74 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं। कुल अटैचमेंट 940.77 करोड़ रुपए का है।
ईडी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क ऑनलाइन सट्टे से कमाए गए अवैध धन को बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए वैध बनाने के लिए तैयार किया गया था। एजेंसी अब विकास गर्ग से पूछताछ कर इस पूरे मनी ट्रेल, विदेशी निवेश और अन्य आरोपियों की भूमिका की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
बयानों में विरोधाभास, इसलिए हुई गिरफ्तारी
ईडी के अनुसार, विकास गर्ग को कई बार धारा 50 के तहत नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया। कई बार वे पेश हुए, कई बार नहीं आए। पूछताछ के दौरान उनके अलग-अलग बयानों में विरोधाभास मिला और नए साक्ष्य भी सामने आए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की पूछताछ आवश्यक मानते हुए दिल्ली में उन्हें गिरफ्तार किया गया।
सुनील भंडारी और अमित सारोगी के बयान भी बने सबूत
ईडी ने अपने केस में कारोबारी सुनील भंडारी और कोलकाता के एंट्री ऑपरेटर अमित सारोगी के बयानों का भी हवाला दिया है। एजेंसी के मुताबिक, सुनील भंडारी ने पूछताछ में बताया कि वह कमीशन लेकर FPI, Preferential Allotment और अन्य निवेश माध्यमों के जरिए लिस्डेट कंपनियों में पैसा लगवाता था।
ईडी का आरोप है कि विकास गर्ग और हरीशंकर टिंबरेवाल मिलकर शेल कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए सट्टे का पैसा शेयर बाजार में लगाते थे।
कोरबा
सर्प पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा, विश्व सर्प दिवस पर सर्प संरक्षण पर दिया जोर – जितेंद्र सारथी
कोरबा। विश्व सर्प दिवस के अवसर पर नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी (वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम कोरबा) ने आमजन से सर्पों के संरक्षण एवं सह-अस्तित्व का संदेश दिया, संस्था द्वारा वर्षों से वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जिले में सर्प संरक्षण, सुरक्षित रेस्क्यू, जन-जागरूकता एवं मानव–सर्प संघर्ष को कम करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
संस्था के द्वारा अब तक हजारों सर्पों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया है, साथ ही स्कूलों, महाविद्यालयों, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को यह बताया जा रहा है कि अधिकांश सर्प विषहीन होते हैं और बिना कारण किसी पर हमला नहीं करते, भय या अंधविश्वास के कारण सर्पों की हत्या करना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत दंडनीय भी हो सकता है।
सर्प प्रकृति के सबसे महत्वपूर्ण जीवों में से एक हैं, ये खेतों एवं जंगलों में चूहों और अन्य हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित करते हैं, जिससे किसानों की फसल सुरक्षित रहती है तथा खाद्य श्रृंखला एवं पारिस्थितिक संतुलन बना रहता है, यदि सर्पों की संख्या कम हो जाए तो चूहों की आबादी तेजी से बढ़ सकती है, जिससे कृषि, खाद्यान्न भंडारण और मानव स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
कोरबा जिला जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है, विशेष रूप से मध्य भारत (Central India) में किंग कोबरा (King Cobra) की उपस्थिति कोरबा जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है,यह विश्व का सबसे लंबा विषैला सर्प है और इसकी उपस्थिति स्वस्थ एवं समृद्ध वन पारिस्थितिकी का संकेत मानी जाती है, कोरबा वन मंडल एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी संयुक्त रूप से इसके संरक्षण, आवास सुरक्षा, निगरानी तथा जन-जागरूकता के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं, ताकि इस दुर्लभ एवं संरक्षित प्रजाति का प्राकृतिक अस्तित्व सुरक्षित रह सके।
छत्तीसगढ़ में कई प्रजातियों के सर्प पाए जाते हैं, जिनमें अधिकांश विषहीन हैं। प्रमुख विषैले सर्पों में किंग कोबरा, इंडियन कोबरा (नाग), कॉमन करैत, बैंडेड करैत, रसेल्स वाइपर, सॉ-स्केल्ड वाइपर (फुरसा) सहित कुछ अन्य प्रजातियां शामिल हैं, वहीं धामन (Rat Snake), इंडियन रॉक पाइथन (अजगर), चेकर्ड कीलबैक, ब्रॉन्जबैक ट्री स्नेक, सैंड बोआ, कॉमन वुल्फ, कैट स्नेक,कॉमन कुकरी सहित अनेक विषहीन सर्प भी राज्य की जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वनमंडलाधिकारी कोरबा (DFO) श्रीमती प्रेमलता यादव ने कहा कि सर्प प्रकृति के अभिन्न अंग हैं, वे खेतों एवं जंगलों में चूहों तथा अन्य हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित कर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बिना कारण किसी भी सर्प को मारना न केवल जैव विविधता के लिए हानिकारक है, बल्कि कई संरक्षित प्रजातियों को नुकसान पहुंचाना वन्यजीव संरक्षण कानून के अंतर्गत दंडनीय अपराध भी हो सकता है।
वनमंडलाधिकारी कटघोरा DFO कुमार निशांत ने आम नागरिकों से अपील की है कि वर्षा ऋतु में सर्पों का बाहर निकलना प्रकृति का सामान्य व्यवहार है, ऐसे में किसी भी सर्प को देखकर उसे मारने के बजाय स्वयं सुरक्षित रहें और वन विभाग के हेल्प लाइन नंबर 18002331416,8817534455 पर तत्काल सूचना दें, सर्प हमारी जैव विविधता की अमूल्य धरोहर हैं, ये खेतों और जंगलों में हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित कर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, एक सर्प की रक्षा, प्रकृति के संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की रक्षा है साथ ही किसी व्यक्ति को सर्पदंश हो जाए, तो झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपचार के भरोसे समय बर्बाद न करें बल्कि उस स्थिति में पीड़ित को तुरंत नजदीकी शासकीय अस्पताल पहुंचाएं, क्योंकि समय पर सही उपचार ही जीवन बचा सकता है।
उप वनमंडलाधिकारी दक्षिण (SDO) सूर्यकांत सोनी ने बताया कि कोरबा वन मंडल द्वारा सर्प संरक्षण, सुरक्षित रेस्क्यू, जन-जागरूकता एवं मानव–सर्प संघर्ष को कम करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, वन विभाग प्रशिक्षित रेस्क्यू टीमों के माध्यम से सर्पों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने का कार्य कर रहा है।
जितेंद्र सारथी ने कहा कि सर्पों से डरने के बजाय उन्हें समझने की आवश्यकता है, किसी भी घर, कार्यालय या सार्वजनिक स्थान पर सर्प दिखाई देने पर उसे मारने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग अथवा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें, सुरक्षित रेस्क्यू ही मानव जीवन और वन्यजीव संरक्षण दोनों के लिए सबसे उचित समाधान है।
विश्व सर्प दिवस के अवसर पर कोरबा वन मंडल , कटघोरा वन मण्डल एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि “सर्प बचेंगे, तभी प्रकृति का संतुलन बचेगा। आइए, भय नहीं बल्कि संरक्षण का संदेश अपनाएं।”
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