कोरबा
SECL की खदानों में ठेका श्रमिकों का बड़ा शोषण, राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन ने मुख्य श्रम आयुक्त से की शिकायत
व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता (OSHW Code) 2020 की धारा 57 का खुला उल्लंघन, मुख्य गतिविधियों (Core Activities) में ठेका श्रमिकों की अवैध तैनाती का आरोप
30 वर्षों तक के लंबे ठेके देकर कानून से धोखाधड़ी, RCWF ने की सभी पीड़ित श्रमिकों को नियमित (Regularize) करने की मांग
कोरबा। राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) ने कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) और उसके अधीन काम करने वाले दर्जनों निजी ठेकेदारों के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। फेडरेशन ने मुख्य श्रम आयुक्त केंद्रीय भारत सरकार के समक्ष एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराकर SECL की विभिन्न भूमिगत (Underground) और खुली (Opencast) खदानों में चल रहे गंभीर श्रम उल्लंघनों और श्रमिकों के शोषण को उजागर किया है ।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि SECL प्रबंधन और निजी ठेकेदार केंद्र सरकार के व्यवसायिक सुरक्षा स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता 2020 (OSHW Code 2020) तथा मजदूरी संहिता (Code on Wages) 2019 की धज्जियां उड़ा रहे हैं ।

मुख्य आरोप और कानून का उल्लंघन
मुख्य गतिविधियों (Core Activities) में अवैध तैनाती:- OSHW कोड 2020 की धारा 57 के तहत किसी भी प्रतिष्ठान के मुख्य कार्यों में ठेका श्रमिकों को रखना सख्त प्रतिबंधित है इसके बावजूद SECL द्वारा कोयला निष्कर्षण कोयला काटना लोडिंग छत को सहारा देना (Roof support) और भारी अर्थ-मूविंग मशीनरी चलाने जैसे अत्यधिक जोखिम भरे और मुख्य कार्यों में बड़े पैमाने पर ठेका श्रमिक लगाए जा रहे हैं ।
०२. 30 साल तक के लंबे और संदेहास्पद अनुबंध:- टेक्नो ब्लास्ट माइनिंग जॉय माइनिंग चेन्नई राधा इंजीनियरिंग वर्क्स (CREW), सिनचैती नीलकंठ इन्फ्रा सहित कई कंपनियों को 6 से लेकर 30 वर्षों तक के दीर्घकालिक ठेके दिए गए हैं RCWF का कहना है कि इतने लंबे समय के अनुबंध यह साबित करते हैं कि यह कार्य स्थायी (Permanent & Perennial) प्रकृति का है जिसे छुपाने के लिए कानून के साथ धोखाधड़ी (Sham Contract) की जा रही है ।
०३. नियुक्ति पत्र से वंचित और कम मजदूरी:- OSHW कोड की धारा 6 का उल्लंघन करते हुए हजारों श्रमिकों को कोई नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) नहीं दिया गया है जिससे उनका रोजगार असुरक्षित है साथ ही धारा 8 और वेज कोड 2019 का उल्लंघन कर नियमित कर्मचारियों के मुकाबले इन ठेका श्रमिकों को बेहद कम मजदूरी दी जा रही है ।
सभी श्रमिकों को सीधे परमानेंट (नियमित) करने की मांग
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) बनाम नेशनल यूनियन वॉटरफ्रंट वर्कर्स (2001) के ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए RCWF के नेता भागवत प्रसाद दुबे ने स्पष्ट किया है कि जहां कानून का उल्लंघन करके मुख्य गतिविधियों में ठेका श्रमिक लगाए जाते हैं वहां वह अनुबंध कानूनी रूप से शून्य (Nullity) माना जाता है ऐसे में ये सभी श्रमिक स्वतः ही मुख्य नियोक्ता (SECL) के सीधे कर्मचारी माने जाते हैं हमारी मांग है कि इन सभी श्रमिकों को उनकी प्रारंभिक नियुक्ति की तारीख से वेतन संरक्षण वरिष्ठता पीएफ ग्रेच्युटी और चिकित्सा लाभ के साथ SECL का नियमित कर्मचारी बनाया जाए ।
मुख्य श्रम आयुक्त से की गई मांग
SECL खदानों की मुख्य गतिविधियों में चल रहे ठेका श्रम की तुरंत गहन जांच और निरीक्षण कराया जाए OSHW कोड की धारा 104 के तहत दोषी SECL प्रबंधन और ठेकेदारों के खिलाफ 2 साल तक की कैद और रू. 5 लाख तक के जुर्माने की दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाए समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत पर ठेका श्रमिकों को नियमित कर्मचारियों के बराबर मजदूरी और पुराने बकाए (Arrears) का भुगतान सुनिश्चित किया जाए मुख्य गतिविधियों के लिए चल रहे मौजूदा ठेकों के नवीनीकरण और नए टेंडरों पर तुरंत रोक लगाई जाए ।
इस शिकायत की प्रतियां केंद्रीय श्रम सचिव भारत सरकार, अध्यक्ष कोल इंडिया लिमिटेड, सीएमडी SECL बिलासपुर, आर.एल.सी. बिलासपुर और डी.जी.एम.एस. धनबाद को भी आवश्यक एवं त्वरित कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई हैं फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर शोषण पर तुरंत लगाम नहीं लगाई गई तो श्रमिक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन को और उग्र किया जाएगा ।
कोरबा
आंधी-तूफान से पेड़ गिरने की घटना में तीन युवकों की मृत्यु, वन विभाग के कार्य से नहीं था कोई संबंध
जांच में पंचों ने दी जानकारी
कोरबा/पाली । पाली विकासखण्ड के ग्राम चोरकाडांड में 30 मई 2026 को हुई दुखद दुर्घटना के संबंध में प.स.राहा द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों एवं पंचों से जानकारी प्राप्त की गई। जांच के दौरान पंचों ने लिखित बयान देकर घटना के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत की।

पंचों के अनुसार, 30 मई 2026 को लगभग अपराह्न 03 बजे अचानक तेज आंधी-तूफान आने से गांव के समीप स्थित एक बड़ा घावड़ा वृक्ष जड़ से टूटकर गिर गया। उस समय वृक्ष के नीचे बैठे तीन युवक उसकी चपेट में आ गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान तीनों युवकों की मृत्यु हो गई।
पूछताछ में पंचों ने बताया कि घटनास्थल के निकट वन प्रबंधन समिति चोरकाडांड द्वारा सुअर पालन हेतु शेड निर्माण का कार्य कराया जा रहा था, किंतु मृतक युवक उक्त निर्माण कार्य में संलग्न नहीं थे। घटना के समय वे वृक्ष के नीचे बैठे थे।
पंचों ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि मृतकों का वन विभाग अथवा शेड निर्माण कार्य से कोई संबंध नहीं था तथा यह दुर्घटना प्राकृतिक कारणों से आई आंधी-तूफान के दौरान वृक्ष गिरने के कारण हुई।
कोरबा
SECL कुसमुंडा खदान के कोल स्टॉक में आग:लाखों टन कोयला जलने की आशंका,मीथेन गैस और भीषण गर्मी को माना जा रहा कारण
कोरबा। कोरबा जिले के SECL कुसमुंडा क्षेत्र की 29 नंबर कोयला स्टॉक यार्ड में गुरुवार को भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि कोयले के विशाल ढेर से उठती लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देता रहा। घटना से लाखों टन कोयले के नुकसान और करोड़ों रुपये के राजस्व प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, SECL प्रबंधन द्वारा मानसून से पहले बड़े पैमाने पर कोयले का भंडारण किया जा रहा था। इसी क्रम में 29 नंबर स्टॉक यार्ड में लाखों टन कोयला डंप किया गया था। बुधवार दोपहर अचानक कोयले के ढेर से धुआं निकलना शुरू हुआ, जो कुछ ही समय में भीषण आग में बदल गया।
गर्मी और मीथेन गैस बनी आग की वजह
शुरुआती तौर पर भीषण गर्मी और कोयले में मौजूद मीथेन गैस को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। खदान क्षेत्र में तापमान लगातार बढ़ने के कारण कोयले के स्टॉक में स्वतः दहन (स्पॉन्टेनियस कंबशन) की घटनाएं बढ़ रही हैं।
कर्मचारियों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से खदान क्षेत्र में लगातार आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। लगभग हर दूसरे दिन किसी न किसी कोयला स्टॉक में धुआं या आग की स्थिति बन रही है।
दमकल और टैंकरों से बुझाने की कोशिश
आग लगने की सूचना मिलते ही SECL के दमकल वाहन और पानी के टैंकर मौके पर पहुंच गए। कर्मचारियों और अधिकारियों ने आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास शुरू किए, लेकिन कई घंटों की मशक्कत के बाद भी आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी।
मौके पर संबंधित विभाग के अधिकारी और तकनीकी अमला मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। आग को फैलने से रोकने के लिए आसपास के स्टॉक क्षेत्रों में भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

हर दूसरे दिन किसी न किसी कोयला स्टॉक में धुआं या आग की स्थिति बन रही है।
उत्पादन और डिस्पैच पर पड़ सकता है असर
बताया जा रहा है कि आग की चपेट में आने से कोयले का बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया है। मानसून से पहले तैयार किया गया यह स्टॉक उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण था। ऐसे में आग से कोयला डिस्पैच और उत्पादन गतिविधियों पर भी असर पड़ने की संभावना है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं ने SECL की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में कोल स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग, तापमान नियंत्रण और पानी के छिड़काव जैसे सुरक्षा उपाय पर्याप्त रूप से नहीं किए जा रहे हैं।
कर्मचारी संगठनों ने भी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं। फिलहाल आग बुझाने का अभियान जारी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
कोरबा
गजानंद प्रसाद साहू के पुन: कांग्रेस ओबीसी शहर जिला अध्यक्ष बनने पर कांग्रेसजनों ने दी बधाई
जयसिंह अग्रवाल का आभार जताने कांग्रेस कार्यालय पहुंचे गजानंद प्रसाद साहू
कोरबा। कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के जिला अध्यक्ष गजानंद साहु को कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग कोरबा शहर का पुन: अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर तथा विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम सुंदर सोनी की अनुशंसा पर एवं कांग्रेस ओ बी सी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद की सहमति से प्रदेश अध्यक्ष केशव चंद्राकर ने जारी की है ।

गजानंद साहु को एक बार पुन: कांग्रेस ओ बी सी विभाग में जिला शहर अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पालुराम साहु, राजेन्द्र तिवारी, ए डी जोशी, बसंत चंद्रा, मंडल अध्यक्ष मनीष शर्मा, जवाहर निर्मलकर, सुकसागर निर्मलकर, प्रदीप जायसवाल, इकबाल कुरैशी, रोपा तिर्की, देवीदयाल सोनी, बुद्धेश्वर चौहान, सुरती कुलदीप, अश्वनी पटेल, प्रदेश सचिव विकास सिंह, बी एन सिंह, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद, पूर्व अध्यक्ष सपना चौहान, नत्थुलाल यादव, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु, पार्षद बद्री किरण, अनुज जायसवाल, सुभाष राठौर, अयोध्या मस्तुल कंवर, गीता गभेल, रवि चंदेल, डॉ.रामगोपाल कुर्रे, नारायण कुर्रे, प्रेमलता अविनाश बंजारे सहित पूर्व सभापति धुरपाल सिंह कंवर, संतोष राठौर, जिला कोषाध्यक्ष विनोद अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ठाकुर, अर्चना उपाध्याय, दुष्यंत शर्मा, अशोक लोध, आरिफ खान, महामंत्री रमेश जायसवाल, रेखा त्रिपाठी, लक्ष्मी नारायण देवांगन, मनीराम साहु, सुधीर जैन, एफ डी मानिकपुरी, मनहरण लाल राठौर, राजकुमार जोशी, आनंद पालीवाल, गिरधारी बरेठ, अनुराग मोहित, सचिव डॉ. एल पी साहु, रतन यादव, सुरेश पटेल, डॉ. डी आर नेताम, संजू अग्रवाल, फरियाद अली, प्रमोद श्रीवास, धनंजय चंद्रा, अनिल अग्रवाल, राजेन्द्र सूर्यवंशी, राजूधन चंदानी, संतोष यादव, कार्यकारिणी सदस्य अवधेश सिंह, शत्रुहन श्रीवास, सनीष कुमार, बिसाहु कुंभकार, सरस्वती कंवर, हीरालाल साहु, क्रांति सोनी, आंगन बाई महंत, संजू पैकरा, दिनेश कैवर्त आदि ने हर्ष व्यक्त किया है ।
गजानंद साहु ने ओ बी सी विभाग का कोरबा शहर में पुन: अध्यक्ष बनाने पर जिला कांग्रेस कार्यालय कोरबा में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को पुष्पगुच्छ भेंटकर आभार जताया एवं उपस्थित कांग्रेसजनों ने गजानंद प्रसाद साहू को बधाई दी और उनका अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित संगीता श्रीवास, संजीदा बेगम, मनमोहन राठौर, माधुरी ध्रुव, शांता मंडावे, कुसुम भगत, हरवेन्द्र सिंह, राजेश यादव, अमन पटेल एवं मनोज पटेल ने गजानंद साहु को मीठा खिलाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर गजानंद साहु ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि वह अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक, पूरी निष्ठा व ईमानदारी से निर्वहन कर पाएंगे और ओ बी सी विभाग के कांग्रेस संगठन को कोरबा शहर क्षेत्र में और ज्यादा मजबूत करेंगे।
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