Connect with us

कोरबा

मॉर्निंग विजिट करने के साथ शहरों को स्वच्छ बनाएंः कलेक्टर

Published

on

सम्पत्ति कर वसूली, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन को बढ़ाने के निर्देश

पीएम आवास सहित अन्य लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

कलेक्टर ने ली नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा बैठक

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज नगरीय निकाय अंतर्गत नगर पालिका कटघोरा, दीपका, बाँकी मोंगरा, नगर पंचायत पाली और छुरी में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन तथा महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी निकायों को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में मॉर्निंग विजिट बढ़ाते हुए सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखें। महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों में कचरे का ढेर न लगे और निकाय की टीम नियमित सफाई सुनिश्चित करे। उन्होंने घरों की संख्या के आधार पर घर-घर कचरा कलेक्शन बढ़ाने तथा नगर पालिक निगम और अन्य नगरीय निकायों को स्वच्छता सर्वेक्षण का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित नगरीय निकायों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत स्वीकृत कार्यों और प्रगति की समीक्षा करते हुए अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम आवास (शहरी) अंतर्गत सभी सीएमओ को निर्देशित किया कि क्षेत्र में सर्वे कर 15 जनवरी तक यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें कि कोई हितग्राही शेष नहीं है। कलेक्टर ने सभी सीएमओ को भवनों का मूल्यांकन कराकर सम्पत्ति कर वसूली में वृद्धि लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने शहरी क्षेत्रों में पेयजल की समस्या न हो, इसके लिए परीक्षण कर मांग पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आम नागरिकों से जुड़ी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने तथा शिकायत मिलने पर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करने और विलंब होने पर पेनल्टी लगाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन, राजस्व वसूली, शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, सामाजिक पेंशन के ई-केवाईसी, स्ट्रीट डाग रहवास, वैक्सीनेषन, पीएम स्वनिधि, डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति तथा अधोसंरचना मद अंतर्गत लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश प्रदान किए।
इस दौरान अपर आयुक्त विनय मिश्रा सहित निकायों के सीएमओ और इंजीनियर उपस्थित रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

बालको ने मेटल डिवीजन पेट्रोल पंप में अग्नि आपातकालीन मॉक ड्रिल का किया आयोजन

Published

on

बालकोनगर। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने मेटल डिवीजन स्थित पेट्रोल पंप क्षेत्र में अग्नि आपातकाल एवं कैजुअल्टी प्रबंधन की तैयारियों का आकलन करने हेतु एक मॉक ड्रिल आयोजित किया। यह अभ्यास राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया, जो कर्मचारी सुरक्षा, आपातकालीन तैयारी एवं औद्योगिक सुरक्षा जागरूकता के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मॉक ड्रिल जिला प्रशासन के प्रतिनिधि विजय सिंह पोटाई, उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, कोरबा की उपस्थिति में संपन्न हुई। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ करना, विभिन्न टीमों के बीच समन्वय बढ़ाना तथा औद्योगिक सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करना था। इस दौरान पेट्रोल डिस्पेंसिंग यूनिट में संचालन के समय आग लगने की आभासी स्थिति तैयार की गई। अभ्यास में कैजुअल्टी की स्थिति भी शामिल की गई थी

आपातकालीन प्रक्रिया के तहत ऑपरेटर ने तत्काल अलार्म बजाया तथा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थल पर उपलब्ध अग्निशामक यंत्र का उपयोग किया। इसके साथ ही सेंट्रल कंट्रोल रूम को सूचना दी गई, जिसके बाद फायर, रेस्क्यू, मेडिकल एवं सुरक्षा टीमों को तुरंत घटनास्थल पर रवाना किया गया। सभी आपातकालीन टीमें निर्धारित समय के भीतर मौके पर पहुंचीं और समन्वित तरीके से अग्निशमन, रेस्क्यू एवं मेडिकल कार्यवाही को अंजाम दिया। आभासी रूप से घायल व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया तथा आगे की चिकित्सीय जांच हेतु भेजा गया।

अभ्यास में बालको की आपातकालीन नेतृत्व टीम ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रमुख अधिकारियों में बालको के सीईओ एवं निदेशक आर.के. सिंह (चीफ इंसीडेंट कंट्रोलर),शुभम भारद्वाज, (साइट इंसीडेंट कंट्रोलर) बसंत कुमार (वर्क इंसीडेंट कंट्रोलर), तथा भारतेंदु कमल पांडे, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर शामिल रहे।

मॉक ड्रिल की सराहना करते हुए श्री विजय सिंह पोटाई ने कहा कि इस प्रकार की नियमित मॉक ड्रिल औद्योगिक सुरक्षा मानकों को मजबूत करने एवं वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयारियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली एवं विभिन्न टीमों के प्रभावी समन्वय के लिए बालको की प्रशंसा भी की।

Continue Reading

कोरबा

अधिवक्ता के घर चोरी का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार:कोरबा में एक साल पहले हुई थी वारदात, 8 लाख का माल बरामद

Published

on

कोरबा। कोरबा पुलिस ने एक अधिवक्ता के घर हुई लाखों की चोरी का खुलासा किया है। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लगभग 8 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

यह घटना 19 अप्रैल 2025 को पुरानी बस्ती कटघोरा निवासी अधिवक्ता राकेश पांडेय के सूने मकान में हुई थी। अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस ने चोरों से नगद और सोने के गहने बरामद किये हैं।

पुलिस ने चोरों से नगद और सोने के गहने बरामद किये हैं।

चोरों ने 10 तोला सोना,नगद चुराए थे

चोरों ने लगभग 10 तोला सोने के जेवरात, जिसमें रानी हार सेट, दो जोड़ी झुमके, एक सोने की चेन, दो नग चांदी की पायल और करीब 50 हजार रुपये नकद चुरा लिए थे। इस चोरी में एक बाइक का भी उपयोग किया गया था।

पुलिस की टीम बानी गई

मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर और एसडीओपी विजय सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने टीम का नेतृत्व किया। तकनीकी सबूर और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर अमित खांडे और गौतम कुमार को गिरफ्तार किया।

पुलिस की कार्रवाई

पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गए गहने, 3000 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की। जब्त किए गए सामान का कुल मूल्य लगभग 8 लाख रुपये है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अमित खांडे का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

कटघोरा पुलिस की अपील

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की टीमें अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।

कटघोरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे घर से बाहर जाते समय अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखें, सीसीटीवी कैमरे चालू रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

Continue Reading

कोरबा

हत्या के प्रकरणों के अनुसंधान पर पुलिस अधिकारियों का हुआ प्रशिक्षण, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने दिया प्रशिक्षण

Published

on

  • Asp से उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी हुए सम्मिलित
  • हत्या के प्रकरणों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि (Conviction) सुनिश्चित करने हेतु आईजी बिलासपुर ने जारी किए ‘स्मार्ट विवेचना’ निर्देश

कोरबा। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के द्वारा हत्या (Homicide) के गंभीर मामलों में विवेचना के स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप सुधारने और न्यायालयों में सजा की दर बढ़ाने के उद्देश्य से एक विस्तृत कार्ययोजना और दिशा-निर्देश जारी करते हुए आज दिनांक 28/4/26 को रेंज स्तर के पुलिस अधिकारियों का एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।आईजी श्री गर्ग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उसे वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सजा दिलाना है।
इस नई रणनीति के तहत बिलासपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं, जिसमें एक चेकलिस्ट को जारी किया गया है। अब से हत्या के हर प्रकरण के चालान (Charge-sheet) में इस चेकलिस्ट का पालन अनिवार्य होगा।

प्रमुख दिशा-निर्देश और नई कार्यप्रणाली
‘ई-साक्ष्य’ (e-Sakshya) और नए कानूनों का अनुपालन: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत अब सभी प्रकार की जप्ती ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के माध्यम से वीडियोग्राफी करते हुए की जाएगी। इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और गवाहों के मुकर जाने (Hostile) की स्थिति में भी तकनीकी साक्ष्य प्रभावी रहेंगे।
क्राइम सीन का वैज्ञानिक प्रबंधन: घटनास्थल पर ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व को समझते हुए क्षेत्र को तत्काल टेप लगाकर सील किया जाएगा। फोरेंसिक, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की उपस्थिति में ही साक्ष्य संकलन होगा। किसी भी साक्ष्य को बिना दस्ताने (Gloves) के छूना प्रतिबंधित रहेगा।
चेकलिस्ट के आधार पर समीक्षा: विवेचना में मानवीय त्रुटि को शून्य करने के लिए 124 बिंदुओं का एक प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। इसमें एफआईआर से लेकर चार्जशीट फाइल करने तक की हर प्रक्रिया का प्रलेखन (Documentation) शामिल है, ताकि बचाव पक्ष को तकनीकी खामियों का लाभ न मिल सके।
उन्नत डिजिटल और साइबर फॉरेंसिक: विवेचक अब आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स जैसे गूगल टेकआउट (Google Takeout), इंटरनेट हिस्ट्री और व्हाट्सएप लॉग्स की बारीकी से जांच करेंगे। घटनास्थल के आसपास के 100 किमी के दायरे*में लगे सीसीटीवी कैमरों की त्रिनयन ऐप के जरिए मैपिंग की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज को सीधे डीवीआर (DVR) से जप्त कर भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 63(4)(c) के प्रमाण पत्र के साथ केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा।
DNA एवं जैविक साक्ष्यों से लिंक स्थापित करना: मृतक के नाखूनों में फंसे आरोपी की स्किन, संघर्ष के दौरान टूटे बाल और कपड़ों पर मौजूद डीएनए (DNA) ट्रेस करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वैज्ञानिक रूप से आरोपी की उपस्थिति घटनास्थल पर सिद्ध की जा सके।
रात्रिकालीन पोस्टमार्टम एवं वीडियोग्राफी: संवेदनशील मामलों में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार पर्याप्त रोशनी में रात में भी पोस्टमार्टम कराया जा सकेगा, जिसकी वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। पीएम रिपोर्ट में स्पष्टता न होने पर डॉक्टरों से अनिवार्य रूप से एफएसएल (FSL) क्वेरी कराई जाएगी।
साक्ष्यों की अटूट श्रृंखला (Chain of Custody): साक्ष्यों के संकलन से लेकर उन्हें थाने के मालखाने और फिर एफएसएल (FSL) तक भेजने का पल-पल का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा, जिससे साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके।
लक्ष्य: त्रुटिहीन विवेचना
आईजी बिलासपुर ने कड़े निर्देश दिए हैं कि अप्रैल 2026 के बाद होने वाले सभी हत्या के प्रकरणों की विवेचना इन नए वैज्ञानिक और तकनीकी प्रोटोकॉल के माध्यम से की जाए। बिलासपुर रेंज पुलिस अब सीसीटीएनएस (CCTNS) प्रविष्टि से लेकर साइबर साक्ष्यों (CDR, IPDR, IMEI) के संकलन तक पूरी तरह से पारदर्शी और पेशेवर दृष्टिकोण अपनाएगी, ताकि अपराधियों को कानून के शिकंजे में कसकर सख्त सजा दिलाई जा सके।आज के प्रशिक्षण सत्र में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल के अलावा रेंज के सभी जिलों के एएसपी से लेकर उपनिरीक्षक तक के अधिकारी सम्मिलित हुए।इस प्रशिक्षण सत्र का संचालन virtual mode पर किया गया। आईजीपी श्री गर्ग ने स्वयं पुलिस अधिकारियों को हत्या के प्रकरणों की विवेचना के लिए प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन देते हुए, पीपीटी के माध्यम से विवेचना के की-पॉइंट्स और अमल में लाने वाले महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी। रामगोपाल गर्ग ने जानकारी दी है, की ऐसे प्रशिक्षण के सत्र प्रति सप्ताह, अलग अलग विषयों पर रेंज के पुलिस अधिकारियों केलिए आयोजित किए जाएंगे, ताकि पुलिस अधिकारी नवीनतम अनुसंधान तकनीकों से खुद को अपग्रेड कर , कमियों को दूर कर सकें।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677