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देश

मोदी बोले- ईरान जंग जारी रही तो गंभीर नतीजे होंगे:आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेगा, टीम इंडिया की तरह काम करना होगा

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नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया के हालात पर राज्यसभा में मंगलवार को 21 मिनट बोले। उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग जारी रही तो इसके दुष्परिणाम होंगे। आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है। टीम इंडिया की तरह काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। ये चिंताजनक है। हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस-तेल, फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है।

एक दिन पहले पीएम ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी थी। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं।

पीएम की स्पीच की 5 बड़ी बातें…

  1. राज्य सरकारों से अपील: ऐसे संकट के समय में गरीबों पर, श्रमिकों पर बुरा असर पड़ता है। उन्हें PM गरीब अन्न कल्याण योजना का लाभ मिलता रहे। राज्य सरकार इसके लिए विशेष वय्वस्था करे। ऐसे समय में कालाबाजारी करने वाले, जमाखोरी करने वाले एक्टिव होते हैं। जहां से शिकायतें आती हैं, वहां कार्रवाई कीजिए। संकट कितना भी बड़ा है, भारत की तेज ग्रोथ बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। हमें हर जरूरी कदम, हर जरूरी रिफॉर्म तेजी से करते रहने होंगे।
  2. किसानों को मैसेज: सरकार कोशिश कर रही है कि आने वाले बुआई के सीजन में किसानों को खाद मिलती रहे। सरकार ने खाद की पर्याप्त सप्लाई के लिए जरूरी तैयारियां की है। किसानों को फिर आश्वस्त करूंगा कि सरकार हर चुनौती के समाधान के लिए उनके साथ खड़ी है। ये राज्यों का सदन है। आने वाले समय में संकट हमारे देश की बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें सफलता के लिए राज्यों का सहयोग जरूरी है। राज्यों की सरकार से आग्रह करना चाहता हूं।
  3. तेल, गैस और मंहगाई पर : कोरोना के समय में जैसे अलग-अलग सेक्टर से निपटने के लिए अफसरों के एम्पॉवर्ड ग्रुप बने थे, वैसे ही कल 7 एम्पॉवर्ड ग्रुप बनाए गए हैं। ये ग्रुप सप्लाई चेन, पेट्रोल-डीजल, फर्टिलाइजर, गैस, महंगाई जैसे विषयों पर त्वरित और दूरगामी रणनीति के तहत कार्रवाई करेगी।
  4. होर्मुज स्ट्रेट संकट पर: हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। इससे पेट्रोल-डीजल, गैस और फर्टिलाइजर जैसे जरूरी सामान की रूटीन सप्लाई प्रभावित हो रही है। होर्मुज स्ट्रेट में दुनिया के अनेक जहाज फंसे हैं। उनमें बहुत बड़ी संख्या में भारतीय क्रू फंसे हैं। कर्मशियल जहाजों पर हमला और होर्मुज जैसे जल मार्ग में रूकावट अस्वीकर है। भारत डिप्लोमेसी के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी जहाजों के सतत् आवागमन के लिए प्रयास कर रहा है।
  5. गल्फ देशों में फंसे भारतीयों को संदेश: देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। जंग शुरू होने से अब तक 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीय देश लौट चुके हैं। ईरान से एक हजार से ज्यादा भारतीय लौटे हैं। इनमें 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई करने वाले हैं। सभी देशों ने वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। हमलों के कारण कुछ भारतीयों की मौत हुई है। यह दुखद है। उनके परिवार को मदद दी जा रही है। जो घायल हैं उन्हें इलाज दिया जा रहा है।
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देश

जल्द हो जाएं सावधान! भारत में अगले 3-4 साल तक LPG किल्लत से नहीं मिलेगी राहत, जानिए पूरी रिपोर्ट

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नई दिल्ली,एजेंसी। मिडिल ईस्ट जंग के बीच भारत के साथ-साथ कई अन्य देशों पर भी एलपीजी का संकट बढ़ा है। एलपीजी की किल्लत होने के कारण भारत में कई कंपनियों ने नए नियम लागू कर दिए। LPG का खतरा देश के कई राज्यों को भुगतना पड़ा, जिसका असर स्ट्रीट फूड पर भी पड़ा और कई होटलों में भी प्रतिबंध लगाए गए। बताया जा रहा है कि LPG की किल्लत सिर्फ जंग तक नहीं, बल्कि अगले 3-4 सालों तक रह सकती है क्योंकि अभी इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि प्रोडक्शन कुछ समय के लिए रुका है या उसे हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा है। 

देश की LPG पर मंडराया सकंट

अमेरिका-इजरायल के बीच चले युद्ध के कारण ईरान ने इलाके के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया, जिससे देश की एलपीजी सप्लाई पर गहरा सकंट पड़ गया। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट में अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि सप्लायर्स से मिली जानकारी के आधार पर, सप्लाई को फिर से शुरू करने में कम से कम तीन साल लग सकते हैं, और शायद उससे भी ज्यादा समय लग सकता है. उन्होंने भारत के बढ़ते इंपोर्ट रिस्क और कॉस्ट के दबाव की ओर इशारा किया।

भारत में कितनी है LPG की मांग

मार्च महीने से लेकर अब तक घरेलू सिलेंडरों में 60 रुपए की वृदि्ध हुई, जबकि कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में 115 रुपए बढ़ गए है। LPG की सालाना मांग लगभग 33 मिलियन टन है, और मार्च के मिड तक हमारे पास सिर्फ 15 दिनों की खपत के बराबर ही स्टोरेज क्षमता थी। आमतौर यहीं वजह होती है कि जब कंपनियों के पास स्टॉक नहीं होता को दाम बढ़ाए जाते है। 

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छत्तीसगढ़

रायपुर : व्यक्तियों को रोजगार चाहने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनाएं- केन्द्रीय मंत्री ओंराव

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केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने (NSTFDC) को जनजातीय उद्यमिता के लिए एक उत्प्रेरक बताया

केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने (NSTFDC) को जनजातीय उद्यमिता के लिए एक उत्प्रेरक बताया

रायपुर/नई दिल्ली। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने देश भर में अनुसूचित जनजाति समुदायों को सशक्त बनाने में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) द्वारा निभाई गई परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला है।  उन्होंने कहा कि  (NSTFDC) का दृष्टिकोण केवल रोजगार सृजन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और व्यक्तियों को रोजगार चाहने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनने में सक्षम बनाना है। नई दिल्ली में (NSTFDC) के 10 अप्रैल 2026 को आयोजित 25 वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए श्री ओराम ने इस निगम को जनजातीय उद्यमिता के लिए एक उत्प्रेरक बताया।

           केंद्रीय जनजाति मंत्री जुएल ओराम द्वारा छत्तीसगढ़ से चयनित लाभार्थी जिला बेमेतरा से किशन ध्रुव ग्राम कुआं (किराना व्यवसाय) एवं धनराज ठाकुर ग्राम गातापार (फोटो स्टूडियो व्यवसाय) सहित छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के प्रतिनिधि (कार्यपालन अधिकारी) प्रवीण कुमार लाटा का स्वागत किया और (NSTFDC) सावधि ऋण योजना के तहत व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित करने में उनके प्रयासों की सराहना की। मंत्री जी द्वारा लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

           इसके जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देते हुए श्री ओराव ने निगम के उस मुख्य उद्देश्य को रेखांकित किया जिसके तहत वह बिना किसी गारंटी (collateral-free) के वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जिससे जनजातीय लाभार्थियों तक इसकी पहुँच और अधिक व्यापक हो सके। मीडिया से बात करते हुए श्री ओराम ने कहा कि निगम ने लाभार्थियों को 16 लाख से अधिक ऋण वितरित किए हैं और अब तक कुल संवितरण (वितरित राशि) 4,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

        भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) ने नई दिल्ली के विश्व युवा केंद्र में अपना 25 वां स्थापना दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा, संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडे और (NSTFDC) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) टी. रौमुआन पाइते, (NSTFDC) के प्रबंधक और मध्य क्षेत्र के प्रमुख विकास रंजन साथ ही निगम के पूर्व CMD और देश भर की राज्य चौनलिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों उपस्थित रहे।

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देश

SBI में 5 साल के लिए FD में कराए ₹1,25,000 डिपाॅजिट, मिलेगा तगड़ा रिटर्न? समझें कैलकुलेशन

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नई दिल्ली,एजेंसी। अगर आप भी अपनी सेविंग से एक सुरक्षित फंड तैयार करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। हमेशा से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। ऐसे में अगर आप SBI बैंक खाताधारक हैं, तो आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बैंक आपको एक सुरक्षित और बेहतर रिटर्न देने वाली स्कीम का फायदा दे रहा है। बता दें कि अगर आप आज रू.1,25,000 की रकम 5 साल की FD में जमा करते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको  ब्याज दर, कंपाउंडिंग और अवधि जैसे फैक्टर्स के साथ बढ़िया रिटर्न मिल सकता है। आईए समझते है पूरी कैलकुलेशन… 

5 साल की FD Scheme
SBI बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, 5 साल से अधिक और 10 साल तक की अवधि वाली FD Scheme पर 6.05 प्रतिशत ब्याज ऑफर है, जबकि सीनियर सिटीजन को 7.05 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। अगर एक सामान्य ग्राहक SBI में 5 साल की अवधि  के लिए एफडी में 1,25,000 रुपये डिपोजिट करते हैं तो एफडी कैलकुलेटर के मुताबिक, मैच्योरिटी  पर आपको रू.42,673 रिटर्न मिलेगा। यानी आपके पास तब कुल  रू.1,67,673 होंगे।

इसी तरह, अगर कोई सीनियर सिटीजन (60 साल) हैं और 5 साल की अवधि वाली FD में 1,25,000 रुपये जमा करते हैं तो कैलकुलेशन के हिसाब से रू.50,729 आपको रिटर्न मिलेगा। यानी मैच्योरिटी पर रू.1,75,729 रुपये मिलेंगे।

 Main Types of Fixed Deposits (FDs) in India

1. स्टैंडर्ड फिक्स्ड डिपॉजिट
-यह सबसे सामान्य FD, इसमें आप एक निश्चित समय (जैसे 1 साल, 3 साल, 5 साल) के लिए पैसा जमा करते हैं। ब्याज दर पहले से तय होती है और पूरे समय के लिए वही रहती है।

2. सीनियर सिटिजन फिक्स्ड डिपॉजिट
-यह 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए होती है। इस FD में सामान्य FD से लगभग 0.25% से 0.75% तक ज्यादा ब्याज मिलता है।

3. TAX Saving फिक्स्ड डिपॉजिट
-इसमें निवेश करने पर आप इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स छूट पा सकते हैं। इसकी लॉक-इन अवधि कम से कम 5 साल होती है। 

4. कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट
-ये बैंक नहीं बल्कि कंपनियां (NBFCs या कॉर्पोरेट) देती हैं। इनमें बैंक FD से ज्यादा ब्याज मिल सकता है। लेकिन जोखिमों के अधीन भी होती है इसलिए कंपनी की रेटिंग (CRISIL आदि) जरूर देखें।

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