छत्तीसगढ़
रायगढ़ में 1 एकड़ में 2 करोड़ की अफीम जब्त:तरबूज-ककड़ी बताकर खेती, झारखंड से 10 साल पहले आया था, दोस्तों संग मिलकर कारोबार किया
रायगढ़,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में करीब एक एकड़ में अफीम के पौधे लगाए गए थे। जिसका पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपी ने रायगढ़ में ही 10 साल पहले शादी की। किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया। इसके बाद ससुराल में रहकर दोस्तों के साथ मिलकर अफीम का कारोबार शुरू कर दिया।
यह मामला तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट इलाके का है। पुलिस ने झारखंड के खूंटी जिले के रहने वाले मार्शल सांगा (40) को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ पाझर नाला के पास अफीम की खेती कर रहा था।
वहीं, कांग्रेस का एक जनप्रतिनिधि मंडल मौके पर पहुंचा और सरकार पर सवाल उठाए हैं। पूर्व मंत्री टीएस सिंहदेव ने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस ने इस पर बीजेपी का संरक्षण होना बताया है।
इस पूरे मामले में 60,326 अफीम पौधे (2,877 किलो) और 3 किलो तैयार अफीम जब्त हुई है, जिसकी कुल कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई। मामले में दो आरोपी इमानवेल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों से पूछताछ की।
झारखंड से आकर बस गया था आरोपी
जानकारी के मुताबिक, मार्शल सांगा की शादी तमनार के आमाघाट निवासी सुषमा खालको से हुई थी। इसके बाद वो पिछले 8-10 वर्षों से यहां आकर रहने लगा था। बताया जा रहा है कि आरोपी कभी झारखंड तो कभी आमाघाट में रहता था। इसी दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अफीम की खेती शुरू कर दी।
पुलिस दबिश में एक आरोपी पकड़ा, साथी फरार
पुलिस ने आरोपी के घर और खेत में दबिश दी। इस दौरान मार्शल सांगा को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके साथी फरार हो गए। पुलिस ने रातभर इलाके में पहरा दिया। जांच में पता चला कि जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह पांच अलग-अलग खसरा नंबरों की निजी और परियोजना भूमि है।
- खसरा नं 462/3 भूमि स्वामी विराज, प्रवीण उर्मिला, सुलोचना।
- खसरा नं 462/2 भूमि केलो परियोजना।
- खसरा नं 462/1 भूमि स्वामी महंत पिता चमरा, अश्वनी बेवा चमरा।
- खसरा नं 462/4 भूमि स्वामी दयानंद पिता धरमदेव।
- खसरा नं 462/5 भूमि स्वामी हेमंत कुमार पिता धरमदेव के होने की जानकारी मिली है।

आरोपी झारखंड से आकर तमनार के आमाघाट में अफीम की खेती कर रहा था।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि, जिले में “ऑपरेशन आघात” के तहत मादक पदार्थों की अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
बिना संरक्षण मिले नहीं कर सकता खेती
जनपद सदस्य संपति सिंह सिदार ने बताया कि, बिना किसी के जानकारी, बिना किसी के अनुमति यहां कोई कैसे खेती करेगा। जरूर वो किसी के संरक्षण में खेती कर रहा था। बाहर से आकर कोई खेती नहीं कर सकता। ये बीजेपी के संरक्षण में ही होगा।
निष्पक्ष जांच होनी चाहिए- सिंहदेव
इस मामले की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौके पर पहुंचा और सरकार पर सवाल उठाए। पूर्व मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दुर्ग और बलरामपुर के बाद रायगढ़ में भी अफीम की खेती का खुलासा बेहद चिंताजनक है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट में जिस जमीन को तरबूज और ककड़ी की खेती के नाम पर लिया गया था, वहां असलियत कुछ और ही निकली। क्या तरबूज और ककड़ी की फसलें ऐसी दिखती हैं? और ऐसा तो बिल्कुल संभव नहीं है कि ऐसी खेती रातों-रात खड़ी हो जाए।
यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलते एक गंभीर खतरे का संकेत है। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार गहरी नींद में है, जब प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है और नशे का खतरा लगातार बढ़ रहा है। प्रदेश में आज तक ऐसी गैरजिम्मेदार सरकार कभी नहीं आई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब सरकार और प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है।
यह सिर्फ लापरवाही नहीं, इस अवैध खेती में ऊपर से नीचे तक मिलीभगत और गहरे भ्रष्टाचार के चिन्ह हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और कड़ी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई भी।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
भूपेश बघेल बोले- भाजपा सरकार दे रही संरक्षण
रायगढ़ में अफीम की खेती पकड़ाने पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में प्रदेश भर में हो रही अफीम की खेती का पर्दाफाश जारी है। अब रायगढ़ के तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट में अफीम की खेती पकड़ी गई है।
जिस तरीके से प्रदेश में सूखे नशे के कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है, यह घातक है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी बताती है कि इस खेल का असली “सरगना” कौन है।

संबंधित विभाग को जानकारी न होना चिंताजनक
युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष ग्रामीण उस्मान बेग ने कहा कि, इतने बड़े पैमाने पर नशीली फसल का उत्पादन होना और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी न होना बेहद चिंताजनक है।
यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि संरक्षण की संभावना को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि निगरानी तंत्र सक्रिय रहता तो इतनी बड़ी अवैध खेती संभव नहीं थी। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान करना आवश्यक है।

कांग्रेस का जनप्रतिनिधि मंडल अफीम की खेत में पहुंचकर मामले में जांच की।
कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल
घटना की जानकारी होने के बाद कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल आमाघाट के उस खेत में पहुंचा, जहां अफीम की खेती हो रही थी। कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने इसी मुद्दे को लेकर आक्रोश है। सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस कमेटी रायगढ़ के अध्यक्ष ग्रामीण नगेन्द्र नेगी ने कहा- यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलते एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। उनके अनुसार, सरकार वास्तव में नशे के खिलाफ गंभीर होती, तो इस प्रकार की घटनाएं बार-बार सामने नहीं आतीं।
कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक दोषियों का पता चल सके। आमाघाट में खेत में करीब डेढ़ एकड़ में फसल लहलहा रही थी।
15 दिन में चौथा मामला
बता दें कि प्रदेश में पिछले 15 दिनों में अफीम की खेती पकड़ाने का यह चौथा मामला है। इससे पहले 7 मार्च को दुर्ग में अफीम की खेती पकड़ाई थी। 10 मार्च को बलरामपुर के कुसमी में और 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा में अफीम की खेती मिली थी।
पहला मामला- दुर्ग में BJP नेता कर रहा था अफीम की खेती
दुर्ग जिले के समोदा में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर (पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष दुर्ग) पिछले 5 साल से अफीम की अवैध खेती कर रहा था। ग्राम समोदा और झेनझरी के बीच स्थित फार्महाउस में करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में उसने फसल लगवाई थी। 7 मार्च को यह अवैध खेती पकड़ी गई और उसके खेत से 7.88 करोड़ रुपए के अफीम के पौधे जब्त किए गए थे। भाजपा नेता समेत 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
दूसरा मामला – बलरामपुर के कुसमी में पकड़ाई अफीम
10 मार्च को बलरामपुर जिले के कुसमी में त्रिपुरी घोसराडांड़ में अवैध अफीम की 3.67 एकड़ में खेती पकड़ी गई थी। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया और करीब 4.75 करोड़ रुपये मूल्य की 4,344 किलोग्राम अफीम जब्त किया था। जबकि सरगना और भाजपा नेता की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।
तीसरा मामला – बलरामपुर के कोरंधा में मिली अफीम की खेती
जिले में पहला मामला सामने आने के ठीक 2 दिन बाद 12 मार्च फिर एक अफीम का खेत पकड़ाया। जहां कोरंधा में 3 किसानों के करीब ढाई एकड़ जमीन पर अफीम लगी हुई थी। ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने अफीम उखड़वा दिया था।
तुर्रापानी खजूरी पंचायत का हिस्सा है, लेकिन यह पहाड़ी क्षेत्र में बसा इलाका है। यह इलाका झारखंड सीमा से लगा हुआ है। यहां आम तौर पर लोगों का आना-जाना कम रहता है। यहां छिपकर अफीम की खेती की जा रही थी।

कोरबा
40 वर्ष की सेवा के बाद सहायक ग्रेड-2 एस के पाण्डेय सेवानिवृत्त
जनपद पंचायत कोरबा की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सीईओ सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने दी भावभिनी विदाई
कोरबा। जनपद पंचायत कोरबा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 सुरेश कुमार पाण्डेय अपनी सेवा के 40 साल पूर्ण करने के बाद सेवानिवृत्त हो गए। आज 01 जून 2026 को जनपद पंचायत कोरबा के सभागार में श्री पाण्डेय को सम्मान समारोह आयोजित कर भावभिनी विदाई दे कर उन्हें सम्मानित किया गया और सेवानिवृत्ति पर उनके सुखद, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं प्रेषित की गई।

जनपद पंचायत अध्यक्ष बीजमोती राठिया के मुख्य आतिथ्य, उपाध्यक्ष कौशिल्या कंवर एवं सीईओ खगेश निर्मलकर के विशिष्ट आतिथ्य में बाबू सुरेश कुमार पाण्डेय के लिए सम्मान समारोह/विदाई समारोह का आयोजन जनपद पंचायत कोरबा के सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें जनपद सदस्य उषा दिनेश कुर्रे, चंद्रकांता कृष्णा राजपूत, किशन कोशले, रफीक मेमन (पप्पु), लेखाधिकारी गंगा प्रसाद वर्मा, सहायक लेखाधिकारी जयश्री अग्रवाल, महेश्वरी साव, सहायक ग्रेड-2 आर एस कंवर, सरिता सूर्यवंशी, मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी आशुतोष मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और सभी ने सुरेश कुमार पाण्डेय को सेवानिवृत्ति पर बधाई दी और उनके स्वस्थ जीवन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की।
सुरेश कुमार पाण्डेय का सम्मान

अतिथियों ने सुरेश कुमार पाण्डेय को मंचस्थ कराया और उन्हें फूल मालाओं एवं बुके, शाल-श्रीफल से सम्मानित किया गया।
अपने उद्बोधन में श्री पाण्डेय ने कहा कि जनपद पंचायत कोरबा से मुझे अपार स्नेह एवं अधिकारियों का भरपूर समर्थन मिला और मैंने यहां पूरे मनोवेग से अपना शानदार सेवा के 40 साल पूर्ण हंसी-खुशी के साथ पूर्ण किया। आज सेवानिवृत्ति पर मन बोझिल है, लेकिन यह शासन की सतत प्रवृत्ति है, 62 साल में सेवानिवृत्त होना ही पड़ता है, लेकिन जनपद पंचायत कोरबा को जब भी मेरी आवश्यकता होगी, मैं सेवा के लिए सदैव तत्पर रहूंगा। उद्बोधन देते श्री पाण्डेय का गला रूंध गया और उन्होंने सभी का आभार जताया।
श्री पाण्डेय का अनुभव और कार्य करने की क्षमता हमें प्रेरणा देता है-सीईओ निर्मलकर

जनपद पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी खगेश निर्मलकर ने कहा कि सुरेश कुमार पाण्डेय के कार्य करने की जीजिविषा और क्षमता को हमने परखा और देखा है। श्री पाण्डेय का कार्य करने का अनुभव और उनकी क्षमता हमेशा हमें प्रेरणा देती रहेगी। मैं पूरे जनपद पंचायत कोरबा की ओर से श्री पाण्डेय को उनके स्वस्थ, समृद्ध एवं खुशहाल जीवन के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं।
जनपद अध्यक्ष बीजमोती राठिया ने कहा कि श्री पाण्डेय हमेशा लोगों की सेवा और समय पर काम निपटाने के लिए सदैव तत्पर रहते थे। उपाध्यक्ष कौशिल्या कंवर ने कहा कि पाण्डेय जी से जब भी काम पड़ा वे समय से पहले काम पूर्ण कर देते थे। ऐसे कर्मचारियों से जनपद पंचायत की छवि सुधरती है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के कामों को भी वे गंभीरता से समय पर पूर्ण करते थे। अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित जनपद सदस्यों ने उनकी सेवानिवृत्ति पर बधाई और शुभकामनाएं दी।
पेंशनर्स संघ एवं पत्रकारों ने भी दी बधाई

पेंशनर्स संघ के अध्यक्ष एस के शर्मा, पूर्व अध्यक्ष श्री पाण्डेय सहित पत्रकार रामेश्वर ठाकुर, श्रीमती रेणु जायसवाल, हीरा राठौर, प्रीतम जायसवाल सहित अन्य पत्रकारों ने भी श्री पाण्डेय को बुके देकर बधाई दी और उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं प्रेषित की।





कोरबा
रजगामार के वार्ड क्रमांक 01 से रामसिंह कंवर ने 223 वोटों से जीता पंच का चुनाव, सर्वाधिक 327 वोट किए हासिल
कोरबा। जनपद पंचायत कोरबा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत रजगामार के वार्ड क्रमांक 01 में त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के तहत सोमवार मत डाले गए। सुबह से मतगणना स्थल पर मतदाताओं की भीड़ उमड़ी रही। क्षेत्र में पंच प्रत्याशी के रूप में रामसिंह कंवर, यशोदा बाई राठिया और केवला बाई राठिया के बीच त्रिकोणीय मुकाबला था। जिसमें रामसिंह कंवर ने जीत हासिल की है। गहमागहमी के बीच हुए मतदान के बाद मतों की गणना शुरू हुई। जिसमें पंच प्रत्याशी रामसिंह कंवर प्रचण्ड बहुमत से विजयी हुए। राम सिंह कंवर ने सर्वाधिक 327 वोट हासिल किए। प्रतिद्वंदी प्रत्याशी यशोदा बाई राठिया को 61 एवं केवला बाई राठिया को 104 वोट मिले।

इस तरह रामसिंह कंवर ने अपने प्रतिद्वंद्वी से 223 वोट के भारी अंतराल के साथ जीत हासिल की है। जीत के बाद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। जनपद पंचायत कोरबा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत रजगामार सरपंच हरि सिंह राठिया के समर्थक पंच की भारी मतों से जीत से वार्ड में जश्न का माहौल शुरू हो गया। वार्ड में कुल 563 मतदाता थे। जिसमें 502 मतदाताओं ने वोट डाले।विधि मान्य मत की संख्या 492 रही। 10 वोट निरस्त हुए।
कोरबा
कोरबा जिले में डिजिटल जनगणना का कार्य शत-प्रतिशत सफलतापूर्वक संपन्न
आंकड़ों का संग्रहण पूर्ण
कोरबा। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी कुणाल दुदावत के कुशल निर्देशन में कोरबा जिले के सभी प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा जिले के समस्त चार्जों में जनगणना का कार्य पूरी सफलता के साथ पूर्ण कर लिया गया है।
जिले के सभी 06 नगरीय निकायों, नगर पालिक निगम कोरबा के 07 जोनों, नगर पालिका परिषद दीपका, कटघोरा एवं बांकीमोंगरा तथा नगर पंचायत पाली एवं छुरीकला सहित सभी 12 तहसीलों (कोरबा, भैसमा, बरपाली, करतला, कटघोरा, दर्री, पोड़ी-उपरोड़ा, पसान, पाली, हरदीबाजार, दीपका एवं अजगरबहार) में प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एच.एल.बी.) की पहचान करते हुए शत-प्रतिशत डेटा संग्रहण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

पहली डिजिटल जनगणना तकनीक का हुआ सफल प्रयोग
यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है, जिसके अंतर्गत प्रगणकों द्वारा फील्ड में जाकर कुल 33 प्रमुख बिंदुओं (भवन की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, निर्माण सामग्री का प्रकार, खाद्यान्न, टीवी, इंटरनेट, मोबाइल, कार की उपलब्धता आदि) से संबंधित जानकारी सीधे ‘‘एचएलओ ऐप’’ में दर्ज की गई। डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रगणकों द्वारा दर्ज किया गया डेटा रियल-टाइम में सुपरवाइजरों की आईडी में सिंक हुआ, जिसे पूरी सतर्कता के साथ सत्यापित कर मुख्य सर्वर पर भेज दिया गया है। डिजिटल माध्यम से कार्य होने के कारण अब डेटा प्रोसेसिंग तीव्र गति से होगी, जिससे विकास कार्यों के लिए आवश्यक आंकड़े सरकार को शीघ्र उपलब्ध हो सकेंगे। आंकड़े भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से जारी किए जाएंगे।
अधिकारियों की निगरानी में हुआ उत्कृष्ट कार्य
आशुतोष पाण्डेय, प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं आयुक्त, नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा नगर पालिक निगम क्षेत्रांतर्गत 07 जोनों की सटीक निगरानी के कारण पूरे राज्य में नगर पालिक निगम कोरबा ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण, मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य सर्वप्रथम पूर्ण किया। इस प्रकार नगर पालिक निगम कोरबा जनगणना कार्य को समय-सीमा से पूर्व पूर्ण करने में प्रथम स्थान पर रहा।
कलेक्टर के निर्देश पर जिला जनगणना अधिकारी द्वारा इस पूरी प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग की गई। कार्य की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सभी 24 चार्ज अधिकारियों, प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों पर सतत निगरानी रखी गई। सभी तहसीलदारों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों द्वारा जिले में जनगणना के प्रथम चरण को सफलतापूर्वक पूर्ण कराया गया। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों के प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों से समन्वय स्थापित कर मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य संपन्न कराया।
जिला कोरबा के लिए अधिकृत राज्य नोडल अधिकारी बैद्यनाथ द्वारा विभिन्न चार्जों में फील्ड कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। जिले में स्थापित कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी तकनीकी शंकाओं एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण भी किया गया।
मानव संसाधन और जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट समन्वय
जिले में फील्ड स्तर पर रिजर्व सहित कुल 2,215 प्रगणक एवं 376 सुपरवाइजर, अर्थात कुल 2,591 जनगणना कार्मिकों की सक्रिय सहभागिता एवं सतत परिश्रम से यह महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इन कार्मिकों ने प्रत्येक ग्राम, वार्ड एवं मोहल्ले में घर-घर जाकर डिजिटल माध्यम से जानकारी संकलित की, जिसके परिणामस्वरूप हाउस लिस्टिंग एवं आवास गणना (एच.एल.बी.) का कार्य निर्धारित समयावधि में शत-प्रतिशत पूर्ण किया जा सका। फील्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम ने भीषण गर्मी और भौगोलिक चुनौतियों का सामना करते हुए जिले के कोने-कोने तक पहुंचकर इस अभियान को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया।
कलेक्टर ने दी बधाई एवं जताया आभार
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने जिले में कुल 2,078 एच.एल.बी. में कार्यरत सभी 2,591 प्रगणकों, सुपरवाइजरों एवं 24 चार्ज अधिकारियों (तहसीलदार, जोन कमिश्नर एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी) तथा पूरी प्रशासनिक टीम को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को समय-सीमा के भीतर और पूर्ण जिम्मेदारी के साथ सफलतापूर्वक संपन्न करने पर हार्दिक बधाई दी है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा सभी माननीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों तथा मीडिया एवं प्रेस प्रतिनिधियों को भी इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में योगदान के लिए बधाई प्रेषित की गई तथा उनका आभार व्यक्त किया गया।
साथ ही उन्होंने जिले के उन 10,669 परिवारों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने सजगता एवं नागरिक कर्तव्यबोध का परिचय देते हुए ‘‘स्व-गणना’’ के माध्यम से पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कराई।
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