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सोनिया बोलीं-खामेनेई की हत्या पर भारत की चुप्पी से हैरानी:यह न्यूट्रल रहना नहीं, जिम्मेदारी से पीछे हटना, यह पीएम की ईरान पर हमले की अनदेखी

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नई दिल्ली,एजेंसी। कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर भारत सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा- दिल्ली की चुप्पी हैरान करने वाली है, यह तटस्थता (न्यूट्रल) नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना है।

मंगलवार को इंडियन एक्सप्रेस में पब्लिश आर्टिकल में उन्होंने लिखा- 1 मार्च को ईरान ने पुष्टि की कि उसके सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की एक दिन पहले अमेरिका और इजराइल के टारगेटेड अटैक में हत्या कर दी गई। जब दो देशों की डिप्लोमैट लेवल की बातचीत चल रही हो, तब एक मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष की हत्या अंतरराष्ट्रीय संबंधों में गंभीर दरार को दिखाती है।

सोनिया ने लिखा कि भारत सरकार ने न तो हत्या की निंदा की और न ही ईरान की संप्रभुता के उल्लंघन पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। मोदी ने अमेरिका-इजराइल के हमले को अनदेखा किया, केवल यूएई पर ईरान की जवाबी कार्रवाई की निंदा की। बाद में पीएम ने ‘गहरी चिंता’ और ‘बातचीत व कूटनीति’ की बात कही। जबकि हमला उस समय हुआ, जब दो देशों के बीच कूटनीतिक प्रक्रिया जारी थी।

सोनिया गांधी के आर्टिकल की बड़ी बातें…

1. बिना युद्ध घोषणा के हत्या

यह हत्या बिना किसी औपचारिक युद्ध की घोषणा और उस समय की गई, जब बातचीत की प्रक्रिया चल रही थी। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) के मुताबिक, किसी भी देश की सीमाओं या उसकी राजनीतिक आजादी के खिलाफ बल प्रयोग या धमकी देना गलत है। किसी मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष की टारगेट किलिंग इन नियमों के खिलाफ है। अगर दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी इस पर आवाज नहीं उठाता तो अंतरराष्ट्रीय नियम कमजोर पड़ सकते हैं।

2. प्रधानमंत्री का इजराइल दौरा

हत्या से सिर्फ 48 घंटे पहले प्रधानमंत्री इजराइल यात्रा से लौटे थे। वहां उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू सरकार के समर्थन की बात दोहराई। यह उस समय हुआ, जब गाजा संघर्ष में बड़ी संख्या में आम नागरिक, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, मारे जाने पर दुनियाभर में नाराजगी है।

3. ग्लोबल साउथ और ब्रिक्स देशों का रुख

ग्लोबल साउथ के कई देशों और ब्रिक्स के साझेदार रूस व चीन ने इस मामले में दूरी बनाए रखी है। ऐसे समय में भारत का खुला समर्थन, बिना साफ नैतिक रुख के, गलत संदेश दे सकता है। सोनिया गांधी के अनुसार, इसका असर सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया भर में दिखेगा।

4. बमबारी और टारगेट किलिंग की निंदा

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ईरान की जमीन पर हुई बमबारी और टारगेट किलिंग की साफ निंदा करती है। ये क्षेत्र और दुनिया के लिए खतरनाक कदम है। पार्टी की ईरान की जनता और दुनिया भर के शिया समुदाय के प्रति संवेदनाएं हैं।

5. संविधान का हवाला

भारत के संविधान के अनुच्छेद 51 में कहा गया है कि देशों के बीच विवाद बातचीत से सुलझाए जाने चाहिए, सभी देशों की बराबरी का सम्मान होना चाहिए और किसी के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। ये सिद्धांत लंबे समय से भारत की विदेश नीति का आधार रहे हैं। मौजूदा चुप्पी इन सिद्धांतों से मेल नहीं खाती।

सोनिया ने किया- भारत और ईरान के संबंधों का जिक्र

सोनिया गांधी ने कहा कि 1994 में OIC के कुछ देशों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफ प्रस्ताव लाने की कोशिश की थी। उस समय ईरान ने अहम भूमिका निभाकर उसे रुकवाया, जिससे कश्मीर मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नहीं पहुंच सका।

ईरान ने पाकिस्तान सीमा के पास ज़ाहेदान में भारत को कूटनीतिक मौजूदगी की अनुमति दी, जो ग्वादर पोर्ट और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अप्रैल 2001 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने तेहरान दौरे में दोनों देशों के गहरे संबंधों को दोहराया था।

सोनिया का इजराइल-भारत के संबंध और विश्वसनीयता का सवाल

सोनिया ने लिखा कि हाल के सालों भारत-इजराइल संबंध रक्षा, कृषि और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बढ़े हैं। भारत के तेहरान और तेल अवीव दोनों से संबंध हैं, इसलिए वह संयम की अपील कर सकता है। लेकिन यह तभी संभव है जब उसकी विश्वसनीयता बनी रहे और वह सिद्धांत आधारित रुख अपनाए।

सोनिया गांधी ने कहा कि खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। गल्फ वॉर यमन, इराक और सीरिया जैसे संकटों में भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा इसलिए कर सका, क्योंकि उसे स्वतंत्र और निष्पक्ष देश माना जाता था, न कि किसी शक्ति का प्रतिनिधि।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत की विदेश नीति गुटनिरपेक्षता पर आधारित रही जो निष्क्रिय तटस्थता नहीं, बल्कि रणनीतिक स्वायत्तता थी। मौजूदा स्थिति उस रुख के कमजोर पड़ने का संकेत देती है। यदि ईरान के मामले में संप्रभुता की अनदेखी पर भारत स्पष्ट नहीं बोलता, तो छोटे देश भविष्य में उस पर कैसे भरोसा करेंगे?

सोनिया ने संसद में बहस की मांग की

सोनिया गांधी ने कहा कि संसद की अगली बैठक में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की टारगेट किलिंग, उस पर भारत सरकार की चुप्पी और इसके चलते अंतरराष्ट्रीय कानून व संप्रभुता के सिद्धांतों का कमजोर होने के मुद्दे पर खुली बहस होनी चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का विनाश और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता भारत के रणनीतिक और नैतिक हितों से जुड़ी है।

उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की बात करता रहा है, जो केवल औपचारिक नारा नहीं, बल्कि न्याय, संयम और संवाद की प्रतिबद्धता है। ऐसे समय में जब नियम-आधारित व्यवस्था दबाव में है, चुप रहना जिम्मेदारी से पीछे हटना है।

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दिल्ली में 6 मंजिला होटल में आग, 21 की मौत:इनमें बांग्लादेश-अफ्रीकी देशों के 17 नागरिक, बिना फायर NOC चल रहा था होटल

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नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली के मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 17 विदेशी नागरिक हैं। जो बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों के हैं।

दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय लोगों के मुताबिक, मालवीय नगर में मौजूद इस होटल के रेस्टोरेंट में सुबह 8.50 बजे आग लगी। आग ऊपरी मंजिलों पर बने कमरों और बेसमेंट तक पहुंच गई।

चीफ फायर ऑफिसर अभिलाष मलिक ने कहा,

फायर टीम ने यहां से 37 लोगों को बाहर निकाला। बिल्डिंग की फायर NOC नहीं थी। होटल में 25 कमरे हैं।

वहीं, हादसे के वीडियो में कुछ लोग जान बचाने के लिए जलती हुई इमारत की तीसरी-चौथी मंजिल से कूदते नजर आ रहे हैं। इन्हें बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने जमीन पर गद्दे भी बिछाए थे।

बेसमेंट से भी 6 से ज्यादा लोगों को निकाला गया। 40 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। कई लोगों की हालत गंभीर है। आग लगने की वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है। पिछले 6 महीनों में दिल्ली में आग की अलग-अलग घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है।

मालवीय नगर में बिल्डिंग में बुधवार सुबह 8.50 बजे आग लगी।

मालवीय नगर में बिल्डिंग में बुधवार सुबह 8.50 बजे आग लगी।

आग लगने के बाद जान बचाने के लिए बिल्डिंग की छत पर मौजूद एक व्यक्ति।

आग लगने के बाद जान बचाने के लिए बिल्डिंग की छत पर मौजूद एक व्यक्ति।

होटल के फ्रंट साइड में करीब 15- 20 फीट ऊंचाई से जान बचाने के लिए कूदते लोग।

होटल के फ्रंट साइड में करीब 15- 20 फीट ऊंचाई से जान बचाने के लिए कूदते लोग।

होटल की तीसरी मंजिल से नीचे कूदा एक व्यक्ति। उसे स्थानीय लोगों ने बचाया।

होटल की तीसरी मंजिल से नीचे कूदा एक व्यक्ति। उसे स्थानीय लोगों ने बचाया।

बिल्डिंग में आग लगने के बाद कई लोग जान बचाने के लिए तीसरी-चौथी मंजिल से नीचे कूदे।

बिल्डिंग में आग लगने के बाद कई लोग जान बचाने के लिए तीसरी-चौथी मंजिल से नीचे कूदे।

होटल की खिड़की पर मौजूद धुएं से घिरी विदेशी महिला। हादसे में मरने वालों में अधिकतर विदेशी नागरिक हैं।

होटल की खिड़की पर मौजूद धुएं से घिरी विदेशी महिला। हादसे में मरने वालों में अधिकतर विदेशी नागरिक हैं।

आग से घिरी बिल्डिंग से जान बचाने के लिए एक महिला दूसरी मंजिल से नीचे कूदी। लोगों ने उसे रेस्क्यू किया।

आग से घिरी बिल्डिंग से जान बचाने के लिए एक महिला दूसरी मंजिल से नीचे कूदी। लोगों ने उसे रेस्क्यू किया।

आग बिल्डिंग की पास वाली गली के हिस्से में लगी, इसके बाद पूरी बिल्डिंग में फैल गई।

आग बिल्डिंग की पास वाली गली के हिस्से में लगी, इसके बाद पूरी बिल्डिंग में फैल गई।

फायर ब्रिगेड ने बिल्डिंग में लगी आग बुझाई, इसके बाद होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

फायर ब्रिगेड ने बिल्डिंग में लगी आग बुझाई, इसके बाद होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

स्थानीय लोगों ने भी होटल से कई लोगों का रेस्क्यू किया। उन्हें अस्पताल तक पहुंचाया।

स्थानीय लोगों ने भी होटल से कई लोगों का रेस्क्यू किया। उन्हें अस्पताल तक पहुंचाया।

होटल से रेस्क्यू की गई विदेशी महिला को कंधे पर उठाकर ले जाता एक व्यक्ति।

होटल से रेस्क्यू की गई विदेशी महिला को कंधे पर उठाकर ले जाता एक व्यक्ति।

फायर ब्रिगेड ने होटल की आग बुझाई, इसके बाद रेस्टोरेंट के बेसमेंट से 6 लोगों का रेस्क्यू किया है।

फायर ब्रिगेड ने होटल की आग बुझाई, इसके बाद रेस्टोरेंट के बेसमेंट से 6 लोगों का रेस्क्यू किया है।

रेस्क्यू किए गए लोगों को एंबुलेंस से पास के मैक्स, AIIMS और सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया।

रेस्क्यू किए गए लोगों को एंबुलेंस से पास के मैक्स, AIIMS और सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया।

रेस्टोरेंट के बेसमेंट से रेस्क्यू किए गए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रेस्टोरेंट के बेसमेंट से रेस्क्यू किए गए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रेस्टोरेंट के बाहर मौजूद फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम।

रेस्टोरेंट के बाहर मौजूद फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम।

रेस्क्यू के दौरान दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी घायल हुए हैं। उन्हें भी इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

रेस्क्यू के दौरान दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी घायल हुए हैं। उन्हें भी इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

रेस्टोरेंट के ऊपर होटल था, आग 6 मंजिल तक पहुंची

आग 6 मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने बी-एन-बी रेस्टोरेंट में लगी। कुछ देर बाद होटल में ऊपर की तरफ फैल गई। यह होटल दिल्ली के प्रेस एन्क्लेव रोड पर है। यहीं पर मैक्स हॉस्पिटल और AIIMS भी है। बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों में इलाज कराने आने वालों के परिजन भी इस होटल में रुका करते थे।

मैक्स अस्पताल बोला- 18 लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी, AIIMS में 13 लोग भर्ती

मैक्स अस्पताल के अधिकारी के मुताबिक कुल 39 लोगों को यहां लाया गया था। इनमें से 18 की पहले ही मौत हो चुकी थी। 5 लोगों को हल्की चोटें थीं। उन्हें डिस्चार्ज किया गया है। 15 लोग आईसीयू में एडमिट हैं, इनमें से 8 वेंटिलेटर पर हैं। जिनकी हालत गंभीर है। एक व्यक्ति बहुत ज्यादा झुलस गया था, उसे सफदरजंग अस्पताल रैफर किया गया है।

वहीं, AIIMS में 13 लोगों का इलाज जारी है। इनमें 3 लोग वह हैं, जिन्होंने होटल के कमरों से जान बचाने के लिए छलांग लगाई थी। एक व्यक्ति पैर टूट गए हैं।

होटल में 6 रूम की परमिशन थी, लेकिन 25 कमरे थे

  • फ्लरिस स्टे गेस्टहाउस को बेड एंड ब्रेकफास्ट कॉन्सेप्ट के तहत लाइसेंस जारी किया गया था। इसके तहत 6 रूम की परमिशन थी, लेकिन 25 कमरे बने थे।
  • आग लगने के बाद होटल के रेस्टोरेंट के बेसमेंट में भी काफी लोग फंसे थे। इसमें अंदर जाने और बाहर निकलने का रास्ता एक ही था, जो बहुत संकरा था
  • होटल के पास फायर NoC नहीं थी। आने-जाने का भी एक ही रास्ता था।
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अमेरिका में गूंजी भारत की आजादी गाथा, न्यूयॉर्क सीनेट में 15 अगस्त को लेकर ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित

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न्यूयॉर्क, एजेंसी। न्यूयॉर्क की सीनेट ने राज्य की गवर्नर कैथी होचुल से 15 अगस्त 2026 को राज्य में ‘भारत स्वतंत्रता दिवस’ घोषित करने का आग्रह करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें सांसदों ने महात्मा गांधी की विरासत को याद किया और अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान की सराहना की। सीनेटर जेरेमी कूनी द्वारा प्रायोजित इस प्रस्ताव में कहा गया है कि न्यूयॉर्क राज्य की विधायिका की परंपरा रही है कि वह उन महत्वपूर्ण दिनों को मान्यता देती है, जो राज्य के नागरिकों की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े होते हैं। प्रस्ताव में कहा गया कि ”भारत की स्वतंत्रता दुनिया भर के लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह नागरिक, राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों के साथ-साथ आत्मनिर्णय के लिए चले 90 वर्षों के संघर्ष के अंत का प्रतीक है।”

प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कई राज्य सीनेटरों ने भारत की प्राचीन सभ्यता, लोकतांत्रिक परंपराओं, महात्मा गांधी के शांति संदेश और न्यूयॉर्क सहित पूरे अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बढ़ते योगदान की प्रशंसा की। कूनी ने कहा कि दुनिया भर में भारतीय अपने-अपने समुदायों पर स्थायी प्रभाव छोड़ रहे हैं और यह अवसर साझा इतिहास, संस्कृति और विरासत का जश्न मनाने तथा उस पर विचार करने का है। सीनेटर जॉन लियू ने कहा कि भारत का अस्तित्व हजारों वर्षों से है। उन्होंने कहा, ”भारत एक सभ्यता रहा है, एक राष्ट्र रहा है और वास्तव में हमारे देश से भी लंबे समय से लोकतंत्र का एक आदर्श मॉडल रहा है।”

सीनेटर टोबी ऐन स्टाविस्की ने दोनों देशों के बीच मित्रता की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि दोनों देशों में समानताएं, मतभेदों से कहीं अधिक हैं। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सीनेट के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि ”यह भारत और अमेरिका के बीच मित्रता, लोकतंत्र और साझा मूल्यों के मजबूत संबंधों को दर्शाता है।” दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ”भारत की विरासत से लेकर न्यूयॉर्क के दिल तक : लोकतंत्र और समुदाय के रिश्तों का उत्सव।” भारतीय दूतावास ने प्रस्ताव आधिकारिक रूप से पेश करने के लिए जेरेमी कूनी का धन्यवाद किया और भारत की समृद्ध विरासत तथा न्यूयॉर्क में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के अमूल्य योगदान को सम्मान देने के लिए सभी विधायकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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दिल्ली मालवीय नगर होटल अग्निकांड की गूंज विदेशों तक, ग्लोबल मीडिया ने उठाए गंभीर सवाल, छिड़ गई नई बहस

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नई दिल्ली, एजेंसी। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोरी हैं। ब्रिटेन, जर्मनी, स्पेन, कतर और बांग्लादेश सहित कई देशों के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने इस त्रासदी को प्रमुखता से कवर करते हुए भारत में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और भवन नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। हादसे में मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की होने के कारण यह घटना वैश्विक मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।

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अल जज़ीरा की रिपोर्ट
 कतर के समाचार चैनल अल जज़ीरा ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि भारत में आग लगने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि मालवीय नगर स्थित भवन के निचले हिस्से में रेस्तरां और ऊपर होटल संचालित हो रहा था। अल जज़ीरा ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि आग लगने के बाद पूरा भवन धुएं से भर गया और लोग अंदर फंस गए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई इमारतों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी के कारण ऐसी घटनाओं में भारी जनहानि होती है।

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BBC ने  लिखा
ब्रिटेन के BBC ने अपनी रिपोर्ट में  इलाज के लिए भारत आए विदेशी नागरिक भी बने हादसे का शिकार हैडलाइन दी और बताया कि मृतकों में कई विदेशी नागरिक शामिल हैं, जो भारत में चिकित्सा उपचार के लिए आए थे। BBC के अनुसार, यह भवन एक गेस्ट हाउस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जहां आसपास के निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीज और उनके परिजन ठहरते थे। रिपोर्ट में दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि यह जांच की जा रही है कि भवन को गेस्ट हाउस के रूप में संचालित करने की वैध अनुमति थी या नहीं। BBC ने यह भी लिखा कि भारत में कई अग्निकांडों की जांच में खराब विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और भवनों के गलत उपयोग जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।

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स्पेन का एल पाइस
स्पेन के प्रमुख अखबार एल पाइस ने  सूचना मिलने में देरी और घनी आबादी को चुनौती बताया और लिखा कि दक्षिण दिल्ली के फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग की सूचना दमकल विभाग को देर से मिली। रिपोर्ट में कहा गया कि शुरुआती आशंका के अनुसार आग भवन के निचले हिस्से में चल रहे रेस्तरां से शुरू हुई हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एल पाइस ने दिल्ली की घनी आबादी, संकरी गलियों और पुराने भवनों में सुरक्षा मानकों की कमी को ऐसी घटनाओं के गंभीर होने का प्रमुख कारण बताया।

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जर्मनी का DW
जर्मन मीडिया संस्थान DW News ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भवन के बेसमेंट में रेस्तरां और ऊपर होटल संचालित हो रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक जांच में रेस्तरां से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आग के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है।DW ने यह भी उल्लेख किया कि मृतकों में कुछ विदेशी नागरिक शामिल हैं, जो इलाज के लिए भारत आए थे।

ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन
ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन ने घटना के मानवीय पहलू को प्रमुखता से दिखाया। रिपोर्ट में कहा गया कि आग और धुएं के तेजी से फैलने के कारण ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों से छलांग लगानी पड़ी। द सन ने स्थानीय लोगों की सराहना करते हुए लिखा कि उन्होंने सड़क पर गद्दे बिछाकर कई लोगों की जान बचाने में मदद की। रिपोर्ट में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का भी जिक्र किया गया, जिनमें इमारत से उठती लपटें और धुआं दिखाई दे रहा था।

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बांग्लादेश का डेली स्टार 
बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र डेली स्टार ने लिखा कि आग लगने के बाद कई घंटों तक बचाव अभियान चलाया गया और 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि मृतकों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जो इलाज या अन्य कार्यों के सिलसिले में दिल्ली आए हुए थे।विश्व मीडिया की अधिकांश रिपोर्टों में एक समान चिंता उभरकर सामने आई है ग्नि सुरक्षा मानकों का पालन, भवनों का उपयोग और आपातकालीन निकासी व्यवस्था।दिल्ली पुलिस ने होटल मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि भवन में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

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