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कोरबा

01 मई श्रमिक दिवस पर विशेष:सायकिल पर सवार कोरबा के दरवाजों को सुबह-सुबह दस्तक देती खबरें

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मौसम चाहे कोई भी हो, आर्थिक बोझ लिए कड़े संघर्षों को बयां करते अखबार वितरक
कोरबा। वैसे तो कोरबा 24 घंटे जागता है, क्योंकि यहां सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की भरमार है और जहां 24 घंटे अधिकारी से लेकर मजदूर देश निर्माण में अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करते मिल जाते हैं, लेकिन अलसुबह जब अधिकांश लोग नींद से जागते होते रहते हैं, तब सायकिल की घंटी ट्रिन…ट्रिन करते लोगों के घरों में दस्तक देते हैं अखबार वितरक। नींद खुलते ही लोगों को इंतजार रहता है अखबारों का, तब उम्मीद से पहले ये अखबार वितरक घरों में दस्तक देते हैं और लोगों को देश-दुनिया की खबरों से अवगत कराते हैं।

मौसम चाहे जो भी हो, हर मौसम में बिना रुके रोज अलसुबह जागकर उस स्थान पहुंचते हैं जहां गाड़ियों में लद कर अखबार पहुंचते हैं। कभी एक मिनट की देरी किए बिना अखबार वितरक अपना बंडल सायकिल में रखते हैं और गंतव्य की ओर निकल जाते हैं। यह रोज का रूटीन होता है। भविष्य की अनिश्चितता के बीच जीवन जिए जा रहे हैं, ये अखबार वितरक। अपनी धुन में… चलेे जा रहे हैं… समय पर घरों में अखबार जो पहुंचाना है।
जीवन में आर्थिक बोझ लिए… परिवार की टीस भरी आवाज हो या फिर अखबार के पैसे की वसूली के समय ग्राहक की दबंग आवाज… एक कान से सुनते हैं और बिना खिझ अपने कर्त्तव्यपथ पर आगे बढ़ते, कहीं थक भी गए तो बिना सुस्ताए बढ़ जाते हैं, अखबार जो समय पर पहुंचाना है।

संघर्षों की अनोखी दास्तां
अखबार वितरण का काम कोई आसान काम नहीं। अखबार वितरण करने वालों का पूरा जीवन संघर्षों की अनोखी दास्तां है, जिसे लोग सम्मान की दृष्टि से ज्यादातर देखते नहीं और इन्हें उपेक्षित करते हैं। ऐसे लोग जो स्वयं को दुनिया का बादशाह मानते हैं, लेकिन अखबार वितरण करने वाले मेहनतकश मजदूरों के माथे पर खिचीं चिंता की लकीरें इन्हें दिखाई नहीं देती। तीस दिन अखबार घर तक पहुंचता है, लेकिन एसी में जीने वाले लोग इनके एक दिन का पैसा काट लेते हैं और कहते हैं इतने दिन अखबार नहीं मिला। जरा सोचें कि मेहनत कितनी लगती है और रईसजादों को लगता है… कागज के पन्नों की कीमत ही क्या है? गरीबों के पसीने का मूल्य ही क्या है? अखबार वितरक अपने परिवार को किस तरह चलाते हैं, यह उनके संघर्षों की अनोखी दास्तां हैं, समझने वाले महसूस करेंगे और हवा में उड़ने वाले इनकी उपेक्षा!
गर्मी की तपीश हो, हाड़-मांस कंपा देने वाली ठंड हो या फिर बिजली चमक के बीच तेज बारिश हो, अखबार वितरकों के पैर कभी रूकते नहीं… कर्त्तव्य पथ पर अनायास ही बढ़ते चले जाते हैं।
काम छोटा भले ही लगे… लेकिन जिम्मेदारी बड़ी है-रामा

किशोरवय अवस्था से ही पेपर वितरण का काम करने वाले 60 वर्षीय रामायण सिंह(रामा) बताते हैं कि अखबार वितरण का काम लोगों को भले ही छोटा लगे, लेकिन इस काम में बड़ी जिम्मेदारी होती है। अलसुबह उठना और समय पर घरों में अखबार पहुंचाना कम बड़ी बात नहीं है। ग्राहकों का भरोसा हमेशा निभाना पड़ता है और यह हमारी आदत में शुमार है। 60 की उम्र में भी वही ताजगी, वही लगन… कोरबा ने रामा के दिनचर्या को देखा है और आगे भी देखेगा।
अखबार वितरण कमाई का जरिया ही नहीं, जिम्मेदारी का एहसास भी है-दीपक

आज नई पीढ़ी अखबार वितरण के काम को तवज्जो नहीं देती, लेकिन अखबार वितरण हमारी दिनचर्या को अनुशासित बनाता है। अलसुबह उठना… अखबार सायकिल में रखना और आगे निकल जाना। घंटों मेहनत की पायडिल मारना और लोगों को समाचारों से अवगत कराना… बड़ा अच्छा लगता है। अखबार वितरण का काम सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, यह हमें जिम्मेदारी का एहसास भी कराता है। 21 वर्षीय नई पीढ़ी का नवयुवक दीपक पात्रे का कहना है कि दुनिया में कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता, यह लोगों की नजरिया का खेल है।
मजदूर दिवस पर जरा सोचें?
01 मई मजदूर दिवस है और नीति निर्धारक जरा सोचें, अखबार वितरण करने वाले का जीवन स्तर कैसा है? इनका जीवन सामान्य कैसे हो। अखबार वितरक अब मांग करने लगे हैं और छत्तीसगढ़ में भी अखबार वितरकों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन हो, ताकि असंगठित श्रमिक के रूप में इन्हें भी शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके और इनका जीवन भी सम्मानजनक बन सके। अखबार वितरकों के प्रति उपेक्षा रखने वाले लोगों को मजदूर दिवस पर यह एहसास हो कि ये भी हमारे समाज के अंग है और कड़ी मेहनत से जीवकोपार्जन कर रहे हैं। इनके श्रम का सम्मान हो और व्यवहार करने का नजरिया बदले।

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कोरबा

राशन-दुकान गई 7 साल की बच्ची लापता:वापस नहीं लौटने पर पिता ने पुलिस को सूचना दी, तलाश जारी, चार महीने पहले कोरबा आई थी

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कोरबा। कोरबा जिले के रजगामार बस्ती में राशन दुकान से घरेलू सामान लेने गई 7 साल की बच्ची लापता हो गई। बच्ची की पहचान भव्या जोशी के रूप में हुई है। वह अपने पिता के साथ करीम पोल्ट्री फार्म में रहती थी। 19 अक्टूबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे पिता ने उसे पास की राशन दुकान से सामान लाने भेजा था।

काफी देर तक बच्ची के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसके बाद रजगामार चौकी में शिकायत दर्ज कराई गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्ची की तलाश शुरू कर दी है।

चार महीने पहले परिवार के साथ कोरबा आई थी बच्ची

जानकारी के मुताबिक, भव्या के पिता प्रकाश जोशी मूल रूप से सक्ती जिले के ग्राम फगुरम के रहने वाले हैं। वह करीब चार महीने पहले अपने चार बच्चों के साथ परिवार का पालन-पोषण करने के लिए कोरबा के रजगामार आए थे। यहां वे रजगामार ग्राम पंचायत की बस्ती में स्थित करीम पोल्ट्री फार्म में काम करते हैं और परिवार के साथ वहीं रहते हैं।

सामान लेने गई, लेकिन वापस नहीं लौटी

प्रकाश जोशी ने बताया कि 19 अक्टूबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने अपनी 7 साल की बेटी भव्या को पास की राशन दुकान से घरेलू इस्तेमाल का सामान लाने के लिए भेजा था। उन्हें लगा कि बच्ची थोड़ी देर में सामान लेकर लौट आएगी, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी वह घर नहीं पहुंची।

इसके बाद पिता को चिंता होने लगी। उन्होंने आसपास के इलाकों और गांव में बच्ची की तलाश की। परिचितों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई, लेकिन भव्या के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। आखिरकार परिजनों ने रजगामार चौकी पहुंचकर बच्ची के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

शिकायत मिलने के बाद रजगामार चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने परिजनों से बच्ची के हुलिये और उस समय पहने कपड़ों की जानकारी ली है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

इसके साथ ही राशन दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है, ताकि बच्ची के आने-जाने के बारे में कोई सुराग मिल सके। पुलिस आसपास के संभावित ठिकानों पर भी तलाश कर रही है। बच्ची के बारे में जानकारी जुटाने के लिए क्षेत्र में सूचना भी प्रसारित की जा रही है।

परिवार परेशान, पुलिस ने लोगों से मांगी मदद

बच्ची के अचानक लापता होने से परिवार के लोग परेशान हैं। घटना के बाद रजगामार बस्ती में भी चिंता का माहौल है। पुलिस ने ग्रामीणों और आसपास के लोगों से अपील की है कि यदि किसी को भव्या के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत रजगामार चौकी या बालको थाने को सूचना दें।

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि बच्ची की गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी है और सभी संभावित ठिकानों पर पतासाजी की जा रही है। पुलिस बच्ची को जल्द से जल्द सकुशल बरामद करने का प्रयास कर रही है।

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कोरबा

मंत्री के पहुंचते ही दशहरा मैदान में मर्डर:डांस को लेकर हुआ विवाद, लड़कों ने चाकू गोदकर मारा

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में रावण दहन के दौरान मर्डर हुआ है। 20 अक्टूबर की रात मुड़ापार दशहरा मैदान में मंत्री लखनलाल देवांगन रावण दहन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी समय मैदान में डांस को लेकर कुछ लड़कों के बीच विवाद हो गया। उनके बीच धक्कामुक्की हो गई।

उधर, मंत्री लखनलाल देवांगन मंच पर रावण दहन कर वापस लौट गए। इधर, कुछ लड़कों ने मिलकर राहुल कुमार (22) को मैदान के पीछे गली में ले जाकर धारदार हथियार से 6 से 7 बार वार किए। अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है।

पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार जब्त कर लिया और आरोपियों का सिर मुंडवा दिया। मामला मानिकपुर चौकी क्षेत्र का है।

मुड़ापार दशहरा मैदान में रावण दहन के बाद मंत्री लखनलाल देवांगन लौट गए।

मुड़ापार दशहरा मैदान में रावण दहन के बाद मंत्री लखनलाल देवांगन लौट गए।

मंच के नीचे मारपीट हो रही थी, तभी मंत्री कार्यक्रम में पहुंचे।

मंच के नीचे मारपीट हो रही थी, तभी मंत्री कार्यक्रम में पहुंचे।

राहुल कुमार (22) के शरीर पर चाकू से वार के 6 से 7 निशान मिले।

राहुल कुमार (22) के शरीर पर चाकू से वार के 6 से 7 निशान मिले।

डांस करने को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक, मानिकपुर चौकी क्षेत्र के मुड़ापार दशहरा मैदान में रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मैदान में लगे साउंड बॉक्स पर डांस करने को लेकर राहुल कुमार उर्फ गोल्डन का बिट्टू चौहान के साथ विवाद हो गया।

कहासुनी के बीच राहुल ने बिट्टू को धक्का दे दिया और थप्पड़ मार दिया। इसी दौरान बिट्टू का दोस्त विजय चौहान भी वहां पहुंच गया। राहुल ने उसे भी थप्पड़ मार दिया। इसके बाद मामला और बढ़ गया।

मैदान के पीछे ले जाकर किया हमला

राहुल के थप्पड़ मारने से नाराज बिट्टू चौहान, विजय चौहान और उनके साथी सीपू चौहान समेत अन्य लोग उसे दशहरा मैदान के पीछे वाली गली में ले गए। वहां राहुल पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया।

आरोपियों ने राहुल के शरीर पर 6 से 7 बार वार किए। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दशहरा कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। घायल राहुल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान राहुल की मौत हो गई।

आरोपियों में ये शामिल

  1. बिट्टू चौहान
  2. विजय चौहान
  3. सीपू चौहान
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। अगले दिन घटनास्थल की जांच की गई।

घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। अगले दिन घटनास्थल की जांच की गई।

लाइव वीडियो से हुई आरोपियों की पहचान

घटना की जानकारी मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस और सीनियर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट को भी बुलाया। टीम ने मौके से जरूरी सबूत जुटाए।

इस बीच घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उनकी तलाश शुरू कर दी। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रातभर आरोपियों की पतासाजी की।

पुलिस ने मर्डर के आरोपियों का आधा सिर मुंडवा दिया।

पुलिस ने मर्डर के आरोपियों का आधा सिर मुंडवा दिया।

तीन आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी

ASP लखन पटले ने बताया कि मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिट्टू चौहान, विजय चौहान और सीपू चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।

पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार भी जब्त कर लिया है। फरार आरोपी के पास भी एक हथियार होने की जानकारी मिली है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के साथ हथियार जब्त करने की कोशिश कर रही है।

आरोपियों का आधा मुंडन कराया

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों का आधा सिर मुंडवा दिया। फिलहाल, पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

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कोरबा

बालकोनगर में धूमधाम से मनाया गया विजयादशमी उत्सव

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बालकोनगर, 21 अक्टूबर 2026। विजयादशमी के पावन अवसर पर बालकोनगर के रामलीला मैदान में बालको सार्वजनिक विजयादशमी समिति द्वारा भव्य उत्सव का आयोजन किया गया। भगवान श्रीराम, माता सीता एवं हनुमान जी की आकर्षक झांकियों, रामलीला मंचन और रावण-दहन कार्यक्रम ने उत्सव को विशेष बना दिया। इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने रावण-दहन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालकोनगर और आसपास के क्षेत्रों के लोग शामिल हुए।
उत्सव की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इस अवसर पर भगवान श्रीराम की आराधना कर कंपनी, कर्मचारियों और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं निरंतर प्रगति की कामना की गई। बीते दिनों हुए रामलीला की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा का संदेश दिया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रावण-दहन रहा। राजेश कुमार सिंह द्वारा रावण-दहन किए जाने के साथ ही मैदान में उपस्थित लोगों ने असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक इस पर्व को उत्साहपूर्वक मनाया।
बालकोनगर का सार्वजनिक विजयादशमी उत्सव 49 वर्षों से क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यह आयोजन धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ लोगों के बीच एकता, आपसी सौहार्द और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देता है।

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