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सुप्रीम कोर्ट की ED अफसरों पर दर्ज FIR पर रोक:I-PAC रेड मामले में ममता सरकार को नोटिस

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कहा- एजेंसी के काम में रुकावट न डालें

नई दिल्ली,एजेंसी। I-PAC रेड मामले में ED की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने CM ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार से दो हफ्तों के भीतर जवाब मांगा और कहा कि केंद्रीय एजेंसी के आरोप गंभीर है।

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा कि सरकार ED के काम में दखल न डालें। एजेंसी को अपना काम करने दें। कोर्ट ने 3 फरवरी को अगली सुनवाई तक ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर भी रोक लगा दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इस मामले में कुछ बड़े सवाल हैं, जिनका जवाब नहीं मिला तो अराजकता फैल सकती है। अगर केंद्रीय एजेंसियां ​​किसी गंभीर अपराध की जांच के लिए ईमानदारी से अपना काम कर रही हैं, तो क्या उन्हें राजनीति करके रोका जा सकता है?

ED ने 8 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के IT हेड और पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म (I-PAC) डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापा मारा था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान CM ममता वहां बंगाल पुलिस के अफसरों के साथ पहुंचीं और अपने साथ सबूत लेकर चली गईं।

कोर्ट रूम लाइव- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने ED का पक्ष रखा। कबिल सिब्बल ने बंगाल सरकार की दलीलें रखीं।

सुप्रीम कोर्ट: आप (ED) वहां किसलिए गए थे? किस बात की जांच चल रही थी?

सॉलिसिटर जनरल: ED अवैध कोयला घोटाले की जांच के लिए गई थी। सरकार कह रही है कि हम (ED) SIR डेटा जब्त करने गए थे। SIR डेटा पहले से वेबसाइट पर उपलब्ध है! कोई मूर्ख ही वह जब्त करने के लिए वहां जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट: क्या इस कोयला घोटाले की जांच चल रही है?

सॉलिसिटर जनरल: जी हां। कोयले का भुगतान कैश में किया जाता था। समन का कोई जवाब नहीं मिला। एक हवाला चैनल की पहचान की गई है। लगभग 20 करोड़ कैश I-PAC को ट्रांसफर हुए। इसलिए 8 जनवरी को कंपनी के 10 ठिकानों में तलाशी ली गई।

सुप्रीम कोर्ट: क्या यह वही I-PAC है जिससे पहले श्री प्रशांत किशोर जुड़े थे?

सॉलिसिटर जनरल: जी हां। हमने पहले ही अधिकारियों को ईमेल पर इसकी जानकारी दी धी। हमें राजनीतिक गतिविधियों में कोई दिलचस्पी नहीं थी। हमें नहीं पता कि वे क्या छिपाना चाहते थे कि मुख्यमंत्री पूरी पुलिस फोर्स के साथ अंदर घुस आईं?

कपिल सिब्बल : कोयला घोटाले में आखिरी बयान फरवरी 2024 में दर्ज किया गया था; तब से ED क्या कर रही थी? चुनावों के समय अचानक कार्रवाई क्यों? पश्चिम बंगाल में चुनाव का जिम्मा I-PAC के पास है। पार्टी ने 2021 में I-PAC के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट किया था। उसके पास पार्टी की कई जानकारियां है। ED को सब पता है। चुनाव के बीच में वहां जाने की क्या जरूरत थी?

सुप्रीम कोर्ट: पश्चिम बंगाल में चुनाव I-PAC कराती है या चुनाव आयोग?

कपिल सिब्बल : I-PAC के पास कई तरह के आंकड़े रखे जाते हैं। जब ED वहां गई, तो उन्हें पता था कि पार्टी से संबंधित कई डेटा वहां मौजूद होंगे।

सुप्रीम कोर्ट (मजाकिया लहजे में): सॉलिसिटर जनरल कह रहे हैं कि अगर चुनाव के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग होती है, तो इसमें ED की क्या गलती है?

कपिल सिब्बल : I-PAC डायरेक्टर प्रतीक जैन के लैपटॉप में चुनाव से जुड़ी सारी जानकारी थी। ED वह जब्त करना चाहती थी। ममता सिर्फ उनका और आईफोन लेकर गई थीं। CM ने रेड में कोई दखल नहीं डाली थी।

सुप्रीम कोर्ट : आपका दावा गलत है। अगर ED का इरादा कुछ जब्त करने का होता, तो वे जब्त कर लेते, लेकिन कुछ भी जब्त नहीं किया गया। हमें जांच करनी होगी। सरकार हमें नोटिस जारी करने से नहीं रोक सकती।

सुप्रीम कोर्ट में ED की बड़ी दलीलें…

  • रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहुंचीं और इलेक्ट्रोनिक डिवाइस और दस्तावेज अपने साथ ले गईं। ममता के साथ बंगाल DGP भी पुलिस टीम के साथ पहुंचे थे। पुलिस ने ED अफसरों के मोबाइल छीन लिए। CM मीडिया के सामने भी गईं। इस तरह ED का मनोबल गिरता है। उनके काम में बाधा आती है।
  • हम 14 जनवरी को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई से संतुष्ट नहीं है। हमें काफी परेशानी हुई। सुनवाई के दौरान बार-बार माइक बंद हो रहा था। कोर्ट में भीड़ इकट्ठा करने के लिए को बस और गाड़ियों की व्यवस्था की गई थी। एक्टिंग चीफ जस्टिस को आदेश देना पड़ा कि वकीलों के अलावा किसी को भी एंट्री नहीं दी जाएगी।
  • ED आर्टिकल 21 के तहत अपने अधिकारों की सुरक्षा की मांग करने के लिए सुप्रीम कोर्ट आई है। ED अधिकारियों को धमकियां दी गई थीं। हम हाईकोर्ट नहीं जाएंगे। हम चाहते हैं CBI मामले की जांच करें। मामला CBI के पास गया तो मामले को राज्य से बाहर ट्रांसफर किया जा सकता है।
ममता 8 जनवरी को रेड के दौरान I-PAC डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं।

ममता 8 जनवरी को रेड के दौरान I-PAC डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं।

2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा I-PAC छापा मामला

ED ने कोयला तस्करी से जुड़े ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर I-PAC डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी।

यह मामला अब 5वें साल में है, लेकिन कार्रवाई ठीक उस वक्त सामने आई, जब बंगाल में मार्च-अप्रैल 2026 में चुनाव होने हैं। I-PAC भारत की पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है, जो राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है।

आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया कि राज्य सरकार ने जांच में बाधा डाली और सबूत नष्ट किए।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC की याचिका खारिज की

कलकत्ता हाइकोर्ट ने I-PAC रेड मामले में बुधवार को TMC की याचिका खारिज कर दी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि जांच एजेंसी ने 8 जनवरी को प्रतीक जैन के ऑफिस पर रेड मारकर कुछ कागजात जब्त किए थे। इस पर जांच एजेंसी ने कहा कि एजेंसी ने पार्टी दफ्तर से कुछ भी जब्त नहीं किया है।

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दिल्ली में 6 मंजिला होटल में आग, 21 की मौत:इनमें बांग्लादेश-अफ्रीकी देशों के 17 नागरिक, बिना फायर NOC चल रहा था होटल

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नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली के मालवीय नगर के फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 17 विदेशी नागरिक हैं। जो बांग्लादेश और अफ्रीकी देशों के हैं।

दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय लोगों के मुताबिक, मालवीय नगर में मौजूद इस होटल के रेस्टोरेंट में सुबह 8.50 बजे आग लगी। आग ऊपरी मंजिलों पर बने कमरों और बेसमेंट तक पहुंच गई।

चीफ फायर ऑफिसर अभिलाष मलिक ने कहा,

फायर टीम ने यहां से 37 लोगों को बाहर निकाला। बिल्डिंग की फायर NOC नहीं थी। होटल में 25 कमरे हैं।

वहीं, हादसे के वीडियो में कुछ लोग जान बचाने के लिए जलती हुई इमारत की तीसरी-चौथी मंजिल से कूदते नजर आ रहे हैं। इन्हें बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने जमीन पर गद्दे भी बिछाए थे।

बेसमेंट से भी 6 से ज्यादा लोगों को निकाला गया। 40 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। कई लोगों की हालत गंभीर है। आग लगने की वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है। पिछले 6 महीनों में दिल्ली में आग की अलग-अलग घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है।

मालवीय नगर में बिल्डिंग में बुधवार सुबह 8.50 बजे आग लगी।

मालवीय नगर में बिल्डिंग में बुधवार सुबह 8.50 बजे आग लगी।

आग लगने के बाद जान बचाने के लिए बिल्डिंग की छत पर मौजूद एक व्यक्ति।

आग लगने के बाद जान बचाने के लिए बिल्डिंग की छत पर मौजूद एक व्यक्ति।

होटल के फ्रंट साइड में करीब 15- 20 फीट ऊंचाई से जान बचाने के लिए कूदते लोग।

होटल के फ्रंट साइड में करीब 15- 20 फीट ऊंचाई से जान बचाने के लिए कूदते लोग।

होटल की तीसरी मंजिल से नीचे कूदा एक व्यक्ति। उसे स्थानीय लोगों ने बचाया।

होटल की तीसरी मंजिल से नीचे कूदा एक व्यक्ति। उसे स्थानीय लोगों ने बचाया।

बिल्डिंग में आग लगने के बाद कई लोग जान बचाने के लिए तीसरी-चौथी मंजिल से नीचे कूदे।

बिल्डिंग में आग लगने के बाद कई लोग जान बचाने के लिए तीसरी-चौथी मंजिल से नीचे कूदे।

होटल की खिड़की पर मौजूद धुएं से घिरी विदेशी महिला। हादसे में मरने वालों में अधिकतर विदेशी नागरिक हैं।

होटल की खिड़की पर मौजूद धुएं से घिरी विदेशी महिला। हादसे में मरने वालों में अधिकतर विदेशी नागरिक हैं।

आग से घिरी बिल्डिंग से जान बचाने के लिए एक महिला दूसरी मंजिल से नीचे कूदी। लोगों ने उसे रेस्क्यू किया।

आग से घिरी बिल्डिंग से जान बचाने के लिए एक महिला दूसरी मंजिल से नीचे कूदी। लोगों ने उसे रेस्क्यू किया।

आग बिल्डिंग की पास वाली गली के हिस्से में लगी, इसके बाद पूरी बिल्डिंग में फैल गई।

आग बिल्डिंग की पास वाली गली के हिस्से में लगी, इसके बाद पूरी बिल्डिंग में फैल गई।

फायर ब्रिगेड ने बिल्डिंग में लगी आग बुझाई, इसके बाद होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

फायर ब्रिगेड ने बिल्डिंग में लगी आग बुझाई, इसके बाद होटल में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

स्थानीय लोगों ने भी होटल से कई लोगों का रेस्क्यू किया। उन्हें अस्पताल तक पहुंचाया।

स्थानीय लोगों ने भी होटल से कई लोगों का रेस्क्यू किया। उन्हें अस्पताल तक पहुंचाया।

होटल से रेस्क्यू की गई विदेशी महिला को कंधे पर उठाकर ले जाता एक व्यक्ति।

होटल से रेस्क्यू की गई विदेशी महिला को कंधे पर उठाकर ले जाता एक व्यक्ति।

फायर ब्रिगेड ने होटल की आग बुझाई, इसके बाद रेस्टोरेंट के बेसमेंट से 6 लोगों का रेस्क्यू किया है।

फायर ब्रिगेड ने होटल की आग बुझाई, इसके बाद रेस्टोरेंट के बेसमेंट से 6 लोगों का रेस्क्यू किया है।

रेस्क्यू किए गए लोगों को एंबुलेंस से पास के मैक्स, AIIMS और सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया।

रेस्क्यू किए गए लोगों को एंबुलेंस से पास के मैक्स, AIIMS और सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया।

रेस्टोरेंट के बेसमेंट से रेस्क्यू किए गए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रेस्टोरेंट के बेसमेंट से रेस्क्यू किए गए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रेस्टोरेंट के बाहर मौजूद फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम।

रेस्टोरेंट के बाहर मौजूद फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम।

रेस्क्यू के दौरान दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी घायल हुए हैं। उन्हें भी इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

रेस्क्यू के दौरान दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी घायल हुए हैं। उन्हें भी इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

रेस्टोरेंट के ऊपर होटल था, आग 6 मंजिल तक पहुंची

आग 6 मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने बी-एन-बी रेस्टोरेंट में लगी। कुछ देर बाद होटल में ऊपर की तरफ फैल गई। यह होटल दिल्ली के प्रेस एन्क्लेव रोड पर है। यहीं पर मैक्स हॉस्पिटल और AIIMS भी है। बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों में इलाज कराने आने वालों के परिजन भी इस होटल में रुका करते थे।

मैक्स अस्पताल बोला- 18 लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी, AIIMS में 13 लोग भर्ती

मैक्स अस्पताल के अधिकारी के मुताबिक कुल 39 लोगों को यहां लाया गया था। इनमें से 18 की पहले ही मौत हो चुकी थी। 5 लोगों को हल्की चोटें थीं। उन्हें डिस्चार्ज किया गया है। 15 लोग आईसीयू में एडमिट हैं, इनमें से 8 वेंटिलेटर पर हैं। जिनकी हालत गंभीर है। एक व्यक्ति बहुत ज्यादा झुलस गया था, उसे सफदरजंग अस्पताल रैफर किया गया है।

वहीं, AIIMS में 13 लोगों का इलाज जारी है। इनमें 3 लोग वह हैं, जिन्होंने होटल के कमरों से जान बचाने के लिए छलांग लगाई थी। एक व्यक्ति पैर टूट गए हैं।

होटल में 6 रूम की परमिशन थी, लेकिन 25 कमरे थे

  • फ्लरिस स्टे गेस्टहाउस को बेड एंड ब्रेकफास्ट कॉन्सेप्ट के तहत लाइसेंस जारी किया गया था। इसके तहत 6 रूम की परमिशन थी, लेकिन 25 कमरे बने थे।
  • आग लगने के बाद होटल के रेस्टोरेंट के बेसमेंट में भी काफी लोग फंसे थे। इसमें अंदर जाने और बाहर निकलने का रास्ता एक ही था, जो बहुत संकरा था
  • होटल के पास फायर NoC नहीं थी। आने-जाने का भी एक ही रास्ता था।
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अमेरिका में गूंजी भारत की आजादी गाथा, न्यूयॉर्क सीनेट में 15 अगस्त को लेकर ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित

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न्यूयॉर्क, एजेंसी। न्यूयॉर्क की सीनेट ने राज्य की गवर्नर कैथी होचुल से 15 अगस्त 2026 को राज्य में ‘भारत स्वतंत्रता दिवस’ घोषित करने का आग्रह करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें सांसदों ने महात्मा गांधी की विरासत को याद किया और अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान की सराहना की। सीनेटर जेरेमी कूनी द्वारा प्रायोजित इस प्रस्ताव में कहा गया है कि न्यूयॉर्क राज्य की विधायिका की परंपरा रही है कि वह उन महत्वपूर्ण दिनों को मान्यता देती है, जो राज्य के नागरिकों की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े होते हैं। प्रस्ताव में कहा गया कि ”भारत की स्वतंत्रता दुनिया भर के लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह नागरिक, राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों के साथ-साथ आत्मनिर्णय के लिए चले 90 वर्षों के संघर्ष के अंत का प्रतीक है।”

प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कई राज्य सीनेटरों ने भारत की प्राचीन सभ्यता, लोकतांत्रिक परंपराओं, महात्मा गांधी के शांति संदेश और न्यूयॉर्क सहित पूरे अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बढ़ते योगदान की प्रशंसा की। कूनी ने कहा कि दुनिया भर में भारतीय अपने-अपने समुदायों पर स्थायी प्रभाव छोड़ रहे हैं और यह अवसर साझा इतिहास, संस्कृति और विरासत का जश्न मनाने तथा उस पर विचार करने का है। सीनेटर जॉन लियू ने कहा कि भारत का अस्तित्व हजारों वर्षों से है। उन्होंने कहा, ”भारत एक सभ्यता रहा है, एक राष्ट्र रहा है और वास्तव में हमारे देश से भी लंबे समय से लोकतंत्र का एक आदर्श मॉडल रहा है।”

सीनेटर टोबी ऐन स्टाविस्की ने दोनों देशों के बीच मित्रता की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि दोनों देशों में समानताएं, मतभेदों से कहीं अधिक हैं। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सीनेट के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि ”यह भारत और अमेरिका के बीच मित्रता, लोकतंत्र और साझा मूल्यों के मजबूत संबंधों को दर्शाता है।” दूतावास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ”भारत की विरासत से लेकर न्यूयॉर्क के दिल तक : लोकतंत्र और समुदाय के रिश्तों का उत्सव।” भारतीय दूतावास ने प्रस्ताव आधिकारिक रूप से पेश करने के लिए जेरेमी कूनी का धन्यवाद किया और भारत की समृद्ध विरासत तथा न्यूयॉर्क में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के अमूल्य योगदान को सम्मान देने के लिए सभी विधायकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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दिल्ली मालवीय नगर होटल अग्निकांड की गूंज विदेशों तक, ग्लोबल मीडिया ने उठाए गंभीर सवाल, छिड़ गई नई बहस

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नई दिल्ली, एजेंसी। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोरी हैं। ब्रिटेन, जर्मनी, स्पेन, कतर और बांग्लादेश सहित कई देशों के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने इस त्रासदी को प्रमुखता से कवर करते हुए भारत में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और भवन नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। हादसे में मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की होने के कारण यह घटना वैश्विक मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।

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अल जज़ीरा की रिपोर्ट
 कतर के समाचार चैनल अल जज़ीरा ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि भारत में आग लगने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि मालवीय नगर स्थित भवन के निचले हिस्से में रेस्तरां और ऊपर होटल संचालित हो रहा था। अल जज़ीरा ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि आग लगने के बाद पूरा भवन धुएं से भर गया और लोग अंदर फंस गए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कई इमारतों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी के कारण ऐसी घटनाओं में भारी जनहानि होती है।

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BBC ने  लिखा
ब्रिटेन के BBC ने अपनी रिपोर्ट में  इलाज के लिए भारत आए विदेशी नागरिक भी बने हादसे का शिकार हैडलाइन दी और बताया कि मृतकों में कई विदेशी नागरिक शामिल हैं, जो भारत में चिकित्सा उपचार के लिए आए थे। BBC के अनुसार, यह भवन एक गेस्ट हाउस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जहां आसपास के निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीज और उनके परिजन ठहरते थे। रिपोर्ट में दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि यह जांच की जा रही है कि भवन को गेस्ट हाउस के रूप में संचालित करने की वैध अनुमति थी या नहीं। BBC ने यह भी लिखा कि भारत में कई अग्निकांडों की जांच में खराब विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और भवनों के गलत उपयोग जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं।

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स्पेन का एल पाइस
स्पेन के प्रमुख अखबार एल पाइस ने  सूचना मिलने में देरी और घनी आबादी को चुनौती बताया और लिखा कि दक्षिण दिल्ली के फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग की सूचना दमकल विभाग को देर से मिली। रिपोर्ट में कहा गया कि शुरुआती आशंका के अनुसार आग भवन के निचले हिस्से में चल रहे रेस्तरां से शुरू हुई हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एल पाइस ने दिल्ली की घनी आबादी, संकरी गलियों और पुराने भवनों में सुरक्षा मानकों की कमी को ऐसी घटनाओं के गंभीर होने का प्रमुख कारण बताया।

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जर्मनी का DW
जर्मन मीडिया संस्थान DW News ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भवन के बेसमेंट में रेस्तरां और ऊपर होटल संचालित हो रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक जांच में रेस्तरां से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आग के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है।DW ने यह भी उल्लेख किया कि मृतकों में कुछ विदेशी नागरिक शामिल हैं, जो इलाज के लिए भारत आए थे।

ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन
ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन ने घटना के मानवीय पहलू को प्रमुखता से दिखाया। रिपोर्ट में कहा गया कि आग और धुएं के तेजी से फैलने के कारण ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों से छलांग लगानी पड़ी। द सन ने स्थानीय लोगों की सराहना करते हुए लिखा कि उन्होंने सड़क पर गद्दे बिछाकर कई लोगों की जान बचाने में मदद की। रिपोर्ट में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का भी जिक्र किया गया, जिनमें इमारत से उठती लपटें और धुआं दिखाई दे रहा था।

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बांग्लादेश का डेली स्टार 
बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र डेली स्टार ने लिखा कि आग लगने के बाद कई घंटों तक बचाव अभियान चलाया गया और 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि मृतकों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जो इलाज या अन्य कार्यों के सिलसिले में दिल्ली आए हुए थे।विश्व मीडिया की अधिकांश रिपोर्टों में एक समान चिंता उभरकर सामने आई है ग्नि सुरक्षा मानकों का पालन, भवनों का उपयोग और आपातकालीन निकासी व्यवस्था।दिल्ली पुलिस ने होटल मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि भवन में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

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