देश
मार्च में डगमगाया शेयर बाजार, इन स्टॉक्स ने लगाया गोता
मुंबई, एजेंसी। वित्त वर्ष 2025-26 भारतीय शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। साल की शुरुआत में जहां बाजार को मजबूत आर्थिक ग्रोथ, नियंत्रित महंगाई और RBI की दरों में कटौती से सहारा मिला, वहीं मार्च 2026 में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने पूरी तेजी पर पानी फेर दिया।

वित्त वर्ष के अंत तक निफ्टी 50 करीब 1,188 अंक यानी 5% से ज्यादा गिरकर 22,331 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स में 5,467 अंकों यानी 7% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और यह 71,947 पर बंद हुआ। मार्च महीने में जहां कुछ सेक्टर्स में तेजी देखने को मिली, वहीं कई बड़े शेयरों ने निवेशकों को निराश किया।
महीने के टॉप लूजर शेयरों में लार्सन एंड टुब्रो (L&T) सबसे आगे रहा, इसके अलावा हिंडाल्को, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और एचडीएफसी बैंक भी टूटे।
मिड-मंथ में बढ़ी गिरावट
मार्च के मध्य में बाजार में दबाव और बढ़ गया। 13 मार्च को L&T, हिंडाल्को और टाटा स्टील जैसे शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा।
1. लार्सन एंड टुब्रो (L&T)
मार्च 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों के सेंटिमेंट पर असर पड़ा, जिसका सीधा प्रभाव इस स्टॉक पर देखने को मिला।
महीने की शुरुआत में L&T का शेयर रू.4,066 के आसपास मजबूत स्तर पर कारोबार कर रहा था लेकिन जैसे-जैसे वैश्विक तनाव बढ़ा, स्टॉक में लगातार बिकवाली देखने को मिली। महीने के अंत तक यह गिरकर रू.3,504.10 पर बंद हुआ यानी पूरे मार्च में इसमें 20% से ज्यादा की गिरावट आई।
2. हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ (Hindalco Industries)
मार्च 2026 में मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयरों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। महीने की शुरुआत में शेयर मजबूत स्तर पर कारोबार कर रहा था लेकिन अंत तक इसमें गिरावट दर्ज की गई। महीने की शुरुआत में हिंडाल्को का शेयर रू.940–रू.960 के आसपास ट्रेड कर रहा था लेकिन महीने के आखिर में इनमें गिरावट आई। 30 मार्च को यह 884.55 रुपए पर बंद हुआ।
वहीं, अप्रैल 2026 की शुरुआत में शेयर में रिकवरी देखने को मिली और यह फिर से रू.927–रू.955 के स्तर पर पहुंच गया।
3. टाटा स्टील के शेयर (Tata Steel)
मार्च 2026 में टाटा स्टील के शेयरों में हलचल भरा रुख देखने को मिला। पूरे महीने के दौरान यह स्टॉक करीब रू.183 से रू.211 के दायरे में कारोबार करता रहा और अंत में लगभग रू.191–रू.196 के स्तर पर बंद हुआ।
महीने की शुरुआत में शेयर करीब ₹211 के आसपास मजबूत स्थिति में था लेकिन मिड-मार्च में इसमें गिरावट आई और यह रू.180 के निचले स्तर तक पहुंच गया। 12 मार्च को डिलीवरी वॉल्यूम में करीब 30.71% की गिरावट के बाद स्टॉक पर दबाव बढ़ा, जिससे इसमें तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
कुल मिलाकर, मार्च 2026 शेयर बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। वैश्विक हालात के दबाव में शेयर में भारी गिरावट आई, हालांकि आने वाले समय में बाजार की स्थिरता के साथ इसमें सुधार की उम्मीद की जा रही है।
देश
‘महिला आरक्षण बिल का समर्थन न करना विपक्ष की बड़ी राजनीतिक गलती है’: कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी बोले
नई दिल्ली,एजेंसी। संसद में महिला आरक्षण बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव जारी है। प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण बिल को परिसीमन का धोखा बताया है। पीएम मोदी ने कैबिनेट बैठक में विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम ने कहा है कि महिला आरक्षण बिल का समर्थन का इनकार विपक्ष की एक बड़ी राजनीतिक गलती है और इसके लिए उन्हें भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।


देश
महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम
नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए
पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026
सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।
12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।
बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया
- राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
- प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
- शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
- एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।
संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।
सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की
सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।
पीएम की 3 अपील
- 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
- 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
- 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी
17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

देश
‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

थरुर ने अपने भाषण में कहा
शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”


थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

-
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized7 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
