Connect with us

छत्तीसगढ़

कांकेर में भालू ने पिता-बेटे को मार डाला:शव लेने पहुंची वन-विभाग की टीम पर भी हमला, 2 गंभीर; लकड़ी लेने गए थे जंगल

Published

on

कांकेर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भालू के हमले से बाप बेटे की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल है। तीन ग्रामीण लकड़ी लेने जंगल गए थे तभी अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है भालू अभी भी आक्रामक है जिससे दोनों के शव को जंगल से नहीं लाया गया है।

घटना भानुप्रतापपुर क्षेत्र के डोंगरकट्टा गांव के पास जंगल की है। जब वन विभाग की टीम मृतकों का शव लेने पहुंची, तब भालू ने दोबारा हमला कर दिया। इस दूसरे हमले में डिप्टी रेंजर नारायण यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भालू के हमले से बाप बेटे की मौत हो गई

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भालू के हमले से बाप बेटे की मौत हो गई

हमले के बाद भागने का मौका नहीं मिला

भालू का हमला इतना भयानक था कि शंकरलाल दर्रो और उनके पुत्र सुकलाल दर्रो को बचने का मौका भी नहीं मिला। इस हमले में अज्जू कुमार कोरेटी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

क्षेत्र की निगरानी कर रहा वन विभाग

वन विभाग के एक अन्य कर्मचारी विकास कुमार, जो घटना के समय मुनारा के पास थे, उन्होंने बताया कि वे भी भालू के हमले का शिकार हो सकते थे। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही है ताकि ऐसी कोई और घटना न हो।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

धमतरी : चंद्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने बच्चों को कराया स्वर्णप्राशन

Published

on

आयुर्वेदिक परंपरा और स्वस्थ बाल्य जीवन के महत्व को किया रेखांकित

धमतरी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अधिवेशन परिसर में लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया तथा बच्चों को स्वर्ण प्राशन संस्कार कराकर स्वस्थ एवं सशक्त बाल्य जीवन का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न संस्कारों की समृद्ध परंपरा रही है। स्वर्ण प्राशन भी ऐसे ही महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है, जिसका उल्लेख आयुर्वेद में मिलता है। यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में सहायक माना जाता है।

उल्लेखनीय है कि स्वर्ण प्राशन बच्चों में किए जाने वाले प्रमुख संस्कारों में से एक है। आयुर्वेद में इसे बाल स्वास्थ्य संवर्धन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना गया है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में जिस प्रकार विभिन्न टीकों के माध्यम से बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत किया जाता है, उसी प्रकार आयुर्वेद में वैदिक काल से स्वर्ण प्राशन संस्कार के माध्यम से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का उल्लेख मिलता है। इसे आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन की पारंपरिक प्रक्रिया के रूप में भी देखा जाता है।

अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से भेंट कर सामाजिक एकता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संबंध में चर्चा की। उन्होंने समाज द्वारा बच्चों एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, विनोद चंद्राकर, पूनम चंद्राकर, समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश चंद्राकर सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

धमतरी में 400 किलो से ज्यादा गांजा बरामद:96 पैकेट्स में जगदलपुर से रायपुर ले जाई जा रही थी खेप, 4 गिरफ्तार

Published

on

धमतरी, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 400 किलो से अधिक गांजा जब्त किया है। वनोपज नाके पर चेकिंग के दौरान एक पिकअप और एक कार से 96 पैकेट में पैक गांजे की खेप बरामद की गई। मामले में चार से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

यह कार्रवाई अर्जुनी थाना क्षेत्र स्थित वनोपज नाके पर की गई। कोतवाली पुलिस, अर्जुनी थाना और विशेष टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाते हुए संदिग्ध वाहनों की जांच की। इसी दौरान एक कार और पिकअप वाहन से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।

चेकिंग के दौरान एक कार और एक पिकअप वाहन से गांजे की बड़ी खेप पकड़ी गई।

चेकिंग के दौरान एक कार और एक पिकअप वाहन से गांजे की बड़ी खेप पकड़ी गई।

फोम और कंबलों के नीचे छिपा रखा था गांजा

पुलिस के अनुसार, तस्कर जगदलपुर की ओर से रायपुर जा रहे थे। पिकअप वाहन में गांजे को फोम और कंबलों के नीचे छिपाकर रखा गया था, ताकि पुलिस को भनक न लगे। श्यामतराई नाके के पास चेकिंग के दौरान दोनों वाहनों को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें गांजे की खेप पकड़ी गई।

तस्कर जगदलपुर की ओर से रायपुर की ओर जा रहे थे

तस्कर जगदलपुर की ओर से रायपुर की ओर जा रहे थे

96 पैकेट में पैक थी खेप

तलाशी के दौरान पुलिस को 96 पैकेटों में पैक 400 किलो से अधिक गांजा मिला। बरामद गांजे की बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है।

कई आरोपी हिरासत में, पूछताछ जारी

कार्रवाई के दौरान चार से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उनसे गांजे के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के संबंध में पूछताछ कर रही है।

जल्द होगा बड़ा खुलासा

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। विस्तृत पूछताछ और जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

पर्यावरण की शव शैय्या निकालकर जगाई चेतना

Published

on

जांजगीर में प्रकृति प्रेमियों की अनोखी पहल, ‘पर्यावरण को जिंदा करो’ अभियान के तहत दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सुनील चिंचोलकर
जांजगीर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जांजगीर शहर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनोखी और भावनात्मक जागरूकता रैली निकाली गई। पर्यावरण एक्टिविस्ट काजल कसेर एवं उनके साथियों द्वारा आयोजित “पर्यावरण को जिंदा करो” एक दिवसीय अभियान ने शहरवासियों का ध्यान पर्यावरण के प्रति बढ़ते संकट की ओर आकर्षित किया।

अभियान का मुख्य उद्देश्य पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, बढ़ते प्रदूषण तथा बिगड़ते पर्यावरणीय संतुलन के प्रति लोगों को जागरूक करना था। रैली के दौरान “पर्यावरण की शव शैय्या” का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। इस अनूठी प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानव की बढ़ती आवश्यकताओं और स्वार्थपूर्ण गतिविधियों के कारण प्रकृति का अत्यधिक दोहन हुआ है, जिससे पर्यावरण गंभीर संकट में पहुंच गया है। अब समय आ गया है कि सभी मिलकर इसे पुनर्जीवित करने का संकल्प लें।

रैली में शामिल लोगों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां और बैनर लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण किया तथा नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने, जल संरक्षण अपनाने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।
सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती मिथिलेश बघेल ने कहा कि केवल एक दिन पौधे लगाकर फोटो खिंचवाने से पर्यावरण नहीं बचेगा, बल्कि पौधों की नियमित देखभाल और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही आवश्यक है।

रैली के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, जल स्रोतों का सूखना और वायु प्रदूषण जैसे संकेत स्पष्ट रूप से बता रहे हैं कि प्रकृति लगातार संकट में है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी भूमिका निभाए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और शहरवासी उपस्थित रहे। अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित वातावरण छोड़ने का आह्वान किया गया।
अभियान को सफल बनाने के लिए पामगढ़, अकलतरा एवं सक्ती से भी पर्यावरण प्रेमी पहुंचे और पूरे उत्साह के साथ जागरूकता नारों के माध्यम से जनसंदेश प्रसारित किया।
इस अवसर पर विनय गुप्ता, ललित बघेल, कुमारी कंसारी, नंदिता कसेर, स्मिता कसेर, शीला यादव, राहुल रॉय, जयआदित्य, युवराज, महेंद्र सिंह, कुंजबाई, ललिता, शांति, सोनू सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677