छत्तीसगढ़
पाकिस्तान से जंग लड़ चुके थे शेखर दत्त:सेना में कैप्टन रहे छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल, पाक से जीते दो इलाके, फिर बने डिप्टी NSA
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के करियर को लेकर बहुत कम लोग ही जानते हैं कि वह भारतीय सेना में भी शामिल थे। ना सिर्फ सेना में रहे बल्कि उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी बहादुरी से जंग भी लड़ी थी।
शेखर दत्त 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में शामिल थे। उस समय के भारतीय सेना के अध्यक्ष और बाद में देश के पहले फील्ड मार्शल बने मानेक शॉ ने शेखर दत्त को वीरता का मेडल दिया था।
दत्त का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। दिल्ली में उनका अंतिम संस्कार किया गया। शॉर्ट सर्विस कमीशन में भर्ती होने के बाद IAS बने दत्त कई मंत्रालय में प्रमुख पदों पर रहे। अपने लंबे करियर के दौरान उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Deputy NSA) के रूप में भी काम किया था।

आईएएस अधिकारी सोनमणि बोरा ने शेखर दत्त के साथ अपनी हाल ही में हुई आखिरी बातचीत सोशल मीडिया पर साझा की।
IAS सोनमणि बोरा ने शेयर की आखिरी बातचीत
छत्तीसगढ़ के आईएएस अधिकारी सोनमणि बोरा ने शेखर दत्त के साथ अपनी हाल ही में हुई आखिरी बातचीत सोशल मीडिया पर साझा की। बोरा ने बताया कि शेखर दत्त 1971 की जंग का हिस्सा थे। जिस बहादुरी के साथ उन्होंने यह लड़ाई लड़ी उसके बारे में शेखर दत्त ने बोरा को खुद बताया।
पाकिस्तान के दो इलाकों को कैप्चर किया
शेखर दत्त अपने 1971 की जंग के अनुभव साझा करते हुए लिखते हैं कि मैं भारतीय फौज की इन्फेंट्री में था। सोवियत यूनियन से टी 55 जैसे आधुनिक टैंक हमें उस समय मिले थे। हमने अपनी फौज को नए हथियारों के साथ ट्रेंड किया मैं पाकिस्तान के राजस्थान, गुजरात से लगे सिंध इलाके में तैनात था।
हमने इस जंग में हैवी फायरिंग से दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया और पाकिस्तान के दो इलाके थारपारकर और नगरपरकर को कैप्चर किया था।

गुजरात में दत्त के नाम पर सड़क
हम बाड़मेर की ओर से पाकिस्तान में घुसे थे और दुश्मन के इलाके को कब्जे में हमने लिया था, मैं फॉरवर्ड पोस्ट ऑब्जरवेशन ऑफिसर था। हम इसी इलाके में 10 पैरा कमांडो के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल भवानी सिंह के साथ पेट्रोलिंग किया करते थे।
यह मेरी जिंदगी का अनूठा पल था। दत्त ने एक तस्वीर भी साझा की जिसमें भारतीय सेना के प्रमुख मानेक शॉ उन्हें मेडल दे रहे हैं। उस वक्त भारतीय सेना में शेखर दत्त कैप्टन के पद पर थे। गुजरात की धारंगधारा इलाके में एक सड़क भी शेखर दत्त के नाम पर रखी गई है।

फिर बने IAS
शेखर दत्त भारतीय सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत भर्ती हुए थे कुछ साल सेवाएं देने के बाद वह IAS भी बने और उसके बाद भारत की कई मंत्रालय में प्रमुख पदों पर रहे। रिटायरमेंट के बाद छत्तीसगढ़ के राज्यपाल भी बने।

दत्त का करियर
23 जनवरी, 2010 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बने। वे उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और रक्षा सचिव रह चुके हैं। उन्होंने कुछ समय के लिए भारतीय सेना में सेवा की और 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीरता के लिए सेना पदक भी प्राप्त किया।

शेखर दत्त को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी
उन्होंने रक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों में कार्य किया है, और रक्षा सचिव और भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सहित कई प्रमुख पदों पर कार्य किया है।
एक आईएएस अधिकारी के रूप में, वह 1985 में रायपुर राजस्व प्रभाग के संभागीय आयुक्त थे। इसके बाद वे रक्षा मंत्रालय में निदेशक (नौसेना) बन गए।

गुजरात की धारंगधारा इलाके में एक सड़क भी शेखर दत्त के नाम पर रखी गई है
रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव रहे
1991 से 1996 तक उन्होंने रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया। वे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड, मझगांव डॉक्स लिमिटेड, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के बोर्ड में निदेशक थे।
1996 से 2001 तक वे अपने गृह कैडर मध्य प्रदेश सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वे खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव के अलावा आदिवासी एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव और स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव भी रहे।
2001 में उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण का महानिदेशक नियुक्त किया गया। उनके कार्यकाल के दौरान ही भारत ने 2003 में हैदराबाद में एफ्रो एशियाई खेलों का सफल आयोजन किया और 2002 में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक के सबसे अधिक पदक जीते।
2003 में दत्त भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय में सचिव रहे
अगस्त 2005 में वे रक्षा सचिव बने और 2007 तक इस पद पर बने रहे। 2007 में, अपनी सेवानिवृत्ति पर, उन्हें दो साल के कार्यकाल के लिए उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया। यह रणनीतिक रक्षा संबंधी मामलों से निपटने वाला एक नया बनाया गया पद था।
पूर्व खुफिया ब्यूरो प्रमुख एमके नारायणन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे। रक्षा सचिव के रूप में, दत्त ने सरकारी मशीनरी में आधुनिकीकरण के साथ-साथ ईमानदारी लाने के लिए कई पहल कीं।
कोरबा
छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ का तृतीय महासम्मेलन एवं सम्मान समारोह 29 मार्च को कोरबा में
कोरबा। छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ का तृतीय महासम्मेलन की मेजबानी इस बार कोरबा कर रहा है। 29 मार्च को यह सम्मेलन टीपी नगर स्थित प्रदेश अखबार वितरक संघ कार्यालय परिसर में सम्पन्न होगा। महासम्मेलन को सफल बनाने छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ की जिला इकाई ने तैयारी प्रारंभ कर दी है। महासम्मेलन के साथ-साथ सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जा रहा है।
महासम्मेलन कार्यक्रम का शुभारंभ अपराह्न 3.30 बजे कोरबा विधायक एवं केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन करेंगे, वहीं महासम्मेलन की अध्यक्षता महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत करेंगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में कोरबा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, भाजपा के प्रदेश मंत्री सुश्री ऋतु चौरसिया, पार्षद एवं भाजयुमो के पूर्व जिला महामंत्री नरेन्द्र देवांगन, वार्ड पार्षद श्रीमती प्रेमलता बंजारे एवं पार्षद रामकुमार साहू होंगे। वक्ता के रूप में राष्ट्रीय वितरक महामंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामरक्षा सिंह संरक्षक पंकज भट्ट महामंत्री साकेश सैनी उत्तर प्रदेश प्रभारी राकेश अवस्थी श्रेष्ठ पासवान भागवत नारायण चौरसिया एवं , महाराष्ट्र राज्य वृत्तपत्र विक्रेता संघटना के प्रदेश अध्यक्ष सुनील पाटनकर सचिव विनोदपन्नास उपाध्यक्ष दिनेश उईके एवं छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से प्रतिनिधि भी शामिल होंगे एवं छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पदमसिंह चंदेल होंगे। महासम्मेलन में अन्य प्रदेशों से पदाधिकारी शिरकत करेंगे।
समापन समारोह 29 मार्च को ही रात्रि 8.30 बजे होगा। समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व केबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल होंगे, वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश राठौर (शहर), मनोज चौहान (ग्रामीण), कांग्रेस प्रवक्ता सुरेश अग्रवाल, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद कृपा राम साहू नेता प्रतिपक्ष नगर पालिका निगम कोरबा , पार्षद , रवि चंदेल,पूर्व पार्षद अविनाश बंजारे उपस्थित रहेंगे।
छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ के कोरबा जिलाध्यक्ष विपेन्द्र साहू ने जिले के सभी ब्लाक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है, ताकि संघ को और मजबूत बना सकें एवं अखबार वितरकों के अधिकार पाने के अभियान को और मजबूती दे सकें।
श्रम विभाग एवं चिकित्सा कैम्प का आयोजन
परिसर में महासम्मेलन के दौरान श्रम विभाग का कैम्प भी लगेगा, जहां पर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी समय 11:00 से अखबार वितरकों के श्रमिक कार्ड बनाएंगे, ताकि श्रम विभाग छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं का लाभ अखबार वितरकों को भी मिल सके। कोरबा के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा अपनी टीम के साथ स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन करेंगे।
सम्मान समारोह का भी होगा आयोजन
अखबार वितरक संघ के तृतीय महासम्मेलन में लब्ध प्रतिष्ठित पत्रकारों एवं अखबार वितरकों के लिए सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जाएगा।
महासम्मेलन को सफल बनाने पदाधिकारियों की बैठक
महासम्मेलन को सफल बनाने कोरबा जिला इकाई के पदाधिकारियों ने आवश्यक बैठक की और सभी ने जी तोड़ मेहनत करने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष पदमसिंह चंदेल ने की। बैठक में प्रमुख रूप से जिला संरक्षक रेशम साहू, जिला अध्यक्ष विपेन्द्र साहू, सचिव जयसिंह नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर, सहसचिव रायसिंह, कटघोरा इकाई प्रभारी बबलू यादव (कन्हैया) कटघोरा सचिव विजय दास पाली इकाई प्रभारी सुरेंद्र सिंह ठाकुर पाली सचिव संतराम पटेल पाली उपाध्यक्ष शंकर दीवान जमीनी पाली इकाई प्रभारी दीपक सचिव रविंदर मीडिया प्रभारी रामायण सिंह (रामा), कार्यक्रम संयोजक तपेश्वर राठौर, प्रवक्ता अनिल गिरी, दिलबाग, दिलीप, हर्ष, कृष्णा निर्मलकर, दीपक सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
कोरबा
माँ सर्वमंगला देवी का दिव्य दरबार सजा फूलों से:श्रद्धालुओं का मन प्रफूल्लित
सप्तमी पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
कोरबा। चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा-अर्चना करने एवं दर्शन करने श्रद्धा का सैलाब देखने को मिला। आज प्रबंधन ने सप्तमी को माँ सर्वमंगला देवी का अभूतपूर्व अभिनंदन किया और माँ के दिव्य दरबार को विभिन्न प्रकार के सुगंधित फूल मालाओं का तोरण बनाकर अभूतपूर्व सजाया और माँ का दिव्य अभिनंदन किया।

माँ सर्वमंगला देवी के सजे दरबार से श्रद्धालुओं का मन अभूतपूर्व दृश्य से प्रफूल्लित हो उठा और ह्दय रोमांचित हो उठा। संध्या होते ही यह दृश्य और अतिसुंदर हो गया, मानो हम स्वर्ग में आ गए हैं, वैसे भी माँ सर्वमंगला देवी का परिसर पहुंचते ही मन में अजीब सी शांति का एहसास होता है और सारे विकार दूर हो कर मन सिर्फ माँ के आगोश में जाने का करता है। शांत वातावरण और दिव्य दृश्य मन और मस्तिष्क को आल्हादित करते हैं।
आज सप्तमी पर माँ कालरात्रि स्वरूपा की पूजा करने परिसर से लेकर लम्बी लाईन लगी हुई थी और श्रद्धालु धीरे-धीरे गर्भगृह पहुंचकर माता के श्रृंगारमय सजी मूर्ति का दर्शन कर तृप्त हो गए। सजीवरूपी माँ सर्वमंगला देवी अपने भक्तों का हर मनोकामना पूर्ण करती हैं, इसी विश्वास के साथ आज सप्तमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और माँ कालरात्रि स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी का दिव्य दर्शन कर अपने आपको धन्य मान रहे थे।

कल महाष्टमी पर भी रहेगी अभूतपूर्व भीड़

कल 26 मार्च चैत्र शुक्ल अष्टमी को महागौरी स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा-अर्चना होगी और कल महाष्टमी पर माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सबसे ज्यादा पहुंच सकती है।
माँ महागौरी की पूजा से धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है और कल महाष्टमी पर माँ महागौरी स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालु धन और ऐश्वर्य के लिए आशीर्वाद मांगेंगे।
माँ महागौरी को सूजी का हलवा और फल अतिप्रिय हैं और भक्तगण सूजी का हलवा और फल अर्पण कर मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए आशीर्वाद मांगेंगे।
मंदिर परिसर की सजावट से भावविभोर हो रहे श्रद्धालु- नमन पाण्डेय

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा के प्रबंधक/पुजारी एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महाराज) ने बताया कि माता की असीम कृपा सभी पर बरसती है और माता के आशीर्वाद से परिसर को फूलों से सजाया गया है और दिव्य मनोकामना ज्योति कलशों के पुण्य तेज और फूलों की महक से दरबार ऐसा लग रहा है, मानो स्वर्ग का एहसास करा रहा हो। कल माँ महागौरी स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा-अर्चना होगी और माँ महागौरी धन और ऐश्वर्य प्रदात्रि हैं। माँ महागौरी स्वरूपा की पूजा-अर्चना करने से घर में धन की कमी नहीं होती और परिवार खुशहाल और समृद्ध होता है।

छत्तीसगढ़
बलौदाबाजार : किसानों की खुशियों भरी होली के बाद अब भूमिहीन कृषि श्रमिकों की नवरात्रि भी हुई समृद्ध
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत राशि का किया अंतरण
प्रदेश के 4.95 लाख से अधिक भूमिहीन कृषकों के खातों में 495 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित
सुशासन सरकार की सतत पहल से किसान, मजदूर और महिलाओं को मिल रहा मजबूत आर्थिक संबल

बलौदाबाजार। किसानों की खुशियों भरी होली के बाद अब भूमिहीन कृषि श्रमिकों के लिए भी यह नवरात्रि समृद्धि और आत्मविश्वास का संदेश लेकर आई है। छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की योजनाएं अब सीधे जनजीवन में परिवर्तन का आधार बनती दिख रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार जिले में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बलौदा बाजार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि श्रम और सम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को सरकार द्वारा तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि धान खरीदी में अंतर की राशि मिलने से किसानों ने इस वर्ष उत्साह और संतोष के साथ होली मनाई, वहीं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं को मिली राशि ने उनके आत्मनिर्भरता के संकल्प को और मजबूत किया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से गृह प्रवेश कराते हुए मकानों की चाबियां भी सौंपीं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का नया अध्याय जुड़ा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बलौदाबाजार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का स्मरण करते हुए बाबा गुरु घासीदास, संत कबीर और शहीद वीर नारायण सिंह को नमन किया। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि भूमिहीन कृषि मजदूरों को दी जा रही है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में सक्षम हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से किए गए वादे के अनुरूप 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार हेतु 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः संचालन तथा रामलला दर्शन एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनाओं के माध्यम से सामाजिक और आध्यात्मिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि कोरोना काल में लंबित बिलों के निपटान हेतु विशेष छूट एवं आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह योजना जून तक संचालित होगी और प्रदेशभर में इसके लिए समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रदेश के समग्र विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संपदा, कृषि और वन उत्पादों के बेहतर उपयोग से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित यह क्षेत्र अब शांति, विश्वास और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के संकल्प और सुरक्षाबलों के साहस से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा पांच जिलों के हितग्राहियों से वर्चुअल संवाद कर योजनाओं के प्रभाव की जानकारी ली।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को कम समय में पूरा करना सरकार की प्रतिबद्धता और कार्यक्षमता का प्रमाण है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, धान खरीदी के अंतर की राशि तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 18 लाख गरीब परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। आज योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे व्यवस्था में विश्वास और पारदर्शिता दोनों मजबूत हुए हैं। उन्होंने सभी भूमिहीन कृषि मजदूरों, विशेषकर बैगा-गुनिया परिवारों को इस योजना के लाभ के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
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