कोरबा
कोरबा में रेत माफियाओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई:7 ट्रैक्टर जब्त, बिना रॉयल्टी, नंबर प्लेट और दस्तावेजों के हो रहा था अवैध परिवहन
कोरबा। कोरबा जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने शनिवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए सात ट्रैक्टर जब्त किए हैं। बरपाली क्षेत्र के चिचोली और भैंसामुड़ा रेत घाटों में की गई

गोपनीय सूचना के आधार पर जिला प्रशासन की विशेष टीम ने तड़के सुबह दबिश दी। कार्रवाई के दौरान चिचोली रेत घाट से चार और भैंसामुड़ा रेत घाट से तीन ट्रैक्टर पकड़े गए। सभी वाहनों में अवैध रूप से रेत भरी हुई थी और उसका परिवहन किया जा रहा था।

जब्त किए गए ट्रैक्टर बिना रॉयल्टी, बिना नंबर प्लेट, बिना वाहन के कागजात और बिना लाइसेंस के चल रहे थे।
बिना दस्तावेज और रॉयल्टी के चल रहे थे वाहन
जांच में सामने आया कि जब्त किए गए ट्रैक्टर बिना रॉयल्टी, बिना नंबर प्लेट और बिना वैध दस्तावेजों के संचालित किए जा रहे थे। कई ड्राइवरों के पास वाहन संबंधी जरूरी कागजात और लाइसेंस भी नहीं मिले। नियमों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए सभी वाहनों को जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बरसात से पहले सक्रिय हुए रेत माफिया
प्रशासन को सूचना मिली थी कि बरसात से पहले बड़े पैमाने पर अवैध रेत का भंडारण किया जा रहा है। निर्माण कार्यों में बढ़ती मांग का फायदा उठाकर रेत माफिया नदियों से चोरी-छिपे रेत निकालकर उसका अवैध परिवहन और भंडारण कर रहे हैं।

टीम को गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई के लिए भेजा गया था।
तड़के दबिश से माफियाओं में मची खलबली
कार्रवाई में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और कोटवार शामिल रहे। सुबह-सुबह की गई इस दबिश की भनक तस्करों को नहीं लग सकी, जिसके चलते कई वाहन मौके पर ही पकड़े गए। कार्रवाई के बाद अवैध रेत कारोबारियों में खलबली मच गई है।
अवैध खनन पर सख्ती जारी रहेगी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और परिवहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से बताया गया कि ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। सभी थाना और चौकी प्रभारियों को भी अवैध रेत कारोबार पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कोरबा
शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने कलेक्टर ने ली शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक
पूर्ण पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराने अधिकारियों को किया निर्देशित
मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा कोई विद्यालय, अधोसंरचना सुधार हेतु प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश
नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत के साथ शाला प्रवेश उत्सव मनाने व्यापक तैयारियों सुनिश्चित करने किया निर्देशित
सड़क सुरक्षा व नशामुक्ति के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने शालाओं में नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश
नए शैक्षणिक सत्र में विभागीय अधिकारी नई ऊर्जा के साथ करें कार्य – कलेक्टर
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने, विद्यालयी अधोसंरचना विकास और शिक्षकों की उपलब्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सुनियोजित कार्ययोजना के साथ प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र में विभागीय अधिकारियों को नई ऊर्जा के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

कलेक्टर ने शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। पंचायतों के सहयोग से विद्यालय परिसरों की व्यापक साफ-सफाई कराने के लिए कहा। 16 जून को जिले के सभी विद्यालय में शाला प्रवेश उत्सव मनाया जाए एवं बच्चों एवं पालकों से सम्पर्क कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का उत्साहपूर्वक स्वागत करने की बात कही। कलेक्टर ने शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालयों में भी शाला प्रवेश की आवश्यक वैकल्पिक व शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाउंड्रीवॉल युक्त विद्यालयों में शाला प्रवेश के अवसर पर नए विद्यार्थियों से पौधरोपण कराने, एक सप्ताह के भीतर गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विद्यालयों में आमजन के सहयोग से समय समय पर न्योता भोज का आयोजन कर उसे उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश भी दिए।

विद्यालयों में स्वीकृत एवं रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि शासन स्तर पर स्वीकृत रिक्त पदों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने जिले के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने हेतु विषयवार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रकिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस हेतु योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित कर तथा पूर्ण पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने जिले के विद्यालय भवनों की स्थिति की समीक्षा कर जर्जर एवं अति जर्जर भवनों का अद्यतन विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था एवं रनिंग टैप वाटर की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए सभी स्कूलों में निर्बाध पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने हेतु कमी वाले विद्यालयों की सूची जल्द से जल्द उपलब्ध वहां कराने के निर्देश दिए। जिससे आवश्यक कार्यवाही तेजी से पूर्ण किया जा सके।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों के अधोसंरचना विकास की दिशा में ऐसे ठोस एवं परिणाममूलक कार्य किए जाएं, जिससे आने वाले समय में जिले का कोई भी शैक्षणिक संस्थान – भवन, पेयजल, विद्युत एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे। इसके लिए उन्होंने अधोसंरचना संबंधी कमियों वाले संस्थानों में मिशन मोड पर कार्य करते हुए समयबद्ध रूप से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
वंचित बच्चों की अपार आईडी प्राथमिकता से बनाने के निर्देश, आधार अपडेट पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने विद्यार्थियों के अपार आईडी निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए वंचित बच्चों की अपार आईडी प्राथमिकता के आधार पर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में प्रत्येक बच्चे का शाला प्रवेश अपार आईडी के साथ सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिन बच्चों की अपार आईडी नाम अथवा जन्मतिथि संबंधी त्रुटियों के कारण नहीं बन पाई है, उनका आधार अद्यतन कार्य प्रवेश के समय ही प्राथमिकता से कराया जाए। इस हेतु विशेष शिविर आयोजित कर बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए । उन्होंने यू-डाइस पोर्टल में भी बच्चों की दर्ज त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों में सुधार करते हुए विद्यालय खुलने के प्रथम दिवस से ही डाटा नियमित रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए । साथ ही मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट कार्य को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से पूर्ण कराने की बात कही।
कलेक्टर ने ड्रॉपआउट एवं शाला त्यागी बच्चों की विद्यालयवार जानकारी संकलित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे बच्चों की पहचान कर उनकी एवं उनके पालकों की प्रभावी काउंसलिंग की जाए। विशेष रूप से कक्षा 5वीं से 6वीं, 8वीं से 9वीं तथा 10वीं से 11वीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की सतत निगरानी रखने की बात कही। जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में ड्रॉपआउट एवं शाला त्यागी बच्चों की संख्या शून्य करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए।
कलेक्टर ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अभियान में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को अपने आसपास के असाक्षरों की पहचान कर उन्हें साक्षरता अभियान से जोड़ने हेतु प्रेरित करने की बात कही, जिससे उन्हें बोर्ड परीक्षा में अतिरिक्त अंक प्राप्त होने के साथ-साथ परीक्षा परिणाम में भी निश्चित रूप से लाभ होगा। कलेक्टर ने असाक्षरों के समयबद्ध पंजीकरण को भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में सड़क सुरक्षा एवं नशामुक्ति अभियान नियमित रूप से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेंटिंग, क्विज, निबंध एवं रंगोली जैसी विविध गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में यातायात सुरक्षा एवं नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कही। साथ ही इन गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु वार्षिक कैलेंडर तैयार करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहें।
कोरबा
“सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की रात्रिकालीन सघन चेकिंग
प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की टीमों ने जिलेभर में चलाया विशेष सत्यापन अभियान
बदमाशों की गतिविधियों, आय के स्रोत, जीवनशैली एवं आपराधिक संपर्कों की गहन जांच
अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु सतत निगरानी जारी
कोरबा। पुलिस अधीक्षक कोरबा के निर्देशन में संचालित “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के अंतर्गत जिले के समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों में गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की विशेष रात्रिकालीन चेकिंग कार्यवाही की गई।

अभियान के दौरान जिले में पदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की टीमों द्वारा गुंडा एवं निगरानी बदमाशों के निवास स्थलों एवं उनके संभावित ठिकानों पर पहुंचकर सत्यापन किया गया। इस दौरान उनके वर्तमान मूवमेंट, गतिविधियों, रोजगार एवं आय के स्रोतों की जानकारी प्राप्त की गई तथा उनके रहन-सहन एवं जीवनशैली का भी परीक्षण किया गया।

साथ ही ऐसे व्यक्तियों की भी जानकारी संकलित की गई जो पूर्व में इन बदमाशों के साथ आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं अथवा वर्तमान में उनके संपर्क में हैं। संदिग्ध गतिविधियों, असामान्य आर्थिक स्थिति एवं आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

चेकिंग के दौरान संबंधित व्यक्तियों को कानून व्यवस्था भंग न करने, किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में संलिप्त न होने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने की सख्त समझाइश भी दी गई। पुलिस द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि निगरानी एवं गुंडा बदमाश अपने विरुद्ध की गई वैधानिक कार्यवाहियों का पालन करें।

कोरबा पुलिस द्वारा जिले में अपराध नियंत्रण, शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने हेतु गुंडा एवं निगरानी बदमाशों पर लगातार नजर रखी जा रही है। भविष्य में भी इस प्रकार के विशेष अभियान नियमित रूप से संचालित कर अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्यवाही की जाती रहेगी।





कोरबा
“सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर बड़ी कार्यवाही : जिलेभर में 26 वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई
05 चार पहिया एवं 21 दो पहिया वाहन चालक नशे की हालत में वाहन चलाते पाए गए
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं जनसुरक्षा के लिए अभियान जारी
कोरबा। पुलिस अधीक्षक कोरबा के निर्देशन में संचालित “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के अंतर्गत जिले के समस्त थाना एवं यातायात इकाइयों द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर चेकिंग प्वाइंट स्थापित कर ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से वाहन चालकों की जांच की गई।

सघन जांच के दौरान कुल 26 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए, जिनके विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की गई। इनमें 05 चार पहिया वाहन चालक एवं 21 दो पहिया वाहन चालक शामिल हैं। सभी प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए चालकों को न्यायालयीन प्रक्रिया हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।

सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आता है कि शराब पीकर वाहन चलाना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक है। नशे की अवस्था में चालक की निर्णय क्षमता प्रभावित होती है, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो जाती है तथा उसका रिएक्शन टाइम सामान्य से अधिक हो जाता है, जिसके कारण अचानक सामने आने वाली परिस्थितियों में वाहन पर नियंत्रण बनाए रखना कठिन हो जाता है। यही कारण है कि नशे की हालत में वाहन संचालन से दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
कोरबा पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की जाती है कि स्वयं एवं अन्य लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी परिस्थिति में शराब सेवन के पश्चात वाहन का संचालन न करें। यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें।
कोरबा पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा, यातायात अनुशासन एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से इस प्रकार की विशेष कार्यवाही भविष्य में भी लगातार जारी रखी जाएगी।
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