छत्तीसगढ़
मरवाही : आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल : खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान
निमधा में नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की घोषणा
लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी, महिलाओं को दिया ‘करोड़पति दीदी’ बनने का मंत्र
स्व-सहायता समूहों की सफलता को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री ने किया ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन

मरवाही। सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आज मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा की।
ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।
जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से सुशासन और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई।
मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिसका लाभ ग्राम निमधा सहित पूरे जिले की महिलाओं को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है।
जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों – जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणादायक सफलता कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का जीवंत दस्तावेज है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
कोरबा
शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने कलेक्टर ने ली शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक
पूर्ण पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराने अधिकारियों को किया निर्देशित
मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा कोई विद्यालय, अधोसंरचना सुधार हेतु प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश
नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत के साथ शाला प्रवेश उत्सव मनाने व्यापक तैयारियों सुनिश्चित करने किया निर्देशित
सड़क सुरक्षा व नशामुक्ति के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने शालाओं में नियमित रूप से कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश
नए शैक्षणिक सत्र में विभागीय अधिकारी नई ऊर्जा के साथ करें कार्य – कलेक्टर
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने, विद्यालयी अधोसंरचना विकास और शिक्षकों की उपलब्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सुनियोजित कार्ययोजना के साथ प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने नए शैक्षणिक सत्र में विभागीय अधिकारियों को नई ऊर्जा के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

कलेक्टर ने शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। पंचायतों के सहयोग से विद्यालय परिसरों की व्यापक साफ-सफाई कराने के लिए कहा। 16 जून को जिले के सभी विद्यालय में शाला प्रवेश उत्सव मनाया जाए एवं बच्चों एवं पालकों से सम्पर्क कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का उत्साहपूर्वक स्वागत करने की बात कही। कलेक्टर ने शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालयों में भी शाला प्रवेश की आवश्यक वैकल्पिक व शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाउंड्रीवॉल युक्त विद्यालयों में शाला प्रवेश के अवसर पर नए विद्यार्थियों से पौधरोपण कराने, एक सप्ताह के भीतर गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विद्यालयों में आमजन के सहयोग से समय समय पर न्योता भोज का आयोजन कर उसे उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश भी दिए।

विद्यालयों में स्वीकृत एवं रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि शासन स्तर पर स्वीकृत रिक्त पदों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने जिले के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने हेतु विषयवार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रकिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस हेतु योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित कर तथा पूर्ण पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने जिले के विद्यालय भवनों की स्थिति की समीक्षा कर जर्जर एवं अति जर्जर भवनों का अद्यतन विवरण शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था एवं रनिंग टैप वाटर की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए सभी स्कूलों में निर्बाध पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने हेतु कमी वाले विद्यालयों की सूची जल्द से जल्द उपलब्ध वहां कराने के निर्देश दिए। जिससे आवश्यक कार्यवाही तेजी से पूर्ण किया जा सके।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों के अधोसंरचना विकास की दिशा में ऐसे ठोस एवं परिणाममूलक कार्य किए जाएं, जिससे आने वाले समय में जिले का कोई भी शैक्षणिक संस्थान – भवन, पेयजल, विद्युत एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे। इसके लिए उन्होंने अधोसंरचना संबंधी कमियों वाले संस्थानों में मिशन मोड पर कार्य करते हुए समयबद्ध रूप से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
वंचित बच्चों की अपार आईडी प्राथमिकता से बनाने के निर्देश, आधार अपडेट पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने विद्यार्थियों के अपार आईडी निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए वंचित बच्चों की अपार आईडी प्राथमिकता के आधार पर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में प्रत्येक बच्चे का शाला प्रवेश अपार आईडी के साथ सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिन बच्चों की अपार आईडी नाम अथवा जन्मतिथि संबंधी त्रुटियों के कारण नहीं बन पाई है, उनका आधार अद्यतन कार्य प्रवेश के समय ही प्राथमिकता से कराया जाए। इस हेतु विशेष शिविर आयोजित कर बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए । उन्होंने यू-डाइस पोर्टल में भी बच्चों की दर्ज त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों में सुधार करते हुए विद्यालय खुलने के प्रथम दिवस से ही डाटा नियमित रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए । साथ ही मेंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट कार्य को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से पूर्ण कराने की बात कही।
कलेक्टर ने ड्रॉपआउट एवं शाला त्यागी बच्चों की विद्यालयवार जानकारी संकलित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे बच्चों की पहचान कर उनकी एवं उनके पालकों की प्रभावी काउंसलिंग की जाए। विशेष रूप से कक्षा 5वीं से 6वीं, 8वीं से 9वीं तथा 10वीं से 11वीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की सतत निगरानी रखने की बात कही। जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में ड्रॉपआउट एवं शाला त्यागी बच्चों की संख्या शून्य करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए।
कलेक्टर ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अभियान में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों को अपने आसपास के असाक्षरों की पहचान कर उन्हें साक्षरता अभियान से जोड़ने हेतु प्रेरित करने की बात कही, जिससे उन्हें बोर्ड परीक्षा में अतिरिक्त अंक प्राप्त होने के साथ-साथ परीक्षा परिणाम में भी निश्चित रूप से लाभ होगा। कलेक्टर ने असाक्षरों के समयबद्ध पंजीकरण को भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में सड़क सुरक्षा एवं नशामुक्ति अभियान नियमित रूप से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेंटिंग, क्विज, निबंध एवं रंगोली जैसी विविध गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में यातायात सुरक्षा एवं नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कही। साथ ही इन गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु वार्षिक कैलेंडर तैयार करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहें।
छत्तीसगढ़
NSUI प्रदर्शन में देवेंद्र यादव ने खुद फाड़ा कुर्ता:बिलासपुर पुलिस पर लगाया था आरोप, राष्ट्रीय अध्यक्ष, विधायक समेत कांग्रेस नेताओं पर FIR
बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर में नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले में NSUI के प्रदर्शन के बाद विधायक देवेंद्र यादव एक नए विवाद में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक देवेंद्र यादव खुद अपने हाथों से कुर्ता फाड़ते हुए दिख रहे हैं।
वहीं, देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान उनका कुर्ता फाड़ दिया, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में अलग चर्चा शुरू हो गई है।

इधर, प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज की है। उनपर सार्वजनिक उपद्रव, बलवा, रास्ता रोकने और दंगा की धारा लगाई गई है।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।

प्रदर्शकारियों को रोकने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल करना पड़ा था।

प्रदर्शन के बाद कई कार्यकर्ताओं को पुलिस पकड़ कर ले गई थी।
केंद्रीय मंत्री का निवास घेरने निकले थे प्रदर्शनकारी
दरअसल, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में 3 जून को आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के निवास का घेराव करने निकले थे।
पुलिस ने सांसद आवास से पहले ही बैरिकेडिंग कर दी थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।

वायरल हो रहे वीडियो में देवेंद्र यादव खुद ही अपना कुर्ता फाड़ते नजर आए।
देवेंद्र यादव का कुर्ता फट गया था
हंगामे के दौरान भिलाई विधायक देवेंद्र यादव का कुर्ता फट गया था। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
इसके बाद जब प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। घटना में कई छात्र और कार्यकर्ता घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सिम्स अस्पताल ले जाया गया।
धक्का-मुक्की में पुलिसकर्मियों का भी चोट आई- CSP
पुलिस ने मौके से 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया गया था। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कई जवान भी घायल हुए। सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह के मुताबिक धक्का-मुक्की में पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई।
इसी घटना के बाद विधायक देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया था कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनका कुर्ता फाड़ दिया गया। हालांकि अब वायरल हो रहे वीडियो में देवेंद्र यादव खुद ही अपना कुर्ता फाड़ते नजर आ रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद विरोधी दल ने कांग्रेस और विधायक पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं, वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग इसको लेकर अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

पुलिस ने दावा किया था कि कई जवान भी घायल हुए।
विधायक समेत कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR
इधर, प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय, जिला शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा समेत कई अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। उन पर सार्वजनिक उपद्रव करने, बलवा, रास्ता रोकने, गैरकानूनी सभा करने और दंगा की धारा लगाई गई है।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 190, 191(2), 292 और 293 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान अवैध रूप से रास्ता बाधित किया गया और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई।
बिलासपुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) पंकज पटेल ने कहा, बताया जा रहा है कि मंत्री बंगले का घेराव करने में नाकाम रहने के बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गए थे, जिससे यातायात और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई। मामले की जांच जारी है।
छत्तीसगढ़
कवर्धा : इसरो के युविका कार्यक्रम के लिए चयनित अभिषेक से मिले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, दी शुभकामनाएं
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र अभिषेक खरे की उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने कवर्धा निवास कार्यालय में उनसे मुलाकात की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर के कक्षा 10वीं के छात्र अभिषेक का चयन इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन के प्रतिष्ठित युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (युविका) के लिए हुआ है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अभिषेक की सफलता केवल उनके परिवार या विद्यालय की ही नहीं, बल्कि पूरे कबीरधाम जिले और छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। अभिषेक जैसे प्रतिभाशाली छात्र अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं।
श्री शर्मा ने अभिषेक को सम्मानित करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। उन्होंने अभिषेक को भविष्य में अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया।
अभिषेक खरे का चयन इसरो के युविका कार्यक्रम में हुआ है, जिसके माध्यम से देशभर के मेधावी विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान की बारीकियों से अवगत कराया जाता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को इसरो के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त करने और अंतरिक्ष गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है।
अभिषेक की इस उपलब्धि से विद्यालय, परिवार और क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
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