Connect with us

देश

Gold-Silver के बाद अब ये धातु मचाएगी धमाल! 2026 में जबरदस्त तेजी के संकेत

Published

on

मुंबई, एजेंसी। 2025 में सोना और चांदी की जबरदस्त रैली के बाद अब इंडस्ट्रियल मेटल्स में भी तेज उछाल देखने को मिल रहा है। तांबा (Copper) और एल्युमिनियम (Aluminium) की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि साल 2026 में इन धातुओं में “मॉन्स्टर रैली” देखने को मिल सकती है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।

एल्युमिनियम तीन साल के उच्चतम स्तर पर

एल्युमिनियम की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में USD 3,000 प्रति टन के पार पहुंच गई हैं, जो तीन साल से अधिक का उच्चतम स्तर है। इस तेजी के पीछे कई अहम कारण हैं—

  • चीन में स्मेल्टिंग क्षमता पर सख्त सीमाएं
  • यूरोप में बिजली की ऊंची लागत के चलते उत्पादन में कटौती
  • निर्माण, रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से मजबूत दीर्घकालिक मांग
  • फ्यूचर्स मार्केट में 2025 के दौरान एल्युमिनियम ने 17% की बढ़त दर्ज की, जो 2021 के बाद इसका सबसे मजबूत सालाना प्रदर्शन रहा।

तांबा बना इंडस्ट्रियल मेटल्स का सुपरस्टार

तांबा इस समय इंडस्ट्रियल मेटल्स में सबसे आगे निकल चुका है। 2009 के बाद सबसे बड़ी सालाना बढ़त दर्ज करने के बाद लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर तांबे की कीमतें USD 12,000 प्रति टन के पार चली गई हैं।

इस तेजी के प्रमुख कारणों में इंडोनेशिया, चिली और कांगो जैसे बड़े उत्पादक देशों में खनन दुर्घटनाएं, चिली की एक प्रमुख खदान में यूनियन हड़ताल और सप्लाई चेन में रुकावटें शामिल हैं। इसके अलावा, ट्रेड अनिश्चितताओं के चलते अमेरिका की ओर शिपमेंट बढ़ने से भी सप्लाई पर दबाव बना है।

निकेल की सप्लाई पर भी दबाव

दुनिया के सबसे बड़े निकेल उत्पादक देश इंडोनेशिया ने उत्पादन घटाने के संकेत दिए हैं। वहीं PT Vale Indonesia की एक खदान में रेगुलेटरी मंजूरी में देरी के चलते अस्थायी ठहराव ने बाजार की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

कमोडिटीज की ओर निवेशकों का रुझान

एनालिस्ट्स का कहना है कि इंडस्ट्रियल मेटल्स में यह तेजी ब्याज दरों में संभावित कटौती, कमजोर अमेरिकी डॉलर और चीन की अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीदों का नतीजा है। हाल ही में Goldman Sachs ने भी संकेत दिया है कि सप्लाई बाधाएं, नीतिगत बदलाव और ग्लोबल निवेश के चलते इंडस्ट्रियल मेटल्स की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं और 2026 की पहली छमाही तक तांबे के भाव मजबूत रहेंगे।

घरेलू बजट पर पड़ेगा असर

इस तेजी का असर अब आम लोगों की जेब पर भी दिखने लगा है। तांबे पर निर्भर उत्पाद—जैसे एयर कंडीशनर, किचन अप्लायंसेज़, बाथ फिटिंग्स और कुकवेयर—जल्द ही महंगे हो सकते हैं। भारत में MCX पर तांबे की कीमतें हाल ही में ₹1,300 प्रति किलो के करीब पहुंच गई हैं, जो 6% से ज्यादा की तेजी दर्शाती है।

5–8% तक बढ़ सकती हैं कीमतें

इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, ड्यूरेबल्स और अप्लायंसेज़ कंपनियां बढ़ती कच्चे माल की लागत की भरपाई के लिए 5–8% तक कीमतें बढ़ाने की तैयारी में हैं। कंपनियों का कहना है कि मोटर जैसे अहम पुर्जों में तांबे का विकल्प संभव नहीं है, क्योंकि इससे परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी प्रभावित हो सकती है।

बाथवेयर कंपनियां भी दबाव में हैं, क्योंकि ब्रास (तांबा आधारित धातु) की कीमतें चालू कारोबारी साल की शुरुआत से ही डबल डिजिट बढ़त दर्ज कर चुकी हैं। कई कंपनियां पहले ही कई बार कीमतें बढ़ा चुकी हैं और आगे भी बढ़ोतरी से इनकार नहीं कर रही हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए

पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026

दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026

सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।

12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।

बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया

  • राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
  • प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
  • शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
  • एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।

संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की

सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।

पीएम की 3 अपील

  • 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
  • 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
  • 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी

17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

Continue Reading

देश

‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

PunjabKesari

थरुर ने अपने भाषण में कहा

शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”

PunjabKesari

थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ ब्लास्ट हादसा: धमाके में 20 श्रमिकों की मौत के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन, कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज

Published

on

सक्ती,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सक्ती जिले में वेदांता के विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत की घटना के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया, ”डाभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धमाका 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दाब वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए। ठाकुर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यदि जांच के दौरान और लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम भी प्राथमिकी में जोड़ा जाएगा।

उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट सहित कई रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धमाके के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ”सभी रिपोर्ट मिलने के बाद, अगर जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी में और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।” इस घटना के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677