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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री का बहनोई बनकर 23 लाख ठगे:मंत्रालय में पहुंच का भरोसा दिलाया, जॉब दिलाने पैसे लिए, आरोपी पति-पत्नी पर FIR

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रायगढ़,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मंत्रालय में जॉब दिलाने का झांसा देकर करीब 23 लाख की ठगी हुई है। आरोपी ने खुद को कृषि मंत्री रामविचार नेताम का बहनोई बताया था। इसी विश्वास में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किश्त में 22 लाख 70 हजार कैश दे दिए थे।

मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। अपॉइंटमेंट लेटर देने बाद जॉइनिंग के लिए जब ठग ने टालमटोल किया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस आरोपी पति पत्नी की तलाश कर रही है। दोनों महासमुंद के रहने वाले हैं।

छत्तीसगढ़ में ठग ने खुद को कृषि मंत्री रामविचार नेताम का बहनोई बताकर 23 लाख ठग लिए (फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ में ठग ने खुद को कृषि मंत्री रामविचार नेताम का बहनोई बताकर 23 लाख ठग लिए (फाइल फोटो)

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित रामभांठा निवासी समारू राम टंडन (51) है, वह पेशे से ड्राइवरी का काम करता है। वह अप्रैल 2025 में वाहन से रायपुर गया था। जयस्तंभ चौक के पास उसकी मुलाकात महासमुंद जिले के ग्राम भद्ररसी निवासी कुमार राम ठाकुर (60) और उसकी पत्नी सोहद्रा बाई ठाकुर (55) से हुई।

बातचीत के दौरान कुमार राम ठाकुर ने खुद को मंत्री रामविचार नेताम का बहनोई बताया। मंत्रालय में अच्छी पकड़ होने की बात कही। सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया और अपना मोबाइल नंबर दिया। घर लौटने के बाद समारू ने अपने बेटे डीगेश कुमार का बायोडाटा भेजा।

परिजनों ने भी आरोपी को दिए पैसे

इसके बाद आरोपी ने नौकरी लगाने के नाम पर 5 लाख रुपए की मांग की। समारू ने अपने परिचित पिंटू लहरे, भतीजा राजेश साहू और उसके दोस्त सुशील चौहान के बेटे लोकनाथ चौहान को इसकी जानकारी दी। सभी ने अपने-अपने बायोडाटा आरोपी को भेजा।

कुछ दिन बाद कुमार राम ठाकुर रायगढ़ पहुंचा। समारू ने अपने बेटे की नौकरी के लिए 4 लाख रुपए कैश दिए। बाकी रकम पेटीएम से भेजने की बात कही गई। इसके बाद सभी ने मिलकर 9 लाख 92 हजार 500 रुपए की व्यवस्था की। यह रकम ऑनलाइन माध्यम से आरोपी को भेज दी गई।

आरोपी ने दावा किया कि मंत्रालय में नौकरी लग जाएगी और उसने पैसे ले लिए। (फाइल फोटो)

आरोपी ने दावा किया कि मंत्रालय में नौकरी लग जाएगी और उसने पैसे ले लिए। (फाइल फोटो)

नियुक्ति पत्र दिखाकर बचे हुए पैसों की मांग की

1 दिसंबर 2025 को कुमार राम ठाकुर ने सभी को अपने गांव भद्ररसी, जिला महासमुंद बुलाया। सभी लोग उसके घर पहुंचे। वहां कुमार राम ठाकुर ने सभी उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र दिखाया। इसके बाद शेष रकम की मांग की।

कहा कि 12 दिसंबर 2025 को जॉइनिंग से पहले पूरा भुगतान करना होगा। 8 दिसंबर को सभी लोग फिर भद्ररसी पहुंचे। इस दौरान उसे 8 लाख 77 हजार 500 रुपए दे दिए गए।

रोक हटने के बाद ज्वाईनिंग होने की बात कही

कुमार राम ठाकुर ने सभी उम्मीदवारों की जॉइनिंग 12 दिसंबर 2025 को मंत्रालय में डाटा ऑपरेटर पद पर होने की बात कही। 12 दिसंबर को कुमार राम ठाकुर ने समारू के मोबाइल पर कॉल कर बताया कि इस समय विधानसभा सत्र चल रहा है। इस कारण नियुक्ति रोक दी गई है। एक सप्ताह बाद रोक हटने पर जॉइनिंग कराई जाएगी।

पूछताछ करने पर ठग टाल मटोल करने लगा

कुछ दिन बाद समारू ने कुमार राम ठाकुर को फोन कर उम्मीदवारों की जॉइनिंग के बारे में पूछा। इस पर वह लगातार टालमटोल करता रहा। इस स्थिति में समारू उसकी पत्नी ममता टंडन, राजेश साहू, सुशील चौहान और परिचित शनिराम साहू भद्ररसी पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने नियुक्ति नहीं कराने की बात कहते हुए अपनी-अपनी दी गई रकम वापस मांगी।

ठगी का एहसास होने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई

इस दौरान कुमार राम ठाकुर, उसकी पत्नी सोहद्रा बाई और उसका साथी मुकेश साहू गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने कहा कि जो करना है कर लो, पैसा वापस नहीं मिलेगा। इसके बाद सभी को ठगी का एहसास हुआ। समारू ने रविवार (5 अप्रैल) को थाने में सूचना देकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 3(5) BNS, 318(4) BNS के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की तलाश जारी है, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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रायगढ़ में 35 हाथियों के महादल :7 बेबी एलीफेंट भी शामिल, छाल रेंज में बढ़ा मूवमेंट, गांवों में अलर्ट जारी

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रायगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में जिले में कुल 123 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इसी बीच छाल रेंज में 35 हाथियों का बड़ा दल देखा गया है, जिसका वीडियो भी सामने आया है। हाथियों का यह दल जंगल और गांव के आसपास विचरण करता नजर आया।

सोमवार शाम छाल वन परिक्षेत्र के बोजिया परिसर स्थित पेलमबांध के पास इस दल को देखा गया। इसमें 3 नर, 25 मादा और 7 शावक शामिल हैं। ग्रामीणों ने भी इस दल को देखा और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया, जो अब वायरल हो रहा है।

हाथी को जंगल जाने की आवाज लगाने पर हाथी जंगल की ओर चले गए।

हाथी को जंगल जाने की आवाज लगाने पर हाथी जंगल की ओर चले गए।

जिले में 123 हाथियों की मौजूदगी।

जिले में 123 हाथियों की मौजूदगी।

हाथी मित्र दल अलर्ट, गांवों में मुनादी

हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए हाथी मित्र दल लगातार निगरानी कर रहा है। बोजिया से औरानारा मार्ग सहित गड़ाईनबहरी और सिंघीझाप क्षेत्र में लोगों को सतर्क रहने के लिए मुनादी कराई गई है। बताया जा रहा है कि यह दल घरघोड़ा क्षेत्र से छाल रेंज में पहुंचा है।

आवाज देने पर जंगल की ओर लौटे हाथी

छाल रेंज से एक वीडियो में देखा गया कि, सड़क पर आए हाथियों को हाथी मित्र दल के सदस्य ने आवाज देकर जंगल की ओर लौटा दिया। इससे पहले भी इसी तरह की घटना सामने आ चुकी है, जब हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर भेजा गया था।

जिले में 123 हाथियों की मौजूदगी

वन विभाग के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल में 120 और रायगढ़ रेंज में 3 हाथी हैं। छाल रेंज में सबसे अधिक 59 हाथी, धरमजयगढ़ रेंज में 48 और लैलूंगा रेंज में 13 हाथियों की मौजूदगी है। कुल मिलाकर इनमें 36 नर, 62 मादा और 26 शावक शामिल हैं।

ड्रोन से निगरानी, विभाग सतर्क

वन विभाग द्वारा हाथियों की निगरानी ड्रोन और जमीनी टीम के माध्यम से की जा रही है। छाल रेंज अधिकारी राजेश चौहान ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाणपत्र मामले में हाईकोर्ट सख्त:90 दिनों में फैसला देने के निर्देश, याचिकाकर्ता बोला- प्रशासन जानबूझकर सुनवाई टाल रहा था

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सरगुजा, एजेंसी। सरगुजा के सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फौरन सुनवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने रायगढ़ कलेक्टर और जिला स्तरीय सत्यापन समिति को 90 दिनों के भीतर इस मामले में फैसला लेने को कहा है।

याचिकाकर्ता बिहारी लाल तिर्की का आरोप है कि जिला प्रशासन जानबूझकर इस मामले की सुनवाई टाल रहा था, जिसके चलते उन्हें हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने साल 2023 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

उन्होंने विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाणपत्र पर आपत्ति दर्ज कराई थी, जो 19 सितंबर 2023 को रायगढ़ से जारी हुआ था। इस मामले में उन्होंने जिला स्तरीय छानबीन समिति के सामने भी शिकायत पेश की थी।

लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण मामले में आगे कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने न्याय के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिस पर अब कोर्ट ने सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की तस्वीर।

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की तस्वीर।

2 साल से अधिक समय से लंबित जांच

बिहारी लाल तिर्की की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पहले ही रायगढ़ की जिला स्तरीय छानबीन समिति को जाति प्रमाणपत्र की जांच के निर्देश दिए थे। हालांकि दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समिति की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया।

इस पर बिहारी लाल तिर्की ने एक बार फिर हाईकोर्ट की शरण ली, जहां उनकी याचिका पर दोबारा सुनवाई की गई। न्यायाधीश नरेश कुमार चंद्रवंशी की अदालत ने निर्देश दिया कि मामले की जल्द से जल्द सुनवाई की जाए और 90 दिनों के भीतर अंतिम फैसला दिया जाए।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि जिला प्रशासन की ओर से जानबूझकर इस मामले को लंबित रखा जा रहा था, जिसके चलते उन्हें दोबारा कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

बगैर सेटलमेंट बना जाति प्रमाणपत्र

याचिकाकर्ता बिहारीलाल तिर्की ने विधायक रामकुमार टोप्पो के जाति प्रमाण पत्र को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह प्रमाण पत्र बिना सेटलमेंट के तैयार किया गया है, जबकि जाति प्रमाण पत्र सरलीकरण के नियमों के तहत बनाए जाते हैं, लेकिन विधायक के मामले में इन सभी नियमों की अनदेखी की गई है।

बिहारीलाल तिर्की के अनुसार रामकुमार टोप्पो के पिता गणेश राम साल 1980 में झारखंड से यहां आकर बसे थे और उनके नाम पर छत्तीसगढ़ में कोई जमीन दर्ज नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरलीकरण के नियमों का पालन नहीं किया गया है और जिला प्रशासन इस गड़बड़ी को छिपाने के लिए जानबूझकर जांच में विलंब कर रहा है।

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डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के ड्रेसर का 5000 रिश्वत लेते वीडियो वायरल: सस्पेंड

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जशपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला अस्पताल के ड्रेसर किशोर कुमार चौहान के रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वो 5 हजार रुपए लेकर गिनते नजर आ रहा है। 2 हजार और देने की बात कह रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ड्रेसर को सस्पेंड कर दिया गया है।

सरकारी कर्मचारी ने इलाज के बाद पैसा रिम्बर्समेंट के लिए आवेदन दिया था। जिसे पास करने के एवज में रिश्वत मांगी गई। वीडियो में दोनों 45 हजार रुपए इलाज में खर्च और IVF के बारे में बातचीत करते नजर आ रहे हैं।

ड्रेसर यह भी कह रहा कि, जिसके साइन से पैसा निकल रहा है, उसको पैसा नहीं देना चाह रहे हो तुम। हम चाहते तो बिल को रायपुर भेज देते। लेकिन रायपुर से पास नहीं होता, क्योंकि IVF का पैसा नहीं मिलता है। हालांकि, पैसे देने वाला शख्स सामने नहीं आया है, न ही कोई शिकायत दर्ज कराई है।

ड्रेसर किशोर कुमार चौहान के रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा।

ड्रेसर किशोर कुमार चौहान के रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा।

पैसे लेने के बाद ड्रेसर ने सामने खड़े व्यक्ति को दस्तावेज दिया।

पैसे लेने के बाद ड्रेसर ने सामने खड़े व्यक्ति को दस्तावेज दिया।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, 9 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था। इसमें ड्रेसर किशोर कुमार चौहान को मेडिकल रिम्बर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) पास कराने के बदले पैसे लेते हुए देखा गया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, जिसके बाद जांच कर कार्रवाई की गई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने इस मामले को अनुचित आचरण माना है। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी हरकत छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है। सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत ड्रेसर को सस्पेंड किया गया है।

सस्पेंशन के दौरान किशोर कुमार चौहान का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव निर्धारित किया गया है। नियमानुसार, उन्हें इस अवधि में जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। इस कार्रवाई के बाद जिला चिकित्सालय सहित स्वास्थ्य विभाग में चर्चा है।

इसी व्यक्ति ने काम के एवज में रिश्वत दी है।

इसी व्यक्ति ने काम के एवज में रिश्वत दी है।

CMHO बोले- विभागीय जांच भी कराई जाएगी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने कहा कि, सोशल मीडिया में वायरल वीडियो के आधार पर पहली नजर में मामला गंभीर पाया गया। शासकीय सेवक की तरफ से इस प्रकार की अवैध वसूली न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि विभाग की छवि को भी धूमिल करता है।

इसलिए तत्काल प्रभाव से उन्हें सस्पेंड किया गया है। आगे विभागीय जांच भी कराई जाएगी और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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