छत्तीसगढ़ में बदहाल सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त:कहा-PWD-NHAI फौरन मरम्मत कराए, ब्लैक-स्पॉट और जर्जर सड़कों की मांगी रिपोर्ट, बिलासपुर में 4 साल में 107 मौतें
बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य की जर्जर सड़कों और लगातार हो रहे हादसों को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे से लेकर बिलासपुर शहर की मुख्य सड़कों तक जगह-जगह गड्ढे और ब्लैक स्पॉट्स बने हुए हैं, जिनकी वजह से आए दिन जानलेवा हादसे हो रहे हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि अब सड़क मरम्मत में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सड़क सुधार के लिए तुरंत कार्ययोजना बनाई जाए। PWD और NHAI को फौरन सख्त एक्शन लेने अगली सुनवाई तक रिपोर्ट पेश की जाए।
चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रवींद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने PWD और NHAI समेत NTPC और SECL जैसे बड़े संस्थानों को भी जवाबदेह ठहराया है। हाईकोर्ट ने कहा कि सुधार केवल कागजों पर नहीं बल्कि ज़मीन पर दिखना चाहिए।
हाईकोर्ट ने PWD और NHAI के अफसरों को पर्सनल एफिडेविट भी पेश करने कहा है। साथ ही कोर्ट ने कवर्धा में 19 आदिवासियों की मौत और बिलासपुर में 4 साल में 107 मौतों के बाद विभागों और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
टूटी सड़कों की पहले ये तस्वीरें देखिए….
बिलासपुर में सड़कों की हालत बेहद खराब है। सड़कों की दुर्दशा देखकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है।
बलरामपुर में सड़कों की हालत खस्ता है। जगह-जगह से सड़कें टूट गई हैं। राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बलौदाबाजार में बड़ी-बड़ी गाड़ियों की वजह से सड़कें समय से पहले टूट गई हैं। अब सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं।
सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे और क्रेक्स
चीफ जस्टिस सिन्हा की डिवीजन बेंच ने सड़कों की खराब हालत पर कहा कि बिलासपुर में पेंड्रीडीह से नेहरू चौक तक की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे और क्रेक्स उभर आए हैं, जिससे लगातार हादसों का खतरा बना रहता है। 2016 में बनी यह सड़क महज 9 साल में ही जर्जर हो रही है।
साथ ही कोर्ट ने कहा कि इसके साथ ही कई जगह ब्लैक स्पॉट बन गए हैं। डिवीजन बेंच ने कहा कि रिसर्च और रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर ही तत्काल काम शुरू कराए। साथ ही यह भी बताने को कहा कि ब्लैक स्पॉट हटाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
मुंगेली जिले में भी सड़कों की हालात बेहद खराब है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
जानिए हाईकोर्ट ने किन सड़कों की बदहाली पर लिया है संज्ञान
दरअसल, सड़क हादसों में लगातार हो रही मौतों पर हाईकोर्ट ने चिंता जाहिर की है। पिछले साल कवर्धा जिले में पिकअप वाहन के खाई में गिरने से 19 आदिवासियों की मौत और पिछले चार सालों में सड़क हादसों 107 मौतों को लेकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है।
इसके साथ ही बिलासपुर समेत छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जगहों की जर्जर सड़कों को लेकर राज्य सरकार, PWD, पुलिस, परिवहन विभाग, NHAI, SECL और NTPC समेत सभी संबंधित एजेंसियों को पक्षकार बनाते हुए जनहित याचिका की सुनवाई की जा रही है।
बिलासपुर में बदहाल सड़कों की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं, जिससे कई लोगों की जान गई है।
कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट- गड्ढों से सड़कें बदहाल, ब्लैक स्पाट से बढ़ रहा खतरा
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें बताया कि, NH-343 (बलरामपुर-रामानुजगंज रोड) की हालत बेहद खराब है, यहां दो-दो फीट गहरे गड्ढे हैं, जिनमें भारी वाहन फंस जाते हैं।
रायगढ़ जिले में 9 ब्लैक स्पाट, बिलासपुर में 2, मुंगेली में 4 और बलौदाबाजार-भाटापारा में 4 ब्लैक स्पाट मिले हैं। रायगढ़ के कुनकुनी इलाके में कोल वॉशरी की वजह से काली धूल सड़कों पर फैल रही है और हादसों का कारण बन रही है।
हाईकोर्ट ने कहा- कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखे सुधार
हाईकोर्ट ने PWD सचिव और NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी को व्यक्तिगत शपथपत्र पेश करने का आदेश दिया है। इसमें ब्लैक स्पाट और जर्जर सड़कों पर तत्काल कार्ययोजना बनाने को कहा है। SECL और NTPC को निर्देश दिए कि कागजों पर नहीं, जमीन पर सुधार दिखना चाहिए।
डिवीजन बेंच ने साफ कहा कि सड़कों की दुर्दशा और लापरवाही से हो रहे हादसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई पर यदि सुधार नहीं दिखा तो संबंधित विभागों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
सड़क पर गड्ढे होने की वजह से लोगों को आने-जाने में तकलीफें हो रही हैं।
NHAI ने कहा- हाईवे पर काम हो रहा है
सुनवाई के दौरान NHAI ने कोर्ट को बताया कि रायपुर से बिलासपुर के बीच 105.98 किमी लंबे नेशनल हाईवे पर दो कंपनियों को मरम्मत और रखरखाव का जिम्मा सौंपा गया है। रायपुर से सिमगा (48.58 किमी) तक एमएस पुंज लायड और सिमगा से पेंड्रीडीह (57.40 किमी) तक एमएस कन्हैयालाल अग्रवाल काम कर रही है।
अब तक किए गए कार्यों में 57.22 किमी तक घास और झाड़ियों की सफाई, 53.2 किमी सड़क की सफाई, 43 नए हेजर्ड मार्कर, 17,795 रिफ्लेक्टर स्टिकर, 14,658 रोड स्टड्स और 59 ट्रैफिक संकेतक लगाए गए हैं।
23 किमी पर रोड मार्किंग, 622 मीटर पर क्रैश बैरियर बदले गए और 1041 नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। इसके अलावा 3.54 करोड़ की नई मरम्मत योजना का टेंडर भी स्वीकृत कर काम शुरू करने का आदेश जारी किया गया है।
सड़कों पर दरारें पड़ रही हैं। गड्ढे हो गए हैं, जहां बाइक चलाना भी मुश्किल है।
टूटी सड़कों पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक (15.375 किमी) तक 2016 में बनी सीमेंट कन्क्रीट रोड में बड़ी दरारें आ गई हैं। अपनी रिपोर्ट में PWD ने माना कि अगर सीधे इस पर डामर बिछाया गया तो वह भी दरारों के साथ टूट जाएगा।
इसी वजह से विभाग ने NIT रायपुर, IIT खड़गपुर, IIT रुड़की और CRRI नई दिल्ली जैसे संस्थानों को तकनीकी राय देने के लिए पत्र लिखा है। फिलहाल, NIT रायपुर ने जांच और मरम्मत का तकनीकी-आर्थिक प्रस्ताव भेजा है, जबकि अन्य संस्थानों से जवाब आना बाकी है।
इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए है। PWD सचिव तत्काल प्रभाव से सड़क मरम्मत कराए और अगली सुनवाई 4 सितंबर को रिपोर्ट पेश करें।
रतनपुर से सेंदरी रोड पर कई ब्लैक स्पाट हैं। इससे हादसे हो रहे हैं। साथ ही सड़क की दुर्दशा भी जानलेवा है।
रतनपुर-सेंदरी रोड पर भी ध्यान दें
हाईकोर्ट के न्यायमित्र ने कोर्ट को बताया कि रतनपुर से सेंदरी रोड पर कई ब्लैक स्पाट हैं और नालियों से निकलने वाला पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे खतरा बढ़ गया है। इस पर कोर्ट ने NHAI से भी अलग शपथपत्र पेश करने का आदेश दिया।
डिवीजन बेंच ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार और NHAI दोनों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करना होगा। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो हादसों की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
SECL का जवाब- अब बिना ढके ट्रक बाहर नहीं निकलेंगे
SECL ने कोर्ट को शपथपत्र के साथ बताया कि अब कोयला और फ्लाई ऐश ढोने वाले ट्रक बिना मजबूत (200 जीएसएम) तिरपाल के बाहर नहीं निकलेंगे। हर वाहन का फोटो और वीडियो रिकार्ड किया जा रहा है।
24 घंटे CCTV कैमरे की निगरानी की व्यवस्था की गई है। ट्रक की पहचान और ओवरलोडिंग रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई तय की गई है। खान परिसर से बाहर धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
NTPC सीपत इलाके और आसपास की सड़कें बदहाल हो गई हैं। बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
NTPC ने भी कहा- जीरो टालरेंस नीति लागू
NTPC सीपत ने शपथपत्र में बताया कि उसने नया एसओपी (स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर) लागू किया है कि, 200 जीएसमी से अधिक तिरपाल से ढके बिना कोई ट्रक बाहर नहीं निकलेगा। वाहनों की फोटो खींचकर रिकार्ड में रखा जाएगा।
ANPR कैमरे और डिजिटल वजनी पुल लगाए गए हैं। ताकि ओवरलोडिंग पर रोक लग सके। वाहनों की धुलाई व्यवस्था भी शुरू की गई है, जिससे सड़क पर राख या धूल न गिरे। सभी ट्रांसपोर्टरों को जीएसएम मानक तिरपाल खरीदने का निर्देश दिया गया और उनके बिल भी मांगे गए।
कोरबा। आश्विन शुक्ल चतुर्थी शारदीय नवरात्रि के चतुर्थ दिन कोरबा की आराध्य देवी माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा अर्चना माँ कुसमाण्डा देवी के रूप में की गई। सुबह से रात्रि 08.30 बजे तक लोगों की कतार मंदिर परिसर में देखी गई। भक्तों ने माँ सर्वमंगला देवी की पूजा अर्चना कर शत्रुनाश के लिए प्रार्थना की और आशीर्वाद मांगा।
मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित पंडित नमन पाण्डेय ने बताया कि माँ कुसमाण्डा की महिमा अपरंपार है। सौम्य, अतिप्रिय माँ कुसमाण्डा देवी की पूजा अर्चना से मन में व्याप्त शत्रुओं का शमन होता है और मन में सद्बुद्धि और सद्विचार बढ़ता है। शरीर में शत्रु रूप में विद्यमान आलस्य, कलुषिता, विद्वेष, अहंकार, दम्भ जैसे शारीरिक और मानसिक शत्रु का शमन होता है और जीवन आनंदित होता है। ज्योति कलशों की दिव्यता से मन में पवित्रता का जागरण
मंदिर परिसर में स्थापित ज्योति कलशों की लौ की दिव्यता से मन में पवित्रता का जागरण होता है। ज्योतिपूंज का दर्शन करने मात्र से तामसिक प्रवृत्ति का नाश होता है और सात्विक प्रवृत्ति का पुनर्जागरण होता है। असतो मा सद्गमय की पवित्र मनोकामना को लेकर ज्योति कलशों का दर्शन श्रद्धालु कर रहे हैं। ज्योति कलशों की दिव्यता से परिसर भी दिव्य हो चला है। माँ के दरबार में लगा मेला
वैसे तो माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा साल के 365 दिन आबाद और समृद्ध रहता है, लेकिन 09 दिन तक नवरात्रि में यहां का मेला लोगों को भाता है। आध्यात्मिक और धर्म में काम आने वाली सभी वस्तुएं यहां उपलब्ध रहती हैं और दर्शनार्थी यहां आकर धार्मिक चीजों की खरीदी करते हैं। कल माँ स्कंदमाता स्वरूपा की होगी पूजा, पंचमी में रहेगी अभूतपूर्व भीड़
नवरात्रि में पंचमी को भी अभूतपूर्व भीड़ रहती है। पंचमी को माँ स्कंदमाता स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा अर्चना होगी और भक्तगण माँ का दर्शन करने के साथ उनके प्रिय भोग केला एवं अन्य फलों को अर्पित करेंगे। नमन पाण्डेय ने बताया कि माँ स्कंदमाता आरोग्य की देवी हैं और उनकी पूजा से शरीर के सभी रोग दूर होते हैं और आरोग्य की प्राप्ति होती है। आरोग्य धन को सबसे बड़ा धन माना जाता है।
छत्तीसगढ़ शिक्षा क्षेत्र में नई क्रांति: छत्तीसगढ़ में पहली बार-आधुनिक डिजिटल एजुकेशन स्टूडियो प्रारंभ, कोरबा के 6, जांजगीर-चांपा के 8 और सक्ती के एक स्कूल का चयन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ पूर्णेन्दु सक्सेना ने किया उद्घाटन रायपुर के प्रसिद्ध विषय विशेषज्ञों से सीधे पढ़ेंगे सुदूर वनवासी क्षेत्र के विद्यार्थी
कोरबा। छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सरस्वती शिक्षण संस्थान द्वारा प्रदेश के पहले अत्याधुनिक डिजिटल एजुकेशन स्टूडियो का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन राष्ट्रीय सवयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने रायपुर के रोहिणीपुरम् स्थित संस्थान मुख्यालय में किया। इस डिजिटल क्रांति का सबसे बड़ा लाभ संभाग के कोरबा, जांजगीर-चांपा एवं सक्ती जिले को मिलने जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ पूर्णेन्दु सक्सेना ने अपने संबोधन में इसे छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा क्षेत्र में एक अभिनव पहल बताते हुए इस डिजिटल टेक्नोलॉजी को विद्यार्थियों के लिए वरदान बताया.
सरस्वती शिक्षण संस्थान ने प्रथम चरण में प्रदेश के 150 सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों को इस कंट्रोल रूम से जोड़ा है, जिसमें कोरबा जिले के 14 विद्यालयों में से प्रगतिनगर, एनटीपीसी, कटघोरा, पाली, छुरी, रजगामार गेवरा स्थित 6 सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों को इसमें शामिल किया गया है। इसी तरह जांजगीर चांपा जिले के 12 विद्यालयों में से 8 सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय जिसमें चांपा, नैला, अकलतरा शिवरीनारायण, खरौद, केरा, बिर्रा, बलौदा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय एवं सक्ती जिले के चंद्रपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय का चयन किया गया है। इन सभी विद्यालयों में अत्याधुनिक स्मार्ट क्लास का निर्माण किया गया हे, जिसमें रायपुर से प्रसिद्ध विषय विशेषज्ञों के द्वारा छात्रों को लाइव पढ़ाई कराई जाएगी।
कोरबा जैसे औद्योगिक और वनांचल जिले के बच्चों के लिए यह योजना वरदान साबित होगी, क्योंकि अब प्रदेश के सुदूर क्षेत्र के छात्र भी राजधानी स्तर की शिक्षा प्राप्त करेंगे। इससे बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में भी लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामभरोसा सोनी (प्रांतीय अध्यक्ष, सरस्वती शिक्षा संस्थान, छत्तीसगढ़) ने की.विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. देवनारायण साहू (प्रांतीय संगठन मंत्री, विद्या भारती, छत्तीसगढ़) उपस्थित रहे. टोपलाल वर्मा ( प्रांत संघ चालक छत्तीसगढ़ प्रांत), विवेक सक्सेना (पूर्व प्रादेशिक सरस्वती शिक्षा संस्थान), बद्रीनाथ केशरवानी (पूर्व अध्यक्ष सरस्वती शिक्षा संस्थान), निश्चय बाजपेयी (सह सचिव), मोहन पवार (विभाग प्रमुख), आशुतोष चावरे (प्रशिक्षण निदेशक), प्रवास बघेल (जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव) हरिराम मुख्य रूप से उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन मानिक लाल साहू सह प्रांत प्रमुख ने किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 208 विद्यालयों से 5000 से अधिक विद्यार्थी एवं शिक्षकगण एवं समिति के पदाधिकारी उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में नागरिकों की समस्याओं का मौके पर निराकरण कोरबा, 14 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नगर पालिक निगम कोरबा के सभी जोनों में आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ शिविरों की अंतिम कड़ी में आज सर्वमंगला नगर जोन कार्यालय में शिविर आयोजित किया गया। उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन मुख्य अतिथि तथा महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत अध्यक्षता में शामिल हुईं। शिविर में आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया और पात्र हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सरकार आपके द्वार’ शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के साथ उन्हें विभिन्न योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि नगर निगम आम नागरिकों की समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। ‘सरकार आपके द्वार’ शिविरों के माध्यम से लोगों को अपने जोन और वार्ड में ही सेवाएं तथा योजनाओं का लाभ मिल रहा है। सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी नागरिकों तक पहुंचकर आवेदन और शिकायतों पर कार्रवाई कर रहे हैं।
हितग्राहियों को योजनाओं का मिला लाभ
शिविर में उद्योग मंत्री और महापौर ने राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के हितग्राहियों को आर्थिक सहायता, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियां तथा मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के हितग्राहियों को सांकेतिक चेक प्रदान किए। हितग्राहियों को श्रवण यंत्र और छड़ी भी वितरित की गई।
शिविर में नगर निगम, खाद्य, कौशल विकास, क्रेडा, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, परिवहन, राजस्व, विद्युत, आदिवासी विकास, समाज कल्याण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पुलिस, वाणिज्य एवं उद्योग, आधार पंजीयन सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार लैब जांच और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
इस अवसर पर एमआईसी सदस्य नरेंद्र देवांगन, श्रीमती भानुमति जायसवाल, पार्षद एवं एल्डरमेन, नागरिक तथा जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।