कोरबा
तकनीकी नवाचार से कोरबा जिले ने रचा नया कीर्तिमान
कोरबा। कोरबा जिले ने कृषि विकास के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। बीज निगम द्वारा संचालित बीज उत्पादन कार्यक्रम के अंतर्गत रबी वर्ष 2025-26 में जिले ने न केवल अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया, बल्कि उससे लगभग 150 प्रतिशत अधिक पंजीयन कर एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्थापित किया। यह उपलब्धि कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन तथा उप संचालक कृषि डी.पी.एस. कंवर की सतत निगरानी में संभव हो सकी।
जिले के लिए निर्धारित 135 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध कुल 201.375 हेक्टेयर में बीज उत्पादन हेतु किसानों का पंजीयन किया गया। पिछले वर्षों की तुलना में किसानों की सहभागिता में आई यह भारी वृद्धि प्रभावी रणनीति, तकनीकी नवाचार और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का स्पष्ट संकेत है। बीज उत्पादन कार्यक्रम में यह प्रगति न केवल जिले की कृषि क्षमता को दर्शाती है, बल्कि किसानों के बीच बढ़ते विश्वास और जागरूकता को भी प्रमाणित करती है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत पंजीकृत किसानों द्वारा उत्पादित बीजों का प्रमाणीकरण, भंडारण और वितरण निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा, जिससे आगामी रबी सीजन में किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो सकेंगे। इससे कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी के साथ ही जिले की आत्मनिर्भरता भी सुदृढ़ होगी।
तिलहन फसलों में उत्कृष्ट उपलब्धि
इस वर्ष तिलहन फसलों पर विशेष ध्यान देने का परिणाम यह रहा कि निर्धारित 60 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 109.251 हेक्टेयर में तिलहन बीज उत्पादन हेतु पंजीयन हुआ। इसमें सरसों 44 हेक्टेयर, मूंगफली 59 हेक्टेयर तथा अलसी 6.5 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। तिलहन बीज उत्पादन में यह वृद्धि किसानों की आय बढ़ाने, बेहतर उपज प्राप्त करने और बाहरी बीजों पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
दलहन फसलों पर भी सकारात्मक प्रभाव
बीज उत्पादन कार्यक्रम का सकारात्मक असर दलहन फसलों पर भी देखा गया है। तकनीकी परामर्श, वैज्ञानिक पद्धति और समय पर मार्गदर्शन ने किसानों को अधिक उपज तथा गुणवत्तायुक्त उत्पादन की ओर प्रेरित किया है।
सामूहिक प्रयासों की मिसाल
खरीफ 2025 में भी पिछले पाँच वर्षों की तुलना में सर्वाधिक बीज उपार्जन किया गया, जो कृषकों की बढ़ती जागरूकता, बीज निगम लखनपुर तथा कृषि विभाग के समन्वित प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है। किसानों ने वैज्ञानिक तरीकों को अपनाया, समय पर तकनीकी सुझावों को लागू किया और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस सफलता को संभव बनाया।
कोरबा जिले की यह उपलब्धि न केवल वर्तमान की सफलता है, बल्कि भविष्य के लिए नई संभावनाओं का मार्ग भी खोलती है। जिले में बीज उत्पादन एवं उपार्जन कार्यक्रम को और विस्तार देने, अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने तथा नवीन तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में सतत कार्य किया जाएगा।
कोरबा
सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस के साथ मनाया जाएगा आवास दिवस
प्रत्येक माह की 07 तारीख को होगा आयोजन
क्यू आर कोड स्कैन प्रणाली के माध्यम से मिलेगी नए प्रावधानों की जानकारी
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार एवं सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग के मार्गदर्शन में जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह की 07 तारीख को चावल उत्सव एवं महात्मा गांधी नरेगा के रोजगार दिवस के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास दिवस का आयोजन किया जाएगा।
आवास दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराना, हितग्राहियों में जन-जागरूकता लाना तथा निर्माण में आ रही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है।
जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि रोजगार दिवस और आवास दिवस का आयोजन सभी ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रूप से किया जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र हितग्राही को समय पर पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए।
आवास दिवस के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राहियों के आवास निर्माण को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने हेतु विशेष चर्चा एवं प्रेरणा दी जाएगी। आवास दिवस में जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत पदाधिकारियों,ग्रामीण हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के प्रावधानों एवं विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रावधानों की जानकारी क्यू आर कोड प्रणाली के माध्यम से दी जाएगी। इसके साथ ही क्यू आर कोड प्रणाली के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किए जाएगा।
योजना के अंतर्गत समय-समय पर जारी शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी भी दी जाएगी।
कोरबा
इंदिरा विहार कालोनी ने जमकर खेली होली:अबीर-गुलाल से होली में दिखा उल्लास
कोरबा। 04 मार्च को रंगों का महापर्व-होलिकोत्सव पर पूरे कोरबा में उल्लास और उमंग चरमोत्कर्ष पर था। हर वर्ग के लोग एक-दूसरे पर अबीर-गुलाल के बहाने प्रेम और स्नेह उड़ेल रहे थे। इंदिरा विहार विकास समिति, महिला मण्डल एवं पूरी कालोनी की होली भी रंगों से सराबोर रही। कालोनी के लोग प्रात: 09.00 बजे टैगोर उद्यान में एकत्रित हुए और रंगोत्सव को मस्ती के साथ-साथ उल्लास और उमंग के साथ मनाया।



इस अवसर पर महिला मण्डल की अध्यक्ष कुमोद राठौर, सचिव मुक्ता अग्रवाल, कोषाध्यक्ष लता अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती डॉ. मनीषा सिंह, रश्मि सरावगी, मंजू गोयल, रश्मि श्रीवास सहित बड़ी संख्या में महिलाएं टैगोर उद्यान में एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाया, स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया, मिठाईयां, शरबत आदि मिठाईयां भी एक-दूसरे को खिलाकर कुछ घंटों के लिए जीवन की खुशियां बांटी।

इस अवसर पर इंदिरा विहार विकास समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में पुरूष वर्ग एवं युवा, बच्चों ने भी जमकर रंग-गुलाल उड़ेला और रंगोत्सव की खुशियां मनाई।
एक-दूसरे ने दी होली की बधाई


यहां उपस्थित समिति के सदस्यों, महिला मंडल के सदस्यों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर होली की बधाईयां दी। महिला मण्डल की पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनीषा सिंह ने सभी को रंगोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली स्नेह, विश्वास एवं सद्भाव का संदेश देता है और विभिन्न रंगों में सभी जाति, धर्म के लोग एक रंग में रंग जाते हैं, यही सद्भाव और स्नेह की अटूट परंपरा है। डॉ. मनीषा सिंह ने कहा कि सभी आत्मीय भाव से एक-दूसरे से मिले, रंग-गुलाल लगाया, जिससे नई ऊर्जा का संचार हुआ। डॉ. मनीषा सिंह ने सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उल्लास और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।



होलिका दहन में शामिल हुए डॉ. मनीषा-इ. कन्हैया सिंह


होलिका दहन 02 मार्च को इंदिरा विहार कालोनी में पंचकर्म चिकित्सा विशेषज्ञ डा. मनीषा सिंह, इंजीनियर कन्हैया सिंह परिवार सहित शामिल हुए और पूजा-अर्चना कर सभी के लिए धन-धान्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की और भभूत से तिलक लगाया। डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि होलिका दहन के भभूत का पौराणिक महत्व है और इसे लगाने से कई प्रकार से लाभ होते हैं।
कोरबा
हाथी ने मंडी प्रभारी को कुचला, मौके पर मौत:पत्नी ने भागकर बचाई जान, वन अमला ने हाथी को खदेड़ा
कोरबा। कोरबा जिले के कोरकोमा क्षेत्र स्थित कुदमुरा उपार्जन केंद्र में बुधवार देर रात एक जंगली हाथी ने मंडी प्रभारी को कुचल दिया। इस हमले में 42 वर्षीय राजेश कुमार सिंह राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी ने किसी तरह अपनी जान बचाई। राजेश रजगामार का निवासी था।
यह घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे हुई, जब राजेश अपनी पत्नी के साथ मंडी में सो रहे थे। अचानक एक जंगली हाथी वहां पहुंचा और राजेश पर हमला कर दिया। पत्नी की चीख-पुकार के बावजूद रात के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था।
बाद में ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी गई और वन विभाग को भी सूचित किया गया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। हालांकि, बताया जा रहा है कि हाथी अभी भी आसपास के क्षेत्र में विचरण कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

चोरी होने के कारण झोपड़ी बनाकर रह रहे थे
वन विभाग की टीम ने घटना स्थल का पंचनामा कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कुदमुरा उपार्जन केंद्र में धान चोरी की लगातार घटनाओं के कारण राजेश और उनकी पत्नी अस्थायी रूप से एक झोपड़ी बनाकर केंद्र की देखरेख कर रहे थे।
बता दें कि कि हाथी अक्सर धान मंडियों में धान खाने के लिए पहुंच जाते हैं। वन अमला और ग्रामीण इन हाथियों को खदेड़ने के लिए लगातार मशक्कत करते रहते हैं।
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