देश
पाकिस्तान अपनी नाकामी का दोष दूसरों पर मढ़ रहा:दुनिया जानती है आतंक का केंद्र कहां; ट्रेन हाइजैक करने के आरोपों पर भारत का जवाब
इस्लामाबाद ,एजेंसी। बलूचिस्तान में ट्रेन हाईजैक में हाथ होने के पाकिस्तान के आरोपों को भारत ने खारिज कर दिया है। पाकिस्तान ने गुरुवार ट्रेन हाईजैक के पीछे भारत का हाथ होने का आरोप लगाया था। विदेश मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि दुनिया जानती है कि आतंकवाद का केंद्र कहां है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा-
हम पाकिस्तान के किसी भी आरोप का खंडन करते हैं। पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान ग्लोबल टेररिज्म का केंद्र है। पाकिस्तान अपनी अंदरूनी समस्याओं और नाकामियों के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराता रहता है। इससे बेहतर होगा कि वह खुद को देखे।
गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने दावा किया कि जाफर एक्सप्रेस हमले में शामिल विद्रोही अफगानिस्तान में अपने सरगनाओं के संपर्क में थे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस रिलीज को X पर पोस्ट कर जानकारी दी।
बलूच बोले- पाक का हाईजैक ट्रेन छुड़ाने का दावा झूठा
बलूच लड़ाकों ने गुरुवार को हाईजैक ट्रेन छुड़ाने पर पाकिस्तानी सेना के दावे को झूठा करार दिया। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कहा कि अभी भी बलूचिस्तान के सिबि इलाके में लड़ाई जारी है।
BLA ने बताया कि पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है। सेना अपनी हार और नाकामी को छिपाने के लिए लगातार झूठे दावे कर रही है।
बलूच आर्मी ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि अगर वाकई पाकिस्तानी सेना ने बंधकों को रिहा करवा लिया है तो वो उन बंधकों की तस्वीर क्यों नहीं जारी कर रही है।
दरअसल, हमने युद्ध नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत बुजुर्ग, बच्चों और महिलाओं को छोड़ा था। इसे पाकिस्तान सरकार अपना अचीवमेंट बता रही है।
एक दिन पहले पाकिस्तान ने कहा था-ट्रेन हाईजैक संकट खत्म बुधवार रात 9:30 बजे पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने ट्रेन हाईजैक संकट खत्म होने का दावा किया। उन्होंने कहा था कि 33 बलूच लड़ाकों को मार गिराया है। इस ऑपरेशन में कुछ बंधक भी मारे गए हैं।
उधर, पाकिस्तानी फॉरेन ऑफिस का दावा है कि बलूच लड़ाके हाईजैक के दौरान अफगानिस्तान में मौजूद अपने सरगनाओं के संपर्क में थे, उन्हें वहां से ऑर्डर मिल रहे थे। हालांकि, अफगान सरकार ने इस दावे को नकार दिया है।

बलूच लड़ाकों के हमले में मारे गए क्वेटा के एक बंधक के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते लोग।
6 पॉइंट्स में समझिए अब तक क्या क्या हुआ…
- बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने मंगलवार (11 मार्च) दोपहर 1 बजे बलूचिस्तान के बोलान जिले के माशकाफ इलाके में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हमला कर 450 यात्रियों को बंधक बनाया।
- BLA ने जेल में बंद बलूच कार्यकर्ताओं, राजनैतिक कैदियों, गायब लोगों, लड़ाकों और अलगाववादियों की बिना शर्त रिहाई की मांग की। सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
- हमले के कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तानी सेना ने पैसेंजर्स की रिहाई के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लड़ाकों पर ड्रोन और हेलिकॉप्टर से हमला किया।
- पाकिस्तानी सेना ने बुधवार सुबह 150 बंधकों को छुड़ाने की बात कही, शाम होने तक 190 बंधकों को रिहा कराने की बात कही।
- BLA ने बुधवार शाम को दावा किया कि हमने 100 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है।
- पाकिस्तानी सेना ने देर रात दावा किया कि 33 बलूच लड़ाके मारे गए हैं और सभी बंधकों को रिहा करा लिया गया है।
लड़ाकों की कैद से रिहा पैसेंजर्स की तस्वीर…

BLA के ट्रेन हाईजैक से छूटा एक पाकिस्तानी नागरिक। हमले में इसे गंभीर चोटें आईं।

बलूच लड़ाकों के हमले में मारे गए एक बंधक का शोक मनाते परिवार के लोग।

बलूच लड़ाकों की कैद से छूटने के बाद क्वेटा के अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया एक यात्री।

क्वेटा में सभी हॉस्पिटल को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों को हॉस्पिटल लाने के लिए सभी एम्बुलेंस को तैयार रखा गया है।

जाफर ट्रेन से निकले एक यात्री की क्वेटा के अस्पताल में इलाज के दौरान की तस्वीर।

सादे कपड़ों में सुरक्षा बल के सैनिक, जिन्हें बलूच लड़ाकों की कैद से छुड़ाया गया है।

BLA लड़ाकों की कैद से छूटने के बाद लोगों ने अपने घर कॉल करके हालात बताए।

पाकिस्तानी सरकार ने प्रोटोकॉल के तहत बलूचिस्तान में 200 ताबूत भेजे हैं, ताकि इमरजेंसी के हालात में इनका इस्तेमाल किया जा सके।
चश्मदीद का दावा उसने 50-60 सैनिकों के शव देखे बलूच लड़ाकों की कैद से छूटे एक बंधक का दावा है कि उसने 50-60 पाकिस्तानी सैनिकों के शव देखें हैं। जबकि पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उसके कुल 28 सैनिक मारे गए हैं, जिनमें से 27 ऑफ ड्यूटी थे, जबकि एक की मौत ऑपरेशन के दौरान हुई।

50-60 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत का दावा करने वाला BLA की कैद से छूटा एक बंधक।
PM शरीफ बोले- आतंकवाद के रहते देश तरक्की नहीं करेगा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ आज बलूच लड़ाकों की कैद से छूटे लोगों से मिलने क्वेटा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि जब तक बलूचिस्तान और खैबर के इलाके में आतंकवाद रहेगा देश तरक्की नहीं कर सकता है।
उन्होंने ट्रेन हाईजैक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए साथ मिलकर काम करने की अपील की। PM शरीफ ने कहा कि ट्रेन पर हमला करने वालों ने रमजान के पवित्र महीने की भी परवाह नहीं की।
बलूचिस्तान के बोलान जिले में हुआ हमला जाफर एक्सप्रेस मंगलवार सुबह 9 बजे क्वेटा से पेशावर के लिए चली थी। इसके सिबि पहुंचने का टाइम 1.30 बजे था। इससे पहले ही दोपहर करीब 1 बजे बलूचिस्तान के बोलान जिले के माशकाफ इलाके में बलूच लिबरेशन आर्मी ने गुडालार और पीरू कुनरी के बीच इस हमले को अंजाम दिया। यह पहाड़ी इलाका है, जहां 17 सुरंगें हैं, इसके चलते ट्रेन को धीमी स्पीड पर चलाना पड़ता है। इसका फायदा उठाकर BLA ने ट्रेन पर हमला किया।
सबसे पहले बलूच आर्मी ने माशकाफ में टनल नंबर-8 में रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया। इससे जाफर एक्सप्रेस डिरेल हो गई। इसके बाद BLA ने फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में ट्रेन का ड्राइवर भी घायल हुआ।
इस ट्रेन में सुरक्षाबल, पुलिस और ISI के एजेंट्स सफर कर रहे थे। सभी पंजाब जा रहे थे। इन्होंने BLA के हमले का जवाब दिया, लेकिन BLA ने ट्रेन पर कब्जा कर लिया। इस दौरान कई सुरक्षाकर्मी मारे गए।
घटना की जानकारी मिलने पर पाकिस्तान आर्मी ने BLA पर जमीनी फायरिंग की और हवा से बम भी बरसाए, लेकिन BLA लड़ाकों ने किसी तरह आर्मी के जमीनी ऑपरेशन को रोक दिया।
पिछले साल 25 और 26 अगस्त 2024 की आधी रात BLA ने इस ट्रेन के रूट में कोलपुर और माच के बीच एक ब्रिज को उड़ा दिया था। इसके चलते ट्रेन की सर्विस रोक दी गई थी। 11 अक्टूबर 2024 से ट्रेन सर्विस फिर से शुरू हो गई थी।
देश
‘महिला आरक्षण बिल का समर्थन न करना विपक्ष की बड़ी राजनीतिक गलती है’: कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी बोले
नई दिल्ली,एजेंसी। संसद में महिला आरक्षण बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव जारी है। प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण बिल को परिसीमन का धोखा बताया है। पीएम मोदी ने कैबिनेट बैठक में विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम ने कहा है कि महिला आरक्षण बिल का समर्थन का इनकार विपक्ष की एक बड़ी राजनीतिक गलती है और इसके लिए उन्हें भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।


देश
महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम
नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए
पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026
सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।
12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।
बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया
- राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
- प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
- शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
- एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।
संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।
सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की
सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।
पीएम की 3 अपील
- 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
- 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
- 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी
17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

देश
‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

थरुर ने अपने भाषण में कहा
शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”


थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

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