नई दिल्ली,एजेंसी। भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक संबंधों में गहराई लाने और मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर जारी चर्चाओं के बीच इजराइल में उपस्थित एकमात्र भारतीय ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) रुपए में द्विपक्षीय व्यापार को सुविधाजनक बनाने की कोशिश कर रहा है। एसबीआई इजराइल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वी. मणिवन्नन ने कहा, ‘‘भारत के सहयोगी देशों से होने वाले महत्वपूर्ण व्यापार एवं वैश्विक व्यापार समुदाय में भारतीय रुपए में व्यापार करने की बढ़ती रुचि को देखते हुए, हमारे बैंकिंग नियामक यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने भारतीय बैंकों को अपने कॉर्पोरेट ग्राहकों के निर्यात एवं आयात का निपटान भारतीय रुपए में करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत इजराइल को भागीदार देशों में से एक के रूप में चुना गया है।”
एसबीआई के अधिकारी ने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से निर्यात/आयात करने वाली इजराइली संस्थाएं भारतीय रुपये में भुगतान प्राप्त करेंगी और देंगी जिसे इजराइली विक्रेता/खरीदार से माल या सेवाओं की आपूर्ति/खरीद के ‘इनवॉइस’ के बदले विशेष रुपी वोस्ट्रो खाते (एसआरवीए) में जमा किया जाएगा।” उन्होंने कहा, ‘‘एसबीआई तेल अवीव के पास इन लेन-देन को सुविधाजनक बनाने के लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां मौजूद हैं।” एसबीआई की शाखा ने हाल ही में इजराइल-भारत वाणिज्य चैंबर के सहयोग से रुपये में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई बैठकें एवं वेबिनार आयोजित किए। इन चर्चाओं में इजराइल की अधिकतर प्रमुख रक्षा संस्थाओं के अधिकारी शामिल हुए थे। हाल ही में 40,000 से अधिक भारतीय कामगारों के इजराइल कार्यबल में शामिल होने के साथ एसबीआई, तेल अवीव शाखा में भारत में उनके अनिवासी प्रवासी खाते खोलने की सुविधा प्रदान करके भारत में प्रेषण के प्रवाह को सुविधाजनक बनाने की भी कोशिश कर रहा है। एसबीआई ने 2007 में इजराइल में अपनी शाखा खोली और तब से एक पूर्ण विकसित परिचालन बनाए रखने में सफल रहा है। यह वैश्विक महामारी तथा क्षेत्र में जारी युद्ध के कारण दो वर्ष से अधिक समय तक चली उथल-पुथल के बावजूद इसकी दृढ़ता को दर्शाता है।
भारत के बाहर 241 ‘पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस’ के माध्यम से इसकी उपस्थिति 29 देशों में है। अधिकारी ने कहा कि शाखा अपने वर्तमान एवं भावी ग्राहकों के साथ संबंध मजबूत करने और उनके व्यावसायिक प्रयासों में एक विश्वसनीय भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध है। रुपए में व्यापार को बढ़ावा देने का यह प्रयास ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए प्रयासरत हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की नवंबर में इजराइल की यात्रा के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिसंबर में इजराइल पहुंचे थे। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पिछले महीने अपने भारतीय समकक्ष नरेन्द्र मोदी से बात की थी और दोनों नेताओं में ‘‘ बहुत जल्द मिलने पर सहमति” बनी थी। इजराइल के पर्यटन मंत्री हैम काट्ज, अर्थव्यवस्था एवं उद्योग मंत्री नीर बरकत, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिक्टर तथा वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच ने 2025 में भारत की यात्रा की। इसका मकसद मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना है। वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने एक द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर हस्ताक्षर किए। गोयल की इजराइल यात्रा के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर किए गए।
रायपुर, एजेंसी। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को हुई INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के बड़े नेता शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इनके साथ ही कांग्रेस विधायक, पूर्व विधायक, जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता भी दिल्ली पहुंचे।
रैली में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ से 25 बसों में कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे। इसके अलावा कई नेता और कार्यकर्ता ट्रेन और फ्लाइट से भी गए। रायपुर के अलावा कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बालोद और राजनांदगांव से भी कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
राहुल गांधी के साथ विपक्ष के बड़े नेता भी शामिल
रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत INDIA गठबंधन के कई बड़े नेता शामिल हुए।
रैली से पहले विपक्षी नेताओं ने मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता खुले वाहन में सवार होकर पहुंचे। रास्ते में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक भी मार्च में शामिल हुए।
SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन
रैली में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।
कांग्रेस की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना, SIR के तहत हटाए गए मतदाताओं के नामों की प्रक्रिया रद्द करना और चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान कराना शामिल है।
छत्तीसगढ़ से 25 बसों में पहुंचे कार्यकर्ता
बता दें कि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने 30 अक्टूबर को रायपुर के बीटीआई मैदान से कार्यकर्ताओं की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। प्रदेशभर से कुल 25 बसें दिल्ली भेजी गई थीं। कांग्रेस के मुताबिक, बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक ने इस प्रदर्शन में भाग लिया।
कोरबा। इण्डिया ब्लाॅक के तत्वाधान में एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में 01 नवम्बर को आयोजित महारैली में कोरबा से पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी शामिल हुए।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में इस महारैली का आयोजन हुआ। रैली में कोरबा जिले से सैकड़ों पदाधिकारी शामिल हुए। जिसमें मुख्य रुप से पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, प्रदेश सचिव बी.एन. सिंह, सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल, श्याम सुंदर सोनी, जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर, मनोज चौहान, ओबीसी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष गजानंद साहू, राजेश मानिकपुरी, ब्लाॅक अध्यक्ष पालूराम साहू, पार्षद रवि सिंह चंदेल, सुखसागर निर्मलकर, अमरदास, हरविन्दर सिंह, राकेश पंकज, विवेक श्रीवास, अश्वनी पटेल, पवन यादव, उमेश यादव, पुष्पेन्द्र यादव, अर्जुन यादव, सुखदेव, दीपक यादव सहित अनेकों कांग्रेस नेता दिल्ली पहुॅंचे हैं।
पटियाला, एजेंसी। पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी होने के बाद 2 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी है। इनमें पटियाला के समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं। हालांकि अभी इनकी सीट से कोई नया उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है।
जौड़ामाजरा AAP सरकार में मंत्री रह चुके हैं लेकिन कुछ समय पहले पार्टी ने पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को उनकी जगह पर समाना विधानसभा सीट का हलका इंचार्ज बना दिया था।
वहीं, हरमीत सिंह पठानमाजरा पर रेप का केस दर्ज हुआ था। जिसके बाद वे ऑस्ट्रेलिया फरार हो गए थे। जांच में शामिल होने के लिए लौटने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
दोनों विधायकों ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में नशा, फसलों पर MSP, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर जो-जो गारंटियां दी थीं, वह पूरी नहीं हुईं।
पठानमाजरा बोले- पूर्व मंत्री BJP में जॉइन कराने ले गए थे
विधायक ने हरमीत सिंह पठानमारा ने कहा किसी का भी दिल भी नहीं करता, जिस पार्टी से एमएलए बने हो, उसे छोड़ दिया जाए। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मंत्री कुलदीप धालीवाल उन्हें भाजपा में शामिल कराने के लिए लेकर गए थे। उनकी मजबूरी है। उन्हें प्रेस कांफ्रेंस करने में लगा देते है।
जौड़ामाजरा बोले- नशे की वजह से पार्टी छोड़ी
चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने कहा कि पंजाब में नशे के कारण लगातार लोगों की जान जा रही है। इन सभी मुद्दों को देखते हुए उन्होंने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है। आने वाले दिनों में वह तय करेंगे कि आगे किस राजनीतिक रास्ते पर जाना है।
अकाल तख्त साहिब के निर्देशों पर अमल नहीं किया
जौड़ामाजरा ने कहा कि इसके बाद विधानसभा का आखिरी सत्र भी हो गया, लेकिन सरकार ने इस मुद्दे पर कोई बात नहीं की। सरकार अब अकाल तख्त साहिब के आमने-सामने हो रही है। निर्देशों पर अमल नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
झोटा के मामले में कार्रवाई नहीं की, कोई MLA-मंत्री नहीं पहुंचा
चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने कहा कि परविंदर झोटा के मामले में अभी तक सरकार ने कोई उचित कार्रवाई नहीं की है। कोई विधायक या मंत्री भी वहां नहीं पहुंचा।
नशा तस्करों को संरक्षण की वजह से झोटा का कत्ल हुआ
जौड़ामाजरा ने कहा कि तूरबंजारा गांव में एक पिता अपने बच्चे को बचाने की गुहार लगाते हुए अपनी जान गंवा बैठा। मोहनजीत शेरो की घटना भी सबको याद है। आज परमिंदर झोटा का मामला सामने है, जिसको लेकर मानसा में बड़ा प्रदर्शन चल रहा है। उसकी सरेआम हत्या कर दी गई। कहीं न कहीं नशा तस्करों को मिल रहे संरक्षण की वजह से ऐसे हालात बने हैं।
युद्ध नशा विरुद्ध के प्रधान के घर से ही नशा मिला
नशे के खिलाफ युद्ध में प्रधान और ब्लॉक प्रधान नियुक्त किए गए थे, लेकिन पिछले दिनों एक प्रधान के घर से ही नशा बेचने का मामला सामने आया। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा तस्करों को संरक्षण मिल रहा है। इस पर लगाम लगाने की जरूरत है।
पंजाब में जेलों की क्षमता 23 हजार की, 70 हजार को बंद करने का दावा कर रहे
जौड़ामाजरा ने कहा- पंजाब को रंगला पंजाब बनाना है तो नशे के आदी लोगों को जेल में डालने के बजाय उनका इलाज करवाना होगा। पंजाब की जेलों की क्षमता करीब 23 हजार कैदियों की है, जबकि इनमें 70 हजार लोगों को बंद करने की बात कही जा रही है।
तस्करों के बजाय नशा करने वालों पर केस दर्ज हो रहे
विधायकों ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या अब भी गंभीर है। किसी भी गली-मोहल्ले में चले जाएं, नशा आसानी से मिल जाता है। नशे के आदी लोगों को नशा मुक्ति केंद्र भेजने और उनका इलाज करवाने के बजाय उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज किए जा रहे हैं।
AAP छोड़ने वाले विधायक बोले- सरकार ने वादे पूरे नहीं किए
AAP छोड़ने वाले दोनों विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू की। उन्होंने कहा कि AAP सरकार पर चुनाव के दौरान किए गए वादे पूरे नहीं किए।
सरकार ने नशा खत्म करने, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुधारने और किसानों को फसलों पर MSP देने की गारंटी दी थी, लेकिन इनमें से कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए।
मंत्री हरपाल चीमा बोले- BJP रिजेक्टेड लोगों को बटोर रही
वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा- हमारे किसी नेता ने भी अगर कभी भ्रष्टाचार किया या पंजाब के हितों के खिलाफ जाने की कोशिश की तो हमने बेझिझक एक्शन लिया और ऐसे लोगों को किनारे किया। अब बीजेपी ऐसे ही रिजेक्टेड लोगों को बटोर रही है क्योंकि उसके पास अपना कुछ नहीं है।
निष्कासित नेताओं को इकट्ठा कर रही BJP: अमन अरोड़ा
AAP के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि अब भाजपा निष्कासित लोगों को इकट्ठा कर रही है, क्योंकि उसके पास न तो अपना कोई जनाधार है और न ही उसे पंजाब के हितों की कोई परवाह है।
AAP प्रवक्ता पन्नू बोले- पार्टी ने पहले ही किनारे कर रखा था
2 विधायकों के पार्टी छोड़ने पर AAP के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा- आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने आज पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन पार्टी ने उनके कार्यों के कारण उन्हें पहले ही किनारे कर दिया था। अब दोनों भाजपा में शामिल होंगे, जिसे पंजाब में उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। भाजपा एक ऐसी पार्टी है जिसमें बचे-खुचे सदस्य ही हैं और जो केवल उन्हीं लोगों को स्वीकार करती है जिन्हें पार्टियों से निष्कासित किया जा चुका है।
जौड़ामाजरा से जुड़े 2 बड़े विवाद
वीसी को गंदे गद्दे पर लेटने को कहा चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए 29 जुलाई 2022 को फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। त्वचा रोग विभाग के वार्ड में मरीजों के बिस्तरों पर गंदे और फटे गद्दे देखकर वह नाराज हो गए। इस दौरान उनके साथ बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के तत्कालीन वीसी डॉ. राज बहादुर भी मौजूद थे। जौड़ामाजरा ने उन्हें सबके सामने फटकार लगाई और उसी गंदे गद्दे पर लेटने के लिए कहा। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में विवाद खड़ा हो गया।
डॉ. राज बहादुर ने आहत होकर उसी रात मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस्तीफा भेज दिया। उनके समर्थन में मेडिकल कॉलेज के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस्तीफे दिए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने जौड़ामाजरा के व्यवहार की निंदा करते हुए उनसे माफी और इस्तीफे की मांग की। डॉक्टरों के संगठनों ने विरोध प्रदर्शन और पेन-डाउन हड़ताल शुरू कर दी। कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा ने भी सरकार को घेरा। मामला बढ़ने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डॉ. राज बहादुर से फोन पर बात कर खेद जताया, लेकिन वह इस्तीफे के फैसले पर अड़े रहे। बाद में जौड़ामाजरा से स्वास्थ्य विभाग वापस ले लिया गया।
सरकारी स्कूल में शिक्षकों को फटकारा
अप्रैल 2025 में जौड़ामाजरा अपने विधानसभा क्षेत्र समाना के एक सरकारी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताते हुए उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रिंसिपल और शिक्षकों को फटकार लगाई। उन्होंने शिक्षकों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और तबादले व निलंबन तक की चेतावनी दे दी। इस व्यवहार से शिक्षक संगठनों में नाराजगी फैल गई।
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट और गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन समेत कई संगठनों ने मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शिक्षक नेताओं ने कहा कि स्कूल में कमियां होने पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना उचित नहीं है। संगठनों ने पंजाबभर में प्रदर्शन करने और जौड़ामाजरा के पुतले फूंकने का ऐलान किया। विरोध बढ़ने के बाद जौड़ामाजरा ने सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने सफाई दी कि उनका मकसद शिक्षकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि स्कूल व्यवस्था में सुधार करना था।
पठानमाजरा ने अरविंद केजरीवाल को भेजा इस्तीफा
हरमीत सिंह पठानमाजरा से जुड़े विवाद
धोखाधड़ी का मामला
सितंबर 2025 में पटियाला के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में महिला (पूर्व पत्नी) की शिकायत पर उनके खिलाफ रेप, धोखाधड़ी और डराने-धमकाने का मामला दर्ज किया गया था। महिला का आरोप था कि पठानमाजरा ने खुद को तलाकशुदा बताकर उनके साथ रिश्ता बनाया और शादी की, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे।
मध्य प्रदेश से गिरफ्तारी किया
मामला दर्ज होने के बाद वह कई महीनों तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था। वह कुछ समय के लिए विदेश (ऑस्ट्रेलिया) भी चले गए थे। आखिरकार, मार्च 2026 में पंजाब पुलिस ने सात राज्यों में ‘ऑपरेशन पठान’ चलाकर उन्हें मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास से गिरफ्तार किया। बाद में मई 2026 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से उन्हें नियमित जमानत मिली।
अवैध खनन का मामला
रेप के मामले के साथ-साथ सितंबर 2025 में पटियाला के जुलकां पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ अवैध खनन का एक और मामला भी दर्ज किया गया था, जिसमें उन्हें बाद में जमानत मिल गई।
पार्टी आलाकमान के खिलाफ बगावती सुर
जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ यह सब एक राजनीतिक साजिश के तहत किया गया है।
दोनों विधायक चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे
AAP छोड़ने के बाद दोनों विधायक चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। ये प्रेस कॉन्फ्रेंस चंडीगढ़ प्रेस क्लब में शाम 4:30 बजे शुरू होगी।