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छत्तीसगढ़

सिंहदेव बोले- भूपेश बघेल ने कभी अमर्यादित भाषा नहीं अपनाई

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पूर्व मुख्यमंत्री ने डिप्टी सीएम अरुण साव की तुलना बंदर से की थी

मुंगेली,एजेंसी। एक दिवसीय दौरे पर लोरमी पहुंचे पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भूपेश बघेल के बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भूपेश बघेल की ऐसी कोई मंशा रही होगी। भूपेश बघेल ने कभी किसी के लिए अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं किया। सिंहदेव ने यह भी कहा कि कभी-कभी जुबान फिसल जाती है।

दरअसल, 29 दिसंबर 2025 पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर के लिंगियाडीह पहुंचे थे। जहां उन्होंने बस्ती उजाड़ने को लेकर पिछले 37 दिन से चल रहे स्थानीय आंदोलन का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव पर तीखा हमला बोला था।

उन्होंने कहा कि लिंगियाडीह बस्ती को तोड़कर जो गार्डन बनाया जा रहा है, “क्या मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के साथ वहां घूमने आएंगे।” 2 साल में केवल 950 मीटर सड़क बन सकी और किसी भी मामले में काम नहीं हो पा रहा। उन्होंने स्थानीय लोगों से कहा कि वे डटे रहें, कोई उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा।

भूपेश बघेल के इस बयान पर विवाद

अरुण साव पर निशाना साधते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि साव का नगरीय निकाय, PWD विभाग, जल जीवन मिशन किसी विभाग में काम नहीं चल रहा है।

अरुण साव की स्थिति ये है कि एक बार जंगल में ये मामला उठा कि शेर ही हमेशा राजा बनता है, इस बार शेर बदलना चाहिए। तो देखे की सबसे ज्यादा सक्रिय बंदर है। जंगल के सभी जानवरों ने मिलकर बंदर को राजा बना दिया लेकिन एक बार बघवा हिरण के बच्चे को ले गया।

हिरण के बच्चे को बचाने के लिए बंदर इस पेड़ से उस पेड़ कूदने लगा। पूछने पर बंदर ने कहा कि बच्चा बचे या ना बचे मेरे प्रयास में कमी नहीं होना चाहिए। यहीं अरुण साव की स्थिति है।

माफी मांगने की मांग

इस मामले में प्रदेश साहू संघ ने भूपेश बघेल से माफी मांगने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो प्रदेशभर में प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, लोरमी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी रैली निकालकर भूपेश बघेल का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया था।

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कोरबा

पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने टी. पी. नगर कोरबा में शीतल शरबत मंदिर का किया शुभारंभ

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कोरबा। कांग्रेस कार्यालय टी. पी. नगर कोरबा के सामने शीतल शरबत का विधिवत शुभारंभ पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने किया। जयसिंह अग्रवाल की ओर से शांति देवी मेमोरियल सोसाइटी इसका संचालन करेगा। शीतल शरबत मंदिर का विधिवत शुभारंभ जयसिंह अग्रवाल ने राहगीरों को शरबत पीलाकर किया। जयसिंह अग्रवाल ने इस मौके पर कहा कि गर्मी के मौसम में प्यास से बेहाल लोगों को शीतल पेयजल व शीतल शरबत उपलब्ध कराना पुनीत कार्य है। यह कोरबा का प्रमुख मार्ग है और अब यहां पर राहगीरों को इस गर्मी के मौसम में प्रतिदिन शीतल शरबत मिलेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले 15 वर्षों से जयसिंह अग्रवाल के द्वारा उक्त स्थल पर प्रतिवर्ष शीतल जल व शीतल शरबत का निःशुल्क वितरण कराया जाता है।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बताया पिछले कई वर्षों से शीतल शरबत मंदिर का अच्छा प्रतिसाद मिला। लोगों ने इस पुनीत कार्य को नेक कार्य बताया और इस नेक कार्य की क्षेत्रवासियों ने सराहना की। इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्‍यक्ष मुकेश राठौर ने कहा कि “जलदान ही महादान“ की प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के द्वारा शीतल शरबत मंदिर का संचालन कराया जा रहा है। जो समाज के लिए एक अनुकरणीय सेवा कार्य है।

नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु ने बताया कि प्रतिदिन यहां भिन्न-भिन्न फ्लेवर के शरबत का वितरण कराया जाता है। जिसमें मैंगो, ऑरेंज, नींबू, चीकू, अनानास आदि फ्लेवर होते है। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्‍यक्ष नारायण कुर्रे ने बताया कि किसी प्यासे को पानी पिलाना परोपकार और मानवता की सेवा है। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की गर्मी के मौसम में यह अनूठी पहल सराहनीय है।

पूर्व जिला अध्‍यक्ष सपना चौहान ने कहा कि शीतल शरबत मंदिर का संचालन करना अपने आप में एक पुण्य कार्य है। उक्त स्थल पर प्रतिदिन हजारों लोगों की प्यास बुझेगी और सभी पूर्व विधायक जयसिंह अग्रवाल को दिल से धन्यवाद देंगे।

जयसिंह अग्रवाल ने इस मौके पर राहगीरों को शीतल शरबत पिलाया और स्‍वयं भी शरबत का स्‍वाद चखा । पूर्व सभापति धुरपाल सिंह कंवर, युवा कांग्रेस अध्‍यक्ष राकेश पंकज, जिला महामंत्री एफ डी मानिकपुरी, पार्षद रवि चंदेल, डॉ.रामगोपाल कुर्रे, सुखसागर निर्मलकर, अविनाश बंजारे, सुभाष राठौर, मस्‍तुल कंवर, बद्रीकिरण, महेन्‍द्र थवाईत (गुड्डु) पीयुष पाण्‍डेय, गिरधारी बरेठ, रमेश वर्मा, अशोक कंवर, जीवन चौहान, रथलाल चौहान आदि ने भी इस पुनीत कार्य की सराहना की ।

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कोरबा

सुयश: डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल का छात्र समर्थ सिंह ने बढ़ाया क्षेत्र का गौरव, 10वीं बोर्ड परीक्षा में 91.2 प्रतिशत अंक किया हासिल, विद्यालय में प्रथम

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कोरबा/पाली । सीबीएसई ने 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है, जिसमें पाली निवासी भाजपा नेता प्रवीण सिंह (चिंटू) के पुत्र समर्थ सिंह ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार 91.2 प्रतिशत अंक के साथ फर्स्ट रैंक हासिल कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। समर्थ सिंह की इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य सहित अध्यापकों, शुभचिंतकों ने बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी

समर्थ सिंह डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल सैला (पाली) के छात्र हैं और उन्होंने कड़ी मेहनत के साथ यह गौरव हासिल किया है। समर्थ सिंह पाली निवासी भाजपा युवा नेता प्रवीण सिंह एवं श्रीमती दिव्या सिंह ठाकुर के पुत्र हैं। प्रारंभ से ही पढ़ाई में होनहार समर्थ सिंह ने 10वीं बोर्ड में टॉप करने के लिए कड़ी मेहनत की और परिणाम भी बेहतर आया और उन्होंने 91.2 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि समर्थ सिंह श्रम कल्याण मण्डल छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व सदस्य नवीन सिंह के भतीजे हैं। बेटे की इस उपलब्धि पर परिवारजनों ने मिठाईयां खिलाकर एवं बांटकर समर्थ सिंह का हौसला बढ़ाया।

डॉक्टर बनकर मानवता की सेवा करना चाहते हैं समर्थ सिंह

समर्थ सिंह कोरबा जिले के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरे हैं। उनका कहना है कि कड़ी मेहनत से सब संभव हो जाता है। वे डॉक्टर बनकर मानवता की सेवा करना चाहते हैं और 11वीं में बायोलॉजी विषय लेकर आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं। उनके पिता प्रवीण सिंह ने बताया कि पुत्र समर्थ सिंह को नीट (हृश्वश्वञ्ज) की तैयारी के लिए आचार्य इंस्टीट्यूट बिलासपुर में दाखिला कराया है, ताकि नीट क्लियर कर एमबीबीएस में दाखिला मिल सके। प्रवीण सिंह ने बताया कि समर्थ सिंह प्रारंभ से ही डॉक्टर बनने की इच्छा रखता है और हम बिना दबाव उसकी रूचि के अनुसार आगे की पढ़ाई के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं।
पढ़ाई के साथ क्रिकेट में भी माहिर हैं समर्थ सिंह

समर्थ सिंह एक अनुशासित और संस्कारी विद्यार्थी के रूप में पाली में सबका लाडला है। समर्थ सिंह मुस्कुराता चेहरा और मेहनती विद्यार्थी के रूप में पाली में हर किसी के जुबान में रहता है। समर्थ सिंह पढ़ाई में जितनी कड़ी मेहनत करता है, वह खेल के लिए भी समय निकालकर क्रिकेट के मैदान में अपना हूनर दिखाता है। क्रिकेट के साथ-साथ फूटबाल और बैडमिंटन में भी काफी मजबूत पकड़ रखते हैं।

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कोरबा

मंदाकिनी के कोरबा आगमन को लेकर कोरबा आतूर

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19 को आ रहीं कोरबा:नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा (मड़वारानी) के स्थापना दिवस में होंगी शामिल
कोरबा/मड़वारानी। बालीवूड की जानीमानी फिल्म अभिनेत्री मंदाकिनी 19 अप्रैल को कोरबा आ रही हैं। कभी राम तेरी गंगा मैली को लेकर भारत ही नहीं वर्ल्ड वाईड फेमस मंदाकिनी को मिलने फैंस लालायित रहते थे, कोरबा के लिए यह सौभाग्य की बात है कि उनके फैंस अब मंदाकिनी को आमने-सामने देख सकेंगे। मंदाकिनी के कोरबा आगमन को लेकर कोरबा काफी आतुर दिखाई दे रहा है।
19 अप्रैल को छत्तीसगढ़ की 7 स्टार रैटिंग प्राप्त कोरबा का उत्कृष्ट सीबीएसई विद्यालय नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा मड़वारानी के 10वें स्थापना दिवस समारोह में वे शामिल होंगी। वे विद्यालय के बच्चों का हौसला भी बढ़ाएंगी और सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगी।

1980 के दशक की सफल अभिनेत्री मंदाकिनी

जब मंदाकिनी ने तहलका मचा दिया

1985 में जब सिनेमा घरों में राम तेरी गंगा मैली आई, तो टिकटों की कालाबाजारी में भी दर्शकों को सिनेमा घरों में जाने के लिए दो-दो दिन, तीन-तीन दिन लाईन में लगनी पड़ती थी। 1980 के दशक में मंदाकिनी फिल्म जगत का वह चेहरा बन गई, और आज की स्थिति रहती, तो यूं कहें बालीवूड में सबसे ज्यादा फालोअर्स मंदाकिनी के रहते। राम तेरी गंगा मैली में मंदाकिनी ने जो किरदार निभाया, उसमें समाज के ठेकेदारों की काली करतूत को उजागर किया और परदे के पीछे चरित्रहीन समाज के ठेकेदारों को मंदाकिनी के किरदार ने पर्दाफाश किया।
गंगा को समाज के ठेकेदारों ने अपनी करतूत से मैली कर देते हैं। गंगा कभी मैली नहीं होती, उन ठेकेदारों की सोच मैली होती है, जो नारी को पैर की जूती समझते हैं। गंगा तो हमेशा से निर्मल है और नारी शक्ति की प्रतीक है।
भोली-भाली सी गंगा ने दर्शकों को खूब रिझाया, दर्शकों को सिनेमा घरों तक खींचने में अपार सफलता प्राप्त की और राजकपूर की यह फिल्म शायद सबसे सफल फिल्म रही। समय गुजरता गया और मंदाकिनी फिल्मी दुनिया से अलग हो गई, लेकिन आज भी मंदाकिनी के चाहने वालों की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने राम तेरी गंगा मैली की अलावा कई सुपरहीट फिल्म दिए और दशकों तक मनोरंजन जगत को अपनी अभिनय कला से सिंचती रहीं, पल्लवित करती रहीं।


19 अप्रैल को उनका कोरबा आगमन नए उत्साह का संचार करेगा और फैंस उन्हें रू ब रू देख पाएंगे।
07 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा राम तेरी गंगा मैली… के गाने
आज भी राम तेरी गंगा मैली फेम मंदाकिनी को फैंस यू ट्यूब में सर्च करते हैं। उनकी फिल्म राम तेरी गंगा मैली के गाने को 07 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा। इस तरह आज भी मंदाकिनी के फैंस कम नहीं हो रहे हैं।
उनकी शानदार फिल्मों में राम तेरी गंगा मैली के अलावा जीवा, जाल, लोहा, डांस-डांस, जीते हैं शान से, जंगबाज, दुश्मन जैसी कई हीट फिल्में शामिल हैं।
राम तेरी गंगा मैली में मंदाकिनी के शानदार किरदार ने सबको लुभाया। हिमालय की वादियों में भोली-भाली गंगा अपने निश्चल प्रेम से सबको आकर्षित किया। 16 अगस्त 1985 को राम तेरी गंगा मैली सिनेमा घरों में पहुंची और यह फिल्म उस वर्ष की सबसे सुपरहीट फिल्म रही और सबसे अधिक कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी। राम तेरी गंगा मैली बाक्स आफीस इंडिया ने इसे आलटाईम ब्लाकबस्टर के रूप में वर्गीकृत किया।
इस फिल्म ने 5 फिल्म फेयर पुरस्कार जीते और तब मंदाकिनी की प्रसिद्धि आसमान पर पहुंच गई थी और कई डायरेक्टर-प्रोड्यसर उन्हें अपनी ओर खींचने के लिए एड़ी-चोटी की जोर लगाते रहे।

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