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कोरबा

कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के दिग्गज कांग्रेस नेता जिला पंचायत की पूर्व उपाध्यक्ष अजय जायसवाल नहीं लड़ेंगे जिला पंचायत का चुनाव

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अजय जायसवाल के निर्णय से भौंचक कांग्रेसी

कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के क्षेत्र क्रमांक 6 भिलाई बाजार हर पंचवर्षीय कार्यकाल में जिला पंचायत चुनाव के समय हाई प्रोफाईल सीट मानी जाती रही और यहां से कोरबा के दिग्गज नेता चुनाव लड़ते आ रहे थे, लेकिन इस बार हर बार के अजेय योद्धा के रूप में जाना जाने वाले दिग्गज कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष अजय जायसवाल इस बार मैदान में नहीं होने के कारण लोगों की दिलचस्पी कम हो गई, जबकि इस बार यहां से चुनाव जीतना अजय जायसवाल के लिए काफी सरल माना जा रहा था, लेकिन उनके निर्णय से यहां लड़ रहे प्रत्याशी काफी खुश भी दिखाई दे रहें हैं, क्योंकि उनको चुनौती देने वाले दिग्गज अजय जायसवाल एवं वर्तमान उपाध्यक्ष एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रीना जायसवाल इस बार मैदान में नहीं होंगे।
विधानसभा चुनाव के लिए संभवत: कर रहे तैयारी
जिला पंचायत में बतौर उपाध्यक्ष अजय जायसवाल एवं उनकी धर्मपत्नी ने क्षेत्र के विकास के लिए काफी काम किया। इतना ही नहीं वे क्षेत्र की जनता की हर पुकार पर सदा पहुंच जाते थे और सुखदुख में सहभागिता निभाते रहे हैं। उनकी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता में रखकर कार्य कराते रहे। उनकी समस्याओं को दूर करने एक अच्छे प्रतिनिधि के रूप में काम करते रहे। स्थानीय युवाओं को एसईसीएल एवं एसईसीएल में नियोजित कंपनियों में नौकरी दिलाने और उनका अधिकार दिलाने के लिए भू-विस्थापितों के साथ सडक़ की लड़ाई लड़ते रहे। हमेशा क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के कारण जनता का जुड़ाव उनके साथ लगा रहा और लगातार 3 बार क्षेत्र से चुनते आये और जिला पंचायत में उपाध्यक्ष का दायित्व निभाते रहे। उनकी कार्य क्षमता और नेतृत्व क्षमता से क्षेत्र कायल रहा और इस बार जिला पंचायत का चुनाव न लडऩे के कारण क्षेत्र की जनता को इस बात का मलाल रहेगा, कि अजय जायसवाल जैसा राजनेता और नेतृत्वकर्ता नहीं मिलेगा, लेकिन अजय जायसवाल ने जनता से वादा किया है कि वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।
पुष्ट सूत्रों ने जो जानकारी उपलब्ध कराई है कि इस बार आने वाले विधानसभा चुनाव में वे कांग्रेस से टिकट के दावेदारों में सबसे ऊपर हैं और कटघोरा सामान्य सीट होने के कारण उनकी दावेदारी इस बार प्रबल हो गई है, क्योंकि कंवर परिवार को क्षेत्र की जनता ने नकार दिया है, ऐसे में अजय जायसवाल क्षेत्र में एक योद्धा के रूप में सामने आए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि वे भिलाई क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ाने के साथ-साथ कटघोरा विधानसभा क्षेत्र तक कार्यों को विस्तार देंगे।

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कोरबा

सुशासन तिहार 2026:शिविर में 588 आवेदन प्राप्त 144 आवेंदनो का हुआ मौके पर निराकरण, पोैधारोपण भी किया गया

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सुखरीकला में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित, ग्रामीणों को योजनाओं से किया गया लाभान्वित,

आमजनों को योजनाओं की जानकारी रखने व लाभ उठाने हेतु किया गया प्रेरित

कोरबा। सुशासन तिहार 2026  अंतर्गत आज जनपद पंचायत करतला के  ग्राम सुखरीकला में  जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लिया। शिविर में विभागीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ उठाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। ग्रामीणों ने भी अपनी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।  कृषि, खाद्य, सहकारिता , पंचायत विभाग द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया।

शिविर में करतला जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अशोक विश्राम कंवर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न योजनाएँ जनता तक आसानी से पहुँच सकें, इसी उद्देश्य से प्रत्येक क्षेत्र में शिविर लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार शिविरों में जनता की आवश्यकता अनुरूप प्राप्त आवेदनों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने आमजनो से योजनाओं की जानकारी रखने एवं लाभ उठाने का आग्रह किया। श्रीमती कंवर ने भीषण गर्मी को ध्यान में रखकर लोगों से ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाने एवं जल संरक्षण की दिशा में व्यापक कार्य करने की बात कही। उन्होंने शिविर में क्षेत्रवासियों की बिजली, पानी से सम्बंधित सभी आवेदनों पर गम्भीरता से कार्यवाही सुनिश्चित करने की बात कही।

जनपद उपाध्यक्ष करतला मनोज झा ने कहा कि प्रदेश के मुखिया के मंशानुरूप आमजनों की समस्या का स्थानीय स्तर पर निराकरण हेतु जिला प्रशासन आपके समक्ष पहुँची है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित शिविरों के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही किया जा रहा है। आमजनों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नही पड़ रही, प्रशासन खुद चलकर आमजनों तक आ रहे है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने व उसकी देखभाल करने की बात कही साथ ही भू जल स्तर को ऊपर उठाने हेतु क्षेत्र में बनने वाले सभी नए मकानों में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था रखने की बात कही।

जनपद पंचायत करतला के सीईओ वैभव कौशिक ने बताया कि जनसमस्या निवारण शिविर में कुल 588 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 144 का शिविर स्थल पर ही निराकरण किया गया। शेष आवेदनों का परीक्षण उपरांत निराकरण किया जायेगा।
इस दौरान शिविर में कई विभागों से हितग्राहियों को अतिथियों के द्वारा सामग्रियों एवं प्रमाणपत्रों का वितरण किया गया।
शिविर में कृषि विभाग द्वारा  08 किसानों को किसान-किताब प्रदान किया गया। राजस्व विभाग द्वारा तीन हितग्राही को जाति प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। खाद्य विभाग द्वारा तीन हितग्राहियों को पात्रतानुसार राशन कार्ड प्रदान की गई।  
स्वास्थ्य विभाग  द्वारा ग्राम पंचायत रीवांपार और अमलडीहा को टी.बी. मुक्त ग्राम पंचायत घोषित कर स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया तथा 10 हितग्राहियों को फूड बाक्स वितरित किया गया।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत सुखरीकला के सरपंच अंजोर सिंह मरकाम, अमलडीहा की सरपंच श्रीमती उषा बाई कंवर, बुढ़ियापाली की सरपंच उमेंद बाई, फरसवानी की श्रीमती ज्योति बियार, कराईनाला के पवन सिंह कंवर, कर्रापाली की श्रीमती अंजनी पैकरा, पचपेड़ी की आशा लता कंवर, रीवांपार की वंदना कंवर, सुखरीखुर्द की कविता मरावी, उमरेली की सुकबाई कंवर, कोथारी के विक्रम सिंह कंवर और ग्राम पंचायत सोहानपुर के सरपंच विजय कंवर सहित अन्य जन प्रतिनिधिगण , विभागीय अधिकारी एवं बडी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
किया गया पौधारोपण

आज विश्व पर्यवरण दिवस के अवसर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा सुखरीकला शिविर स्थल पर पौधारोपण भी किया गया। 

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कोरबा

आवारा कुत्तों के हमले से 4 साल के चीतल की मौत:कोरबा में 3 किमी तक दौड़ाकर किया घायल, इलाज के दौरान मौत

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कोरबा। कोरबा वन मंडल के करतला रेंज अंतर्गत पुरेना गांव में आवारा कुत्तों के हमले से एक चार वर्षीय चीतल की मौत हो गई। गुरुवार सुबह तीन से चार कुत्तों ने चीतल को करीब तीन किलोमीटर तक दौड़ाया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बरपाली में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वन विभाग के अनुसार, यह वर्ष 2026 की पहली वन्यजीव दुर्घटना है।

ग्राम पंचायत पुरेना के सरपंच कृष्णा बिंझवार ने बताया कि मड़वारानी पहाड़ के नीचे स्थित तालाब और अन्य जल स्रोतों पर अक्सर हिरण और चीतल पानी पीने आते हैं। बुधवार सुबह करीब 6 बजे मंदिर की ओर से आए तीन-चार आवारा कुत्तों ने एक चीतल का पीछा करना शुरू कर दिया और उसे दौड़ाते हुए गांव के पास तक ले आए।

ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना चौकीदार बुधराम यादव को दी। लोगों ने मिलकर कुत्तों को भगाया, लेकिन तब तक चीतल गंभीर रूप से घायल हो चुका था।

कुत्तों ने चीतल को करीब तीन किलोमीटर तक दौड़ाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

कुत्तों ने चीतल को करीब तीन किलोमीटर तक दौड़ाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

इलाज के दौरान हुई मौत

सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम घायल चीतल को उपचार के लिए बरपाली स्थित सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी के पास लेकर पहुंची। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद चीतल को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में चीतल का अंतिम संस्कार किया गया।

पहले हर साल होती थीं कई मौतें

वन विभाग के एसडीओ एसके सोनी ने बताया कि इस वर्ष वन्यजीव से जुड़ी यह पहली दुर्घटना है। उन्होंने कहा कि पूर्व में मड़वारानी क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमलों से हर साल पांच से छह चीतलों की मौत हो जाती थी।

एसडीओ के अनुसार, जंगलों के भीतर जल स्रोत विकसित किए जाने के बाद वन्यजीवों का गांवों की ओर आना कम हुआ है, जिससे ऐसी घटनाओं में कमी आई है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में चौकीदार भी तैनात किए गए हैं।

ग्रामीणों ने जताई चिंता

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में बड़ी संख्या में भालू, जंगली सुअर और अन्य वन्यजीव भी रहते हैं। इससे पहले भी कई बार आवारा कुत्तों ने हिरणों और चीतलों पर हमला किया है, हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता से उनकी जान बच गई थी।

वन विभाग ने लोगों से वन्यजीवों की गतिविधियों की सूचना तत्काल देने और आवारा कुत्तों की समस्या पर सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

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कोरबा

कोरबा में दो ट्रेलर भिड़े, केबिन में फंसा हेल्पर:कोरबा-कटघोरा मार्ग पर हादसा, एक घंटे के रेस्क्यू के बाद निकाला गया हेल्पर

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कोरबा। कोरबा के कटघोरा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को छुरी के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रेलर ने आगे चल रहे दूसरे ट्रेलर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीछे वाले ट्रेलर का हेल्पर केबिन में बुरी तरह फंस गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ट्रेलर कोरबा से कटघोरा की ओर जा रहे थे। पीछे चल रहे ट्रेलर के ड्राइवर ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए आगे वाले ट्रेलर को टक्कर मारी। हादसे के बाद दूसरा ट्रेलर ड्राइवर समेत मौके से फरार हो गया, जबकि घटनास्थल पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले यातायात को नियंत्रित किया और केबिन में फंसे हेल्पर को निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया।

हादसे के कारण मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया।

हादसे के कारण मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया।

एक घंटे तक चला रेस्क्यू

आरक्षक भुवनेश्वर प्रजापति और 112 के चालक संगम श्रीवास्तव ने स्थानीय लोगों की मदद से करीब एक घंटे तक मशक्कत की। हेल्पर को केबिन से निकालना आसान नहीं था, इसलिए पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए दूसरी गाड़ी की मदद से टोचन कर ट्रेलर के क्षतिग्रस्त हिस्से को खींचा।

केबिन से सुरक्षित निकाला गया हेल्पर

काफी मशक्कत के बाद हेल्फर को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस की तत्परता से उसकी जान बच गई। घायल हेल्फर को तत्काल 112 वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा भेजा गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज शुरू किया। फिलहाल, उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

घंटों जाम के बाद सामान्य हुआ यातायात

हादसे के कारण मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रेलरों को सड़क से हटवाया। करीब दो घंटे बाद यातायात सामान्य हो सका।

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