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कोरबा

कलेक्टर की खंड स्तरीय समीक्षा बैठक: योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुँचाने के निर्देश

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आकांक्षी ब्लॉक पोड़ी उपरोड़ा में योजनाओं की प्रगति तेज करने हेतु किया निर्देशित
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज जनपद कार्यालय पोड़ी उपरोड़ा के सभाकक्ष में खंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन तथा अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोड़ी उपरोड़ा आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत चिन्हित ब्लॉक हैए इसलिए सभी विभाग अपने.अपने सूचकांकों में बेहतर उपलब्धि सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश नागए सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेलेए एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा मनोज बंजारे सहित विभागीय अधिकारी एवं खण्ड स्तरीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत  ने खाद्यान्न वितरण की समीक्षा करते हुए खाद्य निरीक्षकों को सभी राशन दुकानों में गुणवत्तापूर्ण चावल भंडारण एवं वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ताहीन चावल की शिकायत किसी भी स्थिति में नहीं आनी चाहिए तथा इसके लिए नियमित फील्ड विजिट अनिवार्य रूप से की जाए।

पेंशन योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि किसी भी पंचायत में पेंशन भुगतान से संबंधित समस्या नहीं होनी चाहिए। पंचायत सचिवों के माध्यम से 59 एवं 64 वर्ष आयु वर्ग के पात्र व्यक्तियों का सर्वे कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गएए ताकि आयु पूर्ण होते ही पेंशन प्रारंभ हो सके। साथ ही जन्म.मृत्यु पंजीयन के दौरान मृत्यु की स्थिति में विधवा पेंशन के प्रकरण प्राथमिकता से तैयार कर लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

दिव्यांगजनों के संबंध में कलेक्टर ने सभी पंचायतों में सर्वे कर पात्र दिव्यांगों को समय पर सहायक उपकरण उपलब्ध कराने तथा प्रमाण पत्र से वंचित दिव्यांगों को चिन्हित कर प्रमाण पत्र बनवाने व सहायक उपरकण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पीएम सूर्यघर योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने   किसानों को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने साथ ही जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा पीवीटीजी आवासों में भी योजना का लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने स्कूलों के रिजल्ट की समीक्षा कर  प्रभावी कार्य योजना से परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने डीईओ को कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विद्यार्थियों के लिए निर्धारित कार्ययोजना को जल्द से जल्द ऐसे विद्यालयों में लागू करने के निर्देश दिए। कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में शत प्रतिशत फर्स्ट डिवीजन रिजल्ट सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएँ। इसके अलावा सभी एकलव्य विद्यालयों में भी रिजल्ट सुधारने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने स्वास्थ्य सुविधाओं का आमजन तक प्रभावी और गंभीरता से लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए। उन्होंने एनसीडी स्क्रीनिंग का निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए सभी सीएचओ एवं आरएचओ की बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा.निर्देश देने पर जोर दिया। साथ ही हाई.रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर जांच करानेए टीबी उन्मूलन अभियान के तहत लक्षित व्यक्तियों की स्क्रीनिंग कर लाभ सुनिश्चित करने और टीबी नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय कॉल सेंटर संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।

आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण आहार का शत.प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करानेए शौचालय निर्माण के लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण कराने तथा नए आंगनबाड़ी भवनों में रनिंग वाटर की व्यवस्था के साथ निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केंद्रों को सर्टिफिकेशन हेतु प्रस्ताव भेजने और कार्यकर्ता.सहायिकाओं को प्रमाण पत्र प्रदान कराने को कहा गया।

कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान लक्ष्य प्राप्त करने हेतु पशुपालकों को प्रेरित करनेए किसानों के आधार सीडिंग एवं केसीसी निर्माण के लक्ष्यों को पूर्ण करने तथा राजस्व एवं वन पट्टा धारकों का शत.प्रतिशत केसीसी बनाने के निर्देश दिए। बीसी सखी को सक्रिय कर पंचायतवार दिवस निर्धारणए मनरेगा मजदूरी भुगतान व महतारी वंदन योजना की राशि निकालने में ग्रामीणों को सहयोग करने तथा बैंकिंग लेनदेन बढ़ाने पर जोर दिया।

जल जीवन मिशन के तहत कार्य पूर्णता वाले ग्रामों का चयन कर शीघ्र घर.घर नल जल पहुँचानेए धान खरीदी की सतत निगरानी रखनेए रकबा संशोधन संबंधी हेल्पलाइन नंबर का ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार करनेए पीएम आवास के अप्रारंभ कार्य शीघ्र शुरू करानेए नर्सरियों में पौधों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पीएम धन.धान्य योजना के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने सभी विभागों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिकतम आमजन को लाभान्वित करने के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

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कोरबा

न्यू कोरबा अस्पताल में न्यूरो केयर की बड़ी पहल: 30 दिवसीय मेगा न्यूरो कैंप शुरू, 100 से अधिक लोग लाभान्वित

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कोरबा। कोसाबाड़ी स्थित न्यू कोरबा अस्पताल में न्यूरो संबंधी मरीजों के लिए एक बड़ी और राहत भरी पहल शुरू की है। अस्पताल में 30 दिवसीय मेगा न्यूरो कैंप की शुरुआत की गई है, जो 31 जनवरी तक पूरे माह चलेगा। इस कैंप के तहत मरीजों को न्यूरो परामर्श निशुल्क एवं आवश्यक जांच में अधिकतम छूट उपलब्ध कराई जा रही है।
मेगा कैंप में प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी प्रगदा एवं न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनीष गोयल द्वारा प्रतिदिन निशुल्क ओपीडी सुबह 11 से 2 बजे तक व शाम 6 से 8 बजे तक परामर्श दिया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, न्यूरो केयर डिपार्टमेंट में सुविधाओं के विस्तार की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो फिजियोथैरेपिस्ट, न्यूरोसर्जन के साथ न्यूरो साइकाइट्री की सुविधा भी जोड़ दी गई है, जिससे न्यूरो से संबंधित किसी भी आवश्यकता वाले मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि अब सभी न्यूरो जांच, परामर्श, फिजियोथेरेपी और सर्जरी की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध है, जो कोरबा जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में न्यूरो बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण मरीज समय पर डॉक्टर तक नहीं पहुंच पाते। अधिकांश मरीज तब अस्पताल आते हैं जब बीमारी गंभीर रूप ले चुकी होती है। ऐसे में इस तरह के मेगा कैंप समय पर जांच और उपचार के माध्यम से बीमारी को बढ़ने से रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि ठंड के मौसम में बुजुर्गों में ब्रेन हेमरेज और लकवा (पैरालिसिस) का खतरा अधिक रहता है, जिसके प्रमुख कारण हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ती उम्र और नशे की आदतें हैं। उन्होंने प्राथमिक देखभाल की जानकारी देते हुए कहा कि बेहोश मरीज को खाना या पानी नहीं देना चाहिए और अस्पताल ले जाते समय मरीज को करवट देकर रखना चाहिए। मिर्गी (एपिलेप्सी) को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों पर चिंता जताते हुए डॉक्टरों ने कहा कि यह कोई अभिशाप नहीं, बल्कि एक सामान्य न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। झाड़-फूंक और अंधविश्वास के कारण मरीजों को प्रताड़ित करना गलत है और इससे बीमारी और गंभीर हो सकती है। न्यू कोरबा अस्पताल का यह 30 दिवसीय मेगा न्यूरो कैंप न सिर्फ इलाज बल्कि जनजागरूकता की दिशा में भी एक सराहनीय पहल माना जा रहा है, जिससे जिले के आम लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। पिछले 15 दिनों में 100 से भी अधिक मरीजों ने अपना रजिस्टेशन कराकर निशुल्क ओपीडी परामर्श लिया।

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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

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220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

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कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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