देश
भारत दुनिया को विकास का नया मॉडल दे रहा है: PM मोदी
ऑकलैंड, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के विकास की गति अभूतपूर्व है और वह दुनिया को विकास का एक नया मॉडल दे रहा है। मोदी ने ऑकलैंड में प्रवासी भारतीय समुदाय के ‘किया ओरा मोदी’ नामक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के संबंध सुखद स्मृतियों, स्थायी मित्रता, साझा मूल्यों और परस्पर प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। कार्यक्रम में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन भी मौजूद थे। मोदी ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, ”वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत जिस गति से विकास कर रहा है, वह अभूतपूर्व है। आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया को विकास का एक नया मॉडल दे रहा है। उन्होंने कहा, ”आज भारत में एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से हर महीने अरबों डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं। भारत ड्रोन प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में नयी ऊंचाइयां छू रहा है।” इस दौरान लोगों ने तालियां बजाईं और ”मोदी-मोदी” के नारे लगाए। मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है तथा दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता विकसित राष्ट्र बनने की भारत की यात्रा को गति देगा। भारत और न्यूज़ीलैंड के भविष्य को आपस में जुड़ा बताते हुए मोदी ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौता एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा को गति देगा। मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र खुद भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी की अपार संभावनाओं को दिखाता है। उन्होंने भारतीय समुदाय के 10,000 से ज्यादा लोगों की सभा को संबोधित करते हुए कहा, “हमारे व्यापार समझौते में भी यही भावना झलकती है। यह समझौता विकसित भारत की ओर हमारे सफर को तेज करेगा। इससे भारत और न्यूजीलैंड, दोनों देशों में कारोबार के लिए नए मौक़े बनेंगे।” अपने तीन देशों के दौरे के आखिरी चरण में शुक्रवार को ऑकलैंड पहुंचे मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक और अहम समानता है। उन्होंने कहा, “अपनी मूल संस्कृतियों का जश्न मनाना और उन्हें संरक्षित करना हमारी साझा प्रतिबद्धता है।”

पिछले 40 वर्ष में न्यूजीलैंड की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को एक मफलर दिखाया और कहा कि सार्वजनिक जीवन में आने से पहले करीब 25-30 वर्ष पूर्व जब वह न्यूजीलैंड आए थे, तब उन्हें यह उपहार में मिला था। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच संबंध सुखद यादों, अटूट दोस्ती, साझा मूल्यों और आपसी प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। उन्होंने कहा, “न्यूजीलैंड की संस्कृति का एक सुंदर शब्द इस रिश्ते की असल भावना को दर्शाता है – ‘वाका’। सदियों से, यह शब्द लोगों को एक साथ लाने का प्रतीक रहा है। ‘वाका’ सिर्फ एक नाव नहीं है, बल्कि यह एक साझा सफर का प्रतीक है। आज, भारत-न्यूज़ीलैंड की ‘वाका’ एक नई यात्रा पर साथ निकलने के लिए तैयार है।” उन्होंने कहा, “भारत और न्यूजीलैंड के सामने अवसरों का एक विशाल सागर है।” मोदी ने अपने न्यूजीलैंड के समकक्ष लक्सन, सरकारी अधिकारियों और लेबर पार्टी के सदस्यों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के लिए दोनों पार्टियों के मजबूत समर्थन को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “यह कीवी-भारतीय समुदाय की शानदार उपलब्धियों का भी प्रमाण है।”
मोदी ने कहा कि न्यूजीलैंड के स्थानीय लोगों ने वहां के भारतीय समुदाय को अपना लिया है। उन्होंने निखिल रवि शंकर, आनंद सत्यानंद और क्रिकेटर रचिन रवींद्र जैसी कामयाब हस्तियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “न्यूजीलैंड एक ऐसी जगह है, जहां सड़कों पर भी भारतीय शहरों का सम्मान किया गया है।” उन्होंने कहा, “हर दौर में भारत ने खुद को बदला है… और इसकी वजह यह है कि भारत हमेशा दूसरों से सीखने के लिए तैयार रहता है। हमारे लिए किसी देश की आबादी का आकार मायने नहीं रखता, बल्कि अपने लोगों की भलाई के प्रति उसकी प्रतिबद्धता मायने रखती है; और इसीलिए, हमने न्यूजीलैंड से बहुत कुछ सीखा है और अब भी उससे सीख रहे हैं।” उन्होंने कहा, “आज हम देखते हैं कि न्यूजीलैंड के समाज में महिलाएं बड़े पैमाने पर योगदान दे रही हैं।

भारत भी आज ‘महिला-नेतृत्व वाले विकास’ के मंत्र के साथ महिलाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रहा है।” मोदी ने कहा कि जिस तरह भारत अपनी अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को बहुत महत्व देता है, उसी तरह वह अपनी विरासत को भी उतना ही महत्व देता है। उन्होंने कहा, “इस प्रतिबद्धता का एक प्रमाण वह तरीका है, जिससे भारत ने गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप की रक्षा की। जब अफगानिस्तान संकट का सामना कर रहा था, तब हम गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप को अत्यंत सम्मान और श्रद्धा के साथ भारत लाए।” मोदी ने भारतीय समुदाय से आग्रह किया कि वे भारत और न्यूजीलैंड के बीच दोस्ती, भरोसे और सहयोग की कड़ी के तौर पर काम करना जारी रखें और दोनों देशों के फायदे के लिए रणनीतिक साझेदारी की पूरी क्षमता को साकार करने में मदद करें। यह देखते हुए कि 2026 में खेल के क्षेत्र में सहयोग के 100 साल पूरे हो रहे हैं, मोदी ने कहा कि दोनों देश अपने खेल संबंधों को और मजबूत करने के इच्छुक हैं।

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भारत के स्वागत से गदगद् हुए अफगान कृषि मंत्री, बोले- ‘हमारा DNA एक, लगा जैसे अपने ही देश में हूं’
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई एवं पशुपालन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी ने भारत सरकार और भारतीयों की मेहमाननवाजी की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत पहुंचने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे अपने ही देश में हों। उन्होंने कहा, “हमारा DNA एक है और यहां आकर अपने लोगों के बीच होने जैसा एहसास हुआ।”
Taliban Minister Attaullah Omari: “India Feels Like Our Own Country — Our DNA Is One”
Taliban Agriculture Minister Attaullah Omari says India “feels like our own country”: “India gave me a warm welcome. It feels like I’m among my own people. Our DNA is one.”#aamajnews pic.twitter.com/MfEgONf9oD
— Aamaj News English (@aamajnews_EN) July 10, 2026
नई दिल्ली में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) द्वारा विदेश मंत्रालय (MEA) के सहयोग से आयोजित इंडिया-अफगानिस्तान ट्रेड अपॉर्च्युनिटीज इंडस्ट्री इंटरएक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए ओमारी ने कहा कि भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और सभी लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अफगान मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि, सिंचाई और पशुपालन पर निर्भर है। अब समय आ गया है कि इन क्षेत्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए। इसके लिए अफगानिस्तान अंतरराष्ट्रीय सहयोग का इच्छुक है।
In Delhi, Afghanistan’s Agriculture Minister Mawlawi Ataullah Omari says Afghan, Indian “DNA is one”.
Thanking India for warm welcome, points, “feels like own people, not an Ajnabi place” pic.twitter.com/E8dA70pYst
— Sidhant Sibal (@sidhant) July 10, 2026
ओमारी का यह बयान भारत और अफगानिस्तान के बीच संयुक्त समिति (Joint Committee Meeting) की चौथी बैठक के बाद आया है। बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की। बैठक में मानवीय सहायता, विकास साझेदारी, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण, शिक्षा, खेल, व्यापार, वीजा सुविधा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। भारत ने अफगानिस्तान के विकास में सहयोग जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।ओमारी ने कहा कि मौजूदा अफगान प्रशासन देश के विकास प्रयासों को एकजुट करने और आर्थिक समृद्धि के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहा है। उन्होंने भारत को अफगानिस्तान के लिए एक भरोसेमंद साझेदार बताया।

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मायावती का विपक्ष पर हमला, बोलीं- BSP वोट के लिए धरना, हंगामा और झूठे वादों की राजनीति में विश्वास नहीं करती
लखनऊ, एजेंसी। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को कहा कि दूसरे दलों की तरह उनकी पार्टी अपना राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ साधने के लिए धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, हल्लाबोल, हवा-हवाई वादों से जनता को गुमराह करने में विश्वास नहीं करती है। बसपा प्रमुख ने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद का नाम लिए बिना ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”यह सर्वविदित है कि दूसरे दलों की तरह बसपा अपना राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ साधने के लिए धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, हल्लाबोल, सरकारी व निजी संपत्तियों के तोड़फोड़ व दूसरी हिंसक घटनाओं तथा हवा-हवाई वादों-दावों एवं मिथ्या प्रचार-प्रसार आदि के माध्यम से जनता को गुमराह करने आदि में विश्वास नहीं करती है।
चंद्रशेखर मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम के 15 मई को अपहरण के बाद हत्या के मामले को लेकर आंदोलनरत हैं। चंद्रशेखर ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बसपा प्रमुख का नाम लिए बिना कहा था, ”सत्ता ही सब कुछ है, सत्ता के बिना कुछ नहीं हो सकता है।” उन्होंने कहा, ”यह बात बिल्कुल सही है, लेकिन हमारे रहबर कांशीराम जी कहा करते थे कि सत्ता संघर्ष से मिलती है।” चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार सुबह ‘एक्स’ पर एक वीडियो फुटेज साझा की, जिसमें आंदोलनरत बसपा संस्थापक कांशीराम को पुलिस से संघर्ष करते देखा जा सकता है।
सांसद आजाद ने इस पोस्ट में लिखा, ”सड़क पर संघर्ष करते हमारे प्रेरणास्रोत, बहुजन आंदोलन के महानायक, रहबर मान्यवर कांशीराम साहब को शत-शत नमन।” आजाद के इस पोस्ट के कुछ घंटों बाद ही मायावती ने एक पोस्ट में कहा, ”बसपा ऐसी तमाम राजनीतिक व चुनावी चालबाजियों से पूरी तरह से पाक-साफ देश की एकमात्र ऐसी अंबेडकरवादी पार्टी है जो ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त व नीति पर चलकर यहां सर्वसमाज में भी ख़ासकर ग़रीबों, मज़दूरों, शोषितों-पीड़ितों व उपेक्षितों के हित व कल्याण हेतु समर्पित है।
उन्होंने कहा कि इसका जीता-जागता प्रमाण यहां उत्तर प्रदेश में बसपा के नेतृत्व में चार बार रही सरकार के दौरान व्यापक जनहित, जनकल्याण व विकास तथा अपराध-नियंत्रण रहा है। मायावती ने दावा किया, ”यह भी सूरज की रौशनी की तरह पूरी तरह से स्पष्ट है कि बसपा विरोधी पार्टियों व उनके इशारे पर चलने वाले दलित संगठनों व पार्टियों आदि की तरह छल व छलावा की राजनीति तथा उनके लिये मगरमच्छ के आंसू नहीं बहाती और न ही संकीर्ण स्वार्थ हेतु गिरगिट की तरह रंग बदलती है।” बसपा प्रमुख ने कहा, ”उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनाव में बसपा के प्रभाव को तेजी से आगे बढ़ता हुआ देखकर विरोधी पार्टियों में द्वेष व बेचैनी स्वाभाविक है, और इसलिए वे अपने साम, दाम, दंड, भेद आदि हथकंडों के तहत कुछ दलित संगठनों व पार्टियों आदि को आगे करके दलित व बहुजन समाज के लोगों को तरह-तरह से भटकाने व गुमराह करने में लगे हुये हैं।

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PM मोदी 3 देशों का सफल दौरा पूरा कर स्वदेश रवाना, न्यूजीलैंड से मिली भावुक विदाई
ऑकलैंड, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो दिन की न्यूजीलैंड यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार को भारत के लिए रवाना हो गए। इस यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक विस्तार दिया। प्रधानमंत्री मोदी की तीन देशों की यात्रा के आखिरी चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी को विदा किया। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “इस यात्रा ने रिश्तों को मजबूत किया, साझेदारी को नयी मजबूती दी और साझा भविष्य की दिशा तय की। न्यूजीलैंड में महत्वपूर्ण बैठकों और कई अहम फैसलों के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के लिए रवाना हुए।
विशेष सम्मान के तौर पर प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने उन्हें हवाई अड्डे पर विदाई दी।” विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा से व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, शिक्षा, नवाचार और लोगों के बीच आपसी संबंधों समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण परिणाम हासिल हुए। न्यूजीलैंड में मोदी ने प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ वार्ता की, जिसके बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक विस्तार दिया और अगले पांच वर्ष में दोनों देशों के बीच वस्तुओं व सेवाओं के वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा। इस बैठक में 18 ठोस फैसले हुए, जिनमें 10 समझौते शामिल हैं। इनमें अगले चार वर्ष में संबंधों को मजबूत करने की रूपरेखा तैयार करना, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग बढ़ाना और भारतीय नौसेना तथा न्यूजीलैंड रक्षा बल के बीच पारस्परिक लॉजिस्टिक सहायता से जुड़ा समझौता प्रमुख हैं।
यह यात्रा भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हाल ही में हस्ताक्षर होने के बाद हुई। साथ ही, यह पिछले 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली न्यूजीलैंड यात्रा थी। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चुनिंदा मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और उद्योग जगत के नेताओं से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाएगा तथा बाजार तक पहुंच और निवेश के नए अवसर खोलेगा। उन्होंने ऑकलैंड में आयोजित ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रमुख खिलाड़ियों और खेल जगत की हस्तियों की ओर से प्रदर्शित आधुनिक खेल उपकरणों और नयी खेल प्रौद्योगिकी की प्रदर्शनी भी देखी।

प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड से पहले ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ शिखर वार्ता की। दोनों नेताओं ने शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। दोनों नेताओं की बातचीत का एक प्रमुख विषय रक्षा सहयोग, खासकर समुद्री क्षेत्र में सहयोग को प्रगाढ़ बनाना रहा। दो वर्ष से अधिक समय तक चली बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा समझौता भी हुआ। इसके तहत ऑस्ट्रेलिया भारत की परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए यूरेनियम की आपूर्ति कर सकेगा। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया गए थे, जहां उन्होंने महत्वपूर्ण खनिज, समुद्री सुरक्षा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 14 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

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