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वियतनाम में टूरिस्ट बोट पलटी, 15 भारतीयों की मौत:32 भारतीय सवार थे, इनमें ज्यादातर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के पर्यटक

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हनोई, एजेंसी। वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को बोट पलट गई। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इनमें से 32 भारतीय थे। 15 भारतीयों की मौत हो गई। ज्यादातर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के पर्यटक थे।

बोट पर कुल 4 क्रू मेंबर्स समेत 36 लोग सवार थे। 21 लोगों को बचा लिया गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हादसा सुबह 10:30 बजे हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे की वजह समुद्र की ऊंची लहरें हो सकती हैं। जो वीडियो सामने आए, उनमें लहरें उठती दिख रही हैं।

बताया जा रहा है कि टूरिस्ट लाइफ जैकेट नहीं पहने हुए थे। नाव जब पलटी तो टूरिस्ट नाव के नीचे फंस गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। हमारे अधिकारी वियतनाम के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।

फु क्वोक द्वीप से रवाना हुई नाव

बोट भारतीय पर्यटकों को फु क्वोक द्वीप के पास स्थित ‘होन मे रुट’ से न्गोआई द्वीप घुमाने ले जा रही थी, लेकिन यह तट से लगभग 400 मीटर पहले ही पलट गई।

न्गोआई द्वीप अपने साफ समुद्र, छोटे बीच और कोरल रीफ डाइविंग के लिए मशहूर है। यहां पहुंचने के लिए पर्यटक आमतौर पर एन थोई बंदरगाह से बोट या स्पीडबोट किराये पर लेते हैं।

हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत का दूतावास और वाणिज्य दूतावास हरसंभव मदद पहुंचा रहे हैं। भारतीय अधिकारी वियतनाम के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।

हेल्पलाइन नंबर जारी, कंट्रोल रूम बनाया

इंडियन एंबेसी ने बताया कि यात्रियों की मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इससे संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414 जारी किए गए हैं।

32 भारतीयों में 2 महिलाएं भी बोट में सवार थी

वियतनाम में भारतीय दूतावास ने बोट में सवार भारतीयों के नाम जारी किए हैं। इसमें 2 महिलाएं भी शामिल है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, 3 आंध्र प्रदेश के नागरीक घायल है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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खराब व एक्सपायरी खाद्य उत्पादों की शिकायतों पर FSSAI सख्त, Swiggy Instamart को 9 नोटिस

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मुंबई, एजेंसी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन के मामलों में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) को 9 नोटिस जारी किए हैं। ये कार्रवाई ग्राहकों से मिली उन शिकायतों के आधार पर की गई है, जिनमें एक्सपायरी डेट पार कर चुके, खराब, सड़े-गले और असुरक्षित खाद्य उत्पादों की डिलीवरी का आरोप लगाया गया था। 

नियामक ने कंपनी से विस्तृत स्पष्टीकरण और अनुपालन रिपोर्ट मांगी है तथा चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

FSSAI का कंपनी को निर्देश 

FSSAI ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह कथित अनियमितताओं के कारणों, उनसे जुड़े दस्तावेजी साक्ष्यों तथा गुणवत्ता नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा निगरानी, इन्वैंट्री प्रबंधन, स्टॉक रोटेशन, भंडारण, स्वच्छता और आंतरिक नियंत्रण व्यवस्था की पूरी जानकारी उपलब्ध कराए। साथ ही खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का भी ब्यौरा मांगा गया है।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ‘नॉयस एग्ज’ नाम से बेचे जा रहे उत्पाद FSSAI लाइसैंस में स्वीकृत उत्पाद श्रेणी के अंतर्गत नहीं थे। नियामक ने पहले ही ऐसे उत्पादों की बिक्री रोकने और आवश्यक होने पर लाइसैंस में संशोधन कराने का निर्देश दिया था।

जांच में क्या मिला?

शिकायतों में खराब अंडे, दूध और पैकेज्ड खाद्य सामग्री की आपूर्ति का भी उल्लेख किया गया है। जांच में ‘अक्षयकल्प ऑर्गैनिक एग’ के कई पैक एक्सपायर, सड़े हुए और दुर्गंधयुक्त पाए गए, जबकि कुछ उत्पादों में खराबी और गंदगी के संकेत भी मिले, जिससे उन्हें मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त माना गया।

इसके अलावा ‘कक्के दा पराठा’ नामक खाद्य उत्पाद भी खराब अवस्था में मिलने की शिकायत दर्ज हुई। FSSAI की रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के लिए भेजा गया एक खाद्य उत्पाद भी असुरक्षित और खराब गुणवत्ता का पाया गया। शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया है कि लौटाए गए खराब उत्पाद को दोबारा ग्राहक तक पहुंचा दिया गया। मामले की जांच जारी है और नियामक कंपनी के जवाब का इंतजार कर रहा है।

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iPhone 17 खरीदारी के लिए उमड़े ग्राहक, सप्लाई भी हुई कम, जानिए अचानक क्यों बढ़ी डिमांड?

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मुंबई, एजेंसी। देश में iPhone 17 की डिमांड में हाल के दिनों में तेजी देखने को मिल रही है। रिटेलर्स का कहना है कि लोगों को लग रहा है कि आने वाले समय में इसकी कीमतें बढ़ सकती हैं। साथ ही बेस मॉडल के नए स्टॉक की सप्लाई भी कम हो गई है। इसी वजह से आईफोन 17 की बिक्री में तेजी आई है। साथ ही, कुछ मॉडलों के बेस वेरिएंट की सीमित उपलब्धता ने भी मांग को बढ़ावा दिया है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिटेलर्स और चैनल पार्टनर ग्राहकों को संदेश भेजकर मौजूदा कीमतों पर iPhone खरीदने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, Apple ने अब तक iPhone की कीमतों में किसी नए बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

MacBook और iPad हुए महंगे

हाल ही में Apple ने MacBook, iPad और कुछ स्मार्ट होम प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की है। इसके बाद बाजार में यह चर्चा तेज हो गई कि iPhone की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। हालांकि कंपनी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

रिटेलर्स का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में कुछ iPhone मॉडलों की सप्लाई सीमित रही है। इसके चलते कई ग्राहक संभावित मूल्य वृद्धि से पहले ही फोन खरीद रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर चुनिंदा मॉडल और स्टोरेज वेरिएंट की सीमित उपलब्धता तथा डिस्काउंट ऑफर ने भी बिक्री को बढ़ावा दिया है।

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विदेशी शेयर बाजारों में निवेश करने वालों की हुई बल्ले-बल्ले, जानें क्यों बढ़ रहा है ट्रेंड

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मुंबई, एजेंसी। पिछले एक साल में कई विदेशी शेयर बाजारों ने भारतीय बाजार में तुलना से बेहतर प्रदर्शन किया है। अमेरिका, जापान, ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में आई तेजी का फायदा भारतीय निवेशकों के लिए उपलब्ध कई अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंडों को भी मिला है। इसके चलते विदेशी बाजारों में निवेश एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

हालांकि, सभी निवेशकों के लिए इन फंड्स तक पहुंच समान नहीं है। कई इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड नई एकमुश्त (लंपसम) निवेश राशि स्वीकार कर रहे हैं, जबकि कुछ फंड केवल SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए ही निवेश की अनुमति दे रहे हैं। ऐसे में कई बेहतरीन रिटर्न देने वाले फंड्स में सीधे लंपसम निवेश करना फिलहाल संभव नहीं है।

विदेशी बाजारों की ओर क्यों बढ़ रहा निवेश?

बीते एक वर्ष में भारतीय और वैश्विक शेयर बाजारों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला है। जहां भारतीय बाजार सीमित या कमजोर रिटर्न देने में सफल रहे, वहीं कई विदेशी बाजारों ने दोहरे अंकों की बढ़त दर्ज की। खासतौर पर टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े बाजारों में मजबूत तेजी रही। नैस्डैक इंडेक्स में करीब 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि ताइवान के शेयर बाजार ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इसका सीधा लाभ अंतरराष्ट्रीय इक्विटी फंड्स के निवेशकों को मिला।

SIP के जरिए निवेश का विकल्प

कई इंटरनेशनल फंड फिलहाल केवल SIP के माध्यम से निवेश स्वीकार कर रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे फंड भी शामिल हैं जिन्होंने पिछले एक साल में बेहतरीन रिटर्न दिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, Edelweiss Emerging Markets Opportunities Equity Offshore Fund ने एक वर्ष में लगभग 83.18 प्रतिशत का रिटर्न देकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा चीन, उभरते बाजार (Emerging Markets) और अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर केंद्रित फंड्स ने भी मजबूत प्रदर्शन किया।

आंकड़ों से सामने आए तीन बड़े ट्रेंड

टेक्नोलॉजी सेक्टर का दबदबा:

अमेरिकी टेक शेयरों में तेजी के चलते नैस्डैक आधारित फंड्स ने शानदार रिटर्न दिया।

उभरते बाजारों की मजबूत वापसीः

चीन और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में निवेश करने वाले फंड्स ने कई मामलों में अमेरिकी बाजार आधारित फंड्स के बराबर या उससे बेहतर प्रदर्शन किया।

निवेश पर सीमाएं:

कई हाई-रिटर्न इंटरनेशनल फंड्स में लंपसम निवेश फिलहाल बंद है और केवल SIP के जरिए निवेश की सुविधा उपलब्ध है, जिससे निवेशकों की पसंद सीमित हो जाती है।

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